संत रामपाल जी महाराज ने किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के अंतर्गत सिलाना सोनीपत भेजी राहत सामग्री

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हरियाणा राज्य के सोनीपत जिले की खरखौदा तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सिलाना लंबे समय से गंभीर जलभराव की समस्या का सामना कर रही थी। मानसून के मौसम में अत्यधिक वर्षा होने के कारण खेतों में भारी मात्रा में पानी जमा हो जाता था। 

इस अनियंत्रित जलभराव से सिलाना गांव की सैकड़ों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि पूरी तरह प्रभावित होती थी, जिससे किसानों की रब्बी और खरीफ दोनों सीजन की फसलें नष्ट हो जाती थीं।

विशेष रूप से गांव का एक निचला इलाका जिसे स्थानीय भाषा में ‘झील का क्षेत्र’ कहा जाता है, वहां लगभग 80 एकड़ से अधिक कृषि भूमि लगातार पानी में डूबी रहती थी। इस गंभीर स्थिति के कारण अनेक किसान समय पर गेहूं की बुवाई भी नहीं कर पाते थे। लगातार कई वर्षों तक फसलें खराब होने से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा था और वे कर्ज के जाल में फंसते जा रहे थे। 

स्थानीय ग्रामीणों ने पूर्व में सरकारी विभागों जैसे पटवारी और एसडीओ (SDO) कार्यालयों के चक्कर काटे थे, परंतु प्रशासनिक स्तर से कोई ठोस सहायता या स्थाई समाधान नहीं मिल सका था।

पूर्व राहत चरण का विवरण और अतिरिक्त पाइपलाइन की आवश्यकता

ग्राम पंचायत सिलाना ने पूर्व में भी अपनी इस विकराल समस्या के समाधान के लिए जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के समक्ष सतलोक आश्रम में प्रार्थना प्रस्तुत की थी। उस समय प्रथम चरण के तहत गांव को 13,500 फीट लंबी पाइपलाइन और 10 हॉर्स पावर (HP) क्षमता की दो वाटर पंपिंग मोटरें उपलब्ध करवाई गई थीं, जिस पर धरातल पर कार्य चल रहा था।

परंतु, पाइपलाइन बिछाने के दौरान कुछ स्थानों पर मार्ग में परिवर्तन करना पड़ा और दूरी बढ़ गई। इस मार्ग परिवर्तन के कारण पूर्व में स्वीकृत पाइपलाइन कम पड़ गई और खेतों के कुछ हिस्सों से पानी की पूरी निकासी नहीं हो सकी। समस्या का पूर्ण समाधान न होने के कारण ग्राम पंचायत सिलाना के प्रतिनिधि, किसान और आम ग्रामीण दूसरी बार अपनी फरियाद लेकर जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में उपस्थित हुए और गांव की वर्तमान अधूरी स्थिति से अवगत कराया।

आधुनिक ड्रोन तकनीक द्वारा त्वरित स्थलीय और हवाई सर्वेक्षण

ग्राम पंचायत की प्रार्थना प्राप्त होते ही संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल प्रभाव से गांव का पुनः तकनीकी सर्वेक्षण (सर्वे) करवाने के आदेश जारी किए। संत रामपाल जी महाराज का आदेश मिलते ही सर्वे टीम उसी दिन सोनीपत के सिलाना गांव में पहुंच गई। 

मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने संभावित पाइपलाइन मार्गों और जलभराव वाले मुख्य बिंदुओं की विस्तृत जानकारी दी।

सर्वेक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार आधुनिक ड्रोन तकनीक का उपयोग किया गया। ड्रोन को शुरुआती पॉइंट (जहां मोटर लगाई जानी थी) से उड़ाया गया और अंतिम निकासी बिंदु अर्थात् ड्रेन नंबर आठ (Drain No. 8) तक के पूरे मार्ग का हवाई निरीक्षण किया गया। सटीक दूरी का आकलन करने के लिए अंतिम निकासी बिंदु पर ग्रामीणों और किसानों द्वारा झंडा लहराया गया, जिसे ड्रोन कैमरे में रिकॉर्ड किया गया।

विस्तृत सर्वेक्षण रिपोर्ट और संशोधित ढांचागत आवश्यकताएं

तकनीकी टीम द्वारा ड्रोन और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ कि गांव को पूरी तरह से बाढ़ मुक्त करने के लिए अतिरिक्त पाइपलाइन और मशीनरी की आवश्यकता है। सर्वे के आधार पर निम्नलिखित आवश्यकताएं निर्धारित की गईं:

