संत रामपाल जी महाराज असहायों और पीड़ितों के लिए सबसे बड़े सहारे बन चुके हैं। बाढ़ से बर्बाद होते किसानों को राहत देने से लेकर बेसहारा परिवारों की छत बनने तक, संत रामपाल जी महाराज का निस्वार्थ सेवा अभियान समाज में एक नई क्रांति ला रहा है। यही कारण है कि आज अधिकारी, सरपंच, वकील और युवा नेता उनके दरबार में नतमस्तक हो रहे हैं।
भगवतीपुर (रोहतक) के अनाथ बच्चों और बेसहारा माँ का सहारा बने संत रामपाल जी: किराए का खर्च उठाकर मकान बनवाने का लिया संकल्प
हरियाणा के रोहतक जिले (गांव भगवतीपुर) से एक बेसहारा महिला, जिसके पति का निधन हो चुका है, अपने तीन छोटे बच्चों के साथ संत रामपाल जी महाराज से मदद मांगने सतलोक आश्रम पहुंची। सेवादार ने संत जी को अवगत कराया कि यह परिवार पहले से ही आश्रम की ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत हर महीने राशन प्राप्त कर रहा है, जिससे उनका गुजारा चल रहा है। हालांकि, उनके वर्तमान मकान की हालत बेहद जर्जर है और उसमें पानी टपकता है, इसलिए उनके लिए एक नए मकान की सख्त आवश्यकता है। परिवार की दयनीय स्थिति सुनकर संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत मकान बनवाने का आश्वासन दिया। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मकान बनने में थोड़ा समय लगेगा, तब तक इस परिवार को तुरंत एक सुरक्षित किराए के मकान में शिफ्ट किया जाए, जिसका पूरा किराया वे स्वयं देंगे।
पेटवाड़ (हांसी) के जलमग्न खेतों के लिए मोटर और पाइप की सौगात:
हरियाणा के हांसी क्षेत्र के पेटवाड़ गांव से आए ग्रामीणों और किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सतलोक आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की। ग्रामीणों ने अपनी समस्या साझा करते हुए बताया कि गांव के लगभग 20-30 छोटे किसानों (जिनके पास 1-2 एकड़ जमीन है) के खेतों में भारी जलभराव हो गया है। इस पानी को नहर के नीचे से निकालने के लिए उन्हें एक बड़ी पानी की मोटर की सख्त जरूरत है। किसानों की यह परेशानी सुनते ही संत रामपाल जी ने बिना किसी देरी के उनकी अर्जी स्वीकार कर ली और तुरंत हस्ते हुए एक बड़ी मोटर (10 HP) को उनके गाड़ी में डाल देने को कह दिया। इस त्वरित और निस्वार्थ सहायता से गदगद होकर ग्रामीणों ने संत रामपाल जी को किसानों का सच्चा हितैषी बताते हुए उनका कोटि-कोटि धन्यवाद किया।
बडेसरा (भिवानी) में बाढ़ का कहर: संत रामपाल जी ने दिया राहत का आश्वासन – “काम समझो हो गया”
हरियाणा के भिवानी जिले के बडेसरा गांव के नंबरदार राज सिंह अपने साथी ग्रामीणों के साथ सतलोक आश्रम पहुंचे। उन्होंने गांव में भारी जलभराव (बाढ़) की गंभीर समस्या से संत रामपाल जी महाराज को अवगत कराया और मदद की गुहार लगाई। नंबरदार ने आश्रम द्वारा चलाई जा रही जनसेवा मुहिम की जमकर सराहना करते हुए कहा कि जो कार्य सरकारें नहीं कर पा रही हैं, उससे लाखों गुना अधिक मदद आश्रम से मिल रही है। ग्रामीणों की परेशानी सुनकर संत रामपाल जी ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने अपनी समस्या लिखित में (एप्लीकेशन) दे दी है? जब ग्रामीणों ने ‘हाँ’ में उत्तर दिया, तो संत जी ने तुरंत उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा, “काम समझो हो गया।” इस त्वरित सहायता और आश्वासन से ग्रामीणों का हृदय कृतज्ञता से भर गया।
पेटवाड़ (हांसी) पंचायत का संत रामपाल जी को समर्थन: “देश को आप जैसे मार्गदर्शक की जरूरत है”
हरियाणा के हांसी क्षेत्र के पेटवाड़ गांव (जो भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) का पैतृक गांव भी है) के नंबरदार, शिक्षक और पंचायत सदस्यों ने सतलोक आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की। ग्रामीणों ने पिछली बार बाढ़ के समय मिली मोटर व पाइप की मदद के लिए आभार जताया। पंचायत ने संत जी द्वारा अनाथ बच्चों के लिए ‘अन्नपूर्णा मुहिम’, दहेज व बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक, और छोटे किसानों (ढाई एकड़ तक) को मुफ्त खाद-बीज देने के संकल्प की जमकर सराहना की। एक शिक्षक ने कहा कि आज जब टीवी पर पाखंड परोसा जा रहा है, तब संत जी कबीर साहेब की तरह समाज सेवा और सुधार का सच्चा मार्ग दिखा रहे हैं, भले ही इसके लिए उन्हें यातनाएं सहनी पड़ी हों। ग्रामीणों ने खेतों में फिर से भरे पानी को निकालने के लिए अतिरिक्त मोटर की मांग की। संत रामपाल जी ने तुरंत कहा, “परसों तुम्हारे गांव सामान पहुंच जाएगा, काम पक्का हो गया।”
