सतभक्ति है तौकते तूफान (Tauktae Cyclone) रूपी प्राकृतिक आपदा से बचाव का तरीका

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Tauktae Cyclone Update: मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक गहरे दबाव के कारण ‘तौकते’ (Tauktae) ने काफी खतरनाक रूप ले लिया है और रविवार तक इसके भीषण चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm) में तब्‍दील होने का अलर्ट जारी कर दिया गया है। ‘ताउते’ चक्रवाती तूफान के कारण लक्षद्वीप में 15 मई को कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश हुई। भारत में एक महापुरुष अवतार ले चुका है जो सकारात्मक प्राकृतिक परिवर्तन करने का माद्दा रखता है। आगे जानिए उन परम तत्वदर्शी बाखबर संत रामपाल जी महाराज जी की बारे में

तौकते तूफान (Tauktae Cyclone) की स्थिति 

  • कर्नाटक (तटीय एवं आसपास के जिलों) में अधिकतर स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार
  • कोंकण और गोवा में 15-16 मई को भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
  • गुजरात में सौराष्ट्र क्षेत्र के तटीय जिलों में 16 मई से भारी बारिश होने की आशंका है।
  • केरल में भी अलर्ट जारी किया गया है। यहां तेज बारिश हो रही है और कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।

क्या है तौकते तूफान Tauktae Cyclone?

बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान तौकते वर्तमान में सक्रिय और मजबूत उष्णकटिबंधीय चक्रवात है जो भारत में गुजरात राज्य के लिए खतरा है और वर्तमान में कर्नाटक और गोवा राज्य को प्रभावित कर रहा है। यह भीषण चक्रवाती तूफान एक उष्णकटिबंधीय अशांति से उत्पन्न हुआ था, जिसकी निगरानी पहली बार 13 मई को भारतीय मौसम विभाग द्वारा की गई थी। पूर्व की ओर और 14 मई तक एक गहरे अवसाद में संगठित हो गया। तूफान ने जल्द ही उत्तर की ओर एक मोड़ ले लिया। 

तौकेते ने 15 मई को धीमी गति से तीव्रता जारी रखी और बाद में गंभीर चक्रवाती तूफान की स्थिति अर्जित की। 16 मई की शुरुआत में एक बहुत ही गंभीर चक्रवाती तूफान तौकते ने कर्नाटक, भारत के तट के समानांतर प्रभावित करना शुरू किया। तूफान को ‘तौकते’ नाम म्यांमार ने दिया है जिसका मतलब ‘छिपकली’ होता है। इस साल भारतीय तट पर यह पहला चक्रवाती तूफान है।

चक्रवाती तूफान ‘तौकते’ के बारे में हाईलाइटस

  • दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर बने एक ताकतवर साइक्लोन ‘तौकते’ जो कि ‘अत्यंत भीषण चक्रवाती’ तूफान है, इसके चलते लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु के घाटों, तटीय कर्नाटक में बहुत ज्यादा बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा गोवा और दक्षिणी कोंकण इलाकों में भी भारी बारिश के आसार हैं।
  • भारतीय वायुसेना के दो C-130 एयरक्राफ्ट से एनडीआरएफ की तीन टीम गुजरात के जामनगर पहुंची हैं। कुल 126 एनडीआरएफ कर्मियों को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से एयरलिफ्ट करके लाया गया है। यह टीम राहत और बचाव कार्यों के लिए तैनात की जा रही है।
  • एनडीआरएफ के कमांडेंट अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए मुंबई में 3 टीमें, गोवा में 1 और पुणे मुख्यालय में 14 टीमें तैनात हैं। अभी Cyclone Tauktae पश्चिमी तट से दूर है इसलिए इसका कम से कम प्रभाव पड़ेगा। तटीय जिलों में तेज हवा चलने और बारिश की संभावना है।
  • अरब सागर के ऊपर एक विकासशील उष्णकटिबंधीय चक्रवात सप्ताहांत में काफी मजबूत होने का अनुमान है और अगले सप्ताह भारत और पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में संभावित विनाशकारी खतरा पैदा कर सकता है ।

