तालाब बन चुके स्कूल, सड़ चुके खेत — गंगड़वा में संत रामपाल जी महाराज ने लौटाई ज़िंदगी

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यह कहानी केवल खेतों में भरे पानी की नहीं, बल्कि उस गाँव की है जहाँ बच्चों के स्कूल भी गंदे तालाब में बदल गए थे। हरियाणा के झज्जर जिले के गंगड़वा गांव में लगभग 3000 बीघा से अधिक जमीन 6 से 7 फुट गहरे पानी में डूबी हुई थी। फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थीं, रास्ते बंद हो गए थे, पशुओं के लिए चारा तक उपलब्ध नहीं था और पूरा जनजीवन ठहर-सा गया था। महीनों तक हालात ऐसे ही बने रहे, लेकिन सरकारी मदद नाकाफी साबित हुई। चारों ओर निराशा का माहौल था और ग्रामीणों को कहीं से भी राहत की उम्मीद नजर नहीं आ रही थी।

ऐसे कठिन समय में गंगड़वा गाँव के किसानों ने संत रामपाल जी महाराज की सेवा भावना और जनकल्याणकारी कार्यों के बारे में सुना। अंतिम उम्मीद के रूप में उन्होंने यह निर्णय लिया कि वे बरवाला जाकर संत रामपाल जी महाराज के चरणों में अपनी पीड़ा और समस्या को प्रार्थना के रूप में रखेंगे।

ग्रामीणों ने प्रार्थना लेकर संत रामपाल जी महाराज के चरणों में दी अर्जी

ग्राम पंचायत गंगड़वा, तहसील बादली, जिला झज्जर की पूरी पंचायत सामूहिक रूप से बरवाला पहुँची। सरपंच, पंच, नंबरदार और अन्य ग्रामवासी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना पत्र लेकर पहुँचे। इस प्रार्थना में गाँव से बाढ़ का पानी निकालने के लिए आठ मोटरों की मांग की गई, जिनमें पाँच 15 HP की सबमर्सिबल मोटरें और तीन 15 HP की मोनोब्लॉक मोटरें शामिल थीं। इसके साथ ही 8000 फीट लंबी 8-इंच पाइप लाइन की भी आवश्यकता बताई गई।

सभी ग्रामवासियों ने इस प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर किए ताकि राहत कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सके। गाँव के सरपंच ने स्पष्ट शब्दों में बताया कि गंगड़वा में पानी की निकासी का कोई स्थायी मार्ग नहीं है, ड्रेन ओवरफ्लो हो चुकी है और पूरा इलाका महीनों से जलमग्न है, जिसके कारण फसल पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। उसी समय पंचों और किसानों ने एक स्वर में कहा कि अब उन्हें सहायता की उम्मीद केवल संत रामपाल जी महाराज से ही है।

संत रामपाल जी महाराज के आदेश से अन्नपूर्णा मुहिम की त्वरित कार्रवाई

ग्रामीणों को भी विश्वास नहीं था कि उनकी प्रार्थना पर इतनी शीघ्र और इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई होगी, लेकिन यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। केवल कुछ ही दिनों के भीतर सहायता का एक विशाल काफिला गंगड़वा गाँव पहुँच गया। यह केवल राहत सामग्री नहीं थी, बल्कि उन किसानों के लिए एक नई शुरुआत थी जो पूरी तरह टूट चुके थे।

संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत आदेश देकर गंगड़वा गाँव के लिए संपूर्ण राहत सामग्री भेजवाई। इस सामग्री में पाँच 15 HP की सबमर्सिबल मोटरें, तीन 15 HP की मोनोब्लॉक मोटरें और 8000 फुट लंबी उच्च गुणवत्ता वाली 8-इंच पाइप लाइन शामिल थी। इसके साथ-साथ मोटरों को चलाने के लिए आवश्यक सभी नट-बोल्ट, फिटिंग सामग्री, भारी केबल, स्टार्टर और अन्य सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए, ताकि ग्रामीणों को किसी भी प्रकार से बाजार के चक्कर न लगाने पड़ें।

गाँववालों का कहना था कि उन्होंने जितनी मांग की थी, उससे भी बेहतर और अधिक गुणवत्ता वाला सामान उन्हें प्राप्त हुआ। यह उनके लिए पहला अनुभव था जब किसी ने उनकी अर्जी को बिना देरी के स्वीकार कर जमीन पर उतार दिया।

गंगड़वा की भयावह स्थिति, जिसे शब्दों में समेटना कठिन है

सेवादारों और ग्रामीणों ने बताया कि गंगड़वा गाँव की स्थिति अत्यंत भयावह थी। स्कूलों के परिसर महीनों से पानी में डूबे हुए थे, खेतों में दूर-दूर तक केवल कीचड़ और बदबूदार पानी नजर आता था। बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं में बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा था और किसानों के पास अगली फसल की कोई संभावना शेष नहीं बची थी।

पानी की मात्रा इतनी अधिक थी कि ग्रामीण इसे तालाब, झील या समुद्र की उपमा देने लगे थे। यह केवल आर्थिक संकट नहीं था, बल्कि सामाजिक और मानसिक पीड़ा भी थी, जिसने पूरे गाँव को झकझोर कर रख दिया था।

