बहलबा गाँव की दर्दभरी कहानी: बाढ़ की तबाही से उम्मीद की हरियाली तक

Published on

spot_img

हरियाणा के रोहतक जिले का ऐतिहासिक गाँव बहलबा, जो दो पंचायतों—बहलबा और बहलबा बजान—में बंटा हुआ है, आज एक ऐसी कहानी लिख चुका है जिसे सुनकर कोई भी भावुक हो जाए। यह कहानी सिर्फ बाढ़ और तबाही की नहीं, बल्कि उम्मीद, एकजुटता और समय पर मिली मदद की है।

करीब 1000 एकड़ जमीन महीनों तक पानी की चादर ओढ़े खड़ी रही। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थीं। किसानों की आंखों में सिर्फ एक ही सवाल था—अब आगे क्या होगा? गेहूं की बिजाई की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी।

गाँव के लोग बताते हैं कि उन्होंने प्रशासन से लेकर नेताओं तक हर दरवाजा खटखटाया, लेकिन हर जगह से सिर्फ आश्वासन ही मिला। कोई ठोस मदद नहीं मिली। धीरे-धीरे उम्मीद टूटने लगी और निराशा ने पूरे गाँव को घेर लिया।

जब टूट गई सारी उम्मीदें

ग्रामीणों के शब्दों में दर्द साफ झलकता है। एक किसान ने बताया कि एक मोटर के लिए वह और बहलबा बजान के सरपंच प्रतिनिधि भीम पहलवान तीन दिन तक लगातार गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। नेताओं के पास गए—विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के पास—लेकिन कोई मदद नहीं मिली। लोग आए, हालात देखे और चले गए।

खेतों में 5 से 9 फीट तक पानी भरा हुआ था। कुछ जगहों पर तो कमरे तक डूब गए थे। किसानों को लगने लगा था कि शायद एक साल तक भी यह पानी नहीं निकलेगा। स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि किसानों के सामने कर्ज, भूख और भविष्य की चिंता एक साथ खड़ी थी।

एक उम्मीद की किरण: संत रामपाल जी महाराज के पास लगाई अर्जी

जब हर तरफ से निराशा हाथ लगी, तब दोनों पंचायतों के सरपंचों और कुछ लोगों ने साथ मिलकर संत रामपाल जी महाराज जी के पास अर्जी लगाई। गाँव वालों ने सिर्फ एक आवेदन दिया। किसी ने नहीं सोचा था कि इतनी बड़ी समस्या का समाधान इतनी जल्दी मिल सकता है। लेकिन जो हुआ, उसने पूरे गाँव को चौंका दिया।

तीन दिन में बदली तस्वीर

संत रामपाल जी महाराज जी के पास अर्जी लगाने के महज़ तीन दिन बाद गाँव की गलियों में ट्रकों का लंबा काफिला दाखिल हुआ।

महज तीन दिनों के भीतर गाँव में वह सब पहुंच गया जिसकी ग्रामीण कल्पना भी नहीं कर सकते थे—

  • 50,000 हजार फुट 8 इंची पाइप
  • 15 एचपी की 7 शक्तिशाली मोटरें
  • पानी निकासी का पूरा समान

बहलबा पंचायत को 30,000 फुट 8 इंची पाइप और 4 मोटरें मिलीं, जबकि बहलबा बजान पंचायत को 20,000 फुट 8 इंची पाइप और 3 मोटरें दी गईं।

जब संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा भेज गई राहत सामग्री ग्रामीणों तक पहुंची, तब गाँव वालों ने भावुक होकर कहा—
“जो काम सरकार को करना चाहिए था, वह एक संत ने कर दिखाया।”

यह भी पढ़ें: रोहतक का सैमाण गांव: जहां बाढ़ के अंधेरे के बाद उम्मीद की हरियाली लौटी

गाँव वालों की जुबानी दर्द और राहत

सरपंच प्रतिनिधि भीम पहलवान बताते हैं:
“हमारे गांव में 5-6 फुट पानी था। हमें कोई उम्मीद नहीं थी कि गेहूं की बिजाई हो पाएगी। लेकिन अब स्थिति यह है कि खेतों का पूरा पानी निकल चुका है और हर खेत में बिजाई हो रही है।”

सरपंच सतपाल ने कहा: “हम संत रामपाल जी महाराज जी को अर्जी देकर आए थे और महज़ तीन दिन के अंदर सारी बाढ़ राहत सामग्री गाँव में पहुंच गई। यह हमारे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।”

एक किसान उमेश बताते हैं: “पहले सिर्फ पानी ही पानी था। अब पूरा खेत हरा हो गया है। अगर मदद नहीं मिलती तो हम बर्बाद हो जाते।” 

एक अन्य किसान ने कहा: “हमारे पास 30 किले जमीन थी, सब डूब गई थी। अगर संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा यह मदद नहीं मिलती तो हम खत्म हो जाते। अब हमारा खर्चा भी निकल जाएगा और आगे की उम्मीद भी है।” संत रामपाल जी महाराज जी के द्वारा प्रदान की गई मोटरों ने दिन रात काम करके खेतों जमा हुआ जिद्दी पानी, काफी कम समय में निकाल फेंका। करीब सवा महीने के अंदर 150 किले से ज्यादा क्षेत्र का पानी निकाल दिया गया।

