Dowry Free Marriage: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सम्पन्न हुआ दहेज रहित विवाह (रमैनी)

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Dowry Free Marriage: दहेज रहित विवाह करवाने के लिए लोग अब अपनी मर्ज़ी से आगे आने लगे हैं। वह समझ चुके हैं कि शादी में धन की बरबादी को होने से रोका जाना चाहिए।

यशपाल दास का राधा सिंह के साथ हुआ दहेज रहित विवाह (रमैनी)

Dowry Free Marriage: संत रामपाल जी के शिष्य जिला बिजनौर , उत्तर प्रदेश निवासी यशपाल दास का विवाह जिला अमरोहा, यूपी निवासी राधा सिंह के साथ केवल सत्रह मिनट में कुछ परिवारजनों की मौजूदगी में गुरू संत रामपाल जी द्वारा तय नियमों के तहत संपन्न हुआ। यह एक अंतर्जातीय विवाह भी था। वर यशपाल उत्तर प्रदेश में पुलिस की नौकरी में कार्यरत हैं । भारत में कुछ जातियों में ऐसी कुप्रथा चली हुई है जहां यदि लड़का सरकारी नौकरी में लगा हुआ हो तो लड़की वालों को भारी दहेज दकेर लड़की को विदा करना पड़ता है। परंतु यशपाल संग राधा के विवाह में न वर पक्ष ने दहेज मांगा और‌ न ही वधु राधा के माता-पिता को दहेज देना पड़ा।

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यशपाल और राधा सिंह का विवाह बेहद सादगी से केवल सत्रह मिनट में परमात्मा की आरती (रमैणी) गाकर बिना दान दहेज ,बैंड बाजे, मेंहदी , मंहगे पकवानों के बिना संपन्न हुआ। संत रामपाल जी के आशीर्वाद से हो रहे विवाह संपूर्ण मानवजाति के लिए मिसाल पेश करते हैं जहां बहू को बेटी की तरह रखा जाता है और बेटा-बेटी की परवरिश में कोई भेद भाव नहीं होता। दहेज लेना देना तो दूर बेटी को केवल एक जोड़े में पिता के घर से विदा किया जाता है।

कोरोना काल में संत रामपाल जी के सानिध्य में सम्पन्न हुआ दहेज़ मुक्त विवाह (रमैनी)

कोरोना काल में अब शादियां चंद लोगों की मौजूदगी में संपन्न होने लगी हैं। सरकार ने भी शादी में कम लोगों की संख्या को लेकर आदेश जारी किए हैं। जो अब लोगों को मजबूरी में मानने पड़ रहे हैं। परंतु संत रामपाल जी महाराज जी बरसों से अपने शिष्यों की सादगीपूर्ण बिना बैंड बाजे बारात के शादियां करवाते आ रहे हैं। यह बदस्तूर जारी है और आगे भी जारी रहेगा। संत रामपाल जी के शिष्य समाज को दहेज रहित साधारण शादी करने के लिए महानतम उदाहरण पेश कर रहे हैं। संत रामपाल जी द्वारा करवाई जा रही शादियां मानवजाति को संदेश देती हैं कि जोड़े पहले से ही परमात्मा तय करके भेजता है यहां तो बस माता पिता की मंज़ूरी से बेटा बेटी का विवाह कर देना चाहिए।

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