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International Day of Happiness 2022 [Hindi]: अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस पर जानें खुश रहने के फायदे और तरीके

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इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे यानि कि अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस (International Day of Happiness 2022 in Hindi) 20 मार्च को मनाया जाता है। खुश रहना एक व्यक्तिगत च्वॉइस है। लोग जीवन में छोटी से छोटी चीजों, घूमने, खरीददारी करने, पेंटिंग, स्वीमिंग, मिलने जुलने में भी खुशी पाते हैं। किसी व्यक्ति के जीवन में खुशी सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक होती है। जिस दिन जीवन में हम खुशी की प्रासंगिकता को पहचानना शुरू करते हैं, हम लंबे समय तक जीवित रहते हैं और अधिक उत्साह से जीवन के प्रति जागरूक होते हैं। 

Table of Contents

International Day of Happiness 2022 [Hindi]: मुख्यबिंदु

  • विश्व भर में हर साल 20 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस मनाया जाता है।
  • इस संकल्प की शुरुआत भूटान ने की थी।
  • 1970 के दशक में भूटान ने शुरू में राष्ट्रीय आय पर राष्ट्रीय खुशी के मूल्य को प्राथमिकता दी थी। 
  • संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को 2013 में मनाना शुरू किया था, लेकिन इसके लिए संकल्प 12 जुलाई 2012 को पारित किया गया था। 
  • 2015 में, संयुक्त राष्ट्र ने लोगों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए 17 सतत विकास लक्ष्यों की शुरुआत की। इसका मुख्य विकास लक्ष्य गरीबी उन्मूलन, असमानता को कम करना और हमारे ग्रह की रक्षा करना है
  • जेमी इलियन ने इस दिवस की अवधारणा और रूप रेखा बनाई। 

अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस (International Day of Happiness) क्यों मनाया जाता है?

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 12 जुलाई 2012 के अपने संकल्प 66/281 में 20 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस (International Day of Happiness in Hindi) घोषित किया, जिसमें दुनिया भर के मनुष्यों के जीवन में खुशी और कल्याण की सार्वभौमिक लक्ष्यों और आकांक्षाओं के रूप में प्रासंगिकता को मान्यता दी गई थी। इसका उद्देश्य सार्वजनिक नीति के उद्देश्यों के महत्व को पहचानना। इसने आर्थिक विकास के लिए अधिक व्यापक, उचित, निष्पक्ष और संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर भी ध्यान केंद्रित किया जो सतत विकास, गरीबी उन्मूलन, खुशी और सभी लोगों की भलाई को बढ़ावा देना इत्यादि है ताकि लोग सुखी और संतुष्ट हो सकें।

इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे का इतिहास क्या है? (History of International Day of Happiness) 

संयुक्त राष्ट्र की आम सभा ने 12 जुलाई 2012 को अपने प्रस्ताव 66/281 के तहत हर साल 20 मार्च को International Day of Happiness मनाने का ऐलान किया। यह प्रस्ताव समाज सेवी, कार्यकर्ता और संयुक्त राष्ट्र के विशेष सलाहकार रहे जेमी इलियन की अथक कोशिशों का परिणाम था। उन्होंने ही इस दिवस की अवधारणा और रूप रेखा बनाई। उनका मकसद एक ऐसा प्रस्ताव लाना था जो खुशी की तलाश को मानवीय अधिकारों और बुनियादी लक्ष्य में शामिल कर सके। 

Read in English: International Day Of Happiness: Sat-Bhakti Ensures Happiness

जेमी इलियन ने जब International Happiness Day (अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस) का आइडिया दिया तब उन्हें संयुक्त राष्ट्र के तत्कालीन मुखिया बान की मून का भरपूर समर्थन मिला। यही नहीं यूएन के सभी 193 देशों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया। इस प्रस्ताव को भूटान ने पेश किया। आपको बता दें कि भूटान एक ऐसा देश है जो 1970 से ही राष्ट्रीय आय की तुलना में राष्ट्र की खुशहाली को तरजीह देता आया है।

कौन हैं जेमी इलियन? 

अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस (International Day of Happiness in Hindi) की स्थापना से 32 साल पहले जेमी इलियन एक अनाथ थे जिन्हें मशहूर समाज सेविका मदर टेरेसा की संस्था ने कलकत्ता की सड़कों से उठाया था। बाद में जेमी को एना बेल इलियन नाम कि एक सिंगल अमेरिकी महिला ने गोद ले लिया। जेमी यूएन के सलाहकार रह चुके हैं।

क्या है इंटरनेशनल डे ऑफ़ हैप्पीनेस 2022 की थीम (Theme for International Day of Happiness) ?

“Keep Calm, Stay Wise, Be Kind” यानि “शांत रहो, बुद्धिमान रहो, दयालु रहो” है। खुशी दिवस 2022 का यह विषय खुशी प्राप्त करने के तीन बुनियादी कारणों पर केंद्रित है:-

  • पहला शांत रहें: हर स्थिति में शांत और स्थिर रहना संतुष्टि और खुशी की कुंजी है, क्योंकि जहां शांति और संतोष है वहां सुख अपने आप आता है।
  • दूसरा बुद्धिमान रहें: कठिन परिस्थितियों में भी बुद्धिमानी से उठाए कदम सफलता की ओर ले जाते हैं। गलत दिशा में उठाया हुआ एक गलत कदम आपके आगे चलने वाले सभी कदमों को गलत दिशा में ले जाते हैं इसलिए बुद्धिमानी से सोच समझ कर सही दिशा में कदम उठाएं।
  • तीसरा दयालु बनें: दूसरों की जरूरतों, गलतियों और त्रुटियों में दूसरों के प्रति दयालु रहें। जहां दया है वहां धर्म है और जहां धर्म है वहां परमेश्वर है और जहां परमेश्वर है वहां सुख, शांति, प्रेम और संपन्नता है।

वर्तमान समय में युद्ध, हिंसा और नकारात्मकता का जो माहौल बना हुआ है उस माहौल में इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखना अति आवश्यक है।

International Day of Happiness | विश्व के सबसे खुशहाल देश कौन से हैं?

लिस्ट में लगातार पांचवे साल भी फिनलैंड को दुनिया का सबसे खुशहाल देश माना गया है। जबकि दूसरे पर डेनमार्क, तीसरे पर स्विट्जरलैंड, चौथे पर आइसलैंड, पांचवें पर नीदरलैंड, छठे पर आइसलैंड, सातवें पर नॉर्वे, आठवें पर स्वीडन और नौवें पर लग्ज़मबर्ग है।

खुशहाली के मामले में भारत का विश्व में कौन सा स्थान है?

International Day of Happiness in Hindi: खुशहाली के मामले में 150 देशों की सूची में भारत को 136वें पायदान पर रखा गया है, जो स्पष्ट तौर पर यह दिखाता है कि भारत में लोग उतना खुश नहीं हैं जितने कि अन्य देशों के लोग हैं। ध्यान दें कि 2019 में भारत को 140 वां स्थान मिला था। यह जानकारी ‘वर्ल्ड हैपीनेस रिपोर्ट 2021‘ में सामने आई है। रिपोर्ट में तालिबान के शासन के बाद अफगानिस्तान सबसे निचले पायदान पर है।

खुश रहने का स्वास्थ्य पर क्या पड़ता है प्रभाव? (What are the effects of happiness)?

