आज के समय में जहां आम इंसान अपनी बुनियादी ज़रूरतों और समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, वहीं समाज में कुछ ऐसी निःस्वार्थ पहल भी चल रही हैं जो सीधे धरातल पर उतरकर गरीब, किसान और बेसहारा लोगों की तकलीफें दूर कर रही हैं। जगन्नाथ महाप्रभु संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा चलाए जा रहे जनकल्याणकारी कार्य आज समाज के हर वर्ग के लिए एक मज़बूत सहारा बन चुके हैं।
हाल ही में हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के विभिन्न गांवों (जैसे हांसी, हनुमानगढ़, चूरू, एटा और हिसार) से सरपंच, गौशाला समितियों के प्रधान और किसान संत रामपाल जी महाराज से मिलने पहुंचे। इन मुलाकातों में मुख्य रूप से भयंकर जलभराव से निजात पाने के लिए पाइपलाइन, खारे पानी की समस्या का समाधान, अन्नपूर्णा मुहिम और हज़ारों बेसहारा गायों के संरक्षण जैसे गंभीर विषयों पर सार्थक चर्चा हुई और मौके पर ही समाधान भी दिए गए।
प्रमुख मुलाकातें और जनसेवा कार्य की एक झलक
| क्रम | आगंतुक / प्रतिनिधि | स्थान (राज्य) | मुख्य चर्चा / जनसेवा का विषय |
| 1. | किसान समूह | हांसी (हरियाणा) | आश्रम की निस्वार्थ जनसेवा से प्रभावित होकर विशेष आभार व्यक्त किया। |
| 2. | सरपंच व गौशाला अध्यक्ष | प्रलीका, हनुमानगढ़ (राजस्थान) | 900 गायों के लिए हर महीने 1200 क्विंटल चारे और शेड की तुरंत मंजूरी। |
| 3. | ग्रामीण व पूर्व फौजी | मिर्जापुर, एटा (उत्तर प्रदेश) | ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ की सराहना और खारे पानी की समस्या (ट्यूबवेल) का समाधान। |
| 4. | सरपंच व गौशाला अध्यक्ष | कालावास (राजस्थान) | पाइपलाइन कार्यों से प्रेरणा लेकर गौशाला की अरदास की और स्वेच्छा से नाम दीक्षा ली। |
| 5. | गौशाला प्रधान | रामपुरा बेरी, चूरू (राजस्थान) | गौमाता के चारे की मांग रखी, जिसे बिना देरी किए पूरा करने का आश्वासन मिला। |
| 6. | ग्रामवासी | पेटवाड़, हिसार (हरियाणा) | चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के पैतृक गांव में जल निकासी हेतु अतिरिक्त पाइपलाइन की मंजूरी। |
मुलाकातों के मुख्य अंश
1. जनसेवा से गदगद हुए जमावड़ी, हांसी के किसान
हरियाणा के हांसी क्षेत्र के जमावड़ी गांव से दर्जनों किसान संत रामपाल जी महाराज के दर्शन करने उनके पास सतलोक आश्रम श्री धनाना धाम पहुंचे। किसानों ने बताया कि वे आश्रम द्वारा चलाई जा रही जनसेवा की मुहिम से बेहद प्रसन्न और प्रभावित हैं। बिना किसी व्यक्तिगत मांग के, वे केवल महाराज जी का धन्यवाद करने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए एकजुट होकर वहां पहुंचे थे।
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2. प्रलीका (हनुमानगढ़) की गौशाला को मिला हर महीने 1200 क्विंटल चारे का सहारा
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के प्रलीका गांव से गौशाला अध्यक्ष और सरपंच अपनी गुहार लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी गौशाला में लगभग 900 बेसहारा गायें हैं, जिनके लिए चारे का भारी संकट है। संत रामपाल जी महाराज जी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए गौशाला के लिए हर महीने 1200 क्विंटल चारे और एक बड़े शेड की व्यवस्था करने का भरोसा दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “गौमाता को हम किसी भी कीमत पर भूखा नहीं रहने देंगे।”
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3. मिर्ज़ापुर (यूपी) के ग्रामीणों ने ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ को सराहा, खारे पानी से मिली निजात
उत्तर प्रदेश के एटा जिले के मिर्ज़ापुर गांव से पूर्व फौजी सत्येंद्र सिंह और 21 अन्य ग्रामीण आश्रम पहुंचे। उन्होंने गरीबों का पेट भरने वाली ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ की भूरि-भूरि प्रशंसा की। साथ ही, उन्होंने अपने क्षेत्र में खारे पानी की गंभीर समस्या बताई। आश्रम की ओर से लगाए गए विशेष ट्यूबवेल से उन्हें इस समस्या से बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने इस निःस्वार्थ सेवा से जुड़कर समाज कल्याण में भागीदार बनने का संकल्प लिया।
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4. कालावास (राजस्थान) के सरपंच ने स्वेच्छा से अपनाया सतभक्ति का मार्ग
राजस्थान के कालावास से आए सरपंच और गौशाला अध्यक्ष ने बताया कि वे झाड़चर, बनी और लीलकी जैसे गांवों में आश्रम द्वारा बिछाई गई जल निकासी पाइपलाइनों के ऐतिहासिक कार्यों से बेहद प्रेरित हैं। अपनी गौशाला के लिए सहायता मांगने के साथ-साथ, उन्होंने बिना किसी दबाव के, अपनी हार्दिक इच्छा से संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा (सतभक्ति) लेने का निर्णय लिया।
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5. रामपुरा बेरी, चूरू की गौशाला की अरदास तुरंत हुई मंज़ूर
चूरू (राजस्थान) जिले के रामपुरा बेरी से आए गौशाला प्रधान ने जब गौमाता के लिए चारे का संकट सामने रखा, तो संत रामपाल जी महाराज ने उनकी अरदास को तुरंत स्वीकार कर लिया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि बेसहारा गायों के लिए चारे की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
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6. चीफ जस्टिस के गांव पेटवाड़ (हिसार) में जल निकासी के लिए और पाइपलाइन की सौगात
हिसार जिले के पेटवाड़ (जो भारत के मुख्य न्यायाधीश श्री सूर्यकांत जी का पैतृक गांव है) से आए ग्रामीणों ने जलभराव की समस्या के पूर्ण समाधान के लिए अतिरिक्त पाइपलाइन की मांग रखी। संत रामपाल जी महाराज जी ने ग्रामीणों की इस मांग को सहर्ष स्वीकार करते हुए कहा कि किसानों की फसलें बचाने के लिए जितनी भी पाइपलाइन की ज़रूरत होगी, वह तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।
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सतयुग निर्माण में नया अध्याय
आज जहां किसान बर्बाद हो रही फसलों को देखकर हताश है और बेसहारा गौवंश सड़कों पर भूख से तड़प रहा है, वहां संत रामपाल जी महाराज के ये निःस्वार्थ कार्य किसी संजीवनी से कम नहीं हैं। पेटवाड़ में पाइपलाइन बिछाना हो, यूपी में मीठे पानी की व्यवस्था करना हो, या राजस्थान में 900 गायों के लिए हर महीने 1200 क्विंटल चारे का प्रबंध करना हो ये सभी कार्य केवल एक साधारण समाज सेवा नहीं हैं।
यह जगन्नाथ महाप्रभु संत रामपाल जी महाराज ही हैं, जो समाज को यह सिखा रहा है कि निःस्वार्थ सेवा, सहयोग और आध्यात्मिक चेतना के बल पर ही एक खुशहाल, सुरक्षित और सशक्त समाज की मज़बूत नींव रखी जा सकती है



