संत रामपाल जी महाराज की कृपा से दिल्ली के कंझावला गाँव के किसानों को मिली लाखों की राहत

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नई दिल्ली/कंझावला: दिल्ली के नॉर्थ वेस्ट जिले के कंझावला गांव के किसानों को बेमौसम बारिश और भीषण जलभराव के कारण अपनी आजीविका छिन जाने का डर सता रहा था, जब उनकी लगभग 150 से 200 एकड़ कृषि भूमि 4 से 6 फीट गहरे पानी में डूब गई। इस गंभीर जलभराव के चलते वर्तमान फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी थी और किसानों को अगली फसल बोने की उम्मीद भी लगभग समाप्त हो गई थी। अपनी फसल की बर्बादी और आगामी फसल के लिए कोई उम्मीद न देखकर, ग्रामवासियों ने स्थानीय प्रशासन से तीन से चार बार सहायता की अपील की, परंतु उनके हर प्रयास विफल रहे और उन्हें कोई प्रशासनिक सहायता नहीं मिली।

प्रशासन से निराशा मिलने के बाद, संत रामपाल जी महाराज से मदद की गुहार

निरंतर प्रयासों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से हताश ग्रामीणों को इस दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखने को मिला। इस वीडियो में जगत उद्धारक संत रामपाल जी महाराज द्वारा हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों के अनेकों गांवों में किसानों को बाढ़ से राहत देने के लिए मोटर, तार, पाइप आदि राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही थी।

ग्रामीणों को यह भी ज्ञात हुआ कि पड़ोसी गांव रसूलपुर और घेवरा में भी यह सेवा अभियान चल रहा है और संत रामपाल जी महाराज ने वहाँ भी बहुत मदद की है। इससे प्रेरित होकर, कंझावला के किसान अपनी अंतिम उम्मीद लेकर दिल्ली के मुंडका स्थित सतलोक आश्रम पहुँचे और वहाँ मौजूद सेवादारों के समक्ष अपनी समस्या रखी।

किसानों द्वारा संत रामपाल जी महाराज  से माँगी गई सहायता सामग्री

सामग्री का विवरणमांगी गई मात्राउद्देश्य 
मोटर7.5 HP की जलभराव निकलना
पाइप 500 फुट जल निकासी 
केबल500 फुटमोटर संचालन हेतु 

सेवादारों ने तुरंत ग्राम वासियों की प्रार्थना वकीलों द्वारा संत रामपाल जी महाराज तक पहुँचाई।

संत रामपाल जी महाराज का त्वरित आदेश: बिना विलंब राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए

किसानों की गंभीर समस्या से अवगत होते ही, जगत उद्धारक संत रामपाल जी महाराज ने मानवता और परमार्थ का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत करते हुए तुरंत आदेश दिया कि खेतों से पानी निकालने के लिए आवश्यक समस्त सामग्री बिना विलंब उपलब्ध कराई जाए।

अगले ही दिन, एक आश्चर्यजनक दृश्य देखने को मिला, जब संत रामपाल जी महाराज के सेवादार वाहन में समस्त आवश्यक सामग्री लेकर कंझावला गांव पहुँचे। संत रामपाल जी महाराज ने सिर्फ़ माँगी गई वस्तुएँ ही नहीं, बल्कि अपेक्षा से अधिक एवं बेहतर सामग्री प्रदान की।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा कंझावला गाँव को प्रदान की गई राहत सामग्री

सामग्री का विवरण प्रदान की गई मात्रा/विवरणकंपनी/ब्रांड
मोटर7 हॉर्स पावर की एक‘Kirloskar’ (किर्लोस्कर)
पाइप500 फुट 
केबल 500 फुट
अतिरिक्त उपकरण स्टार्टर, चाभी, पेचकस, टेप आदि सभी आवश्यक उपकरण 

संत रामपाल जी महाराज की इस त्वरित और उदार सहायता से ग्राम वासियों की प्रसन्नता शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती थी। इस सामग्री में एक विश्व प्रसिद्ध ब्रांड ‘Kirloskar’ (किर्लोस्कर) की 7 हॉर्स पावर की मोटर शामिल थी।

किसानों का दुख और संत रामपाल जी महाराज के प्रति आभार

ग्रामवासी अरविंद डबास ने बताया कि बेमौसम बारिश ने उनकी काफी फसल प्रभावित की है और उन्हें बहुत नुकसान हुआ है। उन्होंने पुष्टि की कि उन्होंने तीन से चार बार प्रशासन को सूचित किया था, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की और केवल थोड़े समय के लिए ड्रेन का काम कराया, जिसके अलावा कोई प्रशासनिक सुविधा नहीं मिली।

