संत रामपाल जी महाराज ने विशाल राहत सामग्री भेजकर गांव काली रावण के जलभराव के संकट को किया समाप्त

Published on

spot_img

हिसार जिले की मंडी आदमपुर तहसील का गांव काली रावण एक ऐसी मिसाल बन गया है, जहां भक्ति और शक्ति (सेवा) का अनूठा संगम देखने को मिला। करीब 1000 एकड़ से ज्यादा उपजाऊ जमीन पानी में डूबी हुई थी। तभी संत रामपाल जी महाराज की सहायता गांव काली रावण में पहुंच गई। यह सहायता किसी दैवीय चमत्कार से कम नहीं थी।

प्रशासन से सिर्फ आश्वासन 

गांव काली रावण के सरपंच रवि बताते हैं कि वे डीसी और प्रशासन के दफ्तरों में जूते घिसवा चुके थे। प्रशासन के पास जाने पर सिर्फ आश्वासन मिलता था। धरातल पर पानी कम होने का नाम नहीं ले रहा था। किसान हताश थे क्योंकि अगर बिजाई नहीं होती तो बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च सब रुक जाता।

बिना सिफारिश एक हफ्ते के भीतर राहत का एक अभूतपूर्व काफिला 

रवि और गांव के युवाओं ने जब सुना कि संत रामपाल जी महाराज बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे हैं, तो वे बरवाला पहुंचे। बिना किसी राजनीतिक सिफारिश के, मात्र एक हफ्ते के भीतर राहत सामग्री का विशाल काफिला काली रावण की दहलीज पर खड़ा था।

संत रामपाल जी महाराज की ओर से भेजी गई सामग्री:

संत रामपाल जी महाराज ने भेजी विशाल राहत सामग्री, गांव काली रावण को जलभराव संकट से मिली राहत
  • 14,000 फुट 8 इंची पाइप
  • तीन विशाल 10 हॉर्स पावर की मोटरें
  • पूर्ण सामग्री: मदद इतनी मुकम्मल थी कि पाइप और मोटर के साथ-साथ स्टार्टर, केबल और हर छोटा बड़ा नट बोल्ट भी साथ भेजा गया। ताकि काम तुरंत शुरू हो सके।

यह भी पढ़ें: जब सांपला (रोहतक) को सिस्टम ने डुबोया, तब संत रामपाल जी महाराज बने तारणहार

एक नायक जैसा स्वागत

जब संत रामपाल जी महाराज द्वारा भेजी गई राहत सामग्री का काफिला काली रावण में पहुंचा, तो निराशा का माहौल जश्न में बदल गया। यह कोई राहत अभियान नहीं, बल्कि किसी बड़े उत्सव या बारात जैसा लग रहा था।

दर्जनों ट्रैक्टर, डीजे और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ गांव के बाहर काफिले के स्वागत के लिए कतार में खड़े थे। युवा, बुजुर्ग, और महिलाएं कई मील पैदल चलकर सहायता लेने पहुंचे। जैसे ही वाहन गांव में दाखिल हुए, संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप (चित्र) पर फूलों की बारिश की गई। हाथों में माला लिए ग्रामीणों ने नतमस्तक होकर यह माना कि जो काम सिस्टम नहीं कर सका, वह संत जी ने कर दिखाया।

जवाबदेही और एक दैवीय आदेश

सामग्री के साथ, उन्होंने ग्राम पंचायत को एक सख्त लेकिन सुविचारित संदेश (निवेदन पत्र) भी भेजा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मदद किसानों और निवासियों की आजीविका बचाने के लिए दी गई है।

उन्होंने आदेश दिया कि गेहूं की बिजाई सुनिश्चित करने के लिए पानी तुरंत निकाला जाए। पारदर्शिता बनाए रखने और संगत को यह विश्वास दिलाने के लिए कि उनके दान का सही उपयोग हो रहा है, उन्होंने निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया को ड्रोन वीडियो के माध्यम से तीन चरणों में रिकॉर्ड किया जाए:

  • वर्तमान जलमग्न स्थिति
  • पानी निकलने के बाद खाली खेत
  • फसल लहलहाने के बाद के हरे-भरे खेत

ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय पर पानी नहीं निकाला गया और बिजाई नहीं हुई, तो भविष्य में मदद नहीं दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि वे इस काम के लिए समर्पित रहते हैं, तो लागत की परवाह किए बिना वे और भी आवश्यक सामान मांग सकते हैं।

ग्रामीणों का आभार: “हमारे लिए तो साक्षात भगवान हैं”

इस मदद का असर गहरा था। ग्राम पंचायत ने कहा कि यह काम सरकार नहीं कर पाई वह संत रामपाल जी महाराज ने कर दिखाया हमारे लिए साक्षात भगवान है। 

जिला पार्षद ने कहा, हम सरकार का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्होंने हमारी कुछ भी मदद नहीं की संत रामपाल जी महाराज ने हमारी अर्जी एक दिन में स्वीकार कर ली उन्होंने हमारे गांव को नया जीवन दिया हमारे लिए साक्षात भगवान है। 

ग्रामीणों ने कहा, यह काम भगवान भी नहीं कर सकता जो आज संत रामपाल जी महाराज ने कर दिखाया उन्होंने हमें तब उबारा जब हम पूरी तरह बेबस थे।” वे सिर्फ एक संत नहीं, बल्कि मानव रूप में भगवान हैं। 

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम

काली रावण गांव को दी गई सहायता कोई अकेली घटना नहीं है। यह संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे विशाल “अन्नपूर्णा मुहिम” का हिस्सा है। यह मुहिम जो रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान के उपलक्ष्य में शुरू हुई थी अब एक व्यापक मानवीय सहायता अभियान में बदल गई है, जिसके तहत अब तक 400 से अधिक गांवों में सेवा पूरी हो चुकी है।

Latest articles

Kanwar Yatra 2026: The Spiritual Disconnect Between Tradition And Scriptures

Last Updated on 30 July 2026 IST | The world-renowned Hindu Kanwar Yatra festival...

कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2026): कांवड़ यात्रा की वह सच्चाई जिससे आप अभी तक अनजान है!

हिन्दू धर्म में प्रचलित मान्यताओं के अनुसार श्रावण (सावन) का महीना शिव जी को बहुत पसंद है, परन्तु इस बात का शास्त्रों में कोई प्रमाण नहीं है। श्रावण का महीना आते ही प्रतिवर्ष हजारों की तादाद में शिव भक्त कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2022 in HIndi) करते नजर आते हैं। पाठकों को यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि क्या कांवड़ यात्रा रूपी साधना शास्त्र सम्मत है और इसे करने से कोई लाभ होता है या नहीं?

Commonwealth Games 2026: Mirabai Chanu Wins India’s First Gold 

India is taking part in the 2026 Commonwealth Games in Glasgow, Scotland, which run...

गाँव बाँय, चूरू (राजस्थान) को किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़‌ 2 के तहत संत रामपाल जी महाराज ने दी बाढ़ राहत सहायता

राजस्थान के चूरू जिले की तारानगर तहसील स्थित गाँव बाँय, जो कई दशकों से...
spot_img

More like this

Kanwar Yatra 2026: The Spiritual Disconnect Between Tradition And Scriptures

Last Updated on 30 July 2026 IST | The world-renowned Hindu Kanwar Yatra festival...

कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2026): कांवड़ यात्रा की वह सच्चाई जिससे आप अभी तक अनजान है!

हिन्दू धर्म में प्रचलित मान्यताओं के अनुसार श्रावण (सावन) का महीना शिव जी को बहुत पसंद है, परन्तु इस बात का शास्त्रों में कोई प्रमाण नहीं है। श्रावण का महीना आते ही प्रतिवर्ष हजारों की तादाद में शिव भक्त कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2022 in HIndi) करते नजर आते हैं। पाठकों को यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि क्या कांवड़ यात्रा रूपी साधना शास्त्र सम्मत है और इसे करने से कोई लाभ होता है या नहीं?

Commonwealth Games 2026: Mirabai Chanu Wins India’s First Gold 

India is taking part in the 2026 Commonwealth Games in Glasgow, Scotland, which run...