International Day of Happiness 2026 [Hindi]: अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस: खुश रहने का रहस्य हुआ उजागर!

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Last Updated on 11 March 2026 IST: इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे यानी कि अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस (International Day of Happiness 2026 in Hindi) हर वर्ष 20 मार्च को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह दिन केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन के सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य – खुशी और संतोष – को समझने का अवसर है।

आज की तेज़-रफ्तार जिंदगी में जहां प्रतिस्पर्धा, आर्थिक दबाव, मानसिक तनाव और सामाजिक अपेक्षाएँ बढ़ती जा रही हैं, वहाँ खुश रहना एक कला भी है और एक सचेत निर्णय भी। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित यह दिवस हमें याद दिलाता है कि विकास का असली मापदंड लोगों की मुस्कान और मानसिक संतुलन है, न कि केवल आर्थिक आंकड़े।

Table of Contents

International Day of Happiness 2026 [Hindi]: मुख्यबिंदु

  • विश्व भर में हर साल 20 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस मनाया जाता है।
  • इस संकल्प की शुरुआत भूटान ने की थी।
  • 1970 के दशक में भूटान ने शुरू में राष्ट्रीय आय पर राष्ट्रीय खुशी के मूल्य को प्राथमिकता दी थी। 
  • संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को 2013 में मनाना शुरू किया था, लेकिन इसके लिए संकल्प 12 जुलाई 2012 को पारित किया गया था। 
  • 2015 में, संयुक्त राष्ट्र ने लोगों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए 17 सतत विकास लक्ष्यों की शुरुआत की। इसका मुख्य लक्ष्य गरीबी उन्मूलन, असमानता को कम करना और हमारे ग्रह की रक्षा करना है।
  • जेमी इलियन ने इस दिवस की अवधारणा और रूप रेखा बनाई। 

अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस (International Day of Happiness) क्यों मनाया जाता है?

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 12 जुलाई 2012 के अपने संकल्प 66/281 में 20 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस (International Day of Happiness in Hindi) घोषित किया, जिसमें दुनिया भर के मनुष्यों के जीवन में खुशी और कल्याण की सार्वभौमिक लक्ष्यों और आकांक्षाओं के रूप में प्रासंगिकता को मान्यता दी गई थी। इसका उद्देश्य सार्वजनिक नीति के उद्देश्यों के महत्व को पहचानना था। इसने आर्थिक विकास के लिए अधिक व्यापक, उचित, निष्पक्ष और संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर भी ध्यान केंद्रित किया जिसका उद्देश्य लगातार विकास, गरीबी उन्मूलन, खुशी और सभी लोगों की भलाई को बढ़ावा देना इत्यादि है ताकि लोग सुखी और संतुष्ट हो सकें।

इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे का इतिहास क्या है? (History of International Day of Happiness) 

संयुक्त राष्ट्र की आम सभा ने 12 जुलाई 2012 को अपने प्रस्ताव 66/281 के तहत हर साल 20 मार्च को International Day of Happiness मनाने का ऐलान किया। यह प्रस्ताव समाज सेवी, कार्यकर्ता और संयुक्त राष्ट्र के विशेष सलाहकार रहे जेमी इलियन की अथक कोशिशों का परिणाम था। उन्होंने ही इस दिवस की अवधारणा और रूप रेखा बनाई। उनका मकसद एक ऐसा प्रस्ताव लाना था जो खुशी की तलाश को मानवीय अधिकारों और बुनियादी लक्ष्य में शामिल कर सके। 

Read in English: International Day Of Happiness: Sat-Bhakti Ensures Happiness

जेमी इलियन ने जब International Happiness Day (अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस) का आइडिया दिया तब उन्हें संयुक्त राष्ट्र के तत्कालीन मुखिया बान की मून का भरपूर समर्थन मिला। यही नहीं यूएन के सभी 193 देशों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया। इस प्रस्ताव को भूटान ने पेश किया। आपको बता दें कि भूटान एक ऐसा देश है जो 1970 से ही राष्ट्रीय आय की तुलना में राष्ट्र की खुशहाली को तरजीह देता आया है।

कौन हैं जेमी इलियन? 

अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस (International Day of Happiness in Hindi) की स्थापना से 32 साल पहले जेमी इलियन एक अनाथ थे जिन्हें मशहूर समाज सेविका मदर टेरेसा की संस्था ने कलकत्ता की सड़कों से उठाया था। बाद में जेमी को एना बेल इलियन नाम की एक सिंगल अमेरिकी महिला ने गोद ले लिया। जेमी यूएन के सलाहकार रह चुके हैं।

क्या है इंटरनेशनल डे ऑफ़ हैप्पीनेस 2026 की थीम (Theme for International Day of Happiness) ?

अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस 2026 की थीम ‘देखभाल और साझा करना’ (Caring and Sharing) है। यह थीम लोगों को दयालुता, उदारता, और भावनात्मक समर्थन के ज़रिए खुशी पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करती है। अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस 2026 में मानसिक स्वास्थ्य से लेकर खुशी में स्थिरता की भूमिका तक के विषय शामिल हैं। खुशी और कल्याण से संबंधित विषयों पर विश्व के अग्रणी विशेषज्ञों के साथ नियमित सामुदायिक कार्यक्रमों में शामिल हों। नवीनतम वैज्ञानिक शोध पर आधारित, खुशहाल जीवन के लिए नई दैनिक आदतें सीखें और साझा करें।

International Day of Happiness | विश्व के सबसे खुशहाल देश कौन से हैं?

World Happiness Report प्रत्येक वर्ष देशों की खुशहाली का विश्लेषण करता है। इसमें आय, सामाजिक समर्थन, जीवन प्रत्याशा, स्वतंत्रता, उदारता और भ्रष्टाचार के स्तर जैसे कारकों को शामिल किया जाता है।

 शीर्ष 10 खुशहाल देश:

  1. फ़िनलैंड
  2. डेनमार्क
  3. आइसलैंड
  4. स्वीडन
  5. इज़राइल
  6. नीदरलैंड
  7. नॉर्वे
  8. लक्ज़मबर्ग
  9. स्विट्ज़रलैंड
  10. ऑस्ट्रेलिया

लगातार कई वर्षों से फिनलैंड शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। वहां की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली, पारदर्शिता, कार्य-जीवन संतुलन और नागरिकों के बीच विश्वास उच्च स्तर का है।

खुशहाली के मामले में भारत का विश्व में कौन सा स्थान है?

International Day of Happiness in Hindi: भारत की रैंकिंग हाल के वर्षों में निचले स्तर पर रही है। 147 देशों की रैंकिंग में भारत 118 वें स्थान पर है। यह संकेत करता है कि:

  • आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करना आवश्यक है
  • मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की आवश्यकता है
  • सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है
  • आर्थिक असमानता कम करने पर ध्यान देना चाहिए

खुश रहने का स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है? (What are the Effects of Happiness)?

  • खुश रहने से मानसिक तनाव कम होता है। जो इंसान खुश रहता है उसका मानसिक तनाव काफी हद तक कम हो जाता है। खुशी और दुःख को दिमाग कंट्रोल करता है।
  • व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य भी व्यक्ति के शरीर पर प्रभाव डालता है। इसलिए व्यक्ति को जीवन में चल रही चीजों का ध्यान रखना चाहिए। खुश रहना आपके इम्यून सिस्टम को ठीक रखने में मदद करता है। 
  • खुश रहने का फायदा इंसान के हार्ट पर भी पड़ता है। जो इंसान अपने जीवन में खुश रहता है उनको हार्ट अटैक होने का डर कम होता है। 
  • काफी बार ऐसा देखा जाता है कि जो व्यक्ति अपने जीवन में खुश रहता है उसके दूसरों से रिश्ते काफी मज़बूत और अच्छे होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि हर व्यक्ति खुश रहने वाले इंसान को पसंद करता है। खुश रहने वाले इंसान की खासियत होती है कि वह दूसरों से काफी अच्छे और प्रेम के साथ व्यवहार करते हैं।
  • जो भी खुश रह कर अपने काम को करता है तो उसका मन काम में लगता है।
  • खुश रहने से चेहरे पर काफी चमक आती है। खुशी एक ऐसा भाव है जो दूसरे इंसान के चेहरे पर भी तुरंत खुशी ला सकती है। इसके साथ ही साथ जो इंसान हमेशा खुश रहता है उसके चेहरे पर काफी चमक बनी रहती है।
  • इस संसार में हर चीज मौजूद है अच्छी से अच्छी और बुरी से बुरी। हम जैसा सोचते हैं वैसा ही इस दुनिया को देखते हैं। एक निराश इंसान को यह पूरी दुनिया निराश और बदसूरत नज़र आती है। वहीं खुश रहने वाले इंसान को पूरी दुनिया खुशी से भरी नज़र आती है। 
  • खुशहाल व्यक्ति सकारात्मक, विचारशील, होने के कारण एक स्वस्थ जीवन जीता है।
  • खुशहाल व्यक्ति संसार में मौजूद खुशियों को ढूंढता है, वह निष्पक्ष रुप से अपने निर्णय स्वयं ले सकता है।

