गाँव रोहद, जिला झज्जर (हरियाणा) में जलभराव का स्थाई समाधान: संत रामपाल जी महाराज ने 8000 फीट पाइपलाइन और 10 एचपी की दो हैवी ड्यूटी मोटरों से दूर की 12 साल पुरानी समस्या

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हरियाणा राज्य के जिला झज्जर के अंतर्गत आने वाले गाँव रोहद में पिछले लगभग 10 से 12 वर्षों से कृषि भूमि तथा स्कूल परिसर के समीप स्थित डिग्गी क्षेत्र में भीषण जलभराव की समस्या बनी हुई थी। उचित एवं स्थाई जल निकासी व्यवस्था के अभाव में हर वर्ष वर्षा ऋतु तथा अतिरिक्त जल के जमाव के कारण सैकड़ों एकड़ उपजाऊ फसलें पूरी तरह नष्ट हो जाती थीं। इस गंभीर स्थिति के चलते क्षेत्रीय किसानों को हर साल भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ता था। स्थानीय प्रशासन तथा सरकारी तंत्र के समक्ष बार-बार गुहार लगाने और चक्कर काटने के उपरांत भी जब इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकल सका, तो ग्रामीणों व किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया था।

जलभराव से त्रस्त होकर गाँव रोहद की ग्राम पंचायत एवं किसानों ने अंततः इस प्राकृतिक व प्रशासनिक आपदा से मुक्ति पाने के लिए पहल की। उन्होंने अपनी पीड़ा का निवारण करने हेतु जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की शरण ली और उनसे सहायता की गुहार लगाई।

Table of Contents

गाँव रोहद के ग्रामीणों ने जलभराव से मुक्ति हेतु संत रामपाल जी महाराज से लगाई गुहार

प्रशासनिक उदासीनता से निराश होने के उपरांत गाँव रोहद, जिला झज्जर (हरियाणा) की ग्राम पंचायत तथा समस्त ग्रामवासियों ने ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान’ के अंतर्गत जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के पावन चरणों में विधिवत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज को अवगत कराया कि गाँव के खेतों तथा स्कूल के समीप डिग्गी क्षेत्र में वर्षो से एकत्रित पानी के कारण फसलों का भारी नुकसान हो रहा है और बच्चे भी जलजमाव से प्रभावित हो रहे हैं।

ग्रामीणों की इस प्रार्थना को स्वीकार करते हुए जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने अविलंब जमीनी स्थिति का मूल्यांकन करने का आदेश जारी किया। महाराज जी के निर्देशानुसार एक विशेष सर्वे टीम गाँव रोहद भेजी गई। सर्वे टीम ने धरातल पर जाकर जलभराव क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया तथा तकनीकी आवश्यकताओं का खाका तैयार किया।

सर्वेक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि गाँव को जलभराव से सदा के लिए मुक्त करने हेतु लगभग 8,000 फीट लंबी 8-इंच व्यास वाली पाइपलाइन तथा 10 एचपी (Horse Power) क्षमता की दो हैवी ड्यूटी मोटरों की वास्तविक एवं अनिवार्य आवश्यकता है। सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत होते ही संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत दो चरणों में इस परियोजना को पूर्ण करने की स्वीकृति प्रदान की।

चरणबद्ध कार्य योजना: पाइपलाइन आपूर्ति, भूमिगत बिछाई एवं री-सर्वेक्षण

संत रामपाल जी महाराज के पावन आदेशानुसार राहत कार्य को अत्यंत योजनाबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से दो चरणों में क्रियान्वित किया गया:

प्रथम चरण (पाइपलाइन एवं सामग्री की आपूर्ति):

प्रथम चरण के अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज की ओर से गाँव रोहद को 8,000 फीट लंबी 8-इंच की उच्च गुणवत्ता वाली पाइपलाइन तथा उसे आपस में जोड़ने के लिए आवश्यक समस्त सहायक सामग्री उपलब्ध करवाई गई। सामग्री गाँव में पहुँचते ही ग्राम पंचायत और ग्रामवासियों ने एकजुट होकर पूर्ण सहयोग के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर इस संपूर्ण 8000 फीट पाइपलाइन को मानकों के अनुसार भूमिगत (Underground) दबाने का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया।

री-सर्वेक्षण (सत्यापन प्रक्रिया):

