फेज़ II: हरियाणा के अकालगढ़ गांव को तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की समय पर सहायता, सर्वे के बाद 9,000 फीट लंबी पाइपलाइन सौंपी गई

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हरियाणा के जींद जिले के अकालगढ़ गांव में गांव के तालाबों में लंबे समय से बनी पानी की कमी की समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। ग्रामीणों द्वारा सहायता की प्रार्थना किए जाने के बाद किसान मज़दूर बचाओ अभियान–Phase II के तहत सर्वे कराया गया। सर्वे के उपरांत स्वीकृति मिलने के 24 घंटे के भीतर ग्राम पंचायत को 9,000 फीट लंबी, 8 इंच व्यास की पाइपलाइन तथा उससे संबंधित सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि भिवानी ब्रांच नहर से गांव के तालाबों तक पानी पहुंचाया जा सके। सर्वे शुरू होने से पहले हरियाणा के जींद जिले के अकालगढ़ गांव के प्रतिनिधि, जिनमें ग्राम पंचायत के सदस्य भी शामिल थे, श्री धनाना धाम पहुंचे और तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के समक्ष सहायता की प्रार्थना प्रस्तुत की। उन्होंने गांव के तालाबों में पानी की गंभीर कमी से पशुधन के सामने उत्पन्न हो रही कठिनाइयों की जानकारी दी। इस पर संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत एक सर्वे टीम को मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

फेज़ II: अकालगढ़ गांव, जींद (हरियाणा) की प्रमुख बातें

  • अकालगढ़ गांव के ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज से सहायता की प्रार्थना की।
  • यह अनुरोध किसान मज़दूर बचाओ अभियान–फेज़ II के तहत किया गया।
  • गांव का निरीक्षण करने के लिए तुरंत सर्वे टीम भेजी गई।
  • सर्वे में लगभग 9,000 फीट पाइपलाइन की आवश्यकता पाई गई।
  • पाइपलाइन के माध्यम से भिवानी ब्रांच नहर को गांव के दोनों तालाबों से जोड़ने की योजना बनाई गई।
  • स्वीकृति मिलने के 24 घंटे के भीतर 9,000 फीट लंबी, 8 इंच व्यास की पाइपलाइन और संबंधित सामग्री ग्राम पंचायत को सौंप दी गई।
  • कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और पूर्व सैनिकों ने आभार व्यक्त किया।
  • इस सहायता का उद्देश्य गांव के तालाबों तक नहर का पानी पहुंचाकर पशुधन के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाना है।

तालाबों में पानी की कमी से पशुधन के सामने गंभीर संकट

कार्यक्रम के दौरान साझा की गई जानकारी के अनुसार, अकालगढ़ गांव लंबे समय से पशुओं के लिए पानी की गंभीर कमी से जूझ रहा था। गांव के दो प्रमुख तालाब लगभग सूख चुके थे, जबकि शेष बचा पानी इतना गंदा हो गया था कि उसमें पशु बैठ भी नहीं सकते थे।

ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें अपने पशुओं के लिए पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। उन्होंने यह भी कहा कि पानी की कमी के कारण अनेक परिवारों ने पशुपालन तक छोड़ दिया था। ग्राम पंचायत ने तालाबों में पानी की कमी को गांव की सबसे बड़ी समस्या मानते हुए सहायता लेने का निर्णय लिया।

ग्राम पंचायत ने श्री धनाना धाम में की सहायता की प्रार्थना

सरपंच कुलदीप सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत और गांव के सम्मानित लोग श्री धनाना धाम पहुंचे तथा तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के समक्ष सहायता का अनुरोध रखा।

पंचायत ने मांग की कि गांव के तालाबों को भिवानी ब्रांच नहर से जोड़ा जाए, ताकि दोनों तालाबों तक नहर का पानी पहुंच सके और पशुओं के लिए पानी की समस्या का समाधान हो।

यह भी पढ़ें: संत रामपाल जी महाराज ने फेज़ 2 के तहत सुखपुरा भिवानी में 2400 फीट लंबी पाइपलाइन से शुरू कराया जल समाधान

सर्वे के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि इस कार्य के लिए लगभग 9,000 फीट पाइपलाइन की आवश्यकता होगी।

संत रामपाल जी महाराज के निर्देश पर तुरंत हुआ सर्वे

ग्रामीणों के अनुरोध के बाद संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल सर्वे टीम को गांव भेजने के निर्देश दिए। सर्वे टीम ने भिवानी ब्रांच नहर से गांव के तालाबों तक प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण पूरा होने के बाद टीम ने पाया कि लगभग 9,000 फीट पाइपलाइन की मांग उचित है।

