जायडस की Virafin को DCGI की मंजूरी, कोरोना मरीजों के इलाज में मिलेगी मदद: सतनाम है सबसे बड़ी दवा

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कोरोना (Coronavirus) मरीजों के इलाज में तेजी लाने के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने शुक्रवार को जाइडस कैडिला की दवा विराफिन (Virafin) के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। सतनाम है सबसे बड़ी दवा जो हर तरह की बीमारी का इलाज है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस दवा का इस्तेमाल 18 साल से ज्यादा उम्र के मरीजों के इलाज के लिए किया जा सकता है।
  • दावा किया जा रहा है कि कोरोना मरीजों के इलाज में यह दवा अभूतपूर्व रूप से कारगर है और इसके इस्तेमाल के बाद उत्साहजनक नतीजे सामने आए हैं।
  • जानकारी के मुताबिक, जायडस ने इसका ट्रायल देश के तकरीबन 25 सेंटर पर किया था, जिसमें उत्साहजनक नतीजे सामने आए। 
  • इसे देखते हुए भारत की दवा नियंत्रक संस्था (डीसीजीआई) ने कोरोना मरीजों के लिए इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। 
  • अब इसे अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाएगा और डॉक्टरों की सलाह के बाद इसे मरीजों को दिया जाएगा। 
  • इससे पहले रेमडेसिविर का इस्तेमाल कोरोना मरीजों के इलाज के लिए किया जा रहा था। यह मरीजों को कोरोना के गंभीर लक्षणों से बचाने में मदद करता है।

कोरोना की वर्तमान स्थिति

बता दें कि भारत में बीते 24 घंटों के भीतर 3 लाख 32 हजार 730 नए मामले सामने आए हैं। वहीं एक दिन में 2 हजार 263 लोगों की मौत कोरोना से हुई है। फिलहाल देश में लगभग 24 लाख 28 हजार 616 एक्टिव केस हैं।

Virafin के फायदे

देशभर में जहां एक तरफ कोरोना की रफ्तार काफी तेज हो गई है और हर दिन रिकॉर्डतोड़ मामले सामने आ रहे हैं। इस बीच कोरोना को मात देने के मिशन को रफ्तार देने के लिए भारत सरकार की ओर से बड़ा कदम उठाया गया है। शुक्रवार को भारत के ड्रग्स रेगुलेटर की ओर से Zydus की Virafin को मंजूरी दे दी गई है।

कंपनी ने दावा किया है कि दवा खाने के बाद 7 दिन में 91.15 फीसदी कोरोना पीड़ितों का RT-PCR टेस्ट पॉजिटिव से नेगेटिव हो गया। इसके इस्तेमाल से कोरोना मरीजों को जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है और बीमारी के एडवांस स्टेज में होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है। 

Virafin के अन्य लाभ

जाइडस कैडिला की एंटी-वायरल दवा विराफिन का इस्तेमाल हैपेटाइटिस सी और बी के इलाज में किया जाता है। इस दवा का मेडिकल नाम ‘पेजिलेटेड इंटरफेरन अल्फा-2बी’ यानी PegIFN है। हेपेटाइटिस के इलाज में इसके कई डोज दिए जाते हैं। डीसीजीआई ने इसे वयस्कों में कोरोना वायरस के मध्यम संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। ऐसा इसके क्लिनिकल ट्रायल के नतीजों के आधार पर किया गया है। कोरोना के इलाज में इसके सिंगल डोज का इस्तेमाल होगा। स्पष्ट है कि इस दवा का मूल तौर पर इस्तेमाल हेपेटाइटिस के इलाज में होता है। अब इसे कोरोना के इलाज के लिए चुना गया है।

Also Read: Coronavirus Update India: सतभक्ति रूपी दवा के अभाव में कोरोना का तांडव 

जायडस कैडिला ने अप्रैल की शुरुआत में डीसीजीआई से PegIFN को कोरोना के इलाज में इस्तेमाल की मंजूरी मांगी थी। फेज-3 के क्लीनिकल ट्रायल में इस दवा का कोरोना मरीजों पर बहुत ही शानदार रिजल्ट मिला था। आखिरकार, DCGI ने इसके इमर्जेंसी यूज की इजाजत दे दी है। बिना डॉक्टर की सलाह के विराफिन को नहीं लिया जा सकता है क्योंकि ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। यह दवा बिना प्रिस्क्रिप्शन के नहीं मिलेगी।

सतनाम है सबसे बड़ी दवा ? 