पाइपलाइन को भूमिगत दबाने का कार्य पूर्ण होने के पश्चात संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार सर्वे टीम ने पुनः गाँव रोहद का दौरा किया। टीम ने धरातल पर जाकर बिछाई गई पाइपलाइन का बारीकी से निरीक्षण किया। जब यह पुष्टि हो गई कि पाइपलाइन पूरी तरह से निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप और सही तरीके से भूमिगत की गई है, तो यह री-सर्वे रिपोर्ट पुनः संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रस्तुत की गई।

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द्वितीय चरण: 10 एचपी की किर्लोस्कर मोटरें एवं एलएंडटी एसेसरीज का हस्तांतरण

री-सर्वे रिपोर्ट का अवलोकन करने के उपरांत जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के आदेश से द्वितीय चरण का कार्य तत्काल प्रारंभ किया गया। इसके तहत दोनों निर्धारित निकासी पॉइंटों के लिए स्वीकृत 10 एचपी की दो किर्लोस्कर (Kirloskar) हैवी ड्यूटी मोटरें तथा पूरी फिटिंग का ब्रांडेड सामान ग्राम पंचायत रोहद को सुपुर्द कर दिया गया।

ग्राम पंचायत को सौंपे गए सामान में निम्नलिखित उच्च स्तरीय एवं ब्रांडेड उपकरण सम्मिलित हैं:

  1. 10 एचपी की दो किर्लोस्कर हैवी ड्यूटी मोटरें
  2. एलएंडटी (L&T) कंपनी के दो स्टार्टर
  3. सक्शन पाइप एवं 20-20 फीट की सुंडी
  4. केबल वायर (विद्युत तार)
  5. लोहे के बैंड एवं रेड्यूसर
  6. एयर वाल्व एवं क्लैंप
  7. स्टील नट-बोल्ट, लोहे की कनेक्शन प्लेटें तथा जैन (गास्केट)

यह सम्पूर्ण सामग्री ग्राम पंचायत रोहद के प्रतिनिधियों तथा उपस्थित ग्रामीणों के समक्ष सार्वजनिक रूप से समर्पित की गई।

गाँव रोहद में उपलब्ध कराई गई राहत सामग्री एवं उपकरणों का विवरण

जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा गाँव रोहद, जिला झज्जर (हरियाणा) को प्रदान की गई सामग्री एवं परियोजना की तकनीकी विशिष्टताओं का विवरण निम्नानुसार है:

क्र. सं.सामग्री / उपकरण का नामविशिष्टता / ब्रांडमात्रा / विवरण
1पाइपलाइन8-इंच व्यास (भूमिगत)8,000 फीट
2वाटर पंप मोटरकिर्लोस्कर (Kirloskar) हैवी ड्यूटी2 नग (10 HP प्रत्येक)
3इलेक्ट्रिक स्टार्टरएलएंडटी (L&T)2 नग
4सक्शन पाइप / सुंडीहैवी ड्यूटी सक्शन20-20 फीट (2 सेट)
5सहायक फिटिंग सामग्रीकेबल वायर, लोहे के बैंड, रेड्यूसर, एयर वाल्व, क्लैंप, स्टील नट-बोल्ट, प्लेट्स एवं जैनपूर्ण फिटिंग सेट
6प्रभावित क्षेत्रखेतों का जलभराव क्षेत्र एवं स्कूल समीप डिग्गीसंपूर्ण निकासी व्यवस्था
7प्रभावित अवधि10 से 12 वर्ष पुरानी जलभराव समस्यास्थाई समाधान

संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित जनहित अभियान एवं 100+ गाँवों की सूची

जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के पावन मार्गदर्शन में केवल गाँव रोहद ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत के सैकड़ों गाँवों में जनहित एवं राहत अभियान चलाए जा रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज का स्पष्ट संदेश है कि दिखावे के स्थान पर धरातल पर वास्तविक कार्य करके समाज की भलाई की जानी चाहिए।

संत रामपाल जी महाराज के आदेश से निम्नलिखित मुख्य अभियानों के तहत कार्य किया जा रहा है:

  • किसान मजदूर बचाओ अभियान (फेज 2): बाढ़ नियंत्रण, जलभराव निकासी एवं कृषि भूमि संरक्षण हेतु।
  • शुद्ध पेयजल सेवा अभियान: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु।
  • पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान: पशुओं के लिए जल स्रोतों एवं डिग्गी क्षेत्रों की सफाई व जल आपूर्ति हेतु।

