संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से रोहनात गाँव को बाढ़ से उबारा

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हरियाणा राज्य के भिवानी जिले के ऐतिहासिक और क्रांतिकारी गाँव रोहनात में अत्यधिक वर्षा के कारण गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। गाँव की भौगोलिक स्थिति के कारण लगभग 9 से 10 गलियाँ और हजारों एकड़ कृषि भूमि 5 फुट गहरे पानी में डूब गई थी। 

जलभराव के कारण न केवल खरीफ की फसलें बर्बाद हुईं, बल्कि पेयजल भी दूषित हो गया और रिहायशी मकानों में दरारें आने लगीं। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन ने सहायता के नाम पर केवल आश्वासन दिया। गाँव की डिग्गी में स्थित सरकारी मोटरें भी प्रशासन द्वारा निकाल ली गईं और माँगने पर भी 20 दिनों तक कोई मोटर उपलब्ध नहीं कराई गई। 

स्थानीय निवासियों के अनुसार, निर्वाचित प्रतिनिधियों (विधायक और सांसद) ने भी संकट की घड़ी में कोई आर्थिक या तकनीकी सहायता प्रदान नहीं की।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा अन्नपूर्णा मुहिम के तहत तत्काल सहायता

जब सरकारी तंत्र से कोई सहायता प्राप्त नहीं हुई, तब सरपंच हंसराज और ग्राम पंचायत के सदस्यों ने बरवाला जाकर संत रामपाल जी महाराज से सहायता हेतु प्रार्थना की। ग्रामीणों की पुकार पर संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से अभूतपूर्व गति से राहत सामग्री भिजवाई:

संत रामपाल जी महाराज ने रोहनात गाँव को 5 फुट बाढ़ से दिलाई मुक्ति
  • त्वरित प्रतिक्रिया: प्रार्थना पत्र देने के मात्र 24 घंटे के भीतर राहत सामग्री से भरे ट्रकों का काफिला रोहनात गाँव पहुँचा।
  • प्रथम चरण की सहायता: संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से 20 हॉर्स पावर की दो बड़ी मोटरें और 12,000 फुट 8 इंची पाइप उपलब्ध कराए।
  • द्वितीय चरण की सहायता: जल निकासी की गति बढ़ाने के लिए ग्रामीणों की पुनः अरदास पर संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से एक अतिरिक्त मोटर और 6,000 फीट पाइप और प्रदान किए।
  • पूर्ण किट: मोटरों के साथ स्टार्टर, विद्युत केबल और संचालन हेतु आवश्यक सभी छोटे-बड़े तकनीकी उपकरण भी निःशुल्क प्रदान किए गए।

कृषि पुनरुद्धार और आर्थिक प्रभाव के आंकड़े

संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदत्त शक्तिशाली मशीनों ने दिन-रात कार्य करके गाँव और खेतों से पानी को बाहर निकाला। इसके परिणामस्वरूप रोहनात गाँव की कृषि स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है:

  • गेहूँ की बिजाई: गाँव की लगभग 3,000 एकड़ भूमि पर गेहूँ की फसल सफलतापूर्वक बोई जा चुकी है। वर्तमान में फसल एक से डेढ़ हाथ ऊँची हो चुकी है और बालियाँ निकलने की अवस्था में है।
  • गन्ना किसानों को राहत: गाँव के लगभग 2,000 एकड़ क्षेत्र में गन्ने की फसल खड़ी थी जो जलभराव के कारण सड़ने की कगार पर थी। समय पर पानी निकलने से यह फसल सुरक्षित हो गई।
  • आर्थिक बचत: गन्ने की प्रति एकड़ उपज लगभग 1 लाख से 1.5 लाख रुपये आंकी गई है। इस प्रकार करोड़ों रुपये की गन्ने की फसल को नष्ट होने से बचाया गया।
  • बिजाई का प्रतिशत: पूर्व में किसानों को मात्र 25% बिजाई की उम्मीद थी, लेकिन संत रामपाल जी महाराज की सहायता से आज 100% बिजाई सफल हुई है।

यह भी पढ़े: भिवानी के रोहनात गांव में बाढ़ से तबाही, संत रामपाल जी महाराज ने पहुंचाई त्वरित राहत

सहायता और सुधार का संक्षिप्त विवरण

विवरणसांख्यिकीय डेटा / जानकारी
कुल पाइप लाइन18,000 फुट (8 इंची)
प्रदान की गई मोटरें3 मोटरें (20 HP क्षमता)
गेहूँ बिजाई क्षेत्र3,000 एकड़
गन्ना सुरक्षा क्षेत्र2,000 एकड़
जल स्तर (अधिकतम)5 फुट तक (खेतों में)
सहायता समयआवेदन के 24 घंटे के भीतर
स्थायी समाधानपाइप लाइन को अंडरग्राउंड दबाकर स्थायी किया गया

ग्रामीणों और पूर्व जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया

गाँव के विभिन्न वर्गों ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई इस निस्वार्थ सेवा पर अपने विचार व्यक्त किए:

  • रामकेश शर्मा (पूर्व सरपंच प्रतिनिधि): इन्होंने बताया कि सरकार के भरोसे गाँव का कुछ नहीं होने वाला था। संत रामपाल जी महाराज ने भगवान के रूप में सहायता की, जिससे 3,000 एकड़ में फसल संभव हुई।
  • जोगिंदर (पूर्व सरपंच): इन्होंने कहा कि जहाँ 5 फुट पानी था, आज वहाँ हरियाली है। संत जी ने डूबते गाँव को सहारा दिया।
  • बलराज (ग्रामीण): इन्होंने प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों ने गाँव की अपनी मोटरें भी उतार ली थीं, जबकि संत जी ने मांगने पर तत्काल समाधान दिया।
  • धर्मवीर (ग्रामीण): इन्होंने बताया कि गाँव की गलियों में भी पानी भरा था, जिससे मकान गिरने वाले थे। संत रामपाल जी महाराज की बदौलत आज गाँव सुरक्षित है।

भविष्य की सुरक्षा के लिए स्थायी बुनियादी ढाँचा

रोहनात गाँव की पंचायत ने दूरदर्शिता का परिचय देते हुए संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई पाइप लाइन का सदुपयोग किया है। ग्रामीणों ने स्कूल के पीछे से लेकर नहर तक पाइपों को स्थायी रूप से जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड) दबा दिया है। 

यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि भविष्य में कभी भी अत्यधिक वर्षा होने पर आबादी और खेतों का पानी तत्काल निकाला जा सके। ग्रामीणों ने संकल्प लिया है कि वे संत रामपाल जी महाराज के आदेशों का पालन करेंगे और मानवता की सेवा में सदैव तत्पर रहेंगे।

रोहनात गाँव में खुशहाली और सामाजिक प्रभाव

वर्तमान में रोहनात गाँव पूरी तरह से बाढ़ मुक्त हो चुका है। जहाँ दो महीने पहले विनाश का मंजर था, वहाँ अब खेतों में हरियाली है। किसानों का मानना है कि संत रामपाल जी महाराज ने उन्हें आर्थिक कंगाली से उबारा है। 

ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि अब जब फसल कटकर घर आएगी, तो उन्हें दाने-दाने में संत रामपाल जी महाराज की दया नजर आएगी। गाँव के हर घर में इस सहायता को ‘संजीवनी बूटी’ के समान माना जा रहा है।

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