देश भर के कोने कोने में हो रहे दहेजमुक्त विवाह आश्चर्य और चर्चा का विषय हैं क्योंकि ये विवाह न केवल दहेजमुक्त हैं बल्कि इसमें किसी भी प्रकार की कोई फिजूलखर्ची का उपयोग नहीं किया जाता। आइए जानते हैं कहाँ और कैसे हुए ये विवाह।
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दहेजमुक्त विवाह से होगा दहेजप्रथा का खात्मा
भारत में ही नहीं बल्कि कई देशों में दहेज एक कुप्रथा बनकर सामने आई है। केवल दहेज अकेले ही एक बुरी प्रथा नहीं है बल्कि ये अपने साथ लाती है भ्रूण हत्या, कम उम्र में लड़कियों के विवाह, स्त्रियों का अशिक्षित होना, बेटा बेटी में असमानता आदि। इन समस्याओं के निराकरण के लिए अनेकों प्रकार से समाज सुधारकों द्वारा और सरकार द्वारा समय समय पर कदम उठाए गए। लेकिन इस कुप्रथा को और इससे उपजी अन्य बुराइयों को रोक पाना मुश्किल रहा। यह प्रथा लगातार चलती रही और बुराइयां समाज में पलती रहीं। लेकिन इस कुप्रथा का खात्मा सन्त रामपाल जी महाराज ने अपने ज्ञान के आधार पर किया है। बीते कुछ समय से लगातार जोड़ों के दहेजरहित विवाह होने के समाचार सामने आ रहे हैं।
दहेजप्रथा पर उठाए गए कदम
दहेजप्रथा ने ही स्त्रियों के भावनात्मक शोषण, जिंदा जलाए जाने, चोटिल करने, लैंगिक भेदभाव, भ्रूण हत्या आदि को बढ़ाया है। सरकार ने इसके लिए कई कानून बनाये जिनमें से दहेज निषेध अधिनियम 1961, भारतीय दंड संहिता की धारा 498 ए, धारा 406, भारतीय दंड संहिता धारा 306 बी के तहत ये कानून दहेज प्रथा पर अंकुश रखते हैं एवं इनमें सजा का प्रावधान है। इसके बाद भी अब तक इन कानूनों का कोई प्रभाव भारत में दहेज के लेनदेन पर नहीं पड़ा। बेखौफ बेटियां जलाई जाती रहीं, खुलेआम दहेज लिया जाता रहा, प्रताड़ना जारी रही, भ्रूण हत्याएं जारी रहीं, लड़का लड़की का भेदभाव जारी रहा और जारी रहा बेटियों को बोझ समझने का सिलसिला। दहेज प्रथा ने समाज में स्त्रियों की बुरी दशा के बीज बोए हैं। इससे निजात अब मिल सकी है।
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मात्र 17 मिनट में बंधते हैं परिणय सूत्र में
मात्र 17 मिनट में युगल परिजनों की उपस्थिति में बिना दिखावे, दहेज, घोड़ी, बैंड बाजे के साधारण वेश भूषा में प्रसन्नता पूर्वक विवाह कर रहे हैं। न अनावश्यक भीड़ एकत्रित होती है और न ही कोई अजीबोगरीब रस्मो रिवाज। मात्र 17 मिनट में गुरुवाणी पढ़कर युगल परिणय सूत्र में बंध जाते हैं। गुरुवाणी में गुरु एवं पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब के आशीर्वाद के साथ ही पूरे विश्व के अन्य सभी देवी देवताओं की स्तुति की जाती है। ये सभी देवी देवता विवाहित युगल की रक्षा करते हैं। इस प्रकार 33 करोड़ देवी देवताओं सहित, ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश एवं विश्व के प्रत्येक देवी देवता की स्तुति की जाती है और लड़का एवं लड़की विवाह बंधन में बंध जाते हैं।
सन्त रामपाल की महाराज के सान्निध्य में हुए अनगिनत दहेजमुक्त विवाह