खुशी क्या है?

अगर कोई व्यक्ति ज़ोर से हंस रहा है, या हंसने का दिखावा कर रहा है इससे यह बिल्कुल भी सिद्ध नहीं होता कि वह खुश है, अक्सर उन चेहरों के पीछे दुख छुपा होता है जो सामने तो मुस्कुराते हैं, अपितु‌ अकेले में वह काफी उदास महसूस करते हैं। परंतु जब किसी व्यक्ति की अपनी सभी शारीरिक, मानसिक और आधुनिक हर प्रकार की इच्छाएं तृप्त हो जाती हैं या समाप्त हो जाती हैं तो कहा जा सकता है कि वह सुखी व्यक्ति है। यह अनुभूति लगातार प्रयत्न करने से ही आती है।

International Day of Happiness Quotes in Hindi

  • “जो खुश है वही दूसरों को भी खुश रखेगा।”
  • “सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपने जीवन का आनंद लें।” – खुश रहें – बस यही मायने रखता है।
  • “खुशी जीवन का अभिन्न अंग है इसे इग्नोर न करें।”
  • “खुश व्यक्ति स्वास्थ्य और फिटनेस पर भी ध्यान देते हैं। खुश रहना अधिक धन कमाने जैसा है।”
  • “ज्यादातर लोग उतने ही खुश होते हैं जितना कि वे होने का मन बना लेते हैं।”
  • “खुशी एक विकल्प है। आप खुश रहना चुन सकते हैं। जीवन में तनाव होता ही है, लेकिन यह आपकी पसंद है कि आप इससे प्रभावित होते हैं या नहीं।”

International Day of Happiness [Hindi]: इस संसार में कौन सुखी है?

पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब की इस वाणी के माध्यम से जान सकते हैं कि इस संसार में कौन सुखी है?

“तन धर सुखिया कोई न देख्या, जो देखा सो दुखिया हो,

उदय अस्त की बात करत है मैंने सब का किया विवेका हो-“

भई घाटे बादे सब जग दुखिया, के गृहस्थी बैरागी हो,

सुखदेव ने दुख के डर से, गर्भ में माया त्यागी हो-

भई जंगम दुखिया योगी दुखिया, तपस्वी को दुख दुना हो,

आशा तृष्णा सब घट व्यापै, कोई महल ना सूना हो-

भई साँच कहूँ तो ये जग ना माने, झूठ कहीं ना जाई हो,

ये ब्रह्मा विष्णु शिवजी दुखिया, जिन ये राह चलाई हो-

भई सुरपति दुखिया भूपति दुखिया, 

ये रंक दुखी बपरीति हो,

कहै कबीर और सब दुखिया,

“एक संत सुखी मन जीती हो

सन्त सुखी मन जीती हो”।।

भावार्थ: इस संसार में चाहे अमीर है या गरीब, राजा है या रंक, गृहस्थी है या तपस्वी, कोई देव है या त्रिदेव, कुल मिलाकर सभी दुखी हैं मात्र एक परम संत तत्वदर्शी संत ही सुखी है या उससे ज्ञान समझ कर, नाम दीक्षा लेकर, नियम मर्यादा में रहकर, भक्ति करने वाला प्राणी सुखी है ।

परम संत अर्थात तत्वदर्शी संत और उसके अनुयाई सुखी क्यों बताए गए हैं?

