20 साल का अंधेरा खत्म: संत रामपाल जी महाराज ने ढाणी पीराण, हिसार को बनाया बाढ़ मुक्त

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हरियाणा के हिसार जिले की हांसी तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव ढाणी पीराण की कहानी किसी त्रासदी से कम नहीं थी। यह कहानी उस बेबसी और लाचारी की थी, जिसे यहां का किसान पिछले 20 वर्षों से अपनी नियति मान चुका था। खेतों में लहराती फसलों की जगह चार फीट गहरा खड़ा पानी और प्रशासन की उदासीनता ने किसानों को आत्महत्या की कगार पर खड़ा कर दिया था।

ऐसे घोर अंधकार के समय में, जब उम्मीद की अंतिम किरण भी धुंधला रही थी, तब जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज एक मसीहा बनकर सामने आए। उनकी ‘अन्नपूर्णा मुहिम‘ ने न केवल गांव की डूबी हुई जमीन को उभारा, बल्कि हजारों परिवारों के बुझते हुए चूल्हों को फिर से प्रज्वलित करने का दिव्य कार्य किया है। आइए जानते है इस गांव की कहानी को विस्तार से।

गांव की वर्तमान स्थिति

ढाणी पीराण गांव में बाढ़ का मंजर इतना भयावह था कि लगभग 300 से 350 एकड़ उपजाऊ भूमि पिछले कई महीनों से समंदर का रूप ले चुकी थी। गांव के खेतों में कहीं 3 फुट तो कहीं 4 फुट तक स्थिर पानी खड़ा था, जिसके कारण कपास की पूरी फसल नष्ट हो चुकी थी। ग्रामीणों का दर्द केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं था; खेतों में चारा गल जाने के कारण पशुओं के सामने भुखमरी का संकट पैदा हो गया था।

गांव के बुजुर्गों के अनुसार, वे पिछले 20 सालों से इस समस्या के समाधान के लिए मंत्रियों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उन्हें केवल कोरे आश्वासन और अपमान ही मिला। स्थिति इतनी विकट थी कि जलभराव के कारण स्कूलों और डिस्पेंसरियों तक पहुंचना भी दूभर हो गया था।

ग्रामीणों की मार्मिक मांग

जब प्रशासनिक स्तर पर हर दरवाजा खटखटाने के बाद भी निराशा हाथ लगी, तब ढाणी पीराण की ग्राम पंचायत ने एक अंतिम उम्मीद के साथ संत रामपाल जी महाराज के चरणों में अपनी अर्जी लगाई। सरपंच प्रतिनिधि और पंचों द्वारा हस्ताक्षरित मांग पत्र में निम्नलिखित सामग्री की विनम्र प्रार्थना की गई थी:

  • 10 हॉर्स पावर (HP) की एक शक्तिशाली मोटर
  • 5000 फीट लंबी 8-इंच की हाई-प्रेशर ड्रेनेज पाइपलाइन

संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई सहायता

संत रामपाल जी महाराज की दया का सागर इतना विशाल है कि ग्रामीणों की प्रार्थना स्वीकार होते ही मात्र 5 दिनों के भीतर राहत सामग्री का एक विशाल काफिला ढाणी पीराण की दहलीज पर पहुंच गया। यह सहायता पूरी तरह से निःशुल्क और स्थायी थी। संत जी के आदेशानुसार प्रदान की गई सामग्री का विवरण इस प्रकार है:

संत रामपाल जी ने ढाणी पीराण, हिसार में की अद्भुत बाढ़ राहत
  • 10 HP की एक उच्च क्षमता वाली हेवी-ड्यूटी मोटर
  • 5000 फीट उच्च गुणवत्ता वाली 8-इंच ड्रेनेज पाइप
  • स्टार्टर, सुंडिया, मोटे बिजली के केबल और फिक्स वाल्व
  • पाइप जोड़ने के लिए फेविकोल, नट-बोल्ट और सभी सहायक फिटिंग्स

महाराज जी ने यह सुनिश्चित किया कि ग्रामीणों को बाजार से एक कील तक न खरीदनी पड़े। यह करोड़ों रुपये की सहायता बिना किसी कागजी कार्रवाई, रिश्वत या सिफारिश के सीधे पीड़ित किसानों तक पहुंचाई गई।

