Coronavirus Lockdown Extension in India: कोरोना संकट पर चौथी विडियो कॉन्फ्रेंसिंग

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कल मोदी जी ने देश के मुख्य मंत्रियों के साथ कोरोना संकट पर चौथी विडियो कॉन्फ्रेंसिंग की, कुछ मुख्यमंत्री ने लॉक डाउन बढ़ाने व कुछ ने हटाने का लेकिन ज्यदातर ने सुझाव दिया की Coronavirus Lockdown Extension in India होना चाहिए. आइए जानते है विस्तार से.

Coronavirus (Covid-19) Lockdown Extension India

Coronavirus (Covid-19) Lockdown Extension India को आगे बढ़ानें को लेकर विचार विमर्श अर्थव्यवस्था से चिंतित मुख्यमंत्री लॉकडाउन हटाने/ ढील देने के पक्षधर लॉकडाउन एक्स्टेन्शन पर पीएम मोदी ने कल की मुख्यमंत्रियों के चर्चा की.

आज पूरा विश्व कोविड महामारी से जूझ रहा है। भारत ने कड़े निर्णय लेकर पहले 21 दिन और फिर 19 दिन मिलाकर अब तक 40 दिन का लॉकडाउन लागू किया है जिसके परिणाम भी सामने है। 3 मई इस लॉकडाउन का आखिरी दिन है। कोरोनावायरस महामारी से निपटने में किये गए प्रयास बेरोजगारी और भुखमरी की स्थिति पैदा कर रहे हैं, ऐसे में अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट के चलते यह निर्णय कठिन हो रहा है कि इन परिस्थितियों से कैसे निपटा जाए।

कुछ शर्तों के साथ लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने का विचार

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में चर्चा हुई कि देश भर में क्रमबद्ध तरीके से कुछ और छूट के साथ लॉकडाउन की सीमा को तीसरी बार बढ़ाने का निर्णय लिया जा सकता है। आगे की रणनीति के लिए सरकार ने राज्यों के साथ विमर्श शुरू कर दिया है साथ ही औपचारिक रूप से लॉक डाउन अवधि बढ़ाने की घोषणा करने की संभावना है।

Coronavirus Lockdown Extension in India: हालांकि यह अवधि अलग-अलग राज्यों की स्थिति पर निर्भर करेगी तथा सुधार वाले क्षेत्र छूट के पात्र होंगे। फिर भी यह अवधि समूचे भारत में 16 मई तक बढ़ाये जाने के पूरे संकेत मिले हैं। लॉकडाउन आगे बढ़ाने पर अंतिम फैसला 3 मई के आसपास ही होने की संभावना है।

राज्यों को लॉकडाउन पर नीति बनाने को कहा गया

बैठक में चर्चा हुई कि राज्य सरकारें अपनी स्थिति के अनुसार नीति तय करें। हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रेड से ऑरेंज, ऑरेंज से ग्रीन कैसे लाएं और सुधार वाले क्षेत्रों से प्रतिबंध हटाने के बारे में योजना तैयार करें। आज भारत में कोरोनावायरस के संक्रमित केस 21632 हैं और 934 मौत हो चुकी हैं। 6869 लोग ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं ।

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा अभी भी सख्ती जरूरी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्रियों ने विमर्श के अनुसार यह माना कि जब तक स्थिति पूरे नियंत्रण में न हो तब तक इसके लिए लॉकडाउन का पालन सख्ती से किया जाए। पूरे देश में मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम का पालन करना है।

प्रधानमंत्री मोदी जी ने अभी तक के प्रयासों को सराहा

प्रधानमंत्री मोदी जी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि लॉकडाउन से हमें लाभ मिला है । सामूहिक प्रयासों का असर अब दिख रहा है ।

  • हॉटस्पॉट पर विशेष नजर

कोरोनावायरस में लॉकडाउन के चलते संक्रमितों की संख्या में वृद्धि अन्य देशों की तुलना में काफी कम है और मरीजों के स्वस्थ होने के प्रतिशत में भी वृद्धि हुई है। मुंबई, दिल्ली, जयपुर, इंदौर जैसे कोरोना हॉटस्पॉट में संक्रमण वृद्धि दर कम करने के प्रयास जारी हैं ।