एक ग्रामवासी ललित कुमार ने कहा कि पहले तो उन्हें प्रशासन से कुछ आशा ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई जगह पानी के प्रबंध के लिए गुहार लगाई, पर किसी ने मदद नहीं की। उन्हें रसूलपुर, घेवरा और रानीखेड़ा में चल रहे राहत कार्य से संत रामपाल जी महाराज की मदद के विषय में पता चला, जिसके बाद उन्होंने मुंडका आश्रम में संपर्क किया और तुरंत उन्हें मोटर, केबल और अन्य सामान मिल गया।

एक ग्रामीण ने बताया कि महाराज जी के सेवक उन्हें आश्वासन देकर गए हैं कि यदि पानी जल्दी निकालने के लिए और भी सामान की आवश्यकता होगी, तो वह भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने अनुमान लगाया कि मोटर लगाने के बाद भी पानी निकालने में करीब 10 दिन लग सकते हैं।

Also Read: सरकारी मदद से निराश  हरियाणा के बरसी जाटान को संत रामपाल जी महाराज ने दिया ‘जीवनदान’

जयदीप नामक एक ग्रामीण ने बताया, “कल ही हम वहाँ पर मिलने गए थे, ये वहाँ पर भी राहत सामग्री प्रोवाइड करवा रहे थे तो कल ही अर्जी लगाई थी और आज सुबह-सुबह अर्जी के साथ सामान लेके आ गया यहाँ पे। सैकड़ों परिवारों के लिए रोजी-रोटी का समाधान हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि आज तक कोई भी संत महात्मा या प्रशासनिक अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं आया, और संत रामपाल जी महाराज ने ही उनकी सारी मदद की है।

संत रामपाल जी महाराज  का स्पष्ट आदेश: फसल की बिजाई होनी चाहिए

संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों ने बताया कि उन्हें यह जानकारी यूट्यूब के माध्यम से प्राप्त हुई। उन्होंने किसानों की प्रार्थना तुरंत संत रामपाल जी महाराज तक पहुँचाई।

इस सेवा कार्य के संबंध में सेवादार ने संत रामपाल जी महाराज के आदेश को दोहराते हुए कहा:

 “हमारे गुरु जी का यह आदेश है कि इनका जल्दी से जल्दी पानी निकाला जाए और इनकी फसल जो है ना बोई जाए। हमारे गुरु जी का आदेश है कि गेहूँ की फसल जरूर बोनी चाहिए ताकि देश में कोई भी भूखा ना सोए। यह गुरु जी के सख्त आदेश है।”

इस प्रकार, संत रामपाल जी महाराज  ने केवल भौतिक सहायता ही प्रदान नहीं की, बल्कि किसानों को यह आश्वासन भी दिया कि वे अपनी अगली फसल अवश्य बोएंगे, जिससे सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी का संकट टल गया है।

व्यापक राहत अभियान: 300 से अधिक गांवों में सेवा जारी

सेवादारों ने यह भी जानकारी दी कि संत रामपाल जी महाराज  की यह बाढ़ राहत सेवा की सूची बहुत लंबी है। उन्होंने बताया कि अब तक 300 से ज्यादा गांवों में सेवा पूरी हो चुकी है और यह सेवा लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि संत रामपाल जी महाराज का स्पष्ट आदेश है कि हमें लोक दिखावा नहीं करना, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करके दिखाना है। हरियाणा से शुरू हुई यह मुहिम पंजाब, हिमाचल, राजस्थान और ना जाने कितने प्रदेशों में फैल चुकी है, जिसके तहत लाखों-करोड़ों की राहत सामग्री दी जा रही है।

संत रामपाल जी महाराज  की इस करुणा, दया और रहमत से दिल्ली के कंझावला गांव के किसानों को यह महसूस हुआ कि एक साधारण सोशल मीडिया वीडियो से शुरू हुआ प्रयास उनके सबसे बड़े संकट का समाधान बन गया है। यही कारण है कि लोग संत रामपाल जी महाराज को किसानों का मसीहा कह रहे हैं यहां तक कि लोग भगवान भी बोल रहे हैं। उन्हें महम के ऐतिहासिक चौबीसी चबूतरे पर मानवता के रक्षक,गांव धनाना (सोनीपत) के 36 बिरादरी द्वारा धनाना रत्न तथा साथ ही नौगामा बूरा खाप पंचायत, पुनिया खाप पंचायत, भ्याण खाप तथा सरपंच एसोसिएशन बरवाला द्वारा किसान रक्षक सम्मानसे सम्मानित किया गया।

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