  • पूर्व में बदली गई दो लाइनों की अधूरी दूरी को पूरा करने के लिए लगभग 2,500 फुट अतिरिक्त पाइपलाइन की कमी पाई गई।
  • गांव के एक नए पॉइंट से ड्रेन तक जल निकासी हेतु लगभग 5,300 फुट लंबी एक नई पाइपलाइन बिछाने की आवश्यकता सामने आई।
  • एक अन्य छोटे जलभराव पॉइंट के समाधान के लिए लगभग 800 फुट पाइपलाइन की आवश्यकता दर्ज की गई।
  • इन सभी बिंदुओं को मिलाकर कुल 7,800 फुट अतिरिक्त पाइपलाइन और 10 एचपी (HP) क्षमता की एक और वाटर पंपिंग मोटर की आवश्यकता निर्धारित कर रिपोर्ट संत रामपाल जी महाराज के समक्ष भेजी गई।

24 घंटे के भीतर विशाल फेज़ 2 राहत सामग्री की आपूर्ति और तकनीकी विनिर्देश

सर्वेक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संत रामपाल जी महाराज ने किसान मजदूर बचाओ अभियान के फेज़ 2 (चरण 2) के तहत राहत सामग्री भेजने की तुरंत स्वीकृति प्रदान की। ग्राम पंचायत की प्रार्थना पहुंचने और सर्वे संपन्न होने के बाद, सामग्री से लदा विशाल काफिला सिलाना गांव पहुंच गया। संत रामपाल जी महाराज ने गांव के लिए निम्नलिखित सामग्रियां सीधे उपलब्ध करवाईं:

  • पाइपलाइन अवसंरचना: कुल 7,800 फुट लंबी और 8 इंच व्यास (8-inch Diameter) वाली भारी-भरकम पीवीसी (PVC) पाइपलाइन।
  • सहायक उपभोज्य सामग्री: पाइपों को वायुरुद्ध (airtight) तरीके से जोड़ने के लिए औद्योगिक-ग्रेड फेविकोल एसआर (Fevicol SR) सॉल्वेंट एडहेसिव।
  • तकनीकी कपलिंग सामग्री: पाइपलाइन फिटिंग के लिए आवश्यक नट-बोल्ट, सुरक्षा चैन, पाइप बेंड्स (कोहनी), हांडी और जॉइंट प्लेट्स।
  • मशीनरी आवंटन: 10 हॉर्स पावर (HP) क्षमता की एक अतिरिक्त विद्युत वाटर पंपिंग मोटर (जो पाइपलाइन बिछाने के बाद हस्तांतरित होगी)।

परियोजना निष्पादन नियमावली और सामग्री हस्तांतरण की शर्तें

काफिले के साथ पहुंचे सेवादारों ने सभी पाइप और सहायक फिटिंग सामग्री को आधिकारिक तौर पर सिलाना की ग्राम पंचायत और उपस्थित ग्रामीणों को हैंडओवर कर दिया। संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार इस परियोजना के पूर्ण निष्पादन के लिए एक निश्चित प्रक्रिया निर्धारित की गई है:

  • भूमिगत खुदाई और स्थापना: सिलाना के ग्रामवासियों और किसान कमेटी को अपने संसाधनों (ट्रैक्टर और श्रम) का उपयोग करके इस पूरी 7,800 फुट पाइपलाइन को जमीन के नीचे व्यवस्थित रूप से दबाना होगा।
  • तकनीकी सत्यापन प्रक्रिया: जैसे ही ग्रामीण चारों पाइपलाइनों को भूमिगत करने का कार्य पूर्ण कर लेंगे, उन्हें तकनीकी सर्वे टीम को सूचित करना होगा।
  • मोटर की सुपुर्दगी: सूचना मिलने पर सर्वे टीम दोबारा गांव आकर भौतिक निरीक्षण करेगी। यदि पाइपलाइन सही अवस्था में दबी हुई पाई गई, तो संत रामपाल जी महाराज के आदेश से स्वीकृत 10 HP की तीसरी मोटर तुरंत गांव में लाकर स्थापित कर दी जाएगी।
  • स्थाई स्वामित्व नीति: यह स्पष्ट किया गया कि पूर्व में दी गई सामग्री और इस फेज़ 2 के तहत दी गई सभी संपत्तियां सदैव के लिए सिलाना गांव की सार्वजनिक संपत्ति रहेंगी।

