गौसेवा के लिए विभिन्न राज्यों से गौशाला समितियों के प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज जी से की मुलाकात

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राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के रामगढ़, चैनपुरा और जनाना गांवों से गौशाला समितियों के प्रतिनिधि तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से सतलोक आश्रम श्री धनाना धाम मिलने पहुंचे। वहीं हरियाणा के रोहतक के खरैंटी गांव, फतेहाबाद क्षेत्र के पारता गांव और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से भी प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। बातचीत में गौशालाओं के लिए चारे की व्यवस्था, शेड की ज़रूरत और विभिन्न सेवा कार्यों का उल्लेख किया गया।

गौशाला सेवा से जुड़ी पांच प्रमुख मुलाकातें

  • रामगढ़, हनुमानगढ़, राजस्थान: गौशाला समिति के करीब 60 लोग पहुंचे और 600 क्विंटल सूखा चारा मिलने पर धन्यवाद दिया।
  • चैनपुरा, नोहर, हनुमानगढ़: गौशाला प्रतिनिधियों ने चारे और एक शेड की आवश्यकता बताई।
  • जनाना, भादरा, हनुमानगढ़: सरपंच, गौशाला अध्यक्ष और अन्य प्रतिनिधियों ने चारे की उपलब्धता तथा आगे की ज़रूरत बताई।
  • पारता, फतेहाबाद हरियाणा: गौशाला प्रधान ने पहले की मुलाकात और गौशाला से जुड़ी मांग का उल्लेख किया।
  • टीकमगढ़, मध्य प्रदेश: सरपंच प्रतिनिधि ने गौशाला निर्माण और अन्य नेक कार्यों की सराहना की।

रामगढ़ से 60 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा

हनुमानगढ़, राजस्थान के रामगढ़ गांव की गौशाला समिति से करीब 60 लोग तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से मिलने पहुंचे। बातचीत में बताया गया कि गौशाला के लिए 600 क्विंटल सूखा चारा पहुंच चुका है। समिति की ओर से चारा मिलने पर धन्यवाद व्यक्त किया गया।

प्रतिनिधियों ने चारे की गुणवत्ता को भी अच्छा बताया। आगे चारे की ज़रूरत पड़ने पर पहले सूचना देने की बात हुई। बातचीत में अगले महीने के सूखे चारे की व्यवस्था के लिए कुछ दिन पहले, करीब 10 दिन पहले सूचना देने का उल्लेख किया गया।

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समिति के प्रतिनिधियों में प्रधान और सरपंच सहित गौसेवक शामिल होने की बात कही गई। बातचीत के दौरान गौशाला से संबंधित शेड बनाने और उन्हें नंबर के अनुसार उपलब्ध कराने की चर्चा भी हुई। करीब 200 सेट की मांग होने तथा फिलहाल 50 सेटों पर काम चलने की जानकारी दी गई। आगे नंबर आने पर सेट बढ़ाने की बात कही गई।

चैनपुरा समिति ने चारे और शेड की ज़रूरत बताई

दूसरी मुलाकात हनुमानगढ़ जिले के चैनपुरा, नोहर से आए गौशाला प्रतिनिधियों की रही। प्रतिनिधियों ने बताया कि वे पूरे गांव की ओर से तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के मान-सम्मान के लिए पहुंचे हैं। बातचीत में राजस्थान के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में गौसेवा के लिए सूखा चारा उपलब्ध कराने के कार्य का उल्लेख किया गया। प्रतिनिधियों ने गौशाला के लिए चारे की आवश्यकता के साथ एक शेड की ज़रूरत भी बताई।

चारे की व्यवस्था करने और शेड बनवाने की बात कही गई। प्रतिनिधियों को बताया गया कि चारा जल्दी भिजवाया जाएगा। आगे चारा खत्म होने से करीब चार-पांच दिन पहले सूचना देने पर फिर व्यवस्था करने की बात भी सामने आई। बातचीत में गौमाता को भूखा नहीं रहने देने की बात कही गई।

जनाना से सरपंच और गौशाला अध्यक्ष पहुंचे

हनुमानगढ़ जिले के जनाना गांव, भादरा तहसील से सरपंच, गौशाला अध्यक्ष और अन्य प्रतिनिधि पहुंचे। प्रतिनिधियों ने गरीबों, किसानों और मज़दूरों के लिए किए जा रहे सेवा कार्यों का उल्लेख किया। बातचीत में बाढ़ पीड़ितों के लिए किए गए कार्य, अन्नपूर्णा और राजस्थान में गौमाता के लिए चारा भेजने का भी जिक्र हुआ।

प्रतिनिधियों ने बताया कि राजस्थान में कम बारिश और कठिन परिस्थितियों के बीच गौशालाओं में चारे की कमी की स्थिति बनी थी। बातचीत के दौरान यह भी कहा गया कि कुछ गौशालाओं में चारा नहीं पहुंचता तो कुछ दिनों बाद गायों को बाहर छोड़ने की स्थिति आ सकती थी। जनाना से आए प्रतिनिधियों ने चारा मिलने की बात कही। आगे भी ज़रूरत होने पर दोबारा मांग देने और चारा खत्म होने से करीब चार-पांच दिन पहले सूचना देने को कहा गया।

