गाँव बाँय, चूरू (राजस्थान) को किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़‌ 2 के तहत संत रामपाल जी महाराज ने दी बाढ़ राहत सहायता

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राजस्थान के चूरू जिले की तारानगर तहसील स्थित गाँव बाँय, जो कई दशकों से गंभीर जलभराव की समस्या से जूझ रहा था, उसे किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत सहायता प्रदान की गई है। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के निर्देश पर किए गए विस्तृत सर्वे के बाद गाँव की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 17,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन, तीन 20 एचपी मोटर तथा आवश्यक एक्सेसरीज़ उपलब्ध कराई गईं। ग्रामीणों और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी प्रार्थना और सर्वे के कुछ ही दिनों के भीतर सहायता को स्वीकृति मिल गई।

गाँव बाँय बाढ़ राहत: किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 की प्रमुख बातें

  • राजस्थान के चूरू जिले की तारानगर तहसील स्थित गाँव बाँय कई वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहा था।
  • ग्रामीणों ने स्थायी जल निकासी व्यवस्था के लिए तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रार्थना रखी।
  • उनके निर्देश पर सर्वे टीम ने गाँव का निरीक्षण कर प्रभावित क्षेत्रों का अध्ययन किया।
  • सर्वे में 17,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन और तीन 20 एचपी मोटरों की आवश्यकता बताई गई।
  • किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने आवश्यक सामग्री और सभी ज़रूरी एक्सेसरीज़ उपलब्ध कराईं।
  • ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी प्रार्थना के कुछ ही समय बाद यह सहयोग मिला।

ग्रामीणों ने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के समक्ष रखी अपनी प्रार्थना

ग्रामीणों के अनुसार, वर्षों से जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए उन्होंने विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए, लेकिन उन्हें कोई स्थायी राहत नहीं मिली। लगातार परेशानी का सामना करने के बाद ग्राम पंचायत बाँय के प्रतिनिधि तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में पहुँचे और गाँव में स्थायी जल निकासी व्यवस्था स्थापित करने के लिए सहायता का अनुरोध किया। प्रारंभिक रूप से उन्होंने लगभग 20,000 फीट पाइपलाइन और तीन मोटरों की मांग रखी।

दशकों से जलभराव की समस्या से जूझ रहा था गाँव बाँय

गाँव बाँय चूरू जिले की तारानगर तहसील के निचले क्षेत्र में स्थित है। बरसात के दौरान ऊँचे जलस्तर और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गाँव तथा आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय तक पानी जमा रहता था।

ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित होता था। कई स्थानों पर रास्तों की पहचान करना भी कठिन हो जाता था। जलभराव से अनेक घर प्रभावित होते थे और कई परिवारों के लिए भोजन बनाना भी मुश्किल हो जाता था। स्थानीय प्रतिनिधियों के अनुसार, बरसात के समय लगभग 300 से 400 घर जलभराव से प्रभावित होते थे।

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पूर्व सरपंच बहादुर सिंह ने बताया कि टाडा मोहल्ला, चांदनी चौक, वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय क्षेत्र तथा गाँव के पूर्वी हिस्से में जलभराव की समस्या सबसे अधिक थी।

तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के निर्देश पर हुआ विस्तृत सर्वे

ग्रामीणों की प्रार्थना प्राप्त होने के बाद तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए।

सर्वे टीम ने जलभराव वाले क्षेत्रों, जल निकासी मार्गों और तकनीकी आवश्यकताओं का विस्तृत निरीक्षण किया। सर्वे के दौरान पाया गया कि गाँव बाँय में लगभग 1,800 से 2,000 घर हैं तथा बरसात के समय पानी ज़मीन में नहीं समा पाता, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। सर्वे के अनुसार स्थायी जल निकासी व्यवस्था के लिए निम्नलिखित आवश्यकता निर्धारित की गई—

आवश्यकताविवरण
पाइपलाइन17,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन
मोटरतीन 20 एचपी मोटर
जल निकासी बिंदुतीन प्रमुख निकासी बिंदु

सर्वे टीम के प्रतिनिधियों ने बताया कि एक प्रमुख बिंदु पर दो 20 एचपी मोटर तथा दूसरे बिंदु पर एक 20 एचपी मोटर स्थापित करने की योजना बनाई गई। ग्रामीणों ने पानी निकासी के लिए निर्धारित स्थानों पर बड़े गड्ढे (ड्रेनेज पिट) भी चिन्हित किए।

