Amitabh Bachchan Corona News Hindi: कोरोना वायरस जो किसी को नहीं छोड़ता, कोई भेदभाव न करते हुए ये किसी को भी हो सकता है। बॉलीवुड की दिग्गज हस्ती अमिताभ बच्चन अपने पुत्र अभिषेक बच्चन समेत कोरोना संक्रमित होने से अस्पताल में भर्ती हुए हैं। वहीं अनुपम खेर की माता, भाई, भाभी और भतीजी भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।

Amitabh Bachchan Corona News के मुख्य बिंदु

  • अमिताभ बच्चन कोरोनावायरस से पीड़ित हैं – नानावती अस्पताल, मुंबई में हुए भर्ती, ट्वीट कर दी जानकारी
  • अमिताभ के साथ उनके पुत्र अभिषेक बच्चन भी पाए गए कोरोना पॉज़िटिव
  • अभिनेता अनुपम खेर की माँ, भाई, भाभी और भतीजी कोरोना संक्रमित। ट्वीट कर दी जानकारी
  • कोरोनावायरस काल में सभी को बरतनी हैं जरूरी सावधानियां
  • कोरोनावायरस जैसी लाइलाज वैश्विक महामारी का सटीक निराकरण संत रामपाल जी द्वारा

अमिताभ बच्चन हुए कोरोना पॉज़िटिव

मशहूर बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन कोरोना पॉज़िटिव निकलने के बाद मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती हो गए हैं। वे डॉक्टरों की टीम की निगरानी में है। उनकी हालत स्थिर बताई गई है। उन्होंने कहा है कि वे ट्वीट के माध्यम से जानकारी देते रहेंगे। अमिताभ बच्चन के साथ उनके अभिनेता पुत्र अभिषेक बच्चन भी कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं। दोनों ने ही ट्वीट और इंस्टाग्राम के माध्यम से बताया कि वे कोरोना संक्रमित हैं और उनका इलाज चल रहा है।

ट्वीट के माध्यम से दी कोरोना संक्रमण की जानकारी

Amitabh Bachchan Corona News: अमिताभ बच्चन ने देर रात ट्वीट के माध्यम से बताया कि वे कोरोना पॉज़िटिव हैं एवं उन्होंने अपील की है कि 10 दिन से उनके सम्पर्क में जो भी आया है वह अपनी जांच करवा ले। अमिताभ फिलहाल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं व डॉक्टरों की निगरानी में हैं। अमिताभ के बाद अभिषेक बच्चन की रिपोर्ट भी पॉज़िटिव आई है। अभिषेक ने भी ट्वीट करके कहा कि मेरे पिता और मैँ दोनों ही कोरोना संक्रमित हैं और हमें अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। उन्होंने सभी से सावधान रहने और परेशान न होने की अपील की है।

हल्के लक्षणों के साथ हालात में सुधार

डॉक्टरों के अनुसार अमिताभ बच्चन का ऑक्सीजन प्रतिशत रात में 91% पाया गया था जो आज सुबह 95% है जोकि हालात में सुधार का परिचायक है।

परिवार के अन्य सदस्य कोरोना नेगेटिव

Amitabh Bachchan Corona News Hindi: जय बच्चन, ऐश्वर्या और उनकी बेटी आराध्या की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। सभी स्टाफ की जांच होनी है। अमिताभ और अभिषेक बच्चन की रिपोर्ट पॉज़िटिव आते ही सोशल मीडिया पर उनके फैन्स, क्रिकेटर और कई हस्तियों के माध्यम से उनके लिए शुभकामनाओं का तांता लगा है।

अभिषेक व्यस्त थे शूटिंग में और अमिताभ कर रहे थे वर्क फ्रॉम होम

बताया जा रहा है कि अभिषेक बच्चन अपनी आगामी फिल्मों की डबिंग के लिए शूट पर निकल रहे थे वहीं अमिताभ घर पर ही केबीसी के लिए शूटिंग कर रहे थे।

बीएमसी कर्मचारी पहुँचे जलसा को सेनेटाइज़ करने

Amitabh Bachchan Corona Newsअमिताभ और अभिषेक बच्चन की कोरोना रिपोर्ट पॉज़िटिव आने के पश्चात परिवारजनों और स्टाफ की टेस्टिंग की जा रही है। साथ ही बीएमसी के कर्मचारी अमिताभ के निवास स्थान “जलसा” को सेनेटाइज़ करने पहुँच गए हैं। और बंगले को कंटेन्मेंट ज़ोन घोषित कर दिया गया है।

अनुपम खेर की माँ और सम्बन्धी कोरोना पॉज़िटिव

अभिनेता अनुपम खेर ने भी ट्वीट के माध्यम से सूचना दी है कि उनकी माँ, भाई, भाभी और भतीजी कोरोना पॉज़िटिव हैं। उन्होंने ट्वीट के माध्यम से जो वीडियो शेयर किया है वह जमकर वायरल हो रहा है। उन्होंने बताया है कि उनकी माँ को कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती किया गया है। भाभी, भाई और भतीजी के द्वारा सावधानियां बरतने के बाद भी वे कोरोना के शिकार हो गए हैं। हालांकि अभिनेता अनुपम खेर का कोरोना टेस्ट नेगेटिव आया है।

