राजस्थान राज्य के चूरू जिले के अंतर्गत आने वाले भीमसाना गाँव में नौ गाँवों की सांझा श्री श्याम गौशाला संचालित की जा रही है। इस गौशाला के संबंध में गौशाला कमेटी के प्रधान विजय सिंह जी द्वारा जानकारी दी गई है कि इस गौशाला में कुल चार सौ सैंतीस गौवंश की देखभाल की जा रही है। इस गौशाला की स्थापना प्रारंभिक चरण में दस गायें लाकर एक शेड के निर्माण से की गई थी जो एक वर्ष तक संचालित हुआ, जिसके पश्चात नौ गाँवों के सहयोग से इसे विस्तृत रूप दिया गया।
गौशाला में चारे का गंभीर संकट एवं स्थानीय विवशता
कुछ समय पूर्व इस गौशाला में सूखे चारे का भंडार लगभग समाप्त हो चुका था और स्थानीय स्तर पर भी पर्याप्त चारा उपलब्ध नहीं था। किसानों और जमींदारों के पास सूखा चारा न होने के कारण गौशाला का संचालन अत्यंत कठिन हो गया था। चारे के अभाव में गौवंश के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिसके कारण गौशाला कमेटी और ग्रामीणों को बाहरी सहायता की आवश्यकता महसूस हुई।
धनाना धाम में प्रार्थना एवं संत रामपाल जी महाराज द्वारा त्वरित निर्देश
चारे के संकट के समाधान हेतु भीमसाना गाँव से करीब चालीस ग्रामीण और कमेटी सदस्य धनाना धाम पहुँचे और संत रामपाल जी महाराज के समक्ष औपचारिक प्रार्थना प्रस्तुत की। संत रामपाल जी महाराज ने इस प्रार्थना पर तत्काल संज्ञान लिया और सूखा चारा उपलब्ध कराने का आदेश जारी किया। संत रामपाल जी महाराज के निर्देश के पश्चात कुछ ही दिनों के भीतर गौशाला तक चारे की आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
750 क्विंटल चारे की आपूर्ति एवं वाहनों का काफिला
- संत रामपाल जी महाराज के आदेश से लगभग सात सौ पचास क्विंटल से अधिक सूखा चारा गौशाला तक पहुँचाया गया।
- गौशाला कमेटी के अनुसार प्राप्त चारे की कुल मात्रा आठ सौ क्विंटल के लगभग आँकी गई है।
- चारे की यह बड़ी खेप दस से बारह बड़े वाहनों और ट्रैक्टरों के माध्यम से भीमसाना गौशाला में पहुँचाई गई।
- पिछले पंद्रह दिनों से लगातार प्रतिदिन देश की विभिन्न गौशालाओं में संत रामपाल जी महाराज द्वारा चारा प्रेषित किया जा रहा है।
ग्रामीणों द्वारा भव्य स्वागत समारोह एवं अन्य क्षेत्रों में सहायता
- हजारों की संख्या में ग्रामीण, माताएँ, बहनें, बुजुर्ग और युवा सुबह सात बजे से अपने काम-धंधे छोड़कर गाँव के बाहर एकत्रित हुए।
- संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप पर फूल-मालाएँ अर्पित की गईं और तिलक लगाकर स्वागत किया गया।
- स्वागत समारोह के दौरान रंगोली सजाई गई और गुलाल उड़ाया गया।
- राजस्थान और हरियाणा के अन्य क्षेत्रों जैसे दुमकी, लील की भीड़ (इक्कीस गाँवों की गौशाला), देवगढ़ और बाएं की गौशालाओं में भी इसी प्रकार सहायता प्रेषित किए जाने का उल्लेख किया गया।
- पूर्व में हरियाणा में बाढ़ के दौरान संत रामपाल जी महाराज द्वारा पंप और पाइप भेजकर पानी की निकासी के प्रबंध किए जाने की बात भी सामने आई।
गौवंश संरक्षण के साथ सामाजिक सुधार एवं आध्यात्मिक संदेश
- संत रामपाल जी महाराज द्वारा समाज में मांस, मीट और मदिरा के सेवन का त्याग करने तथा नशे के बढ़ते प्रकोप को रोकने का संदेश दिया जा रहा है।
- पवित्र वेदों के प्रमाणों के आधार पर ‘ज्ञान गंगा’ और ‘जीने की राह’ जैसी सैकड़ों पुस्तकों के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान प्रसारित किया जा रहा है।
- कबीर भगवान की सृष्टि रचना और सतलोक प्राप्ति के मार्ग को अपनाकर धरातल पर सतयुग जैसा माहौल सृजित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
श्री श्याम गौशाला भीमसाना सहायता विवरण तालिका
| विवरण बिन्दु | तथ्य एवं आँकड़े |
| स्थान एवं जिला | भीमसाना, चूरू, राजस्थान |
| गौशाला का नाम | नौ गाँवों की सांझा श्री श्याम गौशाला |
| संरक्षित गौवंश संख्या | 437 |
| प्रेषित चारे की मात्रा | 750 क्विंटल से अधिक (लगभग 800 क्विंटल) |
| प्रेषित वाहन संख्या | 10 से 12 वाहन एवं ट्रैक्टर |
| सेवा प्रदाता | संत रामपाल जी महाराज |
भीमसाना गौशाला में चारे की पूर्ण उपलब्धता एवं स्थायी समाधान
संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रेषित इस सात सौ पचास क्विंटल से अधिक चारे के माध्यम से भीमसाना की श्री श्याम गौशाला में चारे की समस्या का पूर्ण समाधान हो गया है। चार सौ सैंतीस गौवंश के लिए भोजन की पर्याप्त व्यवस्था होने से गौवंश को चारे के संकट से मुक्ति मिल गई है। विभिन्न गाँवों के ग्रामीणों और प्रबंधकों द्वारा संत रामपाल जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त किया गया ।