सतगुरु अर्थात परम संत पूर्ण परमेश्वर का कृपा पात्र होता है, या स्वयं पूर्ण परमेश्वर होता है। अगर वह परमेश्वर का कृपा पात्र है तो वह दुखी हो नहीं सकता अगर वह स्वयं परमेश्वर है तो भी वह दुखी नहीं हो सकता इसलिए एक तो परम संत सुखी होता है और दूसरा उस का ज्ञान समझकर उस से नाम दीक्षा लेकर नियम मर्यादा में रह कर भक्ति करने वाले भगत सुखी होते हैं क्योंकि ऋग्वेद मंडल नंबर 9 सूक्त नंबर 82 मंत्र 2 तथा कुरान शरीफ सूरत फुरकान 25 आयत नंबर 58 में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा अपने भक्तों के सभी दुखों का नाश कर देते हैं।

कौन है सुखदाई परमात्मा?

पवित्र यजुर्वेद अध्याय 29 मंत्र 25, पवित्र सामवेद संख्या 1400; ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 17 से 20; अथर्ववेद काण्ड नं 4 अनुवाक न. 1 मन्त्र नं 7; गुरु ग्रन्थ साहेब पृष्ठ नं. 721 राग तिलंग महला 1; सूरत फुरकान 25 आयत नंबर 52 से 59; OJB Bible 36:5 iyov इत्यादि सभी धर्मों के पवित्र सभी सद्ग्रंथ प्रमाणित करते हैं कि पूर्ण परमात्मा साकार है और वह अत्यंत ही दयालु अर्थात रहमान है वह अपने भक्तों के सभी गुनाह माफ कर देता है। वह परमेश्वर हमेशा अपने बच्चों को खुश रखता है। उस दयालु परमेश्वर का नाम “कबीर” है।

कैसे पाएं सच्चा सुख? क्या है हमेशा हमेशा के लिए सुखी होने का तरीका?

वर्तमान में लाखों ऐसे लोग हैं जो अलग-अलग बीमारियों से और आर्थिक रूप से, मानसिक तनाव के कारण, अन्य दुख दर्द और तकलीफों से परेशान थे। उन सभी का जीवन आज निरोगी, सुखमय, समृद्ध और आनंदित हो गया है वे सुखी जीवन जी रहे हैं। उनके जीवन में खुशियां भरने वाले कोई और नहीं “जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी” हैं। सतलोक (शाश्वत स्थान) ही हमारा स्थायी सुखमय स्थान है। 

सभी पाठकों से प्रार्थना है कि आप संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा लिखित बहुचर्चित और अनमोल पुस्तक “ज्ञान गंगा“ अवश्य पढ़ें, ज्ञान समझें, नाम दीक्षा लें, मर्यादा में रहकर भक्ति करें जिससे आपको भी सुख और शांति प्राप्त हो सके।

International Day Of Happiness से जुड़ी प्रश्नोत्तरी

1. प्रश्न: विश्व खुशी दिवस कब मनाया जाता है?

उत्तर: दुनिया भर में हर साल 20 मार्च को अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस मनाया जाता है। 

2. प्रश्न:पहला इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे कब मनाया गया था?

उत्तर: 2013 में यूनाइटेड नेशन्स के 193 सदस्य देशों ने अपना पहला इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे मनाया था।

3. प्रश्न:. इंटरनेशनल डे ऑफ हैप्पीनेस क्या बताता है?

उत्तर: एक देश या एक अर्थव्यवस्था को विकसित होने के लिए केवल जीडीपी नहीं बल्कि हैप्पीनेस की भी आवश्यकता है।

4. प्रश्न: इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे क्यों मनाया जाता है?

उत्तर: फेमस समाजसेवी जेमी इलियन का मानना था कि कोई भी व्यक्ति या देश अगर जीवन में खुशहाल है तो वह बहुत तेजी से प्रगति करता है और आगे बढ़ता है।

5. प्रश्न: खुशहाल देशों की लिस्ट में भारत का कौन सा स्थान है?

 147 देशों की रैंकिंग में भारत 118 वें स्थान पर है।

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