हरियाणा राज्य के जिला पलवल के अंतर्गत आने वाले गांव राखौता में लंबे समय से खेतों में बरसाती पानी और सेम की अत्यंत गंभीर समस्या बनी हुई थी। जल निकासी की कोई भी स्थाई व्यवस्था न होने के कारण पिछले कई वर्षों से गांव की उपजाऊ कृषि भूमि बुरी तरह प्रभावित हो चुकी थी। खेतों में लगातार पानी भरे रहने की वजह से फसलों की बिजाई पूर्ण रूप से रुकी हुई थी। स्थिति इतनी विकट थी कि पिछले लगभग पांच वर्षों से किसानों के खेतों में अनाज का एक दाना भी उत्पन्न नहीं हुआ था। इस भयंकर जलभराव और सेम के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था और उनका जीवन गंभीर संकट में आ गया था।
किसान मजदूर बचाओ अभियान के अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज के चरणों में करुण प्रार्थना
इस जलभराव और सेम की स्थाई समस्या से त्रस्त होकर ग्राम पंचायत राखौता ने अपने अस्तित्व को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। गांव वालों ने ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान’ के तहत जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना की। उनकी यह गुहार बिना किसी पूर्व जान-पहचान या सिफारिश के थी। केवल मुसीबत में फंसे किसानों की इस करुण प्रार्थना पर जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत संज्ञान लिया और उन्हें इस संकट से उबारने का आश्वासन दिया।
प्रथम चरण में धरातल पर सर्वे तथा पाइपलाइन और मोटरों की प्रारंभिक स्वीकृति
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के पावन आदेश पर एक विशेषज्ञ सर्वे टीम ने गांव राखौता के जलमग्न और प्रभावित क्षेत्रों का धरातल पर जाकर अत्यंत बारीकी से निरीक्षण किया। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर समस्या की गंभीरता का आकलन करते हुए, पहले चरण में ही गांव राखौता के लिए 10,000 फीट लंबी 8 इंच की उच्च गुणवत्ता वाली पाइपलाइन और तीन विशाल हैवी ड्यूटी मोटरें स्वीकृत की गईं। यह पूरी प्रक्रिया अत्यंत तीव्र गति से पूरी की गई ताकि त्रस्त किसानों को जल्द से जल्द राहत प्रदान की जा सके।
द्वितीय चरण के अंतर्गत अतिरिक्त क्षेत्र के लिए जल निकासी उपकरणों का आवंटन
प्रथम चरण के सर्वे के पश्चात जब कार्य शुरू हुआ, तब यह तथ्य सामने आया कि गांव के अतिरिक्त क्षेत्र में भी जल निकासी की अत्यधिक आवश्यकता है। इस नई आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के आदेश से दूसरे चरण में 4,200 फीट लंबी 8 इंच की अतिरिक्त पाइपलाइन तथा एक 10 एचपी की मोटर तुरंत स्वीकृत कर दी गई। इस प्रकार कुल मिलाकर गांव राखौता को 14,200 फीट पाइपलाइन प्रदान की गई। दोनों चरणों की यह सभी आवश्यक सामग्री ग्राम पंचायत को सुपुर्द कर दी गई।
ग्रामीणों द्वारा अत्यंत तीव्र गति से पाइपलाइनों को भूमिगत करने का सफलतापूर्वक कार्य
पाइपलाइन और सामग्री प्राप्त होने के पश्चात, ग्रामीणों ने अथक परिश्रम करते हुए तीन जल निकासी लाइनों को निर्धारित मार्ग के अनुसार सफलतापूर्वक भूमिगत कर दिया। ग्रामीण जितेंद्र के अनुसार, केवल आधे घंटे के भीतर ही पाइपलाइनों को जमीन में दबाने का कार्य संपन्न कर लिया गया। शेष एक लाइन का कार्य वर्तमान में खेतों में खड़ी धान की फसल की कटाई के बाद पूरा किया जाएगा। गांव वालों ने इस तकनीकी कार्य को पूरी लगन और उत्साह के साथ अंजाम दिया।
सर्वे टीम द्वारा किए गए कार्यों का रीसर्वे और उच्च मानकों की पुष्टि
ग्रामीणों द्वारा तीनों पाइपलाइन सफलतापूर्वक भूमिगत किए जाने के बाद, सर्वे टीम ने एक बार पुनः गांव राखौता का दौरा किया। टीम ने धरातल पर जाकर बिछाई गई भूमिगत पाइपलाइनों का बारीकी से निरीक्षण किया। जब यह पाया गया कि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और पूर्णतः सही किया गया है, तब एक विस्तृत रीसर्वे रिपोर्ट तैयार की गई। यह रीसर्वे रिपोर्ट जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्तुत की गई।
उच्च गुणवत्ता वाली हैवी ड्यूटी मोटरों और ब्रांडेड उपकरणों की संपूर्ण सुपुर्दगी
रीसर्वे रिपोर्ट स्वीकृत होने के उपरांत, जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के पावन आदेश से तीन भूमिगत पाइप लाइनों के सुचारू संचालन हेतु तीन हैवी ड्यूटी मोटरें ग्राम पंचायत राखौता को उनके घर बैठे उपलब्ध करवाई गईं। मोटरों के साथ-साथ जल निकासी प्रणाली को पूर्ण करने हेतु छोटी से लेकर बड़ी तक की सभी आवश्यक एक्सेसरीज ग्राम पंचायत को सौंपी गई। इन उपकरणों का विवरण निम्नलिखित तालिका में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है:
