सोनीपत, हरियाणा: मानवता की सच्ची सेवा वही है जो बिना किसी स्वार्थ के और सही समय पर की जाए। हरियाणा के सोनीपत जिले का ककरोई गांव, जो पिछले 15 वर्षों से भयानक जलभराव और बाढ़ की विभीषिका झेल रहा था, आज संत रामपाल जी महाराज की अपार दया से पुनः खुशहाली की राह पर लौट आया है। जहाँ सरकारी तंत्र, प्रशासन और नेताओं ने किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया था, वहीं संत रामपाल जी महाराज ने एक अभिभावक की भांति आगे बढ़कर गांव की डूबती उम्मीदों को सहारा दिया और गांव की लाज बचाई।
संकट का दौर: जब लाचार हुए सरहद के रक्षक
ककरोई गांव की स्थिति अत्यंत दयनीय और बेबसी से भरी थी। गांव की बहुत सारा उपजाऊ क्षेत्र पिछले 10 से 15 सालों से पूरी तरह जलमग्न था, जहाँ 5 से 8 फुट तक गहरा पानी खड़ा रहता था। इस पानी के कारण इंसान का वहाँ पहुँचना भी नामुमकिन था। धान की फसलें तो पहले ही बर्बाद हो चुकी थीं, लेकिन किसानों का असली दर्द आने वाली गेहूं की बिजाई को लेकर था।
गांव के सरपंच कर्मवीर सिंह, जो खुद भारतीय सेना से रिटायर्ड फौजी हैं, प्रशासन के सामने गुहार लगाकर थक चुके थे। डीसी से लेकर सीएम तक हर स्तर पर चक्कर काटे गए, अधिकारी आश्वासन देते थे लेकिन धरातल पर कोई नहीं आया। गांव के जोहड़ ओवरफ्लो होकर घरों में घुस रहे थे और बीमारियां फैलने का डर था। जब व्यवस्था और रक्षक मौन हो गए, तब ककरोई की पंचायत ने एक आखिरी उम्मीद के साथ संत रामपाल जी महाराज के दरबार में अर्जी लगाई।
संत रामपाल जी महाराज का त्वरित निर्णय और अभूतपूर्व सहायता
जैसे ही ककरोई गांव की पुकार बरवाला आश्रम पहुँची, संत रामपाल जी महाराज ने बिना किसी कागजी कार्रवाई या विलंब के तुरंत राहत सामग्री गांव भेजने का आदेश दिया। संत रामपाल जी महाराज ने सामग्री भेजी जिससे सीधे नजदीक की नहर में पानी डालकर खेतों को खाली किया जा सके।
संत रामपाल जी महाराज ने गांव को इस जल प्रलय से निकालने के लिए निम्नलिखित सामग्री भिजवाई:
- पाइपलाइन: 2,010 फुट 8 इंची लंबी पूरी पाइपलाइन।
- शक्तिशाली मोटर: एक 7.5 हॉर्स पावर (HP) की मोटर का पूरा सेट।
- पूर्ण सेटअप: मोटर के साथ स्टार्टर, केबल और छोटे से छोटा नट-बोल्ट भी साथ भेजा गया ताकि ग्रामीणों को ₹1 का सामान भी बाहर से न लाना पड़े। यह पूरी सहायता बिना किसी वोट या चंदे के बिल्कुल मुफ्त (फ्री) प्रदान की गई।
कायाकल्प: ‘पहले’ और ‘बाद’ की स्थिति
संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई मशीनों ने दिन-रात काम करके उस 10-15 साल पुराने पानी को गांव की सीमाओं से बाहर निकाल दिया। गांव में आए इस अभूतपूर्व बदलाव को नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझा जा सकता है:
| विवरण | संत रामपाल जी महाराज की सहायता से पूर्व | संत रामपाल जी महाराज की सहायता के बाद |
| जल स्तर | 5 से 8 फुट गहरा सड़ा हुआ पानी खड़ा था। | पानी पूरी तरह निकाल दिया गया था, निचली जगहों से भी लगातार निकासी चालू थी। |
| कृषि भूमि की स्थिति | करोड़ों की कीमती जमीन 10-15 साल से बंजर और मृत पड़ी थी। | जमीन बिजाई के योग्य हो चुकी है और पानी निकालने का परमानेंट साधन प्राप्त हो गया था। |
| फसल की स्थिति | 10-15 वर्षों से गेहूं या अन्य किसी फसल की बिजाई नहीं हो पाई थी। | खेतों में ट्रैक्टर चल रहे हैं और सुंदर हरी गेहूं की फसल लहलहा रही थी। |
| प्रशासनिक रवैया | मंत्रियों और अधिकारियों के चक्कर काटने पर केवल खोखला आश्वासन मिला। | बिना चक्कर काटे, एक बार की अर्जी पर तुरंत राहत सामग्री सीधे खेतों में पहुँची। |
| ग्रामीणों का मनोबल | किसान अपने खेतों को छोड़कर चले गए थे और भारी निराशा थी। | ग्रामीणों के चेहरे पर भारी खुशी है और भविष्य के प्रति उम्मीद जगी है। |
कृतज्ञ ग्रामीण: “हमारे लिए तो वे साक्षात भगवान हैं”
आज जब संत रामपाल जी महाराज की दया से 10-15 साल के लंबे इंतजार के बाद खेतों में हरियाली मुस्कुरा रही है, तो गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं और फौजियों तक हर कोई संत रामपाल जी महाराज के प्रति नतमस्तक है।
बलराज (किसान):