युवा क्रांतिकारी प्रदेश अध्यक्ष और अधिकारियों का नमन: “दास” बनकर जनसेवा करने की भावना से हुए प्रभावित
पेटवाड़ (हांसी) से ‘युवा क्रांतिकारी’ प्रदेश अध्यक्ष गुरमीत ढांडा और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों (SDOs) ने सतलोक आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज से विशेष मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि उनके संगठन के लगभग 1500-2000 युवाओं में संत जी के कार्यों को लेकर भारी उत्साह है और वे भटके हुए युवाओं को सही राह (नशामुक्ति और समाज सेवा) पर लाने के लिए उन्हें समूहों में आश्रम लेकर आ रहे हैं। संत रामपाल जी ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए स्पष्ट किया कि परोपकार के साथ-साथ ‘राम नाम’ (सत्यभक्ति) भी मोक्ष के लिए अनिवार्य है। इस दौरान साथ आए अधिकारियों ने संत जी की अत्यधिक विनम्रता की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि समाज में इतने विशाल स्तर पर कार्य करने के बावजूद आप स्वयं को केवल एक ‘दास’ (सेवक) बताकर सेवा कर रहे हैं, जिससे हम गहराई से प्रभावित हैं।
चरखी दादरी के युवा जिला पार्षद और अहुलाना गौशाला प्रबंधक ने जताया आभार
हरियाणा के चरखी दादरी से राज्य के सबसे युवा जिला पार्षद मोहित और अहुलाना गौशाला के सक्रिय प्रबंधक अपनी पूरी टीम के साथ संत रामपाल जी महाराज से विशेष मुलाकात करने सतलोक आश्रम पहुंचे। इस भेंट का मुख्य उद्देश्य संत जी द्वारा लगातार किए जा रहे निस्वार्थ समाज सेवा और गौ-सेवा के कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करना था। जिला पार्षद मोहित ने संत जी के कार्यों की जमकर सराहना करते हुए कहा कि किसानों और आम जनमानस के लिए आपने जो जमीनी कार्य किए हैं, उससे प्रभावित होकर हम आपके कार्यों के ‘दीवाने’ (मुरीद) हो गए हैं। इस सम्मान को स्वीकार करते हुए संत रामपाल जी महाराज ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
पाली, राजस्थान के वकील ने संत रामपाल जी से की भेंट: “वकील मंडल में होती है आपके ज्ञान की चर्चा”
राजस्थान के पाली जिले (गुड़ालास) से पाली वकील मंडल (जिसमें लगभग 250 वकील शामिल हैं) के एडवोकेट भरत चौधरी ने सतलोक आश्रम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज से विशेष मुलाकात की। एडवोकेट ने बताया कि उनके वकील मंडल में संत जी के अद्भुत ज्ञान और समाज सेवा कार्यों की चर्चा अक्सर होती रहती है, जिससे प्रेरित होकर वे दर्शन करने आए। संत रामपाल जी ने इतनी दूर से आने के लिए उनका स्वागत और धन्यवाद किया। साथ ही, संत जी ने उन्हें और समाज को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि सभी को इस सत्य ज्ञान को गहराई से समझना चाहिए और जल्द से जल्द सत्य भक्ति (नाम दीक्षा) शुरू कर देनी चाहिए।
सुकृत और बंदगी
सतलोक आश्रम से उठ रही यह समाज सेवा की विशाल लहर इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि संत रामपाल जी महाराज का मिशन मात्र कोरे उपदेशों तक सीमित नहीं है। यह ‘सुकृत’ (परोपकार व जनसेवा) और ‘बंदगी’ (शास्त्र प्रमाणित सत्यभक्ति) का वह अमूल्य महासंगम है, जो समाज के सबसे निचले और बेबस तबके को संबल दे रहा है। एक ओर उनका आध्यात्मिक ज्ञान युवाओं को नशे और कुप्रथाओं से मुक्त कर रहा है, तो दूसरी ओर उनकी जमीनी मदद चाहे वह बेसहारा विधवा को छत देना हो या बाढ़ से डूबे किसानों के खेतों से पानी निकालना हो मानवता का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख रही है। आज आम ग्रामीण से लेकर बड़े-बड़े अधिकारी और युवा नेता इस बात के साक्षी हैं कि असली समाज सुधार और इंसानियत की जो मिसाल यहाँ पेश की जा रही है, वह पूरे विश्व के लिए अनुकरणीय है।



