200 एकड़ खेतों को मिली नई उम्मीद: किसान मजदूर बचाओ अभियान के दूसरे चरण में गैलपुर गांव पहुंची मोटर और पूरी फिटिंग

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हरियाणा के जिला पलवल का गांव गैलपुर लंबे समय से एक ऐसी समस्या से जूझ रहा था, जिसने यहां के किसानों की मेहनत, उम्मीद और आजीविका पर गहरा असर डाला। बरसात के दिनों में खेतों में पानी भर जाता था और उसके निकलने की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं थी। नतीजा यह होता था कि करीब 200 एकड़ कृषि भूमि महीनों तक जलभराव की चपेट में रहती थी। कई बार पूरी-की-पूरी फसल बर्बाद हो जाती थी। किसान कर्ज में डूबते चले गए, मजदूरों के हाथों से काम छिन गया और गांव के लोगों के चेहरों पर चिंता साफ दिखाई देती थी। ग्राउंड पर पहुंचने पर गांव के बुजुर्गों और किसानों की आंखों में बीते वर्षों की तकलीफ भी दिखाई दी और अब भविष्य के प्रति एक नई उम्मीद भी। गांव के लोगों का कहना है कि अब पहली बार उन्हें लग रहा है कि उनकी वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।

बरसों से जलभराव ने छीनी किसानों की खुशहाली

गैलपुर गांव के किसान बताते हैं कि बारिश होते ही खेत तालाब का रूप ले लेते थे। पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं था। कई-कई महीनों तक खेतों में पानी जमा रहता था, जिससे फसल बोना तो दूर, खेत में जाना भी मुश्किल हो जाता था।

एक किसान ने भावुक होकर कहा,

“भाई साहब, जब अपनी आंखों के सामने मेहनत की पूरी फसल पानी में डूब जाए तो दिल टूट जाता है। कई बार ऐसा हुआ कि पूरे सीजन में खेत खाली पड़े रहे। मजदूरों को काम नहीं मिला और किसान कर्ज के बोझ तले दबता चला गया।”

गांव के लोगों के अनुसार यह केवल खेती का नुकसान नहीं था, बल्कि पूरे गांव की आर्थिक व्यवस्था पर इसका असर पड़ता था। खेत सूने रहते तो मजदूरों के घरों में भी चूल्हा जलाना मुश्किल हो जाता था।

ग्राम पंचायत ने समाधान के लिए की प्रार्थना, सर्वे के बाद बनी स्थायी योजना

ग्रामीणों और ग्राम पंचायत ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए किसान मजदूर बचाओ अभियान के अंतर्गत जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना रखी। प्रार्थना स्वीकार होने के बाद सर्वे टीम गांव पहुंची। टीम ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और पाया कि समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए दो अलग-अलग जल निकासी लाइनें बनाना आवश्यक है। सर्वे में लगभग 6100 फीट लंबी 8 इंच पाइपलाइन तथा दोनों लाइनों के लिए 10-10 एचपी की दो मोटरों की आवश्यकता बताई गई। सर्वे रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद गांव को 6100 फीट पाइपलाइन तथा आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई गई, जिससे ग्रामीणों ने मिलकर पहली लाइन का भूमिगत कार्य पूरा किया, जबकि दूसरी लाइन का कार्य भी लगातार जारी है।

गांव पहुंची 10 एचपी की हैवी ड्यूटी मोटर और पूरी फिटिंग सामग्री

पहली पाइपलाइन का कार्य पूरा होने के बाद सर्वे टीम ने दोबारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जब कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया, तब रिपोर्ट स्वीकृत हुई और गांव गैलपुर को पहली लाइन के संचालन के लिए 10 एचपी की हैवी ड्यूटी मोटर तथा पूरी फिटिंग सामग्री उपलब्ध करवाई गई। गांव में पहुंचाई गई सामग्री में क्रॉम्पटन कंपनी की 10 एचपी मोटर, एल एंड टी का स्टार्टर, सक्शन पाइप, पीवीसी पाइप, एयर वाल्व, रिड्यूसर, लोहे के बैंड, प्लेट तथा अन्य आवश्यक फिटिंग सामग्री शामिल रही।

इस अवसर पर गांव में मौजूद लोगों ने बताया कि अब पहली लाइन के शुरू होते ही खेतों में जमा बरसाती पानी की निकासी संभव हो जाएगी और लंबे समय से प्रभावित कृषि भूमि को राहत मिलेगी। गांव के लोगों ने साझा किए अपने अनुभव, बोले कि अब किसान बचेगा तो देश भी खुशहाल होगा।

ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान ग्रामीणों ने अपनी खुशी खुलकर साझा की

जगपाल दास ने कहा कि परमात्मा ने किसानों के लिए बहुत बड़ी सेवा की है। जहां पानी भर जाता था, अब वहां से पानी निकल जाएगा। किसान खुशहाल होगा तो देश भी खुशहाल होगा। वह संत रामपाल जी महाराज के चरणों में कोटि-कोटि धन्यवाद करते हैं।

