CBSE Revised Date Sheet 2021: 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा 2021 की संशोधित डेट शीट जारी

Published on

spot_img

आपको बता दें कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 05 मार्च 2021 शुक्रवार के दिन 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए संशोधित विस्तृत समय सारणी (CBSE Revised Date Sheet 2021) जारी कर दी है।

CBSE Revised Date Sheet 2021 के मुख्य बिंदु

  • केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 2021 की 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षाओं हेतु दी गई डेटशीट में संशोधन किया गया है 
  • CBSE बोर्ड परीक्षाएं 04 मई से शुरू जाएंगी। 10वीं की 07 जून व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 14 जून को समाप्त होगीं
  • 10वीं व 12वीं प्रैक्टिकल परीक्षा की उत्तर पुस्तिका में किया गया है बदलाव
  • 12वीं प्रैक्टिकल एग्जाम हेतु बाहरी एग्जामिनर नियुक्त किया जाएगा जबकि 10वीं प्रैक्टिकल एग्जाम के लिए बाहरी एग्जामिनर नियुक्त नहीं किया जाएगा
  • 12वीं कक्षा के प्रैक्टिकल एग्जाम देते हुए बच्चे -एग्जामिनर के साथ, सभी स्कूलों को एक फोटो भी CBSE को भेजनी होगी
  • मानव जीवन की परीक्षा में पास होने के लिए आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त करनी होगी
  • सतगुरु (आध्यत्मिक शिक्षक) ही जीवन में कठिन परीक्षाओं से पास करा सकते हैं

CBSE Revised Date Sheet 2021: बोर्ड ने किए है डेटशीट में बदलाव

CBSE बोर्ड द्वारा 2021 बोर्ड परीक्षाओं हेतु पहले ही डेट शीट घोषित कर दी थी, उसी में बदलाव करके नई डेट शीट जारी की है । बच्चों को कोई परेशानी न हो इसके लिए संशोधित डेटशीट डाऊनलोड करने हेतु सीधा लिंक भी जारी किया गया है ।

इसके साथ ही CBSE ने 5 मार्च के दिन शुक्रवार को ही कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए व्यावहारिक परीक्षाएं, परियोजनाएं, आंतरिक मूल्यांकन के लिए दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।  आपको बता दे कि संशोधित डेटशीट के अनुसार की परीक्षाओं की तारीख व समय में बदलाव किए हैं। 10वीं,12वीं दोनों की परीक्षाएं 04 मई 2021 से शुरू होंगी लेकिन 10वीं की 07 जून व 12वीं की 14 जून को समाप्त होगीं । अधिक जानकारी हेतु आधिकारिक वेबसाइट www.cbse.nic.in पर चेक करें।

CBSE Revised Date Sheet 2021: दसवीं-बारहवीं प्रैक्टिकल परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिका में बदलाव

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा दसवीं-बारहवीं की प्रैक्टिकल परीक्षा की उत्तर पुस्तिका में इस बार बदलाव हुआ है । CBSE द्वारा प्रैक्टिकल परीक्षा की उत्तर पुस्तिका के कवर पेज में बदलाव किए हैं। जो प्रैक्टिकल एग्जाम लेगा उस एग्जामिनर को इस पर सही और सटीक तरह से पूर्ण जानकारी को भरना होगा। इस बार थोड़ा और बारीकी से कार्य करना होगा जिससे बच्चों के लिए अच्छे से मेहनत का फल मिल सके ।

वहीं आपको बता दें दसवीं की प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए बाहरी एग्जामिनर नियुक्त नहीं होगा दूसरी तरफ बारहवीं प्रैक्टिकल परीक्षा हेतु बाहरी एग्जामिनर नियुक्त किया जाएगा। इसमें प्राइवेट छात्रों के लिए अलग से प्रैक्टिकल नहीं होंगे। उनको भी इसी तरह एग्जाम देना होगा और पूरे नियमों का पालन करना होगा।

CBSE Revised Date Sheet 2021 PDF

CBSE द्वारा प्रैक्टिकल परीक्षा, प्रोजेक्ट मूल्यांकन व आंतरिक मूल्यांकन की तिथियां पहले ही जारी हो चुकी हैं। यह बात ध्यान रहे कि बोर्ड एग्जाम हेतु प्रैक्टिकल परीक्षा स्कूलों में एक मार्च से 11 जून के बीच आयोजित होगी। स्कूलों को प्रोजेक्ट मूल्यांकन व आंतरिक मूल्यांकन भी 11 जून तक करना होगा। बोर्ड ने अब परीक्षा व मूल्यांकन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनको पूर्णता से पढ़कर पालन किया जाए, दी गई तिथियों के अनुसार ही कार्य करा जाए अन्यथा इसके लिए बोर्ड जिम्मेदार नहीं होगा ।

