संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत झज्जर के गांव भिंडावास को मिली बाढ़ राहत सहायता

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हरियाणा के जिला झज्जर की तहसील मातनहेल स्थित गांव भिंडावास, जहां किसान पिछले लगभग 20 से 30 वर्षों से गंभीर जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं, वहां किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत सहायता उपलब्ध कराई गई है। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट मैपिंग और मौके पर विस्तृत निरीक्षण के बाद ग्राम पंचायत को पाइपलाइन सामग्री और उससे संबंधित आवश्यक एक्सेसरीज़ उपलब्ध कराई गईं, ताकि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित की जा सके।

ग्राम पंचायत भिंडावास वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की प्रार्थना लेकर तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में पहुंची थी। पंचायत के अनुसार, गांव के तीन प्रमुख स्थानों पर बरसात के दौरान भारी जलभराव होता था, जिससे कृषि भूमि प्रभावित होती थी और किसानों को बार-बार फसल नुकसान का सामना करना पड़ता था। प्रार्थना प्राप्त होने के बाद उनके निर्देशानुसार सर्वे टीम को गांव भेजा गया, जिसने स्थिति का विस्तृत आकलन किया।

किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत भिंडावास बाढ़ राहत: प्रमुख बिंदु

मुख्य बिंदुविवरण
गांवभिंडावास, तहसील मातनहेल, जिला झज्जर (हरियाणा)
अभियानकिसान मजदूर बचाओ अभियान फेज 2
प्रमुख समस्यालगभग 20–30 वर्षों से जलभराव
प्रभावित क्षेत्रलगभग 1,000–1,300 एकड़ कृषि भूमि
सर्वे की प्रक्रियाड्रोन सर्वे, सैटेलाइट मैपिंग और भौतिक निरीक्षण
जलभराव वाले प्रमुख स्थान3
स्वीकृत पाइपलाइनलगभग 3,100 फीट, 8 इंच पाइपलाइन
स्वीकृत मोटरदो 10 एचपी तथा एक 20 एचपी मोटर
उपलब्ध कराई गई सहायतापाइपलाइन सामग्री एवं आवश्यक एक्सेसरीज

करीब तीन दशकों से किसानों के लिए चुनौती बना हुआ था जलभराव

ग्रामीणों के अनुसार, गांव भिंडावास पिछले लगभग 20 से 30 वर्षों से गंभीर जलभराव की समस्या का सामना कर रहा है। गांव के आसपास स्थित झील, नहरों और जल निकासी स्रोतों के ओवरफ्लो होने के कारण बरसात के मौसम में बड़ी मात्रा में पानी खेतों में भर जाता था।

ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष लगभग 1,000 से 1,300 एकड़ कृषि भूमि जलभराव से प्रभावित होती थी। कई स्थानों पर चार से पांच महीने तक पानी भरा रहने से धान, बाजरा, गेहूं सहित अन्य फसलें खराब हो जाती थीं। किसानों का कहना था कि कई क्षेत्रों में रबी की बुवाई तक संभव नहीं हो पाती थी, जिसके कारण उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।

ग्राम पंचायत ने स्थायी समाधान के लिए की प्रार्थना

ग्राम पंचायत ने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज को अवगत कराया कि गांव के तीन प्रमुख क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष बरसात के दौरान भारी जलभराव होता है। पंचायत ने स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने के लिए पाइपलाइन और मोटरों की सहायता का अनुरोध किया।

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प्रार्थना प्राप्त होने के बाद उन्होंने सर्वे टीम को गांव भेजने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान टीम ने ग्राम पंचायत और किसानों से समस्या की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

ड्रोन सर्वे और सैटेलाइट मैपिंग से तैयार हुई विस्तृत रिपोर्ट

वास्तविक आवश्यकता का सटीक आकलन करने के लिए सर्वे टीम ने निम्न माध्यमों से विस्तृत सर्वे किया—

  • ड्रोन सर्वे
  • सैटेलाइट मैपिंग
  • भौतिक निरीक्षण

सर्वे में पाया गया कि गांव के तीन अलग-अलग स्थानों से जल निकासी की व्यवस्था बनाना आवश्यक है।

सर्वे के आधार पर लगभग निम्न आवश्यकता दर्ज की गई—

  • 3,100 फीट 8 इंच पाइपलाइन
  • दो 10 एचपी मोटर
  • एक 20 एचपी मोटर

इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रस्तुत की गई।

ग्राम पंचायत को सौंपी गई पाइपलाइन सामग्री और आवश्यक एक्सेसरीज

सर्वे रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत ग्राम पंचायत को सहायता उपलब्ध कराई गई।

इस सहायता में शामिल थे:-

  • लगभग 3,100 फीट 8 इंच पाइपलाइन
  • एयर वाल्व
  • नट-बोल्ट
  • बैंड
  • प्लेट
  • फेविकोल
  • पीवीसी पाइप
  • पाइपलाइन बिछाने के लिए आवश्यक अन्य एक्सेसरीज

प्रतिनिधियों ने बताया कि दो 10 एचपी तथा एक 20 एचपी मोटर भी स्वीकृत की गई हैं। ग्राम पंचायत को निर्देश दिए गए कि पहले पाइपलाइन को भूमिगत किया जाए। इसके बाद सर्वे टीम दोबारा निरीक्षण करेगी और उनके निर्देशानुसार मोटर ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराई जाएंगी।

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सहायता पहुंचने पर ग्रामीणों ने किया स्वागत

किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत सहायता गांव भिंडावास पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। कार्यक्रम से पहले मंगलाचरण किया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने फूल-मालाओं के साथ टीम का स्वागत किया और कार्यक्रम स्थल तक उनके साथ पहुंचे।

कई ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि वे वर्षों तक जनप्रतिनिधियों, सरकारी विभागों और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें स्थायी समाधान नहीं मिल सका।

ग्राम प्रतिनिधियों के अनुसार, तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना प्रस्तुत करने के बाद सर्वे प्रक्रिया तुरंत शुरू हो गई। विभिन्न ग्रामीणों ने बताया कि आश्रम से लौटने के कुछ ही समय बाद उन्हें सर्वे टीम के गांव पहुंचने की सूचना मिल गई। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को अत्यंत त्वरित बताया।

कई ग्रामीणों ने तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के प्रति अपनी आस्था भी व्यक्त की। उनका कहना था कि वे किसानों, गरीबों और ज़रूरतमंदों के हित में कार्य करते हैं तथा आवास, शिक्षा और सामाजिक सेवा जैसे कार्यों से समाज की सहायता कर रहे हैं। ग्रामीणों ने गांव को मिली सहायता के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

स्थायी राहत की उम्मीद जता रहे हैं ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित जल निकासी व्यवस्था से बरसात के दौरान खेतों में जमा होने वाले पानी की निकासी संभव होगी और हजारों एकड़ कृषि भूमि को जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है। उनका मानना है कि इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान में कमी आएगी।

ग्राम पंचायत ने भी पाइपलाइन सामग्री और संबंधित एक्सेसरीज़ प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए कहा कि आगे की प्रक्रिया सर्वे टीम के निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण पहल साबित होने की उम्मीद

भिंडावास, तहसील मातनहेल, जिला झज्जर (हरियाणा) में हुई यह पहल दर्शाती है कि ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट मैपिंग, विस्तृत निरीक्षण और समय पर उपलब्ध कराई गई सहायता को किसान मज़दूर बचाओ अभियान फेज़ 2 के तहत एक साथ लागू किया गया। ग्राम प्रतिनिधियों के अनुसार, तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार उपलब्ध कराई गई यह सहायता जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान, कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने की उम्मीद है।

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