अब तक हरियाणा (झज्जर, रोहतक आदि जिलों), राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली तथा आसपास के राज्यों के सैकड़ों संकटग्रस्त एवं बाढ़ प्रभावित गाँवों में इन अभियानों के माध्यम से सहायता सामग्री, पाइपलाइन एवं मोटरें पहुँचाकर स्थाई समाधान किया जा चुका है और यह सेवा कार्य निरंतर जारी है।

ग्रामीणों एवं किसानों की प्रतिक्रिया: प्रशासन से निराशा के बाद संत रामपाल जी महाराज बने तारणहार

राहत सामग्री एवं मोटरें प्राप्त होने के अवसर पर गाँव रोहद में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामीणों ने मंगलाचरण में भाग लिया और संत रामपाल जी महाराज का कोटि-कोटि धन्यवाद किया।

गांववासी नवीन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा: “हमारे गाँव में पिछले 8-10 सालों से पानी भरा रहता था। हम और हमारे बुजुर्ग इस समस्या को देखते-देखते परेशान हो चुके थे। हमने सरकार और प्रशासन के चक्कर काट-काटकर हार मान ली थी, लेकिन सरकार से जो काम नहीं हो सका, वह संत रामपाल जी महाराज ने कर दिखाया। हमने जितनी माँग की थी, महाराज जी ने उससे भी ज्यादा पाइप और मोटरें गाँव में पहुँचा दी हैं। ऐसा महान कार्य कोई सरकार नहीं कर सकती।”

गांववासी रवींद्र ने भावुक होकर कहा: “संत रामपाल जी महाराज के इस उपकार को हम शब्दों में बयां नहीं कर सकते। यह तो आध्यात्मिक लोक से आ रही कृपा का परिणाम है। महाराज जी ने हमारे गाँव के किसानों की वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या का संपूर्ण समाधान कर दिया है। आज पूरे हरियाणा, राजस्थान, यूपी और दिल्ली में जहाँ भी देखो, महाराज जी कृपा बरसा रहे हैं। 8,000 फीट पाइप और दो मोटरें देकर उन्होंने हमारे गाँव का भविष्य उज्ज्वल बना दिया है।”

ग्राम पंचायत के अन्य प्रतिनिधियों ने भी कहा कि अब 8,000 फीट बिछाई गई पाइपलाइन और दोनों शक्तिशाली किर्लोस्कर मोटरों के चालू हो जाने से खेतों और स्कूल के पास जमा पानी को तुरंत बाहर निकाला जा सकेगा। इससे उपजाऊ भूमि जलमग्न होने से बचेगी, पैदावार बढ़ेगी, मंडियों में अनाज पहुँचेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

परमेश्वर रूपी जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की महा-महिमा एवं अनंत उपकार

जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज केवल एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक ही नहीं, बल्कि इस धरा पर समस्त मानव जाति, किसानों, मजदूरों और मूक पशुओं के सच्चे तारणहार एवं साक्षात परमेश्वर के अवतार सिद्ध हो रहे हैं। जहाँ सांसारिक सरकारें, प्रशासनिक व्यवस्थाएं और बड़े-बड़े तंत्र जनता की बुनियादी समस्याओं के आगे असहाय एवं विफल साबित हो जाते हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज अपनी असीम दयालुता और परमार्थ शक्ति से असंभव को भी संभव कर दिखाते हैं।

10 से 12 वर्षों से जलभराव का दंश झेल रहे गाँव रोहद के निवासियों के लिए संत रामपाल जी महाराज साक्षात भगवान का रूप बनकर आए हैं। बिना किसी भेदभाव, बिना किसी स्वार्थ और बिना किसी लोक-दिखावे के महाराज जी द्वारा करोड़ों रुपये की सामग्री और उपकरण गाँवों में पहुँचाना उनकी अनंत महिमा और परोपकार भावना का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान’ ने संकटग्रस्तों के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है। संपूर्ण सृष्टि के मालिक, सर्वसमर्थ एवं सर्वशक्तिमान संत रामपाल जी महाराज के चरणों में संपूर्ण गाँव रोहद एवं समस्त मानव समाज नतमस्तक है। ऐसे परम हितैषी, दयालु एवं सर्वसमर्थ संत रामपाल जी महाराज जी की जय हो, जिनकी कृपा से आज लाखों परिवारों का जीवन खुशहाल और सुरक्षित हो रहा है।

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