फेज़ 2 के तहत उपलब्ध कराई गई पूरी सामग्री

सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत सहायता को स्वीकृति प्रदान की।

ग्राम पंचायत बाँय को उपलब्ध कराई गई सामग्री में शामिल हैं—

  • 17,000 फीट 8 इंच पाइपलाइन
  • तीन 20 एचपी मोटर
  • स्टार्टर
  • एयर वाल्व
  • रेड्यूसर
  • बैंड
  • प्लेट
  • नट-बोल्ट
  • चेन
  • वायरिंग सामग्री
  • फेविकोल
  • क्लिप
  • जल निकासी व्यवस्था के लिए आवश्यक अन्य सभी एक्सेसरीज़

हैंडओवर के दौरान सेवा दल के सदस्यों ने बताया कि पाइपलाइन और मोटरों की स्थापना के लिए आवश्यक प्रत्येक सामग्री साथ में उपलब्ध कराई गई है।

राहत सामग्री पहुँचने पर गाँव में हुआ भव्य स्वागत

जब सहायता सामग्री गाँव बाँय पहुँची तो ग्रामीणों ने उसका भव्य स्वागत किया।

फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और स्वागत जुलूस के साथ राहत दल का अभिनंदन किया गया। उपस्थित लोगों के अनुसार, इस अवसर पर हिंदू और मुस्लिम सहित विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक साथ भाग लिया।

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बड़ी संख्या में ग्रामीण राहत सामग्री प्राप्त करने के लिए एकत्र हुए। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्षों से जलभराव की समस्या से परेशान गाँव के लोगों के लिए यह राहत का अवसर था।

ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने साझा किए अपने विचार

ग्राम पंचायत के सरपंच इकबाल खान ने बताया कि बरसात के दौरान घरों में पानी भर जाने से लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो जाता था। इसी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रार्थना रखी। उन्होंने बताया कि प्रार्थना स्वीकार होने के बाद सर्वे टीम शीघ्र गाँव पहुँची और कुछ ही दिनों में सहायता सामग्री भी उपलब्ध करा दी गई।

इकबाल खान ने यह भी कहा कि उनकी यात्रा के दौरान उन्हें धर्म के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव दिखाई नहीं दिया। उन्होंने “जीव हमारी जाति, मानव धर्म हमारा” संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ मानवता को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है।

पूर्व सरपंच बहादुर सिंह ने कहा कि वर्षों तक विभिन्न माध्यमों से समस्या के समाधान का प्रयास किया गया, लेकिन स्थायी सफलता नहीं मिली। उनके अनुसार, अब स्वीकृत पाइपलाइन और मोटरों से गाँव के घरों और सड़कों पर जलभराव की पुरानी समस्या के समाधान की उम्मीद है।

ग्रामीणों ने साझा किए अपने अनुभव

ग्रामीणों ने बताया कि यह सहायता उस समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे वे दशकों से जूझ रहे थे।

उन्होंने बताया कि पहले बरसात के दौरान चारों ओर पानी भर जाने से सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता था। कई बार लगातार कई दिनों तक भोजन बनाना भी संभव नहीं हो पाता था।

कई ग्रामीणों ने कहा कि तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रार्थना रखने के बाद सर्वे, स्वीकृति और सहायता की पूरी प्रक्रिया उनकी अपेक्षा से कहीं अधिक तेजी से पूरी हुई।

कुछ मुस्लिम ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने वहाँ किसी धर्म या समुदाय के आधार पर भेदभाव नहीं देखा। उनके अनुसार, वहाँ सभी को समान रूप से मानवता के आधार पर सम्मान दिया जाता है।

ग्रामीणों ने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सेवा कार्यों, जैसे ज़रूरतमंदों को आवास, शिक्षा, भोजन सहायता तथा आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों की सहायता का भी उल्लेख किया और उम्मीद जताई कि ऐसे जनकल्याणकारी कार्य आगे भी जारी रहेंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि नई जल निकासी व्यवस्था से बरसात के दौरान होने वाले जलभराव में स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

बेहतर जल निकासी व्यवस्था की ओर बढ़ता गाँव बाँय

ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई पाइपलाइन और मोटर प्रणाली से गाँव में जल निकासी व्यवस्था मज़बूत होगी तथा बरसात के दौरान होने वाली परेशानियाँ कम होंगी। ग्रामीणों ने आशा व्यक्त की कि किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत स्थापित की जा रही यह व्यवस्था गाँव बाँय को लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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