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कार्यक्रम में दी गई जानकारी के अनुसार, सर्वे रिपोर्ट तत्काल संत रामपाल जी महाराज तक पहुंचाई गई, जिसके बाद आवश्यक स्वीकृति प्रदान कर दी गई। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि उसी शाम उन्हें सूचना मिल गई थी कि प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है और अगले दिन सामग्री गांव पहुंच जाएगी।

24 घंटे के भीतर गांव पहुंची पाइपलाइन और अन्य सामग्री

कार्यक्रम के अनुसार, स्वीकृति मिलने के बाद आवश्यक सामग्री से भरे ट्रक अगले ही दिन अकालगढ़ गांव पहुंच गए।

ग्राम पंचायत को निम्नलिखित सामग्री सौंपी गई—

सामग्रीविवरण
पाइपलाइन9,000 फीट, 8 इंच
एडहेसिवफेविकोल
एयर वाल्वउपलब्ध कराया गया
एल्बो, बैंड एवं फिटिंग्सउपलब्ध कराए गए
नट-बोल्टउपलब्ध कराए गए
अन्य संबंधित सामग्रीग्राम पंचायत को सौंपी गई

यह सहायता केवल मुख्य उपकरणों तक सीमित नहीं रही। संत रामपाल जी महाराज ने व्यवस्था को चालू करने के लिए आवश्यक सभी सामग्री उपलब्ध कराई, जिनमें स्टार्टर, केबल, एल्बो, सक्शन पाइप, रबर गैस्केट, फेविकोल जैसे एडहेसिव तथा छोटे से छोटे स्टील के नट-बोल्ट भी शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पूरी व्यवस्था चालू करने के लिए उन्हें बाज़ार से एक भी नट खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

ग्रामीणों ने टीम का स्वागत किया और अपने अनुभव साझा किए

सामग्री गांव पहुंचने के बाद स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्रामीणों ने टीम का फूल-मालाओं और पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया। सरपंच कुलदीप सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत ने केवल एक दिन पहले ही सहायता का अनुरोध किया था और इतनी कम अवधि में पूरी पाइपलाइन का गांव पहुंचना गांव के लिए अभूतपूर्व था। कार्यक्रम के दौरान कई ग्रामीणों ने लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या के बारे में अपने अनुभव साझा किए और सामग्री पहुंचने पर संतोष एवं आभार व्यक्त किया।

एक सेवानिवृत्त सैनिक ने कहा कि गांव लंबे समय से तालाबों में पानी की कमी से जूझ रहा था, जिससे पशुधन प्रभावित हो रहा था। उन्होंने कहा कि अनुरोध के बाद उठाए गए इस कदम से ग्रामीणों को स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है।

अन्य ग्रामीणों ने भी इस सहायता को समय पर मिली मदद बताया। उन्होंने कहा कि गांव वर्षों से इस समस्या का सामना कर रहा था और सर्वे के तुरंत बाद सामग्री पहुंचने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।

ग्राम पंचायत को सौंपी गई पूरी सामग्री

कार्यक्रम के दौरान सामग्री ग्राम पंचायत को औपचारिक रूप से सौंपी गई। पंचायत प्रतिनिधियों ने पुष्टि की कि उन्हें 9,000 फीट लंबी पाइपलाइन के साथ फेविकोल, फिटिंग्स और अन्य आवश्यक सामग्री प्राप्त हो चुकी है।

कार्यक्रम में दिए गए वक्तव्यों के अनुसार, इस पाइपलाइन के माध्यम से भिवानी ब्रांच नहर का पानी गांव के दोनों तालाबों तक पहुंचाया जाएगा। ग्राम पंचायत ने पाइपलाइन बिछाकर स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

समय पर मिली सहायता से गांव में जगी नई उम्मीद

कार्यक्रम में बताया गया कि 24 घंटे के भीतर मिली इस सहायता से अकालगढ़ गांव के लोगों में नई उम्मीद का संचार हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि पाइपलाइन बिछने और नहर से जुड़ने के बाद गांव के तालाबों में पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे पशुधन को लाभ मिलेगा।

पूरे कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत के सदस्यों और ग्रामीणों ने किसान मज़दूर बचाओ अभियान–फेज़ II के तहत सर्वे के तुरंत बाद सहायता उपलब्ध कराने के लिए संत रामपाल जी महाराज जी और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया।

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