  • खुश रहने से मानसिक तनाव कम होता है। जो इंसान खुश रहता है उसका मानसिक तनाव काफी हद तक कम हो जाता है। ख़ुशी और दुःख को दिमाग कंट्रोल करता है।
  • व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य भी व्यक्ति के शरीर पर प्रभाव डालता है। इसलिए व्यक्ति को जीवन में चल रही चीजों का ध्यान रखना चाहिए। खुश रहना आपके इम्यून सिस्टम को ठीक रखने में मदद करता है। 
  • खुश रहने का फायदा इंसान के हार्ट पर भी पड़ता है। जो इंसान अपने जीवन में खुश रहता है उनको हार्ट अटैक होने का डर कम होता है। 
  • काफी बार ऐसा देखा जाता है कि जो व्यक्ति अपने जीवन में खुश रहता है उसके दूसरों से रिश्ते काफी मज़बूत और अच्छे होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि हर व्यक्ति खुश रहने वाले इंसान को पसंद करता है। खुश रहने वाले इंसान की खासियत होती है कि वह दूसरों से काफी अच्छे और प्रेम के साथ व्यवहार करते हैं।
  • जो भी खुश रह कर अपने काम को करता है तो उसका मन काम में लगता है।
  • खुश रहने से चेहरे पर काफी चमक आती है। ख़ुशी एक ऐसा चीज है जो दूसरे इंसान के चेहरे पर भी तुरंत ख़ुशी ला सकती है। इसके साथ ही साथ जो इंसान हमेशा खुश रहता है उसके चेहरे पर काफी चमक बनी रहती है।
  • इस संसार में हर चीज मौजूद है अच्छी से अच्छी और बुरी से बुरी। हम जैसा सोचते हैं वैसा ही इस दुनिया को देखते हैं। एक निराश इंसान को यह पूरी दुनिया निराश और बदसूरत नजर आती है। वहीं खुश रहने वाले इंसान को पूरी दुनिया ख़ुशी से भरी नजर आती है। 
  • खुशहाल व्यक्ति सकारात्मक, विचारशील, होने के कारण एक स्वस्थ जीवन जीता है।
  • खुशहाल व्यक्ति संसार में मौजूद खुशियों को ढूंढता है, वह निष्पक्ष रुप से अपने निर्णय स्वयं ले सकता है।

खुशी क्या है?

अगर कोई व्यक्ति ज़ोर से हंस रहा है, या हंसने का दिखावा कर रहा है इससे यह बिल्कुल भी सिद्ध नहीं होता कि वह खुश है,अक्सर उन चेहरों के पीछे दुख छुपा होता है जो सामने तो मुस्कुराते हैं, अपितु‌ अकेले में वह काफी उदास महसूस करते हैं। परंतु जब किसी व्यक्ति की अपनी सभी शारीरिक, मानसिक और आधुनिक हर प्रकार की इच्छाएं तृप्त हो जाती हैं या समाप्त हो जाती हैं तो कहा जा सकता है कि वह सुखी व्यक्ति है। यह अनुभूति लगातार प्रयत्न करने से ही आती है।

International Day of Happiness Quotes in Hindi

  • जो खुश है वही दूसरों को भी खुश रखेगा। 
  • सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपने जीवन का आनंद लें – खुश रहें – बस यही मायने रखता है।
  • खुशी जीवन का अभिन्न अंग है इसे इग्नोर न करें।
  • खुश व्यक्ति स्वास्थ्य और फिटनेस पर भी ध्यान देते हैं। खुश रहना अधिक धन कमाने जैसा है।
  • ज्यादातर लोग उतने ही खुश होते हैं जितना कि वे होने का मन बना लेते हैं। 
  • खुशी एक विकल्प है। आप खुश रहना चुन सकते हैं। जीवन में तनाव होता ही है, लेकिन यह आपकी पसंद है कि आप इससे प्रभावित होते हैं या नहीं। 

International Day of Happiness Hindi: इस संसार में कौन सुखी है?

पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब की इस वाणी के माध्यम से जान सकते हैं कि इस संसार में कौन सुखी है?