Tauktae Cyclone Update: मौसम विभाग ने दी है चेतावनी

  • मौसम विभाग ने आसपास के तटीय क्षेत्रों को ओरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां बहुत ज्‍यादा बारिश के आसार हैं। तटीय राज्‍यों की तरफ 175 kmph हो सकती चक्रवाती तूफान ‘तौकते’ की रफ्तार और महाराष्‍ट्र, गुजरात, गोवा के कई हिस्‍सों में बारिश का भी अनुमान है।
  • साथ ही मछुआरों को तट पर वापस आने के लिए कहा गया है और कुछ समय के लिए समुद्र से दूरी बनाए रखने की भी सलाह दी गई है। कोस्ट गार्ड ने जहाज एवं हेलीकॉप्टर के जरिए मछुआरों को अलर्ट किया है। चक्रवाती तूफान Tauktae के चलते केरल के कोझीकोड में शनिवार से भारी बारिश जारी है। आईएमडी ने कोझिकोड में रेड अलर्ट जारी किया है।
  • चक्रवाती तूफान को लेकर मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि आपातकालीन बचाव आदि के लिए अलग-अलग समुद्र तटों पर लगभग 100 लाइफगार्ड रखे गए हैं। फायर ब्रिगेड की टीमें भी तैयार हैं। बांद्रा वर्ली सी लिंक आज और कल ट्रैफिक के लिए बंद रहेगा।
  • इस तूफान के कारण कई फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया है। एयलाइंस ने कहा है कि चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, बेंगलुरु, मुंबई, पुणे, गोवा और अहमदाबाद के लिए उड़ानें 17 मई, 2021 तक प्रभावित रहेगी।

Tauktae Cyclone के चलते प्रधानमंत्री मोदी ने बुलाई आपात बैठक

‘ताउते’ चक्रवाती तूफान के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार शाम एक आपात बैठक बुलाई। बैठक में नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के अधिकारी शामिल थे। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ताउते’ चक्रवाती तूफान के संकट से बचने के लिए सभी तैयारियों का जायज़ा लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात तौकते से बचाने के लिए अधिकारियों को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, पेयजल जैसी जरूरी सेवाओं का प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Also Read: Amphan Cyclone update in Hindi: कोरोना संकट के बीच साइक्लोन ‘अम्फान’ की दस्तक 

प्रधानमंत्री ने चक्रवात से जिन स्थानों के प्रभावित होने की संभावना है वहां के अस्पतालों में कोविड प्रबंधन, टीकाकरण, बिजली की कमी न हो, इसके उपाय और आवश्यक दवाओं के भंडारण के लिए विशेष तैयारियों की आवश्यकता पर बल दिया।

कहीं विश्व, परम संत को सताने की सज़ा और प्रकृति के साथ खिलवाड़ करने की सज़ा तो नहीं भुगत रहा है ?

संत सताये तीनों जायें, तेज बल और वंश। 

ऐसे ऐसे कई गये रावण, कौरव और कंस ॥

जो परम संत को सताता है उनकी दुर्दशा निश्चित है चाहे वह कितना भी ऐश्वर्यवान क्यों ना हो! इतिहास में हम रावण, कौरव और कंस की दुर्गतिओं से सबक ले सकते हैं। जब जब मीडिया ने संत रामपाल जी महाराज जी के बारे में झूठी खबरें दिखाईं तो विश्व के लोगों ने उन ग़लत खबरों पर बिना सच्चाई जाने विश्वास किया। 