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम — राहत नहीं, स्थायी समाधान

संत रामपाल जी महाराज ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गाँव का पानी हर हाल में निकाला जाना चाहिए। यदि वर्तमान में भेजी गई सामग्री पर्याप्त न हो, तो तुरंत और मोटरें तथा पाइप उपलब्ध कराए जाएँ। साथ ही यह भी आदेश दिया गया कि पाइपों को खेतों में स्थायी रूप से दबाया जाए, ताकि भविष्य में बाढ़ आने पर दोबारा ऐसी स्थिति न बने।

अन्नपूर्णा मुहिम केवल तात्कालिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों को स्थायी समाधान देकर उनके भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य कर रही है।

गाँव में खुशी का माहौल और लोगों की भावनाएँ

जैसे ही राहत सामग्री से भरे ट्रक गाँव के अंदर पहुँचे, महिलाओं, किसानों और बच्चों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों की आँखों में खुशी और राहत के आँसू थे। ग्रामीणों ने कहा कि जो कार्य सरकार महीनों में नहीं कर पाई, वह संत रामपाल जी महाराज ने कुछ ही दिनों में करके दिखा दिया। कई लोगों ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और कहा कि आज उन्हें विश्वास हुआ है कि भगवान धरती पर आते हैं।

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कई किसानों ने भावुक होकर कहा कि भले ही मौजूदा फसल नहीं बच सकी, लेकिन अब अगली फसल जरूर होगी, क्योंकि संत रामपाल जी महाराज ने उन्हें यह विश्वास और वचन दिया है।

लाभार्थी परिवारों की स्थिति और पड़ोसी गाँवों की प्रतिक्रिया

गंगड़वा गाँव में सैकड़ों परिवार पूरी तरह बाढ़ से प्रभावित थे। कई किसानों ने बताया कि उनकी 20 बीघा में से 19 बीघा जमीन डूब चुकी थी और 10 से 12 लाख रुपये तक का नुकसान हो गया था। पहले सरकारी विभागों द्वारा दी गई मोटरें एक-दो दिन में ही जल जाती थीं, लेकिन अब उन्हें स्थायी समाधान मिला है। बच्चों ने भी खुशी जताई कि अब स्कूल खुलने की उम्मीद जगी है।

कई किसानों ने भावुक होकर कहा कि भले ही मौजूदा फसल नहीं बच सकी, लेकिन अब अगली फसल जरूर
होगी, क्योंकि संत रामपाल जी महाराज ने उन्हें यह विश्वास और वचन दिया है।

लाभार्थी परिवारों की स्थिति और पड़ोसी गाँवों की प्रतिक्रिया

गंगड़वा गाँव में सैकड़ों परिवार पूरी तरह बाढ़ से प्रभावित थे। कई किसानों ने बताया कि उनकी 20 बीघा में से 19
बीघा जमीन डूब चुकी थी और 10 से 12 लाख रुपये तक का नुकसान हो गया था। पहले सरकारी विभागों द्वारा दी
गई मोटरें एक-दो दिन में ही जल जाती थीं, लेकिन अब उन्हें स्थायी समाधान मिला है। बच्चों ने भी खुशी जताई कि
अब स्कूल खुलने की उम्मीद जगी है।

पड़ोसी गाँवों के लोग भी गंगड़वा में पहुँची राहत सामग्री देखकर आश्चर्यचकित थे। उनका कहना था कि उन्होंने ऐसा
अभियान पहले कभी नहीं देखा। कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अब वे भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए
संत रामपाल जी महाराज  के चरणों में ही प्रार्थना करेंगे, क्योंकि अन्नपूर्णा मुहिम पूरे हरियाणा में बाढ़ पीड़ितों के
लिए आशा की किरण बन चुकी है।

गाँव की ओर से सम्मान और आभार

राहत सामग्री मिलने के बाद ग्राम पंचायत और सभी ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज को शॉल भेंट कर अपना
आभार व्यक्त किया। पूरे गाँव ने एक स्वर में कहा कि यदि आवश्यक हो तो उनकी उम्र भी संत रामपाल जी
महाराज को लग जाए, क्योंकि उन्होंने गंगड़वा को अंधकार से निकालकर फिर से जीवन की ओर लौटा दिया है।

पड़ोसी गाँवों के लोग भी गंगड़वा में पहुँची राहत सामग्री देखकर आश्चर्यचकित थे। उनका कहना था कि उन्होंने ऐसा अभियान पहले कभी नहीं देखा। कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अब वे भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संत रामपाल जी महाराज  के चरणों में ही प्रार्थना करेंगे, क्योंकि अन्नपूर्णा मुहिम पूरे हरियाणा में बाढ़ पीड़ितों के लिए आशा की किरण बन चुकी है।

गाँव की ओर से सम्मान और आभार

राहत सामग्री मिलने के बाद ग्राम पंचायत और सभी ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज को शॉल भेंट कर अपना आभार व्यक्त किया। पूरे गाँव ने एक स्वर में कहा कि यदि आवश्यक हो तो उनकी उम्र भी संत रामपाल जी महाराज को लग जाए, क्योंकि उन्होंने गंगड़वा को अंधकार से निकालकर फिर से जीवन की ओर लौटा दिया है।

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