संत रामपाल जी महाराज जी के सामाजिक सेवा और राहत कार्यों की जमकर हुई सराहना

Published on

spot_img

देश के विभिन्न राज्यों से आए जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, गौशाला समितियों और स्थानीय नागरिकों ने हाल ही में अपने-अपने क्षेत्रों में पानी की भीषण समस्या, जलजमाव, पशुधन के लिए चारे और आश्रय के संकट को लेकर संत रामपाल जी महाराज के आश्रम और दर्शन कार्यक्रमों में अपनी प्रार्थना लगाई। गुजरात के वलसाड से लेकर हरियाणा के हिसार, चरखी दादरी, पलवल तथा राजस्थान के चूरू, हनुमानगढ़ व झुंझुनू तक के ग्रामीण इलाकों से आई पंचायतों ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित परोपकारी पहलों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है।

इसमें कोई दो राय नहीं है कि गाँवो में जहां पानी की कमी थी वहाँ जल आपूर्ति, बाढ़ निकासी, गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण और जरूरतमंदों के कल्याण के लिए संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में कई राहत कदम उठाए जा रहे हैं जो कि प्रशंसा योग्य हैं। 

गांव मुंडाल की श्री कृष्ण गौशाला में विशाल शेड निर्माण की शुरुआत

हरियाणा के हांसी स्थित श्री कृष्ण गौशाला, गांव मुंडाल खुरद में गौवंश को धूप, बारिश और मौसम की मार से बचाने के साथ-साथ सूखे चारे के सुरक्षित भंडारण के लिए एक विशाल शेड के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। गौशाला प्रबंधन और स्थानीय ग्रामीणों की विशेष प्रार्थना पर संत रामपाल जी महाराज जी के आदेशानुसार यह पहल शुरू की गई है।

श्री कृष्ण गौशाला समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि गौशाला में वर्तमान में लगभग 650 गौवंश निवास कर रहे हैं। गौशाला के पास सीमित ढांचा होने के कारण चारे को बाहर खुले में रखना पड़ता था, जिससे बारिश के समय चारा खराब होने का अंदेशा बना रहता था। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए संत रामपाल जी महाराज जी के आदेशानुसार सतलोक आश्रम के सेवादारों की उपस्थिति में मंगलाचरण कर नींव की पहली ईंट रखी गई।

इस प्रोजेक्ट के तहत 75×150 वर्ग फुट आकार का एक बड़ा शेड और चारा गोदाम तैयार किया जाएगा। निर्माण कार्य का पूरा खर्च और सिविल स्ट्रक्चर की जिम्मेदारी आश्रम व्यवस्था की ओर से उठाई जा रही है। मुंडाल तपा के अंतर्गत आने वाले 10 से 12 आसपास के गांवों के प्रतिनिधि भी इस मौके पर उपस्थित रहे और उन्होंने इस कदम को गौ सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

पेयजल संकट और 300 साल पुरानी पानी की समस्या से मुक्ति का दावा

गुजरात के वलसाड जिले के मोटी कोरवाड़ गांव से आए सरपंच और ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही पेयजल किल्लत का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में तीन पीढ़ियों यानी लगभग 300 वर्षों से पीने के पानी का गंभीर संकट बना हुआ था।

स्थानीय निवासियों को पीने के पानी के लिए आसपास के क्षेत्रों या 6 किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता था, जहां कई बार उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। ग्रामीणों के अनुसार, आश्रम द्वारा कुएं और जल पाइपलाइन की व्यवस्था कराने के बाद पूरे गांव तक पीने का शुद्ध पानी पहुंच गया है। इस अवसर पर गांव के प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज का अभिनंदन करते हुए उन्हें सम्मानित भी किया।

इसी क्रम में हरियाणा के हिसार जिले के ईसरहेड़ी और खेदड़ गांव के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले वर्ष उनके क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या को देखते हुए 6000 फुट पाइप और पानी की मोटर संत रामपाल जी महाराज द्वारा उपलब्ध कराई गई थी। इस बार भी पंचायत ने जल वितरण और निकासी से संबंधित अपनी आवश्यकता रखी, जिस पर सर्व सम्मति से सर्वे कराने का निर्णय लिया गया।