उपलब्ध करवाई गई सामग्री का विवरण
| क्रम संख्या | सामग्री का नाम | विवरण / मात्रा |
| 1 | भूमिगत पाइपलाइन | कुल 14,200 फीट (8 इंच मोटाई) |
| 2 | हैवी ड्यूटी मोटरें | 3 विशाल मोटरें |
| 3 | अतिरिक्त मोटर | 1 मोटर (10 एचपी क्षमता) |
| 4 | सक्शन पाइप (पीवीसी) | 20-20 फीट लंबाई के पाइप |
| 5 | स्टार्टर | एलएंडटी (L&T) कंपनी के ब्रांडेड स्टार्टर |
| 6 | केबल वायर | कनेक्शन हेतु उच्च गुणवत्ता वाली वायर |
| 7 | अन्य फिटिंग उपकरण | लोहे के बैंड, रेड्यूसर (वाल्व), एयर वाल, लोहे की प्लेटें, क्लिप, जैन, और स्टील के नट-बोल्ट |
राखौता गांव के किसानों की प्रतिक्रिया और जगतगुरु के प्रति असीम कृतज्ञता
सामग्री और मोटरें प्राप्त होने के बाद गांव राखौता के निवासियों में अपार हर्ष का माहौल है। ग्रामीण जितेंद्र ने स्पष्ट रूप से कहा कि संत रामपाल जी महाराज उनके लिए भगवान स्वरूप हैं, जिन्होंने माता-पिता से भी बढ़कर उनका ध्यान रखा है। उन्होंने बताया कि बिना मांगे ही 10 मिनट पहले फोन आया और उनके पास मोटरें पहुंच गईं। एक अन्य ग्रामीण भूपेंद्र पूनिया ने भावुक होते हुए कहा कि जिस दिन गांव में पाइप आए थे, उसी दिन उन्हें विश्वास हो गया था कि समस्या का समाधान निश्चित है। उन्होंने कहा कि यह खुशी शब्दों में बयां नहीं की जा सकती और सच्चे अर्थों में संत रामपाल जी महाराज ही उनके उद्धारक हैं।
भविष्य में जलभराव से पूर्ण मुक्ति और कृषि भूमि की पुनर्बहाली की उम्मीद
ग्राम पंचायत राखौता का यह दृढ़ विश्वास है कि तैयार की गई तीन जल निकासी लाइनों पर ये शक्तिशाली मोटरें चालू होने से खेतों में जमा बरसाती पानी को निर्धारित निकासी स्थान तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। इससे सेम और जल भराव की समस्या पर पूर्णतः प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा। लगभग 5 वर्षों से बंजर पड़ी कृषि भूमि पर अब दोबारा फसलों की बिजाई संभव हो सकेगी। सेम की समस्या खत्म होने और पानी के ओवरफ्लो रुकने से पूरा गांव एक बार फिर से आर्थिक रूप से मजबूत और खुशहाल हो जाएगा।
जन कल्याणकारी अभियानों के तहत सौ से अधिक गांवों में सफल सेवा कार्य का कीर्तिमान
संत रामपाल जी महाराज द्वारा की जा रही यह सहायता केवल राखौता गांव तक सीमित नहीं है। उनके आदेशानुसार ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान फेज दो’, ‘शुद्ध पेयजल सेवा अभियान’, और ‘पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान’ व्यापक स्तर पर चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के तहत अब तक पलवल, नूंह और यूपी बॉर्डर के आसपास के 100 से अधिक गांवों में सेवा कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। यह सभी कार्य बिना किसी लोक दिखावे के, पूरी तरह से जमीनी स्तर पर निष्पादित किए जा रहे हैं।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज: संकटग्रस्त किसानों के सच्चे मसीहा और दुखहर्ता
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने जिस संवेदनशीलता के साथ गांव राखौता और पलवल जिले के अन्य गांवों की गहरी पीड़ा को समझा है, वह उनकी अपार दयालुता और ईश्वरीय स्वरूप को पूर्णतः प्रमाणित करता है। बिना किसी पूर्व परिचय, सिफारिश या स्वार्थ के, केवल किसानों की एक प्रार्थना पर हजारों फीट लंबी पाइपलाइनें, विशाल मोटरें और ब्रांडेड उपकरण घर बैठे उपलब्ध करवाना किसी महान चमत्कार से कम नहीं है।
ग्रामीणों के अपने शब्दों में, जब संकट के इस कठिन समय में कोई भी उनके साथ नहीं था और उनके खेत बंजर हो चुके थे, तब संत रामपाल जी महाराज ने स्वयं आगे बढ़कर उनकी बांह पकड़ी। उन्होंने न केवल खेतों के जलभराव और सेम की समस्या का स्थाई एवं भौतिक समाधान किया है, बल्कि निराश हो चुके किसानों के मनों में जीवन की एक नई आशा भी जगाई है। संत रामपाल जी महाराज की यह निस्वार्थ सेवा, उनके द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जन कल्याणकारी अभियान समाज के लिए एक महान आदर्श स्थापित करते हैं। संपूर्ण गांव राखौता और किसान समाज उनका सदैव ऋणी रहेगा और युगों-युगों तक उनकी इस असीम कृपा का गुणगान करता रहेगा।