चीन के वुहान का कोविड-19 का अनुभव

चीन में वुहान में 76 दिन के बाद 8 अप्रैल को लॉकडाउन खोल दिया गया है । 26 अप्रैल को वुहान शहर के अस्पतालों में एक भी संक्रमित मरीज नहीं है । भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा समय – समय पर गाइडलाइन्स जारी की जा रही हैं।

  • कुछ राज्यों ने की लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा

Coronavirus Lockdown Extension in India: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री, ममता बैनर्जी ने 21 मई तक लॉक डाउन बढ़ाने का निर्णय लिया है। वहीं गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने विशेष राहतों के साथ राज्य की कुछ आर्थिक गतिविधियों को मंजूरी देते हुए लॉकडाउन की स्थिति बरकरार रखने की बात कही है।

यह भी पढें: कोरोनावायरस के चलते भारत में लॉकडाउन-2.0: पीएम मोदी जी ने जनता से कही ये 7 बातें

तेलंगाना ने पहले ही इस अवधि को 7 मई तक के लिए बढ़ा दिया था जिस पर वह दो दिन पहले पुनर्विचार करेगा। उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक आर्थिक गतिविधियों को मंजूरी देते हुए लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के पक्षधर हैं।

राज्यों ने केंद्र सरकार से की आर्थिक पैकेज की मांग

लगभग सभी राज्यों ने केंद्र सरकार से आर्थिक पैकेज की मांग की है। पांडिचेरी के मुख्यमंत्री नारायणसामी ने डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की मांग की। उत्तराखंड मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के कारण तीर्थयात्रियों के प्रभावित होने की बात कही।

लॉकडाउन के चलते सत्संग देखने की अपील

एक ओर जहां लोग घर बैठे नेटफ्लिक्स और यू ट्यूब पर चिल करके अपना समय काट रहे हैं साथ ही तरह तरह के व्यंजनों पर भी हाथ आजमा रहे हैं वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर सन्त रामपाल जी के अनुयायी प्रतिदिन ईश्वर tv (8:30pm), साधना चैनल (7:30 pm), श्रद्धा चैनल (2:00pm) के साथ अन्य चैनलों पर सत्संग देखने की अपील लोगों से कर रहे हैं।

“दान दिये धन न घटे”

साहेब कबीर

जानकारी के लिए बता दें कि सन्त रामपाल जी संकट के समय अन्न भंडार और भोजन की मदद करने के लिए आगे आये हैं। सन्त रामपाल जी महाराज अपने सत्संग में अपने शिष्यों को दान की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देते हैं। सतगुरुदेव जी के अनुसार दिया हुआ दान ही हमारी सच्ची दौलत है तथा दान देने वाले ही अपनी आध्यात्मिक मंजिल पर पहुंचेंगें –

” जो अपने सो और के, एकै पीड़ पिछाण| भुखियाँ भोजन देत हैं पहुंचेंगे परवान||”

संत रामपाल जी महाराज

रविवार शाम 6 बजे से ट्विटर #Help_Them का टैग ट्रेंड करता रहा जिसमे उन्होंने अन्य लोगों से भी दान करने की अपील की । कबीर साहेब की यह प्रसिद्ध वाणी है कि – ” चिड़ी चोंच भर ले गई, नदी न घटयो नीर| दान दिये धन न घटे, ये कह रहे साहेब कबीर”।

“मैं आपसे आग्रह करूँगा- हम कतई अति-आत्मविश्वास में न फंस जाएं, हम ऐसा विचार न पाल लें कि हमारे शहर में, हमारे गांव में, हमारी गली में, हमारे दफ्तर में, अभी तक कोरोना पहुंचा नहीं है और अब पहुंचने वाला नहीं है। देखिए, ऐसी गलती कभी मत पालना। दुनिया का अनुभव हमें बहुत कुछ कह रहा है। हमारे यहां तो बारम्बार कहा जाता है- ‘सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (मन की बात 26 अप्रैल 2020)

“वैश्विक महामारी का खत्म होना अभी दूर की बात है,”…. “हमारे पास एक लंबा रास्ता है और हमें बहुत काम करना है,”

-डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडहोम घेब्येयियस

“लॉकडाउन को लागू करने का उद्देश्य कोविड-19 को रोकना था और अगर ये नहीं रुकता है तो हमे लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाना होगा

राजेश टोपे, महाराष्ट्र स्वास्थ्य मंत्री

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