CBSE Revised Date Sheet 2021: 12वीं  की प्रैक्टिकल परीक्षा हेतु जानकारी 

CBSE 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं सीबीएसई द्वारा बाहरी परीक्षकों की उपस्थिति में आयोजित होंगी, ऐसी नियुक्ति की गई है। दूसरी ओर दसवीं की प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए बाहरी परीक्षक नहीं होगा। दसवीं के प्राइवेट छात्रों के लिए अलग से प्रैक्टिकल परीक्षा नहीं होगी। उनके लिए एक बहुत बहुत अच्छा मौका है कि थ्योरी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर प्रो-रेटा फॉर्मूले के आधार पर प्रैक्टिकल के अंक दिए जाएंगे। 

वहीं बारहवीं में जो छात्र 2019-20 में रेगुलर छात्रों में बैठे थे और फेल हो गए थे, वह ही 2021 की प्रैक्टिकल परीक्षा में बैठ सकेंगे। जबकि 2019-20 और 2018-19 से पहले परीक्षा में बैठे छात्रों को प्रैक्टिकल में अंक उनके थ्योरी में प्राप्त अंकों के आधार पर प्रो रेटा फॉर्मूूला से दिए जाएंगे। 

आपको बता दें कि बोर्ड की ओर से पहले ही स्पष्ट कर दिया गया है कि प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान हर बच्चों के हर बैच का अलग-अलग फोटो बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराए गए लिंक पर अपलोड करना होगा। इसके बाद स्कूलों को बच्चों को लैब में एग्जामिनर के सामने प्रैक्टिकल करते हुए फोटो भेजना होगा । यह मुख्य भूमिका सभी CBSE स्कूलों को निभानी होगी और बहुत अच्छी तरह प्रैक्टिकल परीक्षाओं को पूर्ण करना होगा ।

आइए जानते है आध्यात्मिक शिक्षा और आध्यात्मिक शिक्षक (पूर्णगुरु) के बारे में

वर्तमान समय में शिक्षा ने व्यावसायिक रूप ले लिया है। आज लोग इसलिए पढ़ाई करते हैं ताकि उन्हें अच्छी नौकरी प्राप्त हो सके और वह अपने जीवन को अच्छे से जी सके, फिर भी अच्छा व्यवसाय प्राप्त हो जाने मात्र से ही हमारा जीवन सफल नहीं होता है।

पूर्ण परमात्मा की पहचान कहां से की जाए?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पूर्ण परमात्मा की पहचान हमारे चारों वेदों और सभी शास्त्रों में प्रमाणित ज्ञान से की जा सकती है और इनकी पहचान के लिए हमें शिक्षा की आवश्यकता पड़ती है अन्यथा इस शिक्षा की कोई आवश्यकता नहीं थी। मनुष्य जीवन का असली उद्देश्य मोक्ष प्राप्त करना है। वास्तव में असली शिक्षा का ज्ञान यह है कि आप अपने परमात्मा को पहचान ले और सदग्रंथों से प्रमाणित ज्ञान को समझ लें

वह कोर्स है आध्यत्मिक ज्ञान जिसे गीता में तत्वज्ञान कहा गया है । इस ज्ञान को यदि मानव नहीं समझता है तो उसका मानव जीवन पशुओं और पक्षियों की तरह ही समाप्त हो जाता है । इसके समझे बिना हमें परमात्मा प्राप्ति का ज्ञान नहीं होगा। इसलिए हमें आध्यात्मिक शिक्षक की खोज कर यह शिक्षा प्राप्त कर मानव जीवन का कल्याण करवाना चाहिए। जिसके संकेत श्रीमद्भागवत गीता जी के अध्याय – 15 के श्लोक न.1 से 4 व 16 और 17 में है ।

मानव जीवन की परीक्षा को आध्यात्मिक शिक्षा से पास किया जा सकता है

मानव जीवन परमात्मा की असीम दया से प्राप्त होता है जिसे हम व्यर्थ कर जाते हैं । मनुष्य को हर क्षण कर्मबन्धन के अनुसार अनेकों  परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। दुःख- दर्द-गरीबी-रोग-प्राकृतिक आपदाएं-लड़ाई (झगड़े) का सबसे हर क्षण सामना करते करते अंत में मृत्यु को अंगीकार करना होता है। इन सब परेशानियों का कारण है तत्वज्ञान का अभाव। समय निकला जा रहा है हम भूल रहे है केवल परमात्मा की सद्भक्ति-सत्यज्ञान को जो हमें हर कठिन परीक्षा से पास कराके मोक्ष प्रदान करेगा।

