देशभर में जब भी समाज सेवा, नशामुक्ति और ग्रामीण विकास की बात होती है, तो संत रामपाल जी महाराज जी के सान्निध्य में चल रहे जनकल्याणकारी कार्य एक आदर्श उदाहरण के रूप में सामने आते हैं। इन योजनाओं का प्रभाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रत्यक्ष रूप से पहुंच रहा है।
हाल ही में हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न जिलों से इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल, गौशाला प्रबंधन कमेटी, विश्वविद्यालय के शोधार्थी और ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि संत रामपाल जी महाराज जी से मिलने सतलोक आश्रम श्री धनाना धाम पहुंचे। इन मुलाकातों के दौरान युवाओं में नशामुक्ति, जलभराव से जूझ रहे किसानों को राहत, पेयजल पाइपलाइन, गौसेवा और आध्यात्मिक ज्ञान के प्रसार पर विशेष चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल संवाद: प्रमुख चर्चाएं एवं आभार
| क्रम | आगंतुक का नाम / पद | स्थान (राज्य) | प्रमुख चर्चाएं एवं आभार |
1. | गौशाला कमेटी प्रतिनिधि व सदस्य | देवगढ़, चूरू (राजस्थान) | बेसहारा गोवंश की रक्षा और गौशाला कोनिःस्वार्थ सेवा सहयोग। |
2. | ग्रामवासी प्रतिनिधिमंडल | बडाला, हिसार (हरियाणा) | डिग्गी पाइपलाइन के लिए आभार और जलमग्न फसलों हेतु पंप सेट की सहायता। |
3. | ग्रामवासी व श्रद्धालु | बड़छप्पर, हांसी-हिसार (हरियाणा) | गांव में पेयजल पाइपलाइन सुविधा उपलब्ध कराने पर आभार। |
4. | डॉ. (प्रिंसिपल, वैश कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग) | रोहतक (हरियाणा) | युवाओं को नशे से बचाने हेतु ‘जीने की राह’ पुस्तक की 200 प्रतियों का वितरण। |
5. | सरपंच प्रतिनिधि, छात्र व ग्रामीण | पाथरी, पानीपत (हरियाणा) | अन्नपूर्णा मुहिम, बाढ़-सूखा राहत और पारदर्शी सेवा व्यवस्था की प्रशंसा। |
6. | हेड ग्रंथी व सिख परिवार | रावतसर, हनुमानगढ़ (राजस्थान) | गुरबाणी के यथार्थ ज्ञान और सतभक्ति मार्ग से जुड़ने पर आभार। |
चूरू (राजस्थान) से पहुंची देवगढ़ गौशाला कमेटी, गौसेवा कार्यों को सराहा
राजस्थान के चूरू जिले के देवगढ़ (तारानगर क्षेत्र) से बड़ी संख्या में गौशाला प्रबंधन समिति के सदस्य और ग्रामीण संत रामपाल जी महाराज जी के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि आश्रम द्वारा बेसहारा गायों और ज़रूरतमंदों के लिए किए जा रहे सहयोग की चर्चा पूरे क्षेत्र में है। ग्रामीणों ने महाराज जी से आशीर्वाद लिया, जिस पर महाराज जी ने उन्हें आश्वस्त किया कि गौमाता, किसान और असहाय वर्ग की सेवा का यह कार्य निरंतर जारी रहेगा।
हिसार के बडाला से आए ग्रामीण, जलभराव से राहत के लिए लगाई अरदास
हरियाणा के हिसार जिले के बडाला गांव से आए ग्रामीणों ने बताया कि आश्रम द्वारा दो-तीन महीने पहले गांव के तालाब और डिग्गी के लिए पाइपलाइन की व्यवस्था कराई गई थी। इसके लिए आभार जताते हुए उन्होंने वर्तमान में खेतों में पानी भरने से डूबी फसलों को बचाने हेतु पंप सेट की गुहार लगाई। संत रामपाल जी महाराज जी ने ग्रामीणों को तुरंत आश्वस्त देते हुए सहायता का भरोसा दिया।
बड़छप्पर के ग्रामीणों को मिली पाइपलाइन की स्वीकृति
हांसी-हिसार के बड़छप्पर गांव से आए ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज जी से भेंट की। गांव में पानी की समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने पाइपलाइन की मांग रखी थी, जिस पर आश्रम प्रबंधन द्वारा स्वीकृति दी गई। ग्रामीणों ने महाराज जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि जनहित के कार्यों में आश्रम सबसे आगे और बढ़कर सहयोग कर रहा है।
रोहतक के कॉलेज प्रिंसिपल ने नशामुक्ति पहल को बताया ऐतिहासिक
रोहतक स्थित वैश कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्रिंसिपल (डॉक्टर साहब) आश्रम पहुंचे। उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा लिखित पुस्तक ‘जीने की राह’ की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि छात्रों को सही दिशा देने और व्यसनों से दूर रखने के लिए कॉलेज के विद्यार्थियों हेतु 200 पुस्तकें मंगवाई गई हैं। उन्होंने आश्रम के ज्ञान प्रचार और नशामुक्त समाज निर्माण के प्रयासों का स्वागत किया।
पानीपत के पाथरी गांव से पहुंचे ग्रामीण व युवा, व्यवस्था को बताया ‘अनुकरणीय’
पानीपत के पाथरी गांव से सरपंच प्रतिनिधि (सुनील जी) और सीआरएस विश्वविद्यालय के छात्र व समाज सेवी संत रामपाल जी महाराज जी से मिलने पहुंचे। उन्होंने पारंपरिक रूप से पगड़ी भेंट कर सम्मान व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि चाहे अन्नपूर्णा योजना हो, शिक्षा-स्वास्थ्य का क्षेत्र हो या बाढ़/सूखे में पाइपलाइन की सहायता, आश्रम की मदद ज़रूरतमंदों तक प्रशासनिक तंत्र से भी पहले पहुंच जाती है। उन्होंने आश्रम की सुव्यवस्थित व्यवस्था और कबीर साहेब के समतावादी विचारों की जमकर सराहना की।
हनुमानगढ़ से पहुंचे सिख श्रद्धालु व हेड ग्रंथी, सतभक्ति मार्ग पर जताई आस्था
राजस्थान के हनुमानगढ़ (रावतसर) से हेड ग्रंथी और उनका परिवार संत रामपाल जी महाराज जी के दरबार में पहुंचा। उन्होंने पवित्र गुरबाणी के यथार्थ भावार्थ को समझने और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने के लिए नाम दीक्षा ग्रहण की। उन्होंने कहा कि संतों के सान्निध्य में आकर ही भटकते हुए मानव जीवन को सही दिशा और वास्तविक सुख की प्राप्ति होती है।
धरातल पर बदलाव की मज़बूत नींव
चाहे ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट और जलभराव का त्वरित समाधान हो, शिक्षण संस्थानों में नशामुक्ति के साहित्य का प्रचार-प्रसार हो, गौशालाओं को निरंतर संबल देना हो या भूखों के लिए ‘अन्नपूर्णा रसोई’ का संचालन, संत रामपाल जी महाराज जी के नेतृत्व में चल रहे ये कार्य दर्शाते हैं कि वास्तविक अध्यात्म केवल उपदेशों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर पीड़ित और ज़रूरतमंद के जीवन को संवारने का नाम है। शिक्षाविदों, गौसेवकों और ग्रामीणों का यह विश्वास एक सशक्त और नशामुक्त भारत के निर्माण की दिशा तय कर रहा है।



