हरियाणा के जिला हांसी के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण आंचल में विकास और जनसेवा का एक नया अध्याय उस समय जुड़ा जब गांव कुंभा की वर्षों पुरानी और गंभीर समस्याओं का समाधान हुआ। इस संबंध में गांव के सरपंच योगेश (जिन्होंने अपना परिचय योगेश दलाल भी दिया) तथा अन्य ग्रामीणों ने विस्तार से जानकारी साझा की। गांव में मुख्य रूप से दो बड़ी समस्याएं विकराल रूप धारण किए हुए थीं-प्रथम, बरसात के मौसम में खेतों में भारी जलभराव होना जिससे सैकड़ों एकड़ उपजाऊ फसलें हर वर्ष प्रभावित या नष्ट हो जाती थीं; और द्वितीय, गांव के जोहड़ों में साल भर पशुओं के पीने के लिए पानी उपलब्ध न रहना क्योंकि नहर का पानी वहां तक पहुंचाने का कोई स्थाई साधन नहीं था। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि यह समस्याएं जन्मजात यानी दशकों पुरानी थीं और शासन-प्रशासन के स्तर पर कई बार गुहार लगाने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल पाया था।
ग्रामीणों की पुकार पर संत रामपाल जी महाराज द्वारा त्वरित संज्ञान और सर्वेक्षण
इन विकट परिस्थितियों से त्रस्त होकर ग्राम पंचायत ने किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज दो के तहत जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। प्रार्थना मिलने के मात्र 24 घंटे के भीतर संत रामपाल जी महाराज के आदेश से तकनीकी सर्वे टीम गांव कुंभा पहुंच गई। ड्रोन व सैटेलाइट मैपिंग के माध्यम से पूरे क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया गया और जलभराव वाले क्षेत्रों तथा जोहड़ों तक पानी पहुंचाने वाले रूट की सटीक पैमाइश की गई। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार गांव के लिए कुल 22,000 फीट लंबी 8 इंच पाइपलाइन तथा तीन 10 एचपी मोटरों की आवश्यकता निर्धारित की गई। इस पूरी प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया गया कि एक पाइपलाइन नहर से गांव के जोहड़ों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए हो तथा अन्य दो पाइपलाइनें खेतों से जलभराव के पानी की निकासी के लिए लगाई जाएं।
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ग्राम कुंभा, हांसी (हरियाणा) में संकट मोचन बने संत रामपाल जी महाराज
जब भी ग्रामीण क्षेत्रों पर कोई प्राकृतिक आपदा या विकट संकट आता है, तो क्षेत्र के लोग संत रामपाल जी महाराज की शरण में पहुंचते हैं। गांव कुंभा के मामले में भी यही देखने को मिला जब सरपंच और ग्रामीण अपनी पीड़ा लेकर संत रामपाल जी महाराज के दरबार में पहुंचे। शासन और प्रशासन के चक्कर काटकर थक चुके ग्रामीणों को जब कहीं से कोई उम्मीद नजर नहीं आई, तब उन्होंने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष अर्जी लगाई। संत रामपाल जी महाराज ने बिना किसी विलंब के तुरंत अपनी सर्वे टीम को मैदान में उतारा और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सामग्री स्वीकृति प्रदान कर दी। गांव के लोगों का कहना है कि संत रामपाल जी महाराज ने जिस गति से और जिस तत्परता से उनकी सुध ली है, वैसा चमत्कारिक कार्य केवल जगत उद्धारक संत रामपाल जी महाराज ही कर सकते हैं।
गांव कुंभा में राहत सामग्री की आपूर्ति और तकनीकी विवरण
