भारत में बढ़ती कृषि लागत और घटती आय के कारण छोटे व सीमांत किसान बेहद कठिन आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। खाद और कीटनाशकों की बढ़ती कीमतों ने गरीब किसानों की कमर तोड़ दी है। ऐसे में संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित “किसान मजदूर बचाओ अभियान – फेज़ 3” असहाय किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरा है। संत रामपाल जी महाराज की कृपा से चलाई जा रही इस मानवीय पहल से न केवल किसानों को आर्थिक संबल मिल रहा है, बल्कि उनकी खेती की लागत भी लगभग शून्य हो रही है।
गांव के किसानों की वर्तमान स्थिति
हरियाणा राज्य के रोहतक जिले के गांव निंदाना के छोटे किसान दयनीय आर्थिक स्थिति का सामना कर रहे थे। ढाई एकड़ या उससे कम भूमि वाले इन किसानों के पास आय का अन्य कोई जरिया नहीं था। खाद व डीएपी प्राप्त करने के लिए किसानों को सुबह से लंबी लाइनों में लगना पड़ता था और भारी भागदौड़ के बाद भी समय पर सामग्री नहीं मिल पाती थी। खेती की आवश्यकताएं पूरी करने के लिए किसान कर्ज लेने को मजबूर थे। प्रति एकड़ भारी खर्च होने से उन पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा था।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा क्या सहायता प्रदान की गई
संत रामपाल जी महाराज के आदेश से अन्नपूर्णा मुहिम फेज 3 के तहत कृषि सामग्री से भरी गाड़ियां गांव निंदाना, जिला रोहतक (हरियाणा) पहुंचीं। यहां पंजीकृत 21 पात्र किसानों को कुल 108 बैग यूरिया, 27 बैग डीएपी तथा फसल के अनुसार कैल्शियम, पोटाश, कीटनाशक व खरपतवार नाशक दवाएं बिल्कुल मुफ्त प्रदान की गईं।
संत रामपाल जी महाराज के आशीर्वाद से लाभान्वित किसानों का विवरण:
| किसान का नाम | कृषि भूमि | प्राप्त सामग्री | अनुमानित बचत |
|---|---|---|---|
| सतीश | 2.5 एकड़ | 8 यूरिया, 2 डीएपी, कैल्शियम, पोटाश व दवाइयां | ₹25,000 |
| नारायण | 2 एकड़ | 7 यूरिया, 2 डीएपी व कीटनाशक दवाइयां | ₹10,000-₹15,000 |
| मोहित | 2.5 एकड़ | 6 यूरिया, 2 डीएपी, कैल्शियम-पोटाश व दवाइयां | ₹10,000-₹20,000 |
| सतपाल | 2 एकड़ | 6 यूरिया, 2 डीएपी, पोटाश व दवाइयां | ₹15,000 |
| दीपक | 2.5 एकड़ | 7 यूरिया, 2 डीएपी, पोटाश व स्प्रे दवाइयां | ₹10,000-₹15,000 |
| जोगिंदर | 2 एकड़ | 5 यूरिया, 1 डीएपी, पोटाश व दवाइयां | ₹6,000-₹7,000 |
| विजेंद्र | 2 एकड़ | 5 यूरिया, 1 डीएपी, कैल्शियम-पोटाश व दवाइयां | ₹8,000-₹10,000 |
| संजय (प्रथम) | 2 एकड़ | 6 यूरिया, 1 डीएपी, कैल्शियम-पोटाश व दवाइयां | ₹7,000 |
| महेंद्र (प्रथम) | 1 एकड़ | 3 यूरिया, 1 डीएपी व दवाइयां | ₹5,000-₹9,000 |
| महेंद्र (द्वितीय) | 2 एकड़ | 5 यूरिया, 1 डीएपी, पोटाश व दवाइयां | ₹10,000 |
| रानी | 1 एकड़ | 3 यूरिया व कीटनाशक दवाइयां | ₹3,000-₹4,000 |
| संजय (द्वितीय) | 1 एकड़ | 3 यूरिया, 1 डीएपी, कैल्शियम व दवाइयां | ₹4,000-₹5,000 |
इसके अलावा एक महिला किसान (2.5 एकड़) को 5 यूरिया, 1 डीएपी व दवाइयां दी गईं। संत रामपाल जी महाराज की दया से पूरी सामग्री किसानों के घरों तक खुद पहुंचाई गई।
सहायता प्राप्त किसानों एवं ग्रामीणों के वक्तव्य
संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन से राहत पाने वाले किसानों के प्रमुख वक्तव्य:
- सतीश (किसान): “संत रामपाल जी महाराज का बहुत धन्यवाद, जो किसानों की इतनी मदद कर रहे हैं। बिना भागदौड़ के घर पर सामग्री मिलने से मेरी ₹25,000 की सीधी बचत हुई है।”
- मोहित (किसान): “पहले लाइनों में लगने पर भी यूरिया नहीं मिलता था। संत रामपाल जी महाराज के आशीर्वाद से आज घर बैठे खाद-दवाई मिली है। महाराज जी ने मौज कर दी।”
- नारायण (किसान): “पहले खाद के लिए कर्ज लेना पड़ता था। संत रामपाल जी महाराज की दया से अब हमारी खेती की लागत जीरो हो गई है।”
संत रामपाल जी महाराज द्वारा दिखाई गई पारदर्शिता एवं जवाबदेही
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित यह अभियान पूर्ण पारदर्शिता का प्रतीक है। श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान का उपयोग समाज कल्याण में निष्पक्ष रूप से किया जाता है। अन्नपूर्णा मुहिम (चरण 1, 2 व 3) के तहत ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल, फर्द और आधार कार्ड के सत्यापन तथा सर्वे के बाद ही पात्र किसानों (ढाई एकड़ या उससे कम भूमि) को सतलोक आश्रम धनाना धाम (सोनीपत) के माध्यम से सहायता दी जाती है।
संत रामपाल जी महाराज — विश्व उद्धारक, पूर्ण तत्वदर्शी संत एवं सच्चे किसान मसीहा
संत रामपाल जी महाराज मानवता के कल्याण और समाज सुधार के कार्यों में निरंतर कार्यरत हैं। वे लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान, सतभक्ति और मानव सेवा का संदेश देते हैं। संत रामपाल जी महाराज की दया से गरीब किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं। पाठकों से आग्रह है कि वे संत रामपाल जी महाराज द्वारा दिए गए आध्यात्मिक ज्ञान का निष्पक्ष अध्ययन करें, उनके मार्ग को समझें और सभी प्रमाणों की जांच करके सत्य भक्ति व मानव सेवा अपनाएं।