कोरोना वायरस और सावधानियां

कोरोनावायरस से जनित COVID-19 एक लाइलाज बीमारी है। बहुत सावधानियां बरतने पर भी है थोड़ी सी ढील देते ही जकड़ सकती है। बीमारी में मुख्यतः फेफड़े प्रभावित होते हैं। कोरोना से धीरे धीरे फेफड़ों की शक्ति कम होती है और श्वसन तंत्र के सबसे अहम अंग फेफड़े काम करना बंद कर देते हैं। आवश्यक है कि सामाजिक दूरी बनाए रखे, मास्क का प्रयोग करें, अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें, हाथों को साबुन से धोएं, साफ सफाई से रहें, सावधानी बरतें, सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन्स का यथासम्भव पालन करें, एवं बाहर से लाई गई सभी वस्तुओं को ठीक से धोने के बाद ही इस्तेमाल करें।

कोरोना महामारी का सत भक्ति से सटीक निदान

आइए जानते है कैसे हो सकती है सत भक्ति नाम दीक्षा से पाप कर्मों से मुक्ति जिसके उपरांत ही होता है कष्ट निवारण और रोग मुक्ति । इसके बाद शरीर छोड़ने के क्षण प्राप्त होता है पूर्ण मोक्ष । यह भी जानते है कि किस प्रकार की पूजा अर्चना और ध्यान से नहीं होता कोई लाभ ।

परंपरागत कर्मकांड या ध्यान से नहीं होती रोग मुक्ति

ज़रा सोचिए एक ऐसा वायरस जो सेनेटाइज़ करने से मर जाता हो, धो लेने से बह जाता हो वैज्ञानिक उसकी वैक्सीन नहीं बना पा रहे हैं। इसका इलाज अध्यात्म के पास है। अध्यात्म का तात्पर्य आंखे बंद करके ध्यान लगाने, मंदिर जाने ,धर्मग्रंथों का अध्ययन करने से नहीं है और न ऐसा करने से कोरोना ठीक हो जाएगा। नकली धर्मगुरुओं ने ब्रह्मा, विष्णु और महेश को बड़ा बताया है और अमर अविनाशी कहा है ना तो ये अमर हैं और न ही सर्व सक्षम। ये केवल किस्मत में लिखा हुआ दे सकते हैं।

शास्त्रों में इसका प्रमाण भी है। इनके पिता क्षर ब्रह्म और माता आदिशक्ति भी केवल कर्मानुसार फल दे सकते हैं एवं इनकी भी मृत्यु होती है। गीता अध्याय 8 श्लोक 16 में ब्रह्मलोक पर्यंत सभी लोक पुनरावृत्ति में अर्थात जन्मते और मरते बताए गए हैं। फिर ये पूर्ण परमात्मा कैसे हुए।

सत्य भक्ति को स्वीकारने से होगा अवश्यंभावी लाभ

कोरोना का इलाज पूर्ण सन्त रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेने से ही सम्भव है। धर्मग्रंथ गवाही देते हैं कि पूर्ण परमात्मा साधक के सभी रोगों का नाश करके उसकी आयु भी बढ़ा देता है। विडंबना ये है कि यह भेद अभी तक सामान्य जनों के लिए स्वीकार कर पाना मुश्किल हो रहा है, कि क्या ऐसा भी हो सकता है? क्या विधि का विधान पलट सकता है? ऐसा बिल्कुल हो सकता है लेकिन जब व्यक्ति अपने जीवन में पूर्ण परमात्मा से परिचित हो जाए।

जाने भेद पूर्ण परमात्मा का

पूर्ण परमात्मा तो वेदों में लिखा कविर्देव (कबीर साहेब) है जो अजन्मा, अमर और अविनाशी है। उसकी भक्ति से सभी लाभ होते हैं और वास्तविक मोक्ष प्राप्ति होती है। लेकिन इसे कोई पूर्ण तत्वदर्शी सन्त ही बता सकता है कि उसकी भक्ति कैसे की जाए। इसलिये गीता अध्याय 4 श्लोक 34 में पूर्ण तत्वदर्शी सन्त खोजने के लिए कहा है। व गीता अध्याय 18 श्लोक 66 में पूर्ण परमेश्वर की शरण में जाने के लिए कहा है जहाँ जाने के बाद प्राणी लौटकर इस संसार में नहीं आते।

आयें तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की शरण में

पूर्ण तत्वदर्शी सन्त की पहचान भी शास्त्रों में बताई है जिसमें से एक है गीता अध्याय 15 का श्लोक 1 जिसके अनुसार उल्टे लटके संसार रूपी वृक्ष को जो सही तरीके से समझायेगा वह पूर्ण तत्वदर्शी सन्त है। वर्तमान में एकमात्र तत्वदर्शी सन्त रामपाल जी महाराज हैं। वे तीन बार में नाम दीक्षा की प्रक्रिया पूरी करते हैं। उनसे नामदीक्षा लेकर अपना कल्याण करवाएं। पूर्ण तत्वदर्शी सन्त से नामदीक्षा लेने पर न केवल जन्म मरण का रोग नष्ट होता है बल्कि सभी रोग नष्ट होते हैं और आरोग्य प्राप्त होता है। कबीर साहेब कहते हैं कि सतगुरु भाग्य का लिखा बदलने की शक्ति रखता है।

सात द्वीप नौ खण्ड में, गुरु से बड़ा न कोई |
करता करे न कर सके, गुरु करे सो होई ||

सतगुरु शरण में जाने से, आई टले बलाय |
जो मस्तक में सूली हो, वो कांटे में टल जाए ||