जलभराव से प्रभावित कृषि भूमि की सुरक्षा और पाइप-मोटर की मांग

जलजमाव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों के कारण कृषि भूमि को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए भी कई ग्रामीण पंचायतों ने संत रामपाल जी के सामने  अपनी स्थिति साझा की। हिसार जिले के लाडवा गांव से आए प्रतिनिधियों ने बताया कि उनके क्षेत्र में लगभग 10 एकड़ जमीन में पिछले 6 से 7 वर्षों से पानी भरा रहने के कारण फसल पैदा नहीं हो पा रही थी।

इसके अलावा हिसार के बनभोरी गांव की पंचायत और नंबरदारों ने भी गांव में थोड़ी सी बारिश होते ही फसलों में पानी भर जाने की स्थिति से अवगत कराया। ग्रामीणों का कहना था कि पूर्व में भी गांव को बाढ़ के पानी से उबारने के लिए मोटर, पाइप और बिजली डोरी की व्यवस्था संत रामपाल जी द्वारा कराई गई थी। 

इस बार भी डेढ़ एकड़ तथा आसपास के जलमग्न खेतों से पानी बाहर निकालने के लिए अतिरिक्त मोटर और पाइपलाइन की मांग रखी गई, जिस पर संत रामपाल जी महाराज ने सर्वे के तुरंत बाद आवश्यक सामग्री भेजने का आश्वासन दिया गया।

राजस्थान और हरियाणा की गौशालाओं में चारे व एम्बुलेंस की मांग

राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न जिलों से पहुंची गौशाला समितियों ने पशुधन के संरक्षण और चारे के गंभीर संकट को सामने रखा। राजस्थान के चूरू जिले के लाखाऊ गांव से आए गौशाला अध्यक्ष ने अपनी संस्था के लिए सूखे चारे की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर पशुधन को बचाने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है।

राजस्थान के ही झुंझुनू जिले के चारावास गांव के सरपंच एवं गौशाला अध्यक्ष तथा कालोटा क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज जी के सामने गौ माता के लिए चारे और शीत व वर्षा ऋतु से बचाव के लिए उपयुक्त शेड निर्माण की बात रखी। 

वहीं हनुमानगढ़ जिले के चकहरीपुरा गांव से आए सरपंच और गौशाला अध्यक्ष ने अपनी गौशाला में शेड निर्माण के साथ-साथ गांव में अस्पताल न होने के कारण आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा की मांग प्रस्तुत की।

हरियाणा के चरखी दादरी स्थित भागवरी गांव की गौशाला कमेटी और सरपंच ने बताया कि उनके यहां चारे का भारी संकट था और पशुओं के लिए एक दिन का भी चारा शेष नहीं बचा था। संत रामपाल जी महाराज जी ने तात्कालिक राहत के रूप में गौशाला के लिए सूखे चारे का प्रबंध कराने का निर्णय लिया गया।

शिक्षा, समाज सेवा और निशुल्क अन्नपूर्णा योजना का प्रभाव

सामाजिक कल्याण के अन्य क्षेत्रों में भी विभिन्न हस्तियों ने अपने अनुभव साझा किए। हरियाणा के पलवल जिले के आलूका गांव के सरपंच ने बताया कि उनके क्षेत्र में ‘जय संत रामपाल स्कूल’ नाम से एक शिक्षण संस्थान के माध्यम से जरूरतमंद, बेसहारा और विधवा महिलाओं के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इस सामाजिक कार्य को आगे बढ़ाने के लिए अपनी अर्जी सौंपी।

पंजाब के फतेहगढ़ साहिब (मंडी गोबिंदगढ़) से आए एक व्यवसायी ने बताया कि वह सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही ‘अन्नपूर्णा योजना’ और बेघर व गरीब परिवारों को मकान बनाकर देने के परोपकारी अभियानों से प्रभावित होकर दर्शन करने पहुंचे हैं। उन्होंने समाज सेवा के कार्यों से प्रेरणा लेकर संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा और आध्यात्मिक ज्ञान को समझने की इच्छा व्यक्त की।