सर्वे रिपोर्ट स्वीकृत होने के पश्चात किसान मजदूर बचाओ अभियान के तहत संत रामपाल जी महाराज के आदेश से दर्जनों गाड़ियों में भरकर राहत सामग्री गांव कुंभा पहुंचाई गई। प्राप्त विवरण के अनुसार गांव के लिए कुल 22,000 फीट 8 इंच पीवीसी पाइपलाइन, तीन 10 एचपी की मोटरें (करमटन या क्रॉम्पटन/क्लॉस्कर जैसी उच्च गुणवत्ता की), तथा पाइपलाइन की स्थापना से संबंधित समस्त आवश्यक एक्सेसरीज जैसे फेविकोल, एयर वाल, प्लेट बैंड, नट बोल्ट, चेन, क्लिप और अन्य छोटे-बड़े उपकरण ग्राम पंचायत को आधिकारिक रूप से हैंडओवर किए गए। पंचायत और ग्रामीणों को यह निर्देश भी दिए गए कि पाइपलाइन को पूरी सावधानी से भूमिगत दबाने के पश्चात जब कार्य पूर्ण हो जाएगा, तब टीम पुनः निरीक्षण कर शेष प्रक्रिया पूरी करेगी।
आवश्यक राहत सामग्री एवं तकनीकी पैमाइश का विवरण
| विवरण का प्रकार | मात्रा एवं तकनीकी विशिष्टता | उद्देश्य एवं कार्यक्षेत्र |
| कुल पाइपलाइन | 22,000 फीट (8 इंच पीवीसी पाइप) | नहर से जोहड़ तक तथा खेतों के जलभराव की निकासी हेतु |
| पेयजल पाइपलाइन (जोहड़ हेतु) | लगभग 11,500 फीट (साढ़े तीन किलोमीटर) | नहर से गांव के तालाबों तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना |
| जल निकासी पाइपलाइन (खेतों हेतु) | लगभग 10,500 फीट (तीन किलोमीटर) | बाढ़ग्रस्त खेतों (लगभग 60-70 एकड़ भूमि) से पानी निकालना |
| पंप मोटर | 3 यूनिट (प्रत्येक 10 एचपी क्षमता) | जल प्रवाह और निकासी को गति देने हेतु |
| सहायक सामग्री (Accessories) | एयर वाल, फेविकोल, प्लेट, नट, बोल्ट, क्लिप आदि | पाइपलाइन को सुरक्षित और लीकेज-मुक्त जोड़ने हेतु |
संत रामपाल जी महाराज के अभियानों से बदली ग्रामीण तस्वीर
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान’ और ‘पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान’ के माध्यम से आज देश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। गांव कुंभा में भी इन दोनों अभियानों के सफल क्रियान्वयन से एक तरफ जहां किसानों के खेतों से बाढ़ का पानी निकल रहा है और उनकी बर्बाद होती फसलें बच रही हैं, वहीं दूसरी तरफ मवेशियों और पशुधन के लिए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। ग्रामीणों और सरपंच ने एक स्वर में कहा कि संत रामपाल जी महाराज ने उनकी पीढ़ियों पुरानी समस्या का अंत कर दिया है और गांव में मानो सतयुग जैसी खुशहाली का संचार कर दिया है।
संत रामपाल जी महाराज के शरण में आकर हर संकट का होता है निवारण
यह स्पष्ट होता है कि हांसी जिला के गांव कुंभा के ग्रामीणों के लिए संत रामपाल जी महाराज साक्षात संकटमोचन बनकर प्रकट हुए हैं। दशकों से जलभराव और पशुओं के पेयजल जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे इस ग्रामीण आंचल ने जब शासन-प्रशासन से निराश होकर जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के शरण में अर्जी लगाई, तो मात्र 24 घंटे के भीतर उनकी पीढ़ियों पुरानी समस्याओं का स्थाई समाधान हो गया। संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान’ और ‘पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान’ के तहत गांव में 22,000 फीट लंबी पाइपलाइन, तीन 10 एचपी मोटर और आवश्यक सहायक सामग्री का त्वरित वितरण इस बात का प्रमाण है कि संत रामपाल जी महाराज के दरबार में आने वाले हर दीन-दुखी और जरूरतमंद की पुकार पर तुरंत सहायता पहुंचती है। इस अद्भुत कृपा और त्वरित सेवा कार्य से पूरे गांव में खुशहाली और सतयुग जैसी सकारात्मकता लौट आई है, जिससे ग्रामीण संत रामपाल जी महाराज के चरणों में बारंबार कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे हैं।



