Mumbai Cyclone Hindi News Today

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आज हम जानेंगे Cyclonic storm Nisarga के Cyclone in Mumbai News Today के संबंध में IMD ने क्या mumbai cyclone warning दी है। चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ को लेकर ऑरेंज अलर्ट (Mumbai cyclone warning) जारी और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), बृहन्मुंबई महानगरपालिका, नौसेना व वायुसेना के अधिकारियों के साथ बैठक।

Cyclone in Mumbai News Today-मुम्बई चक्रवात निसर्ग

अरब सागर में अब तक की स्थिति और मूवमेंट के अनुसार 3 जून को दक्षिणी गुजरात और मुंबई के बीच बहुत प्रबल चक्रवात के आने की संभावना है । इससे आने वाली विकट स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन सावधान हो गया है। मौसम विभाग ने चक्रवात को लेकर 3-4 जून को दक्षिण गुजरात में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात का असर गुजरात और महाराष्ट्र के समुद्र तटीय क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। इससे इस इलाके में बसे गाँव – शहर के लोगों को बहुत परेशानी हो सकती है ।

मुख्य बिंदु

  • मुंबई में अगले 48 घण्टे पड़ सकते हैं भारी।
  • अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने से आये बदलाव।
  • इस चक्रवाती तूफान का नाम ‘निसर्ग’।
  • महाराष्ट्र के तटीय इलाकों समेत गुजरात मे रेड अलर्ट।

Cyclone Mumbai News Today-चक्रवात निसर्ग 2020

अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने से मौसम में बदलाव आया है। मौसम विभाग के अनुसार जो अगले 48 घण्टों यानी 3 जून तक चक्रवात में बदल सकता है। इस चक्रवाती तूफान को ‘निसर्ग’ नाम दिया गया है। हवा के 100 किलोमीटर प्रति घण्टे की तेजी से चलने की पूरी संभावना है। इससे मुंबई व गुजरात के तटीय हिस्से प्रभावित हो सकते हैं। साइक्लोन अभी मुंबई से लगभग 700 कि०मी० दूर है जिसके 105 -110 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से तटों पर टकराने की संभावना है।

इससे बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है । इसके लिए अभी सभी को सावधानी रखना बहुत ही जरूरी है । आसमान में बादल छाए हुए हैं और लहरें तेज हो गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार 1891 के बाद पहली बार अरब सागर में महाराष्ट्र के तटीय इलाके में चक्रवात तूफान टकराएगा।

Cyclone Nisarga 2020 को लेकर प्रशासन हरकत में

स्थिति को मद्देनजर रखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है। गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मछुआरों को सतर्क करते हुए तटों पर ना जाने की अपील की है। मुंबई व थाणे में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। इन इलाकों में भारी वर्षा की आशंका जताई जा रही है।

■ यह भी पढें: Amphan Cyclone update in Hindi

Cyclone in Mumbai News Today: स्थिति से निपटने के लिए कोंकण तट के पास सुरक्षा के उपाय बढ़ाये गए हैं। मुख्यमंत्री ने पिछले हफ्ते ही भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), बृहन्मुंबई महानगरपालिका, नौसेना व वायुसेना के अधिकारियों के साथ मानसून की तैयारियों को लेकर बैठक की थी।

गोवा से मात्र 370 कि०मी० की दूरी पर है चक्रवात

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अनुसार सुबह 5:30 पर चक्रवात का अक्षांश 13.0° उत्तर और देशांतर 71.4° रहा है जो कि गोवा से मात्र 370 कि०मी०, मुंबई दक्षिण पश्चिम से 690 कि०मी० और सूरत गुजरात से 920 कि०मी० दक्षिण पश्चिम दूर बताया गया। मंत्रालय के अनुसार अगले 12 घण्टों में दक्षिण पूर्व अरब सागर में चक्रवात तेज होने की पूरी संभावना है।

क्यों आते हैं चक्रवात?

पृथ्वी के वायुमंडल में जैसी वायु होती है वैसी समुद्र के ऊपर भी होती है। हवा हमेशा उच्च दाब (high pressure) से निम्न दाब (low pressure) की ओर बहती है। समुद्र का पानी गर्म होने के कारण हवा भी गर्म होकर ऊपर उठने लगती है जिससे वहां निम्न दाब (low pressure) बनता है आसपास की हवा जब इसे भरने आती है तो पृथ्वी के घूर्णन के कारण हवा भी घूमने लगती है। इस तरह चक्रवात का निर्माण होता है। चक्रवात में तेज वर्षा हो सकती है। चक्रवात का रास्ता निश्चित करना मुश्किल होता है।

चक्रवात से बचने के उपाय

  • मौसम विभाग की चेतावनी पर नज़र रखे। घर के टूटे कांच आदि हटा दें। तूफान के पहले टीन शेड, खिड़की, दरवाजे आदि चेक कर लें। रेडियो का इस्तेमाल करें। पावर बैंक आदि चार्ज करके रखें।
  • इसके लिए हम जैसे बाढ़ क्षेत्रों में flood plan zoning (FPZ ) का तरीका अपनाते है ऐसे ही coastal zoning भी करें |
  • पानी को निकालने के लिए निकास होना जरूरी है ताकि चक्रवात से आने वाले पानी को निकाल सकें ।
  • जनता और प्रशासन दोनों मिलकर मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखकर चक्रवात से होने वाले नुकसान से बच सकते है, हानि को कम कर सकते है ।
  • चक्रवात के समय संचार व्यवस्था ठप हो जाती है जिससे लोगों को बचाने में या कोई भी चेतावनी पहुंचाने में समस्या होती है।
  • इसके लिए IIT मद्रास ने जो नई तकनीक विकसित की है वह कारगर सिद्ध हो सकती है ताकि हर-पल आपदा के समय संचार प्रणाली बनी रहे और जान माल में होने वाले नुकसान को बचाया जा सके ।
  • तटीय शहरों का निर्माण एक सुनियोजित तरीके से किया जाए ताकि मकानों को हानि कम हो। इसके लिए चक्रवात प्रतिरोधी घर निर्माण का विचार उपयोगी सिद्ध होगा।
  • फिलहाल चक्रवात की स्थिति पल पल बदल रही है। सूचनाओं के लिए मौसम विभाग की चेतावनी पर नज़र रखें।

Cyclone Nisarga 2020 पर विशेष

वर्ष 2020 आपदाओं का वर्ष है। इन आपदाओं से निपटना मानव जाति के वश की बात नहीं दिख पड़ती। एक समस्या खत्म नहीं होती और दूसरी अपना विकराल रूप लिए हाज़िर हो जाती है। ऐसी समस्याओं का समाधान केवल आध्यात्मिक साधना द्वारा किया जा सकता है। सन्त रामपाल जी महाराज से दीक्षा लेकर सही भक्ति विधि द्वारा साधना करके इन वैश्विक आपदाओं से निपटा जा सकता है।

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