प्रमुख हस्तियों के बयान

हस्तीपद/परिचयबयानवीडियो स्रोत
महावीर सिंहपूर्व सरपंच व प्रधान, श्री कृष्ण गौशाला, मुंडाल (हिसार)गौशाला में चारे के भंडारण के लिए शेड की सख्त जरूरत थी, जिसके लिए दिए गए आवेदन पर निर्माण कार्य शुरू कराया गया।वीडियो देखे
अजीत दास बालमंदसेवादार, सतलोक आश्रममुंडाल गौशाला में 75×150 फुट का शेड और गोदाम बनाया जा रहा है, जिसका पूरा खर्च आश्रम द्वारा वहन किया जाएगा।वीडियो देखे
राम कुमारसेवानिवृत्त पुलिस इंस्पेक्टर, गांव मुंडाल खुरददो साल पहले बनी इस गौशाला की मुख्य आवश्यकता शेड निर्माण की थी, जिसे पूरा करने के लिए कदम उठाया गया है।वीडियो देखे
समुंदर सिंह महानएडवोकेट, मुंडालमुनि धर्मार्थ ट्रस्ट के माध्यम से गौशाला के लिए शेड उपलब्ध कराया गया है, जो कि एक अत्यंत सराहनीय परमार्थी कार्य है।वीडियो देखे
मनीष बेनीवालसरपंच, बांडाड़ी (मुंडाल)जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद आखिरकार गौशाला और गांव की समस्या का त्वरित समाधान मिला है।वीडियो देखे
डॉक्टर सुशीलचिकित्सा पेशेवर, अग्रसर क्षेत्रलाडवा गांव के ग्रामीणों के साथ जल निकासी और राहत संबंधी विषय पर चर्चा में सह-उपस्थित रहे।वीडियो देखे
डॉक्टर चंद्रभानचिकित्सा पेशेवर (बंसल अस्पताल क्षेत्र)लाडवा गांव की कृषि भूमि से पानी निकालने की अर्जी के दौरान प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे।वीडियो देखे
मोती कोरवाड़ सरपंचसरपंच, गांव मोटी कोरवाड़ (वलसाड, गुजरात)गांव में तीन पीढ़ियों से जारी 300 साल पुरानी पानी की किल्लत को हल कर हर घर तक शुद्ध जल पहुंचाया गया।वीडियो देखे
लाखाऊ गौशाला अध्यक्षअध्यक्ष, गौशाला लाखाऊ (चूरू, राजस्थान)गौशाला में पशुओं के संरक्षण और उनके लिए सूखे चारे की आपूर्ति की आवश्यकता पर अपनी बात रखी।वीडियो देखे
आलूका सरपंचसरपंच, गांव आलूका (पलवल, हरियाणा)बेसहारा, बीपीएल और विधवा परिवारों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूल के लिए सहयोग की अर्जी दी।वीडियो देखे
ईसरहेड़ी सरपंचसरपंच, गांव ईसरहेड़ी (हिसार, हरियाणा)पिछले साल मिले 6000 फुट पाइप और मोटर के बाद इस वर्ष भी जल निकासी व आपूर्ति दुरुस्त करने का निवेदन किया।वीडियो देखे
चक हरीपुरा सरपंच व अध्यक्षसरपंच व गौशाला अध्यक्ष, चक हरीपुरा (राजस्थान)गौशाला में शेड निर्माण और गांव में अस्पताल न होने के कारण एम्बुलेंस की आवश्यकता जताई।वीडियो देखे
फतेहगढ़ साहिब व्यवसायीबिजनेसमैन, मंडी गोबिंदगढ़ (पंजाब)अन्नपूर्णा योजना और गरीबों के लिए घर बनाने के अभियानों से प्रभावित होकर आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ने की इच्छा जताई।वीडियो देखे
भागवरी गौशाला प्रधान व सरपंचप्रधान व सरपंच, गांव भागवरी (चरखी दादरी)गौशाला में चारे की एक दिन की भी उपलब्धता न होने पर तुरंत आपातकालीन चारा आपूर्ति की गुहार लगाई।वीडियो देखे
बनभोरी पंचायत प्रतिनिधिपंचायत सदस्य व नंबरदार, बनभोरी (हिसार)बारिश के कारण खेतों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए मोटर और पाइपलाइन स्वीकृत करने का अनुरोध किया।वीडियो देखे
चारावास सरपंच व अध्यक्षसरपंच व गौशाला अध्यक्ष, चारावास (झुंझुनू)अपनी गौशाला कार्यकारिणी के साथ आकर चारे की व्यवस्था और मौसम से सुरक्षा हेतु शेड निर्माण की बात रखी।वीडियो देखे