पूर्ण परमात्मा के अवतार हैं संत रामपाल जी

आज पूरा हिंदुस्तान जेल बन चुका है और कई प्राकृतिक प्रकोपों को झेल रहा है। यह शुरूआत है समय रहते संत रामपाल जी महाराज जी से माफी नहीं मांगी तो अनर्थ होना निश्चित है। मेरी प्रार्थना है कि हिंदुस्तान की सरकार को कोई सद्बुद्धि दे और संत रामपाल जी महाराज जी को पहचाने कि वह कोई मामूली संत नहीं हैं। वे परम पूज्य कबीर परमेश्वर जी के अवतार हैं। संत दयालु होते हैं वह जल्दी माफ कर देंगे किंतु समय रहते अगर सरकार को समझ नहीं आई तो इसके भयंकर परिणाम निश्चित हैं।

प्रकृति नरसंहार करने को तैयार खड़ी है संत अपनी शक्ति से उसे रोके हुए हैं। हिंदुस्तान के बुद्धिजीवी लोगों जागो और संत रामपाल जी महाराज जी को पहचानो नहीं तो न  धन दौलत बचेगी, न घर बचेगा और न परिवार और न बच्चे काल सबको ग्रास (खा लेगा ) लेगा। बचेंगे तो वही जो सतगुरु की शरण में है इसलिए सभी मेरे भाइयों, बहनों, माताओं, बुजुर्गों से प्रार्थना है कि जल्द से जल्द परम संत रामपाल जी महाराज जी की शरण में आइए ! इस बात को हल्के में बिल्कुल न लेना क्योंकि यह बहुत भयंकर समय चल रहा है बचने का एकमात्र स्थान है:  तत्वदर्शी बाखबर संत रामपाल जी महाराज जी की शरण।

प्रमुख भविष्यवक्ताओं के नाम जिन्होंने कहा है कि केवल हिंदुस्तान का एक महान संत कर सकता है प्राकृतिक और आध्यात्मिक परिवर्तन 

  1. इंग्लैण्ड के ज्योतिषी ‘कीरो’ 
  2. भविष्यवक्ता ‘‘श्री वेजीलेटिन’’ 
  3. अमेरिका की महिला भविष्यवक्ता ‘‘जीन डिक्सन’’,
  4. अमेरिका के भविष्वक्ता‘‘श्री चाल्र्स क्लार्क’’ 
  5. हंगरी की महिला ज्योतिषी ‘‘बोरिस्का’’ 
  6. हॉलैण्ड के भविष्यदृष्टा ‘‘श्री गेरार्ड क्राइसे’’. 
  7. फ्रांस के डाॅ. जूलर्वन 
  8. इजरायल के प्रो. हरार
  9. फ्रांस के नास्त्रेदमस
  10. नार्वे के श्री आनन्दाचार्य की
  11. हिंदुस्तान के संत रामदेव पीर
  12. हिंदुस्तान के एक और संत श्री तुलसीदास इत्यादि

उपरोक्त विश्व के सभी नामी भविष्यवक्ता हैं जिनकी भविष्यवाणियां प्रत्येक देश में मानी जाती हैं क्योंकि भविष्य में होने वाली घटनाओं को उन्होंने कई वर्ष पहले ही बता दिया था और वैसा हुआ भी है ।

कहते हैं कि समझदार को इशारा काफी होता है

इन भविष्यवक्ताओं ने भारत के उस महापुरुष के बारे में सारा भेद ही खोल दिया जिसके अथक प्रयासों से विश्व में शांति स्थापित होगी, पृथ्वी पर सतयुग जैसा माहौल होगा, भारत विश्वगुरू बनेगा, सभी लोग सतभक्ति करेंगे और उस महान संत के वचनों पर चलकर मोक्ष प्राप्त करेंगे। उसका कार्यस्थल, उसके आने का समय, उसकी उम्र, परिवार, मानव कल्याण का समय इत्यादि सब कुछ बता दिया। वो परमसंत बाखबर, जगतगुरु, विश्व विजेता संत कोई और नहीं तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ही हैं जिनके लिए सभी भविष्यवक्ताओं ने स्पष्ट रूप से बता दिया है। अब जो समझदार व्यक्ति होंगे वह प्रमाण देखकर, पढ़कर और सुनकर उस परम संत की शरण अवश्य ग्रहण करके अपना उद्धार कराएंगे

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