सतगुरु (आध्यात्मिक शिक्षक) ही जीवन रूपी परीक्षा से पास करा सकते हैं

हमें जीवन रूपी परीक्षा से यदि पास होकर सारी परेशानियों से पीछा छुड़वाना है तो केवल आध्यामिक गुरु (सद्गुरु) की शरण में जाकर उनके बताए गए भक्ति मार्ग के अनुसार ही हम पूर्ण छुटकारा पा कर मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं। पूर्ण सन्त की शरण में आकर इस लोक में भी सुख प्राप्त करें और मोक्ष भी पाएं।

अभी भी समय है यदि निकल गया तो पछतावा ही रह जाता है और मानव जीवन हाथ से निकल जाता है । इसलिए समय रहते सद्गुरु की पहचान करके उनके द्वारा बताई सत्य साधना को अपना कर मोक्ष प्राप्त करने में ही भलाई है।

समझदार को संकेत ही काफी है

काल के लोक में 84 लाख योनियां होती हैं जिनमें से बहुमूल्य मानव शरीर होता है। यह वह दशा है जब हम पूर्ण सतगुरु और पूर्ण परमात्मा के लिये भक्ति कर सकते हैं और आध्यात्मिक ज्ञान को प्राप्त कर सकते हैं । आज हमें मानव शरीर प्राप्त है अतः हमें यह समझना चाहिए कि आध्यात्मिक विद्यालय में हम प्रवेश करने के लिए बिल्कुल तैयार हैं । अब इस आध्यात्मिक शिक्षा के लिए आध्यात्मिक गुरु की आवश्यकता है । पूर्ण सतगुरु ही आध्यात्मिक गुरु हो सकता है और पूर्ण सद्गुरु वही है जो हमेशा सदग्रंथों पर आधारित ज्ञान बताता है। 

और ज्ञान सब ज्ञानड़ी, कबीर ज्ञान सो ज्ञान |

जैसे गोला तोब का, करता चले मैदान ||

केवल इस पृथ्वी पर कबीर साहेब का ज्ञान ही पूर्ण ज्ञान है जो तत्वदर्शी संत जी प्रदान कर रहे हैं ,जिससे हमारा पूर्ण मोक्ष संभव है।

वर्तमान में सत्यभक्ति केवल तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के पास है

वर्तमान में पूरे विश्व में एकमात्र केवल तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ही हैं जो वास्तविक तत्वज्ञान करा कर पूर्ण परमात्मा की पूजा व आराधना बताते है। समझदार को संकेत ही काफी होता है । वह पूर्ण परमात्मा ही है जो हमें धनवान बना सकता है, सुख शांति दे सकता है व रोग रहित कर मोक्ष दिला सकता है। सर्व सुख और मोक्ष केवल तत्वदर्शी संत की शरण में जाने से सम्भव है। तो सत्य को जाने और पहचान कर पूर्ण तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी महाराज से मंत्र नामदीक्षा लेकर अपना जीवन कल्याण करवाएं । अधिक जानकारी के हेतु सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल पर सत्संग श्रवण करें। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से मुफ्त नाम की दीक्षा लेने के लिए कृपया दिए गए फॉर्म को भरकर आज ही पंजीकरण करें।

Latest articles

फेस 2: हरियाणा, हिसार, गांव मोहला में 30 वर्षों से व्याप्त जलभराव समस्या का संत रामपाल जी महाराज ने किया स्थाई समाधान

​हरियाणा राज्य के हिसार जिले (हांसी क्षेत्र) के अंतर्गत आने वाले गांव मोहला के...

“पैसे की कमी से कोई नहीं मरेगा”: किडनी मरीज की मदद से लेकर जल संकट निवारण तक, संत रामपाल जी बने उम्मीद की किरण

उजड़ते परिवारों को जीवनदान देने से लेकर प्यासे गांवों की पुकार सुनने तक, संत...

World Senior Citizens’ Day 2026: Why is it important to Serve Elderly People?

Last Updated on 15 August 2026 IST: World Senior Citizens' Day 2026 is a...

World Mosquito Day 2026: How the Mystery of Malaria was Solved by Sir Ronald Ross?

Last Updated on 15 August 2026 IST: World Mosquito Day 2026: Globally, people observe...
spot_img

More like this

फेस 2: हरियाणा, हिसार, गांव मोहला में 30 वर्षों से व्याप्त जलभराव समस्या का संत रामपाल जी महाराज ने किया स्थाई समाधान

​हरियाणा राज्य के हिसार जिले (हांसी क्षेत्र) के अंतर्गत आने वाले गांव मोहला के...

“पैसे की कमी से कोई नहीं मरेगा”: किडनी मरीज की मदद से लेकर जल संकट निवारण तक, संत रामपाल जी बने उम्मीद की किरण

उजड़ते परिवारों को जीवनदान देने से लेकर प्यासे गांवों की पुकार सुनने तक, संत...

World Senior Citizens’ Day 2026: Why is it important to Serve Elderly People?

Last Updated on 15 August 2026 IST: World Senior Citizens' Day 2026 is a...