ग्रामीण विकास और जनसेवा की दिशा में उभरती नई उम्मीदें

गुजरात, हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न ग्रामीण इलाकों से आई यह रिपोर्ट दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर पानी, कृषि और गौसेवा से जुड़ी समस्याएं कितनी गंभीर हैं।  जहां एक ओर प्रशासनिक स्तर पर कई योजनाएं कागजों पर चलती रहती हैं, वहीं दूसरी ओर संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में उनके आदेशानुसार तुरंत मिलने वाली सहायता ग्रामीणों और गौशाला समितियों के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आ रही है। 

मुंडाल गौशाला में शेड निर्माण की नींव रखने से लेकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में पाइप-मोटर बांटने और गांवों में पीने का पानी पहुंचाने तक के ये प्रयास ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में अहम योगदान दे रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा मुहिम हर एक जरूरतमंद के लोए एक वरदान साबित हो रही है। 

Latest articles

संत रामपाल जी महाराज ने गांव पेटवाड़ में किसान मजदूर बचाओ अभियान चरण 2 के तहत राहत सामग्री पहुंचाई

हरियाणा राज्य के हिसार/हाँसी जिले के नारनौंद तहसील के ग्राम पंचायत पेटवाड़ में पिछले...

Gaj Laxmi Vrat 2026: क्या गजलक्ष्मी व्रत करने से लाभ तथा पूर्ण मोक्ष संभव है?

Gaj Laxmi Vrat 2026 (गजलक्ष्मी व्रत): Gaj Laxmi Vrat 2026 (गजलक्ष्मी व्रत) को लेकर...

International Day of Sign Languages 2026: Worship of Supreme God Kabir – The True Sign for Humanity’s Salvation

International Day of Sign Languages is observed annually so as to raise awareness about the hardships a physically challenged individual has to go through. Thus making everyone aware about the need for the education about sign languages to the needy as early as possible into their lives. While Supreme God Kabir is the most capable; giving us anything through His method of worship whether it is aiding a deaf, dumb or blind.

गिरावड़ में पेयजल संकट दूर करने की दिशा में कदम, संत रामपाल जी महाराज द्वारा दो 10 एचपी ट्यूबवेल सेट सौंपे गए

हरियाणा के रोहतक जिले के गांव गिरावड़ में पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान...
spot_img

More like this

संत रामपाल जी महाराज ने गांव पेटवाड़ में किसान मजदूर बचाओ अभियान चरण 2 के तहत राहत सामग्री पहुंचाई

हरियाणा राज्य के हिसार/हाँसी जिले के नारनौंद तहसील के ग्राम पंचायत पेटवाड़ में पिछले...

Gaj Laxmi Vrat 2026: क्या गजलक्ष्मी व्रत करने से लाभ तथा पूर्ण मोक्ष संभव है?

Gaj Laxmi Vrat 2026 (गजलक्ष्मी व्रत): Gaj Laxmi Vrat 2026 (गजलक्ष्मी व्रत) को लेकर...

International Day of Sign Languages 2026: Worship of Supreme God Kabir – The True Sign for Humanity’s Salvation

International Day of Sign Languages is observed annually so as to raise awareness about the hardships a physically challenged individual has to go through. Thus making everyone aware about the need for the education about sign languages to the needy as early as possible into their lives. While Supreme God Kabir is the most capable; giving us anything through His method of worship whether it is aiding a deaf, dumb or blind.