विश्व के महान संत जैसे, गुरु नानक देव जी, दादू दास, धर्मदास, मलूक दास, नामदेव, संत मीराबाई, घीसा दास सभी महान संतों ने सतनाम की महिमा गाई है और सतनाम की महिमा गाते हुए कहा है कि यह बहुत ही अनमोल मंत्र है और सभी को इस मंत्र को प्राप्त करके अपना जन्म मरण का दीर्घ कटवाना चाहिए और अपना उद्धार करवाना चाहिए। इसके साथ-साथ मानव शरीर की सभी बीमारियां व रोग भी इस मंत्र से समाप्त हो जाते हैं ! 

इसी संबंध में कबीर परमेश्वर जी ने कहा है:

जब ही सत्य नाम हृदय रखो , भयो पाप को नास ।

मानो चिंगारी आग की, पड़ी पुरानी घास।।

कबीर परमेश्वर जी ने सत्य नाम की महिमा बताते हुए कहा है कि सतनाम का जैसे ही आप जाप शुरू कर देंगे आपके पुराने पाप, वर्तमान में होने वाले पाप, ऐसे जलकर भस्म हो जाएंगे जैसे पुराने घास में जरा सी चिंगारी लगाओ तो वह जलकर भस्म हो जाती है । क्योंकि वह सूखी हुई होती है ऐसे सतनाम मंत्र में शक्ति है और सतनाम के जाप से आप के पाप कर्म छूमंतर हो जाएंगे और आप सुखमय जीवन जिओगे। शीघ्र ही आपका शरीर निरोगी और स्वस्थ हो जाएगा।

वर्तमान में कौन पूर्ण संत है जो सतनाम देने का अधिकारी है?

जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज इस पृथ्वी पर वर्तमान में एकमात्र ऐसे संत हैं जो सतनाम देने के अधिकारी और पूर्ण संत है। संत रामपाल जी महाराज विश्व विजेता संत हैं। वर्तमान की भयंकर स्थिति को लेकर भी भविष्यवक्ताओं ने अनेकों भविष्यवाणिया की है कि वह पूर्ण संत अर्थात संत रामपाल जी महाराज जी इन सभी समस्याओं से हमेशा हमेशा के लिए निजात दिलाकर पूर्ण मोक्ष प्रदान कर सकते हैं उस संत को हल्का ज्ञानदीप ना समझें। उसकी पूजा करना ही श्रेष्ठ है। 

विश्व के सभी मानव को कल्याण हेतु एक महत्वपूर्ण संदेश

जब हमारे पास वर्तमान में एक ऐसा संत मौजूद है जो सभी बीमारियों को पल भर में समाप्त कर सकता है, तो हमें चाहिए कि हम तुरंत उस संत की शरण ग्रहण करें। क्योंकि अपने रोगों को अपनी परेशानियों को खत्म करने के लिए न जाने हम कितने प्रयत्न कर के थक चुके हैं। संत रामपाल जी महाराज की के मानने वाले कहते हैं कि हम भी पहले दुखी थे जब से संत रामपाल जी महाराज जी की शरण ग्रहण की है हमारे सारे रोग कष्ट दूर हो गए और ज्ञान भी प्राप्त हुआ कि परमात्मा कौन है और मनुष्य जीवन क्यों मिला है। इसलिए सभी भाई बहनों से प्रार्थना है संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा चलाए जा रहे यूट्यूब चैनल “सतलोक आश्रम न्यूज़ चैनल” “SA News “के माध्यम से आप सत्संग सुनें, उनसे नाम दीक्षा लेकर, भक्ति करके, आजीवन सुखमय जीवन जिए और मोक्ष को प्राप्त करें।

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