भिवानी के जमालपुर-2 गांव के लिए भगवान का अवतार बने संत रामपाल जी महाराज: 28,800 फीट पाइप से बचाई किसानों की आजीविका

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हरियाणा के जिला भिवानी के बवानी खेड़ा तहसील में स्थित गांव जमालपुर-2 (सेकंड) की यह कहानी उस अटूट भरोसे और दिव्य करुणा की है, जिसने एक पूरे गांव को विनाश के कगार से वापस खींच लिया। यह केवल जलभराव की समस्या नहीं थी, बल्कि उन हजारों किसानों की सांसों का सवाल था जिनकी 90% आजीविका केवल खेती पर टिकी थी।

जब खेतों में पानी नहीं, बल्कि किसानों के सपने डूब रहे थे और सरकारी तंत्र से निराशा हाथ लग रही थी, तब संत रामपाल जी महाराज ने एक मसीहा के रूप में दस्तक दी। महाराज जी ने न केवल गांव का दर्द समझा, बल्कि उसे अपना मानकर दो-दो बार राहत सामग्री भेजकर यह सिद्ध कर दिया कि मानवता की सेवा ही सर्वोपरि धर्म है।

गांव की वर्तमान स्थिति

जमालपुर-2 गांव की स्थिति अत्यंत भयावह हो चुकी थी। गांव की लगभग 90% जनता कृषि पर निर्भर है, लेकिन भीषण बाढ़ और ड्रेन के पानी ने सैकड़ों एकड़ भूमि को अपनी चपेट में ले लिया था। स्थिति इतनी विकट थी कि धान और अन्य फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी थीं, और अगली फसल (गेहूं) की बिजाई की उम्मीद भी समाप्त होती जा रही थी।

ग्रामीणों के शब्दों में, यदि समय पर सहायता न मिलती, तो किसानों के पास “जहर खाने” के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। खेतों के साथ-साथ बाहरी बस्तियों में भी पानी घुस गया था, जिससे रास्ते अवरुद्ध हो गए और पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया।

ग्रामीणों की मार्मिक मांग

प्रशासनिक उपेक्षा झेल रहे जमालपुर-2 के सरपंच और ग्रामीणों ने जब पहली बार मिली सहायता से 50% पानी निकाल लिया, तो उन्हें अहसास हुआ कि बाढ़ इतनी विकराल है कि अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता होगी। उन्होंने पुनः संत रामपाल जी महाराज के बरवाला स्थित ट्रस्ट कार्यालय में अपनी प्रार्थना रखी। उनकी कुल मांगें इस प्रकार थीं:

  • 8,800 फीट पाइपलाइन और 20 HP की 2 मोटरें (पहली बार में)
  • 20,000 फीट अतिरिक्त ड्रेनेज पाइप (दूसरी बार में)
  • 15 HP की 2 और शक्तिशाली मोटरें (दूसरी बार में)
  • संपूर्ण फिटिंग सामग्री जैसे फेविकोल, स्टार्टर, नट-बोल्ट और जॉइंट्स

संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई सहायता

भिवानी के जमालपुर-2 में संत रामपाल जी महाराज की बड़ी बाढ़ राहत

संत रामपाल जी महाराज ने ग्रामीणों की पुकार सुनते ही बिना किसी देरी के ‘अन्नपूर्णा मुहिम‘ के तहत राहत का विशाल काफिला रवाना किया। यह सहायता पूर्णतः निःशुल्क और स्थायी रूप से प्रदान की गई है। जमालपुर-2 को मिली कुल सामग्री का विवरण निम्नलिखित है:

  • कुल 28,800 फीट ड्रेनेज पाइप: यह अब तक की सबसे बड़ी पाइपलाइन आपूर्तियों में से एक है।
  • 4 विशाल मोटरें: जिनमें 20 HP की दो और 15 HP की दो हैवी-ड्यूटी (Kirloskar/Crompton) मोटरें शामिल हैं।
  • पूर्ण तकनीकी किट: स्टार्टर, केबल, फेविकोल, पाइप, नट-बोल्ट, वाल्व और जॉइंट्स।
  • निःशुल्क परिवहन: सामग्री ट्रकों के माध्यम से सीधे गांव के स्वागत द्वार तक पहुँचाई गई, जिसका पूरा खर्च महाराज जी द्वारा वहन किया गया।

