संत रामपाल जी महाराज ने बेड़वा (रोहतक) के किसानों का संकट किया दूर

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महम (रोहतक): हरियाणा के रोहतक जिले के महम तहसील अंतर्गत आने वाले गांव बेड़वा में संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से एक ऐसी मानवीय मिसाल पेश की है, जिसने सरकारी तंत्र की कार्यक्षमता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। जिले के नक्शे पर अंतिम छोर पर स्थित होने के कारण अक्सर प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार रहने वाले बेड़वा गांव के किसानों के लिए संत रामपाल जी महाराज साक्षात संकटमोचन बनकर प्रकट हुए हैं।

गांव के लगभग 500 से 2000 एकड़ खेतों में पिछले कई महीनों से जमा बाढ़ के पानी ने किसानों की कमर तोड़ दी थी, परंतु संत रामपाल जी महाराज के हस्तक्षेप के मात्र 72 घंटों के भीतर गांव में राहत का काफिला पहुँच गया। सरपंच सुभाष के नेतृत्व में पूरे गांव ने इस सहायता को ईश्वर का वरदान मानते हुए संत रामपाल जी महाराज का भव्य स्वागत किया है।

सरकारी तंत्र की विफलता और बेड़वा का “अंतिम गांव” होने का दंश

बेड़वा गांव की भौगोलिक स्थिति रोहतक जिले के अंतिम छोर पर है। ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ आते-आते सरकार की तमाम विकास योजनाएं और राहत की स्कीमें दम तोड़ देती हैं। पिछले दो महीनों से गांव के खेत 6-6 फीट पानी में डूबे हुए थे, जिससे न केवल खरीफ की फसल बर्बाद हुई बल्कि रबी की बिजाई पर भी अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे थे।

ग्रामीणों के अनुसार, सरकार के नुमाइंदे केवल फोटो खिंचवाने आते थे, लेकिन वास्तविक धरातल पर कोई समाधान नहीं हुआ। 30-40 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत नुकसान झेल रहे किसान पूरी तरह हताश हो चुके थे। जब प्रशासन और नेताओं से उम्मीदें खत्म हो गईं, तब ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज की शरण में जाने का निर्णय लिया।

72 घंटों में पहुँचा राहत का काफिला: संत रामपाल जी महाराज की ‘सुपरफास्ट’ सेवा

गांव बेड़वा का संत रामपाल जी महाराज से लगभग 20 साल पुराना रिश्ता है, जब महाराज जी यहाँ तीन दिवसीय अखंड पाठ करने आए थे। इसी पुराने विश्वास के साथ सरपंच सुभाष और अन्य ग्रामीण महाराज जी के दरबार में अर्जी लेकर पहुँचे।

ग्रामीणों की प्रार्थना पर संत रामपाल जी महाराज ने बिना किसी विलंब के मात्र 72 घंटों के भीतर राहत सामग्री भिजवाने का आदेश दिया। पहले चरण में 13,000 फुट 8-इंची पाइप और 15 एचपी की दो मोटरें भिजवाई गईं। जब गांव में पानी की अधिकता के कारण यह सामग्री कम पड़ी, तो महाराज जी ने दूसरे चरण में 7,000 फुट अतिरिक्त पाइप और एक और 15 एचपी की मोटर प्रदान की। अब गांव के पास कुल 20,000 फुट पाइप और 3 शक्तिशाली मोटरें उपलब्ध हैं।

अन्नपूर्णा मुहिम के तहत ए टू जेड सामग्री की निःशुल्क उपलब्धता

संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत केवल बड़ी मशीनें ही नहीं, बल्कि जल निकासी के लिए आवश्यक हर छोटी-से-छोटी वस्तु भी उपलब्ध कराई है। इस काफिले में स्टार्टर, केबल, नट-बोल्ट, वाशर, फेविकोल और यहां तक कि नलके भी शामिल थे।

ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने केवल पाइप और मोटर मांगी थी, लेकिन महाराज जी ने जरूरत से ज्यादा सामान भेजकर किसानों का दिल जीत लिया। इस सहायता के लिए न तो कोई चंदा लिया गया और न ही किसी राजनीतिक लाभ की अपेक्षा की गई।

भव्य स्वागत और ग्रामीणों का अटूट विश्वास: “भगवान का अवतार हैं महाराज जी”

राहत सामग्री से लदे दर्जनों वाहनों का काफिला जब बेड़वा की सीमा पर पहुँचा, तो ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ उसका स्वागत किया। पुष्प वर्षा के साथ संत रामपाल जी महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।

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ग्रामीणों ने कहा कि जो कार्य करोड़ों के बजट वाली सरकारें नहीं कर पाईं, वह संत रामपाल जी महाराज ने कर दिखाया। देवा सिंह सहित कई ग्रामीणों ने महाराज जी को “भगवान का अवतार” बताया और कहा कि आज बेड़वा में असली दिवाली मनाई जा रही है।

ड्रोन निगरानी और उत्तरदायित्व: संत रामपाल जी महाराज का कड़ा संदेश

सहायता के साथ-साथ संत रामपाल जी महाराज ने उत्तरदायित्व का स्पष्ट संदेश भी दिया है। सेवादारों द्वारा पढ़े गए निवेदन पत्र में महाराज जी ने कहा कि सामान चाहे कितना भी लगे, लेकिन हर हाल में गांव का पानी बाहर निकलना चाहिए और अगली फसल की बिजाई होनी चाहिए।

पारदर्शिता के लिए जलभराव की स्थिति का ड्रोन से वीडियो बनाया गया है। पानी निकलने और फसल उगने के बाद पुनः ड्रोन वीडियो बनाए जाएंगे ताकि दान की राशि के सदुपयोग को दुनिया देख सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि लापरवाही की स्थिति में भविष्य में सहायता नहीं दी जाएगी।

“परमानेंट गिफ्ट”: सरकारी और आध्यात्मिक सहायता में अंतर

ग्रामीणों ने विशेष रूप से इस बात पर खुशी जताई कि 20,000 फुट पाइपलाइन और मोटरें गांव की स्थायी संपत्ति बन गई हैं। सरकारी सहायता में जहां सामान वापस ले लिया जाता है, वहीं संत रामपाल जी महाराज ने इसे हमेशा के लिए गांव को भेंट किया है।

महाराज जी के निर्देशानुसार इन पाइपों को जमीन में दबाया जाएगा ताकि भविष्य में वर्षा जल की समस्या का तुरंत समाधान हो सके।

अन्नपूर्णा मुहिम: किसान, मजदूर और 36 बिरादरी का कल्याण

संत रामपाल जी महाराज स्वयं किसान परिवार से हैं, इसलिए वे किसानों के दर्द को भली-भांति समझते हैं। उनके मार्गदर्शन में अन्नपूर्णा मुहिम हरियाणा के साथ-साथ पंजाब, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में संचालित हो रही है।

महाराज जी का मानना है कि किसान बचेगा तो देश बचेगा। अब तक 400 से अधिक गांवों को बाढ़ मुक्त किया जा चुका है। यह मुहिम जाति-पाति से ऊपर उठकर 36 बिरादरी के कल्याण के लिए समर्पित है।

बेड़वा के पुनरुद्धार की नई गाथा

संत रामपाल जी महाराज ने बेड़वा गांव को केवल भौतिक सहायता ही नहीं, बल्कि नया आत्मविश्वास और जीवन संबल दिया है। प्रशासन द्वारा भुला दिए गए इस गांव को प्राथमिकता देकर उन्होंने परोपकार की मिसाल कायम की है।

आज खेतों से पानी तेजी से बाहर निकल रहा है और किसानों के चेहरों पर फिर से बिजाई की उम्मीद दिखाई दे रही है। यह पहल आधुनिक युग में आध्यात्मिक सेवा और मानवता की एक ऐतिहासिक विजय बनकर सामने आई है।

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