मोहरपाल ने बताया,

“हमें 6100 फुट पाइप मिले। एक लाइन दब चुकी है और उसके लिए मोटर तथा पूरा सामान भी मिल गया है। दूसरी लाइन का काम पूरा होने पर दूसरी मोटर भी मिल जाएगी। यह हमारे गांव के लिए बहुत बड़ी राहत है।”

एक अन्य ग्रामीण ने कहा,

“आज तक किसी ने हमारी इस समस्या को इतनी गंभीरता से नहीं लिया। सही समय पर यह मदद मिली है। इससे हमारी खेती फिर से शुरू होगी और आने वाली पीढ़ियों को भी लाभ मिलेगा।”

ग्राम पंचायत और ग्रामीणों में दिखा उत्साह, दूसरी लाइन पूरी होने का इंतजार

ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों ने बताया कि पहली लाइन शुरू होने के बाद जल निकासी व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा। दूसरी लाइन पूरी होने पर गांव की पूरी व्यवस्था और अधिक मजबूत हो जाएगी। सेवादारों ने भी स्पष्ट किया कि योजना पूरी तरह पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ रही है। पहली लाइन का कार्य पूरा होने और निरीक्षण के बाद पहली मोटर दी गई है। इसी प्रकार दूसरी लाइन पूरी होने के बाद दूसरी मोटर भी उपलब्ध करवाई जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि इस व्यवस्था से लगभग 200 एकड़ कृषि भूमि को स्थायी लाभ मिलेगा और भविष्य में बरसाती पानी की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

सिर्फ सामग्री नहीं, गांव को मिला भविष्य का भरोसा

गैलपुर के किसानों का कहना है कि सबसे बड़ी बात केवल पाइप या मोटर मिलना नहीं है, बल्कि यह भरोसा मिलना है कि पूरी योजना चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा रही है। पहले सर्वे हुआ, फिर पाइपलाइन उपलब्ध करवाई गई। उसके बाद भूमिगत कार्य का निरीक्षण किया गया और अब पहली मोटर तथा पूरी फिटिंग सामग्री भी सौंप दी गई। दूसरी लाइन पूरी होने पर उसी प्रकार अगला सहयोग भी दिया जाएगा। गांव के लोगों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं तभी सफल होती हैं जब सहायता केवल घोषणा तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई दे।

संत रामपाल जी महाराज के सेवा कार्यों की ग्रामीणों ने की सराहना

ग्रामीणों ने भावनात्मक शब्दों में कहा कि समाज के गरीब, किसान और मजदूर वर्ग के लिए चलाए जा रहे सेवा कार्य उनके जीवन में नई आशा लेकर आए हैं। किसानों का कहना है कि खेती बचाना केवल खेत बचाना नहीं, बल्कि पूरे परिवार की आजीविका बचाना है। ग्रामीणों ने बताया कि किसान मजदूर बचाओ अभियान के माध्यम से जल निकासी, पाइपलाइन, मोटर, खाद-बीज, जरूरतमंद परिवारों की सहायता, राशन, शिक्षा और चिकित्सा जैसे अनेक क्षेत्रों में सेवा कार्य किए जा रहे हैं। गांव के लोगों ने इन प्रयासों के लिए संत रामपाल जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का माध्यम बनते हैं।

जल निकासी की व्यवस्था से बदलेगी गांव की तस्वीर

विशेषज्ञों की तरह गांव के अनुभवी किसानों का भी मानना है कि यदि खेतों से समय पर पानी निकलता रहेगा तो खेती पहले की तुलना में कहीं बेहतर होगी। लगातार जलभराव से खराब हो रही भूमि दोबारा उपजाऊ बनेगी और किसान समय पर बुवाई कर सकेंगे। मजदूरों को भी गांव में ही रोजगार मिलेगा और गांव की आर्थिक गतिविधियां फिर से तेज होंगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह योजना गैलपुर को जलभराव की समस्या से काफी हद तक मुक्त कर देगी।

वर्षों का इंतज़ार खत्म: गैलपुर के खेतों में लौटेगी हरियाली

गैलपुर गांव की यह कहानी केवल पाइपलाइन और मोटर मिलने की कहानी नहीं है, बल्कि उन किसानों की उम्मीदों की कहानी है जिन्होंने वर्षों तक अपनी मेहनत को पानी में डूबते देखा। अब पहली लाइन तैयार है, मोटर भी लग चुकी है और दूसरी लाइन का कार्य भी आगे बढ़ रहा है। गांव के लोगों को विश्वास है कि बहुत जल्द उनकी पूरी जल निकासी व्यवस्था मजबूत हो जाएगी और लगभग 200 एकड़ कृषि भूमि फिर से लहलहाने लगेगी। गांव के किसानों की आंखों में अब निराशा नहीं, बल्कि नई उम्मीद दिखाई देती है। उनका विश्वास है कि जब खेत सुरक्षित होंगे, तब किसान मजबूत होगा, मजदूर को काम मिलेगा और गांव फिर से खुशहाली की राह पर आगे बढ़ेगा। अधिक जानकारी के लिए आप Sant Rampal Ji Maharaj App डॉउनलोड करें।

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