यह भी पढ़े: हरियाणा के ​जमालपुर गाँव में संत रामपाल जी महाराज ने 1500 एकड़ डूबते खेतों को बचाने के लिए भेजी पाइपलाइन और मोटरें

ग्रामीणों की आवाज़

राहत सामग्री पाकर जमालपुर-2 के निवासियों के आंसू खुशी में बदल गए। ग्रामीणों ने कैमरे के सामने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं:

“मैं तो यह कहता हूँ कि भगवान ये संत रामपाल जी महाराज ही हैं आज के दिन। पहले कहते थे राम-कृष्ण भगवान हैं, पर इनसे ज्यादा हम इनको मानते हैं क्योंकि इतनी विपदा में किसी ने सुध नहीं ली।”

“महाराज जी हमारे लिए भगवान बनकर आए हैं। 90% खेतों में पानी था, अगर यह सहायता न मिलती तो जमींदार के पास जहर खाने के अलावा कुछ नहीं बचता।”

“महाराज जी ने दो बार अरदास सुनी। पहली बार 8800 फीट पाइप दिया, दोबारा प्रार्थना की तो 20,000 फीट और दे दिया। हम कोटि-कोटि धन्यवाद करते हैं।”

“प्रशासन बाद में आया, पर सबसे पहले हाथ संत रामपाल जी महाराज ने पकड़ा।”

जवाबदेही और पारदर्शिता

भिवानी के जमालपुर-2 में संत रामपाल जी महाराज की बड़ी बाढ़ राहत

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम केवल दान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कड़ी जवाबदेही और पारदर्शिता का पालन किया जाता है। जमालपुर-2 की पंचायत को सौंपे गए पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि:

  • सामग्री का सामूहिक और सही उपयोग करके जल्द से जल्द पानी निकाला जाए ताकि अगली बिजाई हो सके।
  • इस पूरे कार्य की ड्रोन रिकॉर्डिंग तीन चरणों में की जाएगी—पानी भरने के समय, पानी निकलने के बाद और फसल लहराने के समय।
  • ये वीडियो सतलोक आश्रम के समागमों में दिखाए जाएंगे ताकि दानदाताओं को विश्वास रहे कि उनके पैसे का सदुपयोग मानवता की सेवा में हो रहा है।
  • ग्राम पंचायत ने इन शर्तों को सहर्ष स्वीकार किया और महाराज जी के अनुशासन की प्रशंसा की।

भव्य स्वागत और सम्मान

जब दूसरी बार राहत सामग्री से भरे ट्रक गांव पहुँचे, तो जमालपुर-2 के ग्रामीणों ने इसे उत्सव की तरह मनाया। सरपंच और पंचायत सदस्यों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया। इसमें महाराज जी को एक भव्य फोटो फ्रेम और स्मृति-चिह्न (Momento) भेंट किया गया, जिस पर 28,800 फीट पाइप और 4 मोटरें प्रदान करने के लिए पूरे गांव की ओर से धन्यवाद अंकित था।

संत रामपाल जी महाराज: कलयुग के सच्चे मसीहा

आज जमालपुर-2 ही नहीं, बल्कि देश के 400 से अधिक गांवों में संत रामपाल जी महाराज ‘किसान मसीहा’ और ‘विश्व उद्धारक’ के रूप में पहचाने जा रहे हैं। वह संसार के एकमात्र ऐसे तत्त्वदर्शी संत हैं जो न केवल मोक्ष का मार्ग दिखाते हैं, बल्कि आपदा के समय पिता की तरह समाज का संरक्षण भी करते हैं। उनका यह निस्वार्थ सेवा अभियान प्रमाणित करता है कि वह पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब के वर्तमान अवतार हैं। जैसा कि ग्रामीणों ने स्वीकार किया, आज के युग में जहाँ धर्म के नाम पर केवल आडंबर हो रहा है, वहां संत रामपाल जी महाराज वास्तविक मानवता की ज्योति जला रहे हैं।

मानवता की इस दिव्य मुहिम से जुड़ने और सच्चे आध्यात्मिक ज्ञान के लिए यूट्यूब चैनल ‘Sant Rampal Ji Maharaj’ देखें या उनकी अनमोल पुस्तक ‘ज्ञान गंगा’ निःशुल्क प्राप्त करें।

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