“तन धर सुखिया कोई न देख्या, जो देखा सो दुखिया हो,

उदय अस्त की बात करत है मैंने सब का किया विवेका हो-“

भई घाटे बादे सब जग दुखिया, के गृहस्थी बैरागी हो,

सुखदेव ने दुख के डर से, गर्भ में माया त्यागी हो-

भई जंगम दुखिया योगी दुखिया, तपस्वी को दुख दुना हो,

आशा तृष्णा सब धट व्यापै, कोई महल ना सूना हो-

भई साँच कहूँ तो ये जग ना माने, झूठ कहीं ना जाई हो,

ये ब्रह्मा विष्णु शिवजी दुखिया, जिन ये राह चलाई हो-

भई सुरपति दुखिया भूपति दुखिया, 

ये रंक दुखी बपरीति हो,

कहै कबीर और सब दुखिया,

“एक संत सुखी मन जीती हो

सन्त सुखी मन जीती हो”।।

भावार्थ: इस संसार में चाहे अमीर है या गरीब, राजा है या रंक, गृहस्थी है या तपस्वी, कोई देव है या त्रिदेव, कुल मिलाकर सभी दुखी हैं मात्र एक परम संत तत्वदर्शी संत ही सुखी है या उससे ज्ञान समझ कर, नाम दीक्षा लेकर, नियम मर्यादा में रहकर, भक्ति करने वाला प्राणी सुखी है ।

परम संत अर्थात तत्वदर्शी संत और उसके अनुयाई सुखी क्यों बताए गए हैं?

सतगुरु अर्थात परम संत पूर्ण परमेश्वर का कृपा पात्र होता है, या स्वयं पूर्ण परमेश्वर होता है। अगर वह परमेश्वर का कृपा पात्र है तो वह दुखी हो नहीं सकता अगर वह स्वयं परमेश्वर है तो भी वह दुखी नहीं हो सकता इसलिए एक तो परम संत सुखी होता है और दूसरा उस का ज्ञान समझकर उस से नाम दीक्षा लेकर नियम मर्यादा में रह कर भक्ति करने वाले भगत सुखी होते हैं क्योंकि ऋग्वेद मंडल नंबर 9 सूक्त नंबर 82 मंत्र 2, तथा कुरान शरीफ सूरत फुरकान 25 आयत नंबर 58 में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा अपने भक्तों के सभी दुखों का नाश कर देते हैं।

कौन है सुखदाई परमात्मा?

पवित्र यजुर्वेद अध्याय 29 मंत्र 25, पवित्र सामवेद संख्या 1400; ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 17 से 20; अथर्ववेद काण्ड नं 4 अनुवाक न. 1 मन्त्र नं 7; गुरु ग्रन्थ साहेब पृष्ठ नं. 721 राग तिलंग महला 1; सूरत फुरकान 25 आयत नंबर 52 से 59; OJB Bible 36:5 iyov इत्यादि सभी धर्मों के पवित्र सभी सद्ग्रंथ  प्रमाणित करते हैं कि पूर्ण परमात्मा साकार है और वह अत्यंत ही दयालु अर्थात रहमान है वह अपने भक्तों के सभी गुनाह माफ कर देता है। वह परमेश्वर हमेशा अपने बच्चों को खुश रखता है। उस दयालु परमेश्वर का नाम “कबीरहै।

कैसे पाएं सच्चा सुख? क्या है हमेशा हमेशा के लिए सुखी होने का तरीका?

वर्तमान में लाखों ऐसे लोग हैं जो अलग-अलग बीमारियों से और आर्थिक रूप से, मानसिक तनाव के कारण, अन्य दुख दर्द और तकलीफों से परेशान थे। उन सभी का जीवन आज निरोगी, सुखमय, समृद्ध, और आनंदित हो गया है वे सुखी जीवन जी रहे हैं। उनके जीवन में खुशियां भरने वाले कोई और नहीं “जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी” हैं। सतलोक (शाश्वत स्थान) ही हमारा स्थायी सुखमय स्थान है। 

सभी पाठकों से प्रार्थना है कि आप संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा लिखित बहुचर्चित और अनमोल पुस्तक ज्ञान गंगा अवश्य पढ़ें, ज्ञान समझें, नाम दीक्षा लें, मर्यादा में रहकर भक्ति करें जिससे आपको भी सुख और शांति प्राप्त हो सके।

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