20 साल का इंतज़ार और मात्र 5 दिन में समाधान

ढाणी पीराण के इतिहास में यह घटना एक चमत्कार के रूप में दर्ज हो गई है। सरपंच प्रतिनिधि जोगिंदर कुमार ने बताया कि आश्रम में अपनी पीड़ा रखने में उन्हें मात्र 20 मिनट लगे और पांचवें दिन सामान गांव पहुंच गया। जिस समस्या के लिए ग्रामीण दो दशकों से संघर्ष कर रहे थे, उसका समाधान संत रामपाल जी महाराज ने अपनी दिव्य शक्ति और कुशल प्रबंधन से पलक झपकते ही कर दिया। गांव के बाहर जब राहत सामग्री से लदे ट्रक पहुंचे, तो ग्रामीणों ने इसे किसी बड़े उत्सव या दिवाली की तरह मनाया।

यह भी पढ़ें: हिसार, हरियाणा: आदमपुर गांव की 1500 एकड़ भूमि को संत रामपाल जी महाराज ने नया जीवन प्रदान किया

ग्रामीणों की आवाज़

राहत सामग्री मिलने के बाद ग्रामीणों के चेहरों पर जो सुकून था, वह संत रामपाल जी महाराज के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा को प्रमाणित कर रहा था। ग्रामीणों के कुछ मुख्य अंश निम्नलिखित हैं:

  • “हमारी तरफ से तो गांव में साक्षात भगवान आ गया है। जब सारा इलाका पानी से भर गया था, तब पशुओं के लिए चारा तक नहीं बचा था। हम संत महाराज जी का बार-बार धन्यवाद करते हैं।” 
  • “20 साल हो गए खेती को मरते हुए। सरकार के पास गए तो उन्होंने हाथ खड़े कर दिए। रामपाल जी महाराज के पास गए तो उन्होंने माल भी दे दिया और सारी सुविधा भी दे दी।” 
  • “सरकार के चक्कर काटते तीन-चार महीने हो गए, एक पाइप तक नहीं आया। संत रामपाल जी के पास गए 20 मिनट लगे थे और आज पांचवें दिन पाइप गांव में आ गए।” 
  • “करीब 300 किले फसल बर्बाद है। पहली बार हमारे गांव में ऐसी मदद आई है। हम पूरे गांव की तरफ से संत रामपाल जी महाराज का धन्यवाद करते हैं।” 

जवाबदेही और पारदर्शिता

संत रामपाल जी महाराज का सेवा कार्य न केवल विशाल है, बल्कि अत्यंत पारदर्शी भी है। सहायता के साथ-साथ गांव की पंचायत को कड़े निर्देश भी दिए गए ताकि संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।

तीन चरणों में वीडियो रिकॉर्डिंग

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संत जी ने आदेश दिया है कि ड्रोन के माध्यम से तीन चरणों में वीडियो बनाया जाए:

  1. जब खेतों में पानी भरा हो (सहायता से पहले)।
  2. जब खेतों से पानी पूरी तरह निकाल दिया जाए।
  3. जब अगली फसल (गेहूं) खेतों में लहलहा रही हो।

इन वीडियो को सतलोक आश्रम के समागमों में दिखाया जाता है ताकि दानदाताओं को यह विश्वास रहे कि उनके द्वारा दिया गया एक-एक पैसा मानवता की सेवा में सही स्थान पर लग रहा है। साथ ही, ग्रामीणों को चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने आलस्य के कारण पानी नहीं निकाला या फसल नहीं बोई, तो भविष्य में ट्रस्ट की ओर से कोई सहायता प्रदान नहीं की जाएगी।

सच्चे किसान मसीहा और विश्व उद्धारक संत रामपाल जी महाराज

आज पूरे भारत में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज को ‘किसान मसीहा‘ और ‘विश्व उद्धारक’ के रूप में पहचाना जा रहा है। उनकी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ अब तक 400 से अधिक गांवों में पहुंच चुकी है, जहां न केवल बाढ़ राहत, बल्कि निर्धनों के मकान बनवाना, बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। संत जी स्वयं एक किसान परिवार से संबंध रखते हैं, इसलिए वे मिट्टी और किसान के दर्द को गहराई से समझते हैं।

उनका यह कार्य सिद्ध करता है कि सच्ची आध्यात्मिकता केवल उपदेशों में नहीं, बल्कि पीड़ित मानवता की सेवा में निहित है। ढाणी पीराण के ग्रामीणों ने एक स्वर में स्वीकार किया कि संत रामपाल जी महाराज कलयुग में भगवान का साक्षात रूप हैं, जो जेल में रहकर भी करोड़ों लोगों के जीवन को रोशन कर रहे हैं। समाज की अन्य संस्थाओं के लिए संत जी का यह अभियान एक महान प्रेरणा है।

परमेश्वर कबीर साहेब के इस दिव्य विधान और संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में ही मानवता का असली कल्याण संभव है। अधिक जानकारी और निःशुल्क पुस्तक ‘ज्ञान गंगा‘ प्राप्त करने के लिए www.jagatgururampalji.orgपर विज़िट करें।

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