बीते कुछ समय से निम्न जोड़े देश के विभिन्न कोने से इसी प्रकार के दहेजमुक्त विवाह में बंधे हैं।
- अमनदीप दास और गीता दासी का विवाह ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड में 12 दिसम्बर 2021 में हुआ।
- राकेश कुमार दास का विवाह अंजू दासी के साथ जिला गंगानगर, तहसील सूरतगढ़ में हुआ।
- हरविंदर दास पिता इकबाल सिंह (रतिया, फतेहाबाद) का विवाह अंशु दासी पिता श्याम सुंदर दास (टूंडला हजरतपुर, फिरोजाबाद) से 16 दिसम्बर 2021 को सतलोक आश्रम भिवानी हरियाणा में हुआ।
- अरुण दास का विवाह जानकी दासी के साथ रोंडा जिला ललितपुर में 19 दिसम्बर 2021 को हुआ।।
- आदेश दास पिता रामखिलाड़ी दास (विचेटा काजी, चंदौसी, सम्भल) का विवाह प्रियंका दासी पिता राजवीर दास (बेनीपुर चक) के साथ गुमथल, सम्भल, उत्तरप्रदेश में हुआ।
- रामलाल दास पिता रामलावट पाल (किटौली, खजूरहट, बीकापुर अयोध्या, उत्तरप्रदेश) का विवाह आरती दासी पिता राजमनी दास (पलियादेवापुर, कादीपुर, जिला सुल्तानपुर, उत्तरप्रदेश) के साथ कटका नामदान स्थान सुल्तानपुर में 19 दिसंबर 2021 हुआ।
- ओमानी दासी पिता रोहिताश दास (1 JM तहसील अनूपगढ़, जिला श्रीगंगानगर राजस्थान) का विवाह मुकेश दास पिता देवीलाल दास (पदमपुर, श्रीगंगानगर,राजस्थान) से अग्रवाल धर्मशाला, अनूपगढ़, जिला गंगानगर में 19 दिसम्बर 2021 को हुआ।
- आरती दासी पिता बाबूलाल दास (तहसील बलदेवगढ़, टीकमगढ़) का विवाह सोनू दास पिता दयाराम दास (तहसील केशली, जिला सागर) से केशली, सागर में हुआ।
- रामभान दास (सेमरा हाट, सागर) का विवाह जयालक्ष्मी दासी (परसोरिया, तहसील पथरिया, सागर) से गढ़ाकोटा, सागर में हुआ।
- अनीता दासी का विवाह शुखु दास से खूंटी जिला झारखंड में 19 दिसम्बर 2021 को हुआ।
- सरजू दासी पिता मुकेश दास (गांव नगलामोजी, तहसील जलेसर, एटा उत्तरप्रदेश) का विवाह अभिषेक दास पिता नरेंद्र दास ( नारोल, अहमदाबाद, गुजरात) से गुजरात में हुआ।
- उदय दास (25 वर्ष) पिता मोहनलाल दास (रिवारा, मैहर, मध्यप्रदेश) का विवाह दुलारी दासी (22 वर्ष), पिता राम भरन (दलदल, रामपुर बघेलान, सतना मध्यप्रदेश) से 25 दिसम्बर 2021 को हुआ।
- संदीप दास (21वर्ष) पिता भागवत दास (जरियारी, मैहर, सतना) का विवाह अंजना दासी (19वर्ष) पिता रामनाथ दास (बरा खुर्द, मैहर, सतना) से 25 दिसम्बर 2021 को हुआ।
- कोमल दासी (नजफगढ़, दिल्ली) का विवाह राजू दास (अलीगढ़, उत्तर प्रदेश) से हुआ।
- ऋषभ दास का विवाह प्रिया दासी से 26 दिसम्बर 2021 को जिला होशंगाबाद, मध्यप्रदेश में हुआ।

- विशाल दास पिता जगबीर दास (तिलक नगर, रोहतक, हरियाणा) का विवाह ज्योति दासी पिता वेद प्रकाश दास (भापड़ौदा, झज्जर, हरियाणा) से 27 दिसम्बर 2021 को सतलोक आश्रम सिंहपुरा रोहतक में हुआ।
- उषा दासी ( बालाघाट, मध्यप्रदेश) का विवाह भुवनेश्वर दास (बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़) से कवर्धा, जिला कबीरधाम, छत्तीसगढ़ में हुआ।
- प्रकाश साह का विवाह आभा कुमारी से (बाराहाट पीरपेती जिला भागलपुर) 29 दिसम्बर 2021 को झारखंड के जिला दुमका के नोनीहाट में हुआ।