“हमारे खेतों में 10-15 साल से 5 से 8 फुट तक गहरा पानी भरा था, जिससे करीब 30 एकड़ उपजाऊ जमीन पूरी तरह बंजर पड़ी थी। चुनाव के समय नेता सिर्फ वोट मांगने आते थे और झूठे आश्वासन देकर चले जाते थे, लेकिन प्रशासन ने हमारी कोई सुध नहीं ली।
परेशान होकर जब हमने गुहार लगाई, तो संत रामपाल जी ने बिना एक भी पैसा लिए, बिल्कुल मुफ्त में मोटर और पाइपलाइन तुरंत हमारे खेतों तक पहुंचा दी। आज यहाँ से पानी सूख चुका है, हमारे खेतों में गेहूं की फसल तैयार हो रही है और 10-12 पीड़ित किसान परिवारों को नया जीवन मिला है। संत रामपाल जी ने हमारी करोड़ों की कीमती जमीन को पूरी तरह बर्बाद होने से बचा लिया। हम इस निस्वार्थ मदद के लिए उनका बार-बार धन्यवाद करते हैं।”
संदीप (किसान): “हमारी इस जमीन पर बाढ़ के समय 3-4 फुट और साथ वाले हिस्सों को मिलाकर करीब 7-8 फुट तक पानी भर जाता था। पिछले 15-16 सालों से यह समस्या लगातार बनी हुई थी, जिसके कारण बारिश के दिनों में यह पूरी जमीन खाली पड़ी रहती थी। हम डीसी, विधायक और मुख्यमंत्री तक सबके पास गए, लेकिन किसी ने कोई समाधान नहीं किया; वे सिर्फ आश्वासन देकर चले जाते थे। आज तक प्रशासन का कोई व्यक्ति हमारे खेतों को देखने तक नहीं आया।
यह सब संत रामपाल जी महाराज की अपार कृपा से ही संभव हुआ था। उन्होंने बिना किसी शर्त या पैसे के, अपने पूरे खर्चे से मोटर और पाइपलाइन सीधे हमारे खेतों तक पहुँचाई और यह बिल्कुल फ्री सेवा है। महाराज जी की इस मदद से अब पानी की निकासी लगातार हो रही है और यह हमारे लिए हमेशा का स्थायी साधन बन गया है। जो जमीन बरसों से खाली थी, वह अब तैयार हो चुकी है और हमारे 4-5 किलों में बिजाई भी हो चुकी है । इस बड़ी राहत के लिए हम संत रामपाल जी महाराज का बार-बार बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं”
जसबीर सिंह (रिटायर्ड फौजी): “हमारी करीब 30 एकड़ उपजाऊ जमीन बरसों से बिना खेती के बेकार पड़ी थी। लेकिन आज संत रामपाल जी महाराज की कृपा से हालातों में बहुत बड़ा सुधार आया है। महाराज जी ने जो अद्भुत निस्वार्थ सेवा प्रदान की थी, उसकी बदौलत खेतों से पानी निकल रहा था और हमारे 4-5 एकड़ में गेहूं की बिजाई भी हो चुकी थी। हम संत रामपाल जी महाराज का तहे दिल से धन्यवाद करते हैं। इस स्थायी समाधान से अगले साल तक गांव की पूरी जमीन दोबारा फसलों से लहलहाने लगेगी। तीन-चार महीनों में करीबन सब में बिजाई हो जाएगी।”
मोहित (युवा किसान): “अधिकारियों के पास जाते थे तो बाहर दो-दो, तीन-तीन दिन बैठे रहते थे, सिर्फ चिट्ठियां घूमती थीं पर काम कुछ नहीं होता था। लेकिन संत रामपाल जी महाराज के पास एक बार गए और एक ही बार में सारी समस्या का समाधान हो गया। पहले यहाँ सिर्फ पानी चमकता था और हम खेत छोड़ चुके थे, आज यहाँ खड़े होकर फसल देखना बहुत अच्छा लग रहा है। हमारे लिए हमारे खेत ही सबकुछ हैं। संत रामपाल जी महाराज तो हमारे लिए साक्षात भगवान हैं।”
विजय (किसान): “हमारा जो खेतों का हिस्सा बरसों से बंजर और मृत पड़ा था, उसमें आज जो भी सुधार हुआ है, वह सिर्फ संत रामपाल जी महाराज की वजह से हुआ है। इससे पहले यहाँ किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया था। सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार की तरह हमें बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़े। हम बस एक बार अपनी प्रार्थना लेकर गए थे और संत रामपाल जी ने तुरंत मोटर, पाइप और सारा सामान हमारे खेतों में पहुंचा दिया। इस त्वरित मदद से किसानों को बहुत बड़ा फायदा हुआ है।”
सेवा और करुणा की एक नई मिसाल
संत रामपाल जी महाराज ने ककरोई गांव के हजार परिवारों के लिए संकट की घड़ी में साक्षात भाग्य विधाता बनकर हाथ थामा है। ग्रामीणों का स्पष्ट मानना है कि जहां सरकारी व्यवस्था ने उन्हें बेबसी में मरने के लिए छोड़ दिया था, वहां संत रामपाल जी महाराज ने एक पिता की तरह उनकी लाज बचा ली।
आज इन खेतों में लहलहाती गेहूं की हरी फसल केवल अनाज की पैदावार नहीं है, बल्कि यह संत जी के करुणापूर्ण प्रयासों से उपजी ‘उम्मीद’ और ‘स्वाभिमान’ की फसल है। ककरोई का हर घर आज उस संजीवनी बूटी जैसी मदद के लिए नतमस्तक है, जिसने न केवल उनके खेतों को पुनर्जीवित किया बल्कि उनकी उजड़ती हुई दुनिया को फिर से आबाद कर दिया।



