25 साल की पीड़ा का अंत: सज्जनपुर गांव, हरियाणा तक पहुँची संत रामपाल जी महाराज जी की मदद

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हरियाणा के भिवानी ज़िले की बवानी खेड़ा तहसील के गांव सज्जनपुर में बाढ़ से तबाही मच गई थी। खेतों में पानी भर गया, फसलें डूब गईं और किसानों की उम्मीदें खत्म होने लगीं। ऐसे कठिन समय में तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने अपनी अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत गांव सज्जनपुर को वह सहायता दी, जिसकी कल्पना भी ग्रामीणों ने नहीं की थी। दो 10 हॉर्सपावर की मोटरें, 4500 फुट लंबी 8 इंची पाइप लाइन और हर आवश्यक सामान भेजकर उन्होंने सिर्फ पानी निकालने का नहीं बल्कि भविष्य की फसलों के लिए भी स्थायी समाधान प्रदान किया।

ग्रामवासियों की प्रार्थना पहुंची सतगुरु के चरणों में

29 सितंबर 2025 को गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सदस्यों ने मिलकर एक निवेदन पत्र तैयार किया, जिसमें दो 10 एचपी मोटरें और 4500 फुट पाइप लाइन की मांग की गई थी। यह प्रार्थना पत्र सतगुरु संत रामपाल जी महाराज जी के चरणों में उनके अनुयायी वकीलों के माध्यम से भेजा गया। जैसे ही आदेश आया, संत जी के अनुयायियों ने दो से तीन दिन के भीतर यह पूरी सामग्री गांव सज्जनपुर पहुंचा दी। ग्रामीणों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था, जिनकी सुनवाई कभी नहीं हुई थी, उनकी प्रार्थना अब साक्षात सतगुरु तक पहुंच गई थी।

सज्जनपुर बाढ़ राहत से जुड़े मुख्य बिंदु 

  • अन्नपूर्णा मुहिम के तहत राहत: दो 10 एचपी मोटरें और 4500 फुट पाइप लाइन सहित सभी आवश्यक उपकरण गांव को स्थायी रूप से प्रदान किए गए।
  • पूर्ण समाधान: सरकार जहां राहत सामग्री बाद में वापस ले जाती है, वहीं उन्होंने गांव को सदा के लिए यह सामग्री भेंट कर स्थायी व्यवस्था कर दी।
  • किसानों की खुशी: 570 एकड़ से अधिक डूबी ज़मीन के किसानों ने, राहत महसूस की। फसल की नई बिजाई की उम्मीद जग गई।
  • निस्वार्थ सेवा का उदाहरण: किसी भी गांव की मांग को ठुकराया नहीं जा रहा; हरियाणा भर में चल रहा यह अभियान बाढ़ पीड़ितों के लिए जीवनरेखा बन गया है।
  • गुरु आदेश सर्वोपरि: संत रामपाल जी के आदेश पर आश्रम की अन्य सेवाएं रोककर बाढ़ राहत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

सज्जनपुर गांव में पहुंचा मदद का काफिला

4 अक्टूबर 2025 को जब संत रामपाल जी महाराज जी की ओर से सहायता के ट्रक सज्जनपुर पहुंचे, तो गांव में उत्सव जैसा माहौल था। अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत भेजी गई इस सामग्री में न सिर्फ मोटरें और पाइप थे, बल्कि स्टार्टर, नट-बोल्ट, फेविकोल, वाशर और पाइप जोड़ने के लिए आवश्यक हर चीज शामिल थी। ग्रामीणों को किसी एक पेंच तक को खरीदने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ा।

सरपंच ने बताया, “संत रामपाल जी महाराज जी ने जो मदद दी है, वह हमारे लिए वरदान जैसी है। सरकार तो वापस ले जाती है, पर उन्होंने सदा के लिए गांव को यह सामग्री समर्पित कर दी है।”

गुरुजी के आदेश: अनुयायी ने गांव में सुनाया संत रामपाल जी महाराज जी का संदेश

तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने एक सख्त और अनुशासनपूर्ण निर्देश भी दिया,

“अगर दिए गए उपकरणों और सहायता सामग्री के उपयोग के बाद भी गांव का पानी निर्धारित समय में नहीं निकला, और फसल की बिजाई नहीं हो सकी, तो भविष्य में उस गांव को ट्रस्ट की ओर से किसी भी प्रकार की सहायता नहीं दी जाएगी।”

सज्जनपुर गांव में बाढ़ राहत अभियान: किसानों की आंखों में उम्मीद की चमक

पानी में डूबी हुई 570 एकड़ ज़मीन के किसानों ने बताया कि अब उन्हें राहत महसूस हो रही है। “अब फसल की बिजाई हो सकेगी, पानी उतर जाएगा और गांव फिर से हरा-भरा होगा।”

Also Read: एक दशक पुरानी त्रासदी का अंत: संत रामपाल जी महाराज ने फतेहाबाद के चिंदड़ गांव को दी स्थायी बाढ़ राहत

कई ग्रामीणों ने कहा “हमने ऐसा काम पहले कभी नहीं देखा। सरकारें सिर्फ वादे करती हैं, पर संत रामपाल जी महाराज जी ने वाकई किसानों का दुख समझा।”

सेवा अभियान जो थमता नहीं

ग्राम सज्जनपुर के अलावा भिवानी जिले और आसपास के जिले के गावों में भी यह अभियान जारी है। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने आदेश दिया है कि जब तक हर गांव का पानी नहीं निकल जाता, तब तक सेवा बंद नहीं होगी।

सेवा समिति के एक सदस्य ने बताया, “गांव की पंचायतें खुद प्रार्थना लेकर आती हैं। कोई भी गांव चाहे छोटा हो या बड़ा, गुरुदेव जी की कृपा से सबकी मदद की जा रही है।”

स्थायी समाधान से बढ़ी ग्रामीणों की आस

गांव वालों का कहना है कि यह मदद केवल राहत नहीं, बल्कि एक स्थायी समाधान है। इससे आने वाले वर्षों में भी वे बाढ़ जैसी समस्याओं से निपट सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस सेवा ने उन्हें फिर से जीने का हौसला दिया है।

बाढ़ से राहत नहीं, विश्वास का पुनर्जन्म

सज्जनपुर गांव की यह कहानी सिर्फ राहत सामग्री की नहीं, बल्कि उस विश्वास की है जो एक संत ने पुनर्जीवित की है। उन्होंने न केवल गांव की वर्तमान कठिनाई को दूर किया, बल्कि स्थायी समाधान देकर भविष्य को भी सुरक्षित बना दिया। अब सज्जनपुर के किसानों को पूरा भरोसा है कि उनकी कृपा से उनका गांव जल्द ही इस विपदा से उबर जाएगा, और उनके खेत फिर से हरियाली से भर जाएंगे।

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