BREAKING NEWS, BHOPAL (M.P)

Published on

spot_img

सत्संग सुनने व दहेजरहित विवाह देखने के लिए उमड़ी लाखों की भीड़।

यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कृषि उपज मंडी प्रांगण में संपन्न हुआ इस कार्यक्रम में शरीक होने दूर दूर से आये लोगों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज के नेतृत्व में ही धरती स्वर्ग समान बनेगी और जाति पाति से रहित नशामुक्त,दहेजमुक्त जिस प्रकार के समाज का निर्माण संत रामपाल जी महाराज कर रहे हैं उसमें हम भी अपना समर्थन देते हैं।
मंच से ही अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम और आयोजकों की तारीफ की मंच से कार्यक्रम के आयोजक और राष्ट्रीय समाज सेवा समिति के सदस्य ने कहा कि ये कार्यक्रम प्रदेश में 8वीं बार हो रहा है और उन्होंने पूरे कार्यक्रम की अपडेट देते हुए हुए बताया कि आज 5785 से ज्यादा देहदान, 430 यूनिट रक्तदान जबकि दान दाताओं की लाइन लगी रही 101 से ज्यादा दहेज मुक्त विवाह सम्पन्न हुए।
इस कार्यक्रम में लगभग 5 लाख से ज्यादा जनता उपस्थित हुई जो कि डेढ़ किलोमीटर में फैली और कई फुट चोड़ी मंडी प्रांगड़ में जनता समा नहीं रही इतना बड़ा जनसैलाब यहां उपस्थित हुआ है।

Latest articles

Siblings Day 2026: A Relationship That Lasts Till The End of Eternity?

Last Updated on 2 April 2026 IST: Every year on April 10, Sibling Day...

क्रांतिकारी मंगल पांडे की पुण्यतिथि (Mangal Pandey Death Anniversary) पर जानिए उनके क्रांतिकारी विचार

Last Updated on 2 April 2026 IST: प्रत्येक वर्ष 8 अप्रैल के दिन स्वतंत्रता...

जब सरकारी तंत्र थका, तब ‘मसीहा’ बनकर आए संत रामपाल जी महाराज: नंगला खारी की भावुक कहानी

ब्रज की पावन धरा, जहाँ कभी कान्हा की मुरली गूंजती थी, पिछले कुछ वर्षों...

भटगांव डूंगरान में बाढ़ के बाद लौटी उम्मीद: संत रामपाल जी महाराज द्वारा खेतों से निकला पानी (सोनीपत, हरियाणा)

हरियाणा के सोनीपत जिले का भटगांव डूंगरान गांव हाल ही में बाढ़ और जलभराव...
spot_img

More like this

Siblings Day 2026: A Relationship That Lasts Till The End of Eternity?

Last Updated on 2 April 2026 IST: Every year on April 10, Sibling Day...

क्रांतिकारी मंगल पांडे की पुण्यतिथि (Mangal Pandey Death Anniversary) पर जानिए उनके क्रांतिकारी विचार

Last Updated on 2 April 2026 IST: प्रत्येक वर्ष 8 अप्रैल के दिन स्वतंत्रता...

जब सरकारी तंत्र थका, तब ‘मसीहा’ बनकर आए संत रामपाल जी महाराज: नंगला खारी की भावुक कहानी

ब्रज की पावन धरा, जहाँ कभी कान्हा की मुरली गूंजती थी, पिछले कुछ वर्षों...