चमत्कार जैसे दृश्य: जहां पानी था, वहां उग आया गेहूं

गाँव बहलबा की जिस जमीन पर कभी 9 फुट पानी भरा था, आज वहीं गेहूं अंकुरित हो चुका है। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने तो बस ऊपर-ऊपर ही गेहूं डाल दिया था, क्योंकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि फसल उगेगी। लेकिन आज वही गेहूं लहलहा रहा है।

एक बुजुर्ग किसान (ताऊ जी) ने बताया: “दो अंगुल पानी बचा था, हमने उसी में ट्रैक्टर चला दिया और बीज डाल दिए। आज एक-एक दाना जम गया है। ऐसा हमने पहले कभी नहीं देखा।”

सामाजिक प्रभाव: निराशा से आत्मविश्वास तक

इस पूरे घटनाक्रम ने गाँव की सामाजिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया।

  • किसानों का आत्मविश्वास वापस आया
  • कर्ज के डर से जूझ रहे लोगों को राहत मिली
  • गाँव में एकता और सहयोग की भावना मजबूत हुई
  • भविष्य के लिए स्थायी समाधान (पाइपलाइन) तैयार हो गया

कई किसानों ने कहा कि अगर यह मदद नहीं मिलती तो वे आत्महत्या तक सोच रहे थे। अब वही किसान खुशी से कह रहे हैं— “हम फिर से खड़े हो गए हैं।”

सबकी ज़ुबान पर संत रामपाल जी महाराज का नाम 

गाँव के हर व्यक्ति की जुबान पर आज संत रामपाल जी महाराज जी का नाम है। ग्रामीणों के लिए यह मदद सिर्फ राहत नहीं, बल्कि जीवनदान साबित हुई।

संत जी ने जिस करुणा और निस्वार्थ भाव से मदद पहुंचाई, उसने समाज सेवा की एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने न केवल संसाधन उपलब्ध कराए, बल्कि किसानों को एक नई दिशा भी दी— कि मुश्किल कितनी भी बड़ी क्यों न हो, संत रामपाल जी महाराज जी जैसे संत अगर साथ हो तो उसका हल निकाला जा सकता है। उनकी यह पहल हरियाणा में एक नई पहचान बन चुकी है, जहां जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाना प्राथमिकता है।

गाँव वालों का कहना है कि अगर आज पृथ्वी पर कोई  सच्चा हितैषी है, तो वो सिर्फ और सिर्फ संत रामपाल जी महाराज हैं।

जब सच्चे संत और समाज साथ आते हैं, तब होता है समाधान

बहलबा गाँव की यह कहानी सिर्फ एक गाँव की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश है। यह दिखाती है कि संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो अगर सही समय पर मदद मिल जाए तो हालात बदले जा सकते हैं। आज जहां कभी पानी का सागर था, वहां गेहूं की हरियाली लहरा रही है। किसानों के चेहरे पर फिर से मुस्कान है।

गाँव बहलबा की यह कहानी इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि जब समाजहित के लिए सच्चे संत आगे आते है, तो बड़ी से बड़ी आपदा भी उनकी दिव्य करुणा के आगे घुटने टेक देती है। वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज एकमात्र ऐसे संत है जिन्होंने ना तो धर्म देखा, ना जात, ना अनुयायी देखा ना, अन्य जनसामान्य बस दर्द आँसू और पीड़ा देखकर सबको अपनाया और कल्याण किया।

आज हजारों परिवार अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत भोजन, राशन, आवास, कपड़े, चिकित्सा और शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। गांवों की गिनताई मुश्किल है की कितने करोड़ों का दान संत रामपाल जी महराज जी ने गांवों के लिए किया है। वे एकमात्र ऐसे संत हैं जिन्होंने धन लिया नहीं बल्कि दान किया है। समाज उनका सदैव ऋणी रहेगा।

Latest articles

Death Anniversary of Two Great Freedom Fighters: Udham Singh & Bal Gangadhar Tilak

Last Updated on 29 July 2026 IST: Udham Singh & Balgangadhar Tilak Death Anniversary:...

Munshi Premchand Jayanti 2026: किसानों, गरीबों और आम इंसान की आवाज़ बने उपन्यास सम्राट

Last Updated on 29 July 2026 IST: प्रेमचंद्र का जन्म (Munshi Premchand Jayanti in...

संत रामपाल जी महाराज ने फेज़ 2 में नौसवा, चरखी दादरी को राहत दी

हरियाणा प्रदेश के जिला चरखी दादरी की तहसील चरखी दादरी के अंतर्गत स्थित गांव...

समाज सेवा और जनकल्याण के केंद्र बने संत रामपाल जी महाराज: कई अतिथियों ने किए दर्शन

वर्तमान समय में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों का संत रामपाल जी...
spot_img

More like this

Death Anniversary of Two Great Freedom Fighters: Udham Singh & Bal Gangadhar Tilak

Last Updated on 29 July 2026 IST: Udham Singh & Balgangadhar Tilak Death Anniversary:...

Munshi Premchand Jayanti 2026: किसानों, गरीबों और आम इंसान की आवाज़ बने उपन्यास सम्राट

Last Updated on 29 July 2026 IST: प्रेमचंद्र का जन्म (Munshi Premchand Jayanti in...

संत रामपाल जी महाराज ने फेज़ 2 में नौसवा, चरखी दादरी को राहत दी

हरियाणा प्रदेश के जिला चरखी दादरी की तहसील चरखी दादरी के अंतर्गत स्थित गांव...