- सुमन दास का विवाह मोनिका कुमारी से झारखंड के जिला दुमका के नोनीहाट में 29 दिसम्बर 2021 को हुआ।
- अजब दास पिता रामनरेश दास (सुखमपुर, बिझई, बिधुना जिला औरैया उत्तरप्रदेश) का विवाह सरस्वती दासी पिता विमलेश दास (कान्हो, बिधुना, औरैया, उत्तरप्रदेश) से हुआ।
- बुलबुल दासी पिता नन्हे दास (चंदौसी, सम्भल, उत्तरप्रदेश) का विवाह नितिन दास पिता सुरेश दास ( धोरा टांडा, बरेली, उत्तरप्रदेश) से हुआ।
- धनराज दास का विवाह कौशल्या दासी से ग्राम इगयासनी, तहसील डेगाना, जिला नागौर में 2 जनवरी 2022 को हुआ।
- विनोद दास (शाजापुर, मध्यप्रदेश) का विवाह राधा दासी (शाजापुर, मध्यप्रदेश) से हुआ।
- अजीत दास का विवाह प्रियंका दासी से जिला भिंड, मध्यप्रदेश में 2 जनवरी 2022 को हुआ।
सन्त रामपाल जी महाराज ने किया दहेजमुक्त भारत
दहेज प्रथा बंद करवाने के लिए अनेकों महापुरुषों ने पहल की लेकिन समाज से इसका उन्मूलन नहीं किया जा सका। सन्त रामपाल जी ने अपने तत्वज्ञान से न केवल दहेज प्रथा का बल्कि अनेकों बुराइयों जैसे भ्रष्टाचार, नशा आदि का खात्मा किया है। ये असाधारण बात है कि जो बुराइयां कानून बनाकर खत्म नहीं की जा सकीं वे सन्त रामपाल जी महाराज ने अपने तत्वज्ञान से पल भर में खत्म कर दीं। सन्त रामपाल जी के अनुयायी 17 मिनट में ही विवाह करते हैं और बिना दान दहेज, दिखावे या भीड़ भाड़ के सामान्य तरीके से विवाह करते हैं।
■ Read in English: Dowry Free India: Dowry System Is A Curse For Society | Jagatguru Saint Rampal Ji Maharaj
ऐसे विवाहों के बाद हजारों बेटियां सुखपूर्वक वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रही हैं। बेटियां पिताओं के लिए बोझ नहीं हैं और न ही उनकी शिक्षा पिताओं पर भारी है। बेटे और बेटियों को सन्त रामपाल जी महाराज ने समानता पर लाकर खड़ा कर दिया है और यह समाज की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। तत्वज्ञान को समझने और सुनने के बाद लोग किसी भी तरह के दबाव में भी दहेज नहीं लेते हैं।
सन्त रामपाल जी ने बदला समाज
सन्त रामपाल जी महाराज विश्व के पहले सन्त और समाज सुधारक हैं जिन्होंने बिना किसी कानून का डर दिखाए केवल भगवान के संविधान और तत्वज्ञान के बल पर लोगों से दहेज, नशा जैसी बुराइयां छुटवा दी हैं। यह कार्य ऐसे प्रतिभाशाली महापुरुष ने किया है जिसके विषय में इतिहास के कई भविष्यवक्ताओं ने भविष्यवाणी की हैं। सन्त रामपाल जी महाराज ने सभी धर्मों के धर्मशास्रों को खोलकर समझाया है और सही आध्यात्मिक ज्ञान समझाया है। ऐसा तत्वज्ञान जो बच्चे, बूढ़े, युवा सभी को आसानी से समझ आता है। इस ज्ञान से लोगों का अवसाद, नास्तिकता दूर हो रहे है। ऐसे अनमोल ज्ञान को पढ़ने के लिए ऑर्डर करें निःशुल्क पुस्तक ज्ञान गंगा। अधिक जानकारी के लिए सुने सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल।
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