Video | पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में खमाणों के सतलोक आश्रम में तीन दिन तक चला विशाल भंडारा। जानिए पूरी रिपोर्ट इस वीडियो के माध्यम से

Published on

spot_img

पंजाब राज्य के फतेहगढ़ साहिब के खमाणों में परम संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में एक तीन दिवसीय समागम का आयोजन किया गया। यह समागम 510 वर्ष पूर्व, परमेश्वर कबीर जी ने काशी नगर में 18 लाख साधु-संतों को दिए भंडारे की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए 26 से 28 नवंबर 2023 को दिव्य धर्म यज्ञ दिवस के रूप में मनाया गया। इस भंडारे में हजारों लोगों ने भाग लिया, जिसमें देश-विदेश से आए श्रद्धालु भी शामिल थे।

समागम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वाहन पार्किंग की विशेष व्यवस्था बनाई गई। गाड़ियों की बड़ी भीड़ दिखाई दी। वाहनों से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया गया। भंडारा और अन्य सभी व्यवस्थाएं भी निशुल्क थी। इस आश्रम में प्रसाद और रक्षा सूत्र भी निशुल्क दिए गए। आश्रम में फर्स्ट ऐड की व्यवस्था भी थी जिसमें बीमार आगंतुकों का तुरंत इलाज किया गया जिनको ज्यादा समस्या थी उन्हें इलाज के लिए बाहर भेजने की सहूलियत दी गई।

शौचालय और स्नान घर में भी साबुन इत्यादि की निशुल्क व्यवस्था की गई थी। पंडाल को सुंदर ढंग से सजाया गया था। पुरुषों और महिलाओं के बैठने और ठहरने की अलग अलग व्यवस्था की गई। इस भंडारे में तीन दिनों तक संत गरीबदास जी महाराज जी की अमरवाणी का अखंड पाठ और अखंड ज्योति यज्ञ किया गया। अखंड पाठ बहनों और भाईयो द्वारा अलग अलग किया गया था। सभी के लिए भोजन भंडारे और प्रसाद की व्यवस्था भी थी। इस प्रकार यह तीन दिवसीय भंडारा बड़े धूमधाम से मनाया गया और श्रद्धालुओं ने इसका आध्यात्मिक लाभ उठाया।

Latest articles

​राजस्थान के डीग स्थित अवार गांव की 13000 बीघा जलमग्न भूमि को संत रामपाल जी महाराज ने उबारा

राजस्थान के डीग जिले की रार तहसील का अवार गांव पिछले दो वर्षों से...

डीग (राजस्थान): कौंरेर गांव के किसानों के लिए मसीहा बने संत रामपाल जी महाराज

राजस्थान के डीग जिले का कौंरेर गांव पिछले पांच वर्षों से एक अत्यंत गंभीर...

​जब सिस्टम ने पल्ला झाड़ा, तब संत रामपाल जी महाराज बने दुल्हेड़ा का सहारा

​एक किसान के लिए उसकी फसल ही उसके जीवन की पूंजी होती है। लेकिन...

धरौदी का उद्धार: 10 साल की तबाही से सुनहरी हरियाली तक का सफर

 जींद जिले की नरवाना तहसील का धरौदी गांव आज एक ऐसी विजय गाथा लिख...
spot_img

More like this

​राजस्थान के डीग स्थित अवार गांव की 13000 बीघा जलमग्न भूमि को संत रामपाल जी महाराज ने उबारा

राजस्थान के डीग जिले की रार तहसील का अवार गांव पिछले दो वर्षों से...

डीग (राजस्थान): कौंरेर गांव के किसानों के लिए मसीहा बने संत रामपाल जी महाराज

राजस्थान के डीग जिले का कौंरेर गांव पिछले पांच वर्षों से एक अत्यंत गंभीर...

​जब सिस्टम ने पल्ला झाड़ा, तब संत रामपाल जी महाराज बने दुल्हेड़ा का सहारा

​एक किसान के लिए उसकी फसल ही उसके जीवन की पूंजी होती है। लेकिन...