खरैंटी के ग्रामवासी बोले, सेवा कार्यों से पूरा गांव खुश

रोहतक, हरियाणा के खरैंटी गांव से आए ग्रामवासी ने तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से मुलाकात के दौरान उनके सेवा कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सेवा कार्यों से पूरा गांव खुश है। इस दौरान उन्होंने तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से आशीर्वाद भी मांगा।

पारता से दूसरी बार पहुंचे गौशाला प्रधान

फतेहाबाद, हरियाणा के पारता गांव से आए गौशाला प्रधान ने बताया कि वे पहले भी तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से मिलने आ चुके हैं और यह उनकी दूसरी यात्रा है। उनके अनुसार पहली बार करीब 20-25 दिन पहले लगभग 14-15 लोग आए थे और गौशाला से संबंधित एक मांग रखी गई थी।

प्रतिनिधि ने बताया कि इस बार वे पूरी बस भरकर पहुंचे। बातचीत में गांव की ज़रूरतों और गौशाला से जुड़ी मांग का उल्लेख हुआ। उन्होंने करीब 100 किलोमीटर की दूरी से आने की बात भी कही। बातचीत के दौरान संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों तथा विवाह करवाने के कार्य का भी उल्लेख किया गया।

यह भी पढ़ें: किसानों, गौशालाओं और शहीद परिवारों को लेकर संत रामपाल जी महाराज से महानुभावों ने की विशेष मुलाकात

टीकमगढ़ के सरपंच प्रतिनिधि ने की नेक कार्यों की सराहना

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से सरपंच प्रतिनिधि भी पहुंचे। बातचीत में उन्होंने अपने क्षेत्र और जतारा विधानसभा से संबंधित होने का उल्लेख किया। उन्होंने गौशाला बनवाने की बात कही, जिसे बातचीत में अच्छी पहल बताया गया।

टीकमगढ़ से आए प्रतिनिधि ने तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के नेक कार्यों की सराहना की। बातचीत में लंबे प्रयास के बाद यहां पहुंचने और सरपंच के आने से संबंधित चर्चा भी हुई।

छह स्थानों से आए प्रतिनिधियों की मुख्य बातें

स्थानराज्यमुख्य विषय
रामगढ़, हनुमानगढ़राजस्थान600 क्विंटल सूखा चारा मिलने पर गौशाला समिति ने धन्यवाद दिया और आगे की चारे की व्यवस्था पर चर्चा हुई।
चैनपुरा, नोहर, हनुमानगढ़राजस्थानगौशाला के लिए चारे की आवश्यकता बताई गई और एक शेड की मांग रखी गई।
जनाना, भादरा, हनुमानगढ़राजस्थानगौशाला में चारा मिलने की बात कही गई और आगे जरूरत होने पर दोबारा मांग देने की बात हुई।
पारता, फतेहाबादहरियाणागौशाला प्रधान ने दूसरी बार मुलाकात, पहले रखी गई मांग और गौशाला से जुड़ी जरूरतों का उल्लेख किया।
टीकमगढ़मध्य प्रदेशसरपंच प्रतिनिधि ने गौशाला निर्माण और तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के नेक कार्यों की सराहना की।
खरैंटी, रोहतकहरियाणाग्रामवासी ने कहा कि तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के सेवा कार्यों से पूरा गांव खुश है।

इन छह मुलाकातों में बातचीत का प्रमुख केंद्र गौशालाओं की ज़रूरतें, चारे की उपलब्धता, शेड की आवश्यकता और सेवा कार्य रहे। अलग-अलग स्थानों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी गौशालाओं से संबंधित आवश्यकताओं और अनुभवों का उल्लेख किया।

सेवा कार्यों का प्रतिनिधियों ने किया उल्लेख

बातचीत के दौरान अलग-अलग प्रतिनिधियों ने सेवा से संबंधित कई कार्यों का उल्लेख किया। गांवों के प्रतिनिधियों ने बाढ़ पीड़ितों, अन्नपूर्णा और राजस्थान में गौमाता के लिए चारा भेजे जाने की बात कही। पारता से आए प्रतिनिधि ने विवाह करवाने सहित अन्य सेवा कार्यों का उल्लेख किया। टीकमगढ़ के प्रतिनिधि ने गौशाला निर्माण और नेक कार्यों की सराहना की।

वहीं रामगढ़ और चैनपुरा के प्रतिनिधियों की बातचीत मुख्य रूप से गौशाला के लिए चारे की उपलब्धता, आगे की ज़रूरत और शेड से संबंधित रही।

गौशाला सेवा को लेकर प्रतिनिधियों की मुलाकात

राजस्थान के तीन गांवों, हरियाणा के खरैंटी गांव, पारता और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से आए प्रतिनिधियों की इन मुलाकातों में गौशाला सेवा से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जानकारी सामने आई। चारे की उपलब्धता, भविष्य की ज़रूरत, शेड और गौशाला निर्माण जैसे विषय बातचीत का हिस्सा रहे। प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों की स्थिति और आवश्यकताओं के बारे में अपनी बात रखी।

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