सिलाना गांव जल निकासी परियोजना (फेज़ 1 और फेज़ 2) का संचयी विवरण

परियोजना पैरामीटर और घटकप्रलेखित और सत्यापित विशिष्टताएं
भौगोलिक अवस्थितिगांव सिलाना, खरखौदा तहसील, सोनीपत जिला, हरियाणा
जलभराव से प्रभावित मुख्य क्षेत्रलगभग 80 एकड़ का निचला झील क्षेत्र (कुल सैकड़ों एकड़ प्रभावित)
अंतिम जल निकासी गंतव्यड्रेन नंबर आठ (Drain No. 8)
परियोजना का अभियानगत संदर्भकिसान मजदूर बचाओ अभियान (फेज़ 2 / चरण 2)
सर्वेक्षण की आधुनिक तकनीकहवाई दूरी मापन हेतु डिजिटल ड्रोन कैमरा तकनीक
फेज़ 2 में मंजूर अतिरिक्त पाइपलाइनकुल 7,800 फुट (2500 फुट पेंडिंग + 5300 फुट नई लाइन + 800 फुट छोटा पॉइंट)
पाइपलाइन का व्यास (Diameter)8 इंच क्षमता वाली भारी पीवीसी पाइप
आपूर्ति की गई सहायक सामग्रीफेविकोल एसआर, नट-बोल्ट, चैन, बेंड्स, हांडी और जॉइंट प्लेट्स
फेज़ 2 में स्वीकृत अतिरिक्त मोटर01 यूनिट (10 हॉर्स पावर क्षमता)
गांव को मिली कुल संचयी सहायताकुल 21,300 फुट पाइपलाइन तथा कुल 03 वाटर पंपिंग मोटरें
प्रशासनिक प्रतिक्रिया गतिअरदास के बाद मात्र 24 घंटे के भीतर राहत सामग्री की सुपुर्दगी

ग्रामीणों द्वारा राहत काफिले का ऐतिहासिक स्वागत और स्थानीय अनुभव

राहत सामग्री से लदे वाहनों का काफिला जैसे ही सिलाना गांव की सीमा में प्रविष्ट हुआ, वैसे ही संपूर्ण गांव के किसानों और बुजुर्गों में उत्साह देखा गया। ग्रामीणों ने हाथों में फूलों की मालाएं लेकर और ढोल-नगाड़ों की धुन पर सेवादारों और सामग्री का स्वागत किया। 

इसके बाद संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप (चित्र) के साथ एक विशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें ग्रामीण अपने ट्रैक्टरों के साथ शामिल हुए। यह काफिला गांव के शिव मंदिर के प्रांगण में पहुंचा, जहां एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

गांव के किसान राजेश, ताऊ जगबीर सिंह, संदीप और मंदिर कमेटी के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सरकारी व्यवस्था में तीन-चार दिनों तक ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर सोनीपत कार्यालयों के चक्कर काटने और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें मात्र 5 सरकारी पाइप मिले थे, जिनमें से 2 पाइप टूटे हुए थे। 

इसके विपरीत, संत रामपाल जी महाराज के दरबार में परसों प्रार्थना लगाने के बाद कल ही ड्रोन से सर्वे हो गया और आज 7,800 फुट पाइप गांव पहुंच गए। ग्रामीणों ने इस त्वरित कार्यप्रणाली को देखते हुए संत रामपाल जी महाराज को साक्षात परोपकारी और मसीहा के रूप में स्वीकार किया।

सिलाना का स्थाई कृषि पुनरुद्धार और आर्थिक खुशहाली का मार्ग

संत रामपाल जी महाराज ने सिलाना गांव को स्थाई रूप से 21,300 फुट लंबी पाइपलाइन और 3 शक्तिशाली मोटरें प्रदान कर यहां के ऐतिहासिक जल संकट को स्थाई रूप से समाप्त कर दिया है। इस विस्तृत और आधुनिक भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क के पूरी तरह क्रियाशील होने से खेतों में जमा होने वाला बाढ़ का पानी ड्रेन नंबर आठ में आसानी से प्रवाहित हो जाएगा। 

इसके परिणामस्वरूप खेतों की मिट्टी खराब होने से बचेगी और किसान समय पर अपनी फसलों की बुवाई कर सकेंगे। फसलों का लगातार होने वाला नुकसान रुकने से किसानों को घर खर्च चलाने के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा, जिससे उनके पुराने कर्ज भी उतरेंगे और सिलाना गांव आर्थिक रूप से पूरी तरह समृद्ध और खुशहाल बनेगा।

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