बड़ी संख्या में संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में पहुंच रहे हैं लोग

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देशभर में इन दिनों मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सुधार और जरूरतमंदों की सहायता को लेकर एक बड़ी चर्चा छिड़ी हुई है। बिहार से लेकर हरियाणा और राजस्थान तक फैले विभिन्न ग्रामीण और शहरी इलाकों से लोग बड़ी संख्या में संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में पहुंच रहे हैं। 

अनाथ बच्चों के लिए पक्के मकानों का निर्माण, बाढ़ पीड़ितों व किसानों के लिए सहायता, गौशालाओं के लिए चारे और टीन-शेड की व्यवस्था, तथा खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए अखाड़ों में शेड निर्माण जैसे अनगिनत कार्य इस अभियान का हिस्सा बने हैं। 

संत रामपाल जी महाराज के जनकल्याणकारी कार्यों से प्रभावित होकर विभिन्न राज्यों से जनप्रतिनिधि, पत्रकार, सरपंच, गौशाला प्रतिनिधि और आम नागरिक पहुंचे तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

नवादा के अनाथ बच्चों को मिला सपनों का आशियाना और अन्नपूर्णा मुहिम का असर

बिहार के नवादा जिले के जलालपुर गांव का एक अत्यंत मार्मिक और प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जहां तीन अनाथ बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ जाने के बाद उनके जीवन में भीषण संकट आ गया था। पांच साल पहले एक रेलवे दुर्घटना में बच्चों के पिता की मृत्यु हो गई थी, और कुछ समय पहले उनकी माता का भी निधन हो गया। माता की मृत्यु के समय स्थिति इतनी दयनीय थी कि घर में चूल्हा तक नहीं जला था और अंतिम संस्कार के दौरान मृतक की लाश बारिश के पानी में भीग रही थी। 

इस दुखद स्थिति को देखकर स्थानीय ग्रामीणों और मीडियाकर्मियों ने वीडियो शूट करके वायरल किया, जो संत रामपाल जी महाराज तक पहुंचा। वीडियो देखते ही संत रामपाल जी महाराज ने इन तीनों अनाथ बच्चों को गोद लेने का आदेश दिया और तुरंत अन्नपूर्णा मुहिम के तहत उनके जीवन स्तर को उठाने का बीड़ा उठाया। 

मात्र कुछ ही हफ्तों (करीब 42 दिनों) के भीतर इन बच्चों के लिए एक भव्य और पक्का मकान बनाकर तैयार कर दिया गया। केवल मकान ही नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, लिखाई और उनके पैरों पर खड़े होने तक की पूरी जिम्मेदारी आश्रम द्वारा ली गई है। गांव के प्रधान और स्थानीय लोगों ने इस बात पर गहरा संतोष व्यक्त किया है कि कैसे इन बच्चों को रंग से राजा बना दिया गया है और उनके जीवन में एक नई रोशनी आई है।

हिसार और रोहतक में पाखंड के खात्मे और सामाजिक सद्भाव की चर्चा

हरियाणा के हिसार और रोहतक जिलों में भी सामाजिक सुधार और वैचारिक बदलाव की बयार बह रही है। हिसार से आए बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष ने संत रामपाल जी महाराज के आश्रम पहुंचकर उनके द्वारा चलाए जा रहे समता, समानता, बंधुता और पाखंडवाद के खात्मे के कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज से भेदभाव और पाखंड को मिटाने के लिए जो प्रयास संत रामपाल जी महाराज कर रहे हैं, वे देश के संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों के अनुकूल हैं। 

इसी प्रकार, रोहतक जिले के सांघी गांव से आए सरपंच और ग्रामीण अपने अनुभवों को साझा करते हुए भावुक हो गए। सांघी गांव के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से इस वैचारिक आंदोलन से जुड़े हैं और गांव के लोगों ने सिगरेट, बीड़ी और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन पूरी तरह से छोड़ दिया है। 

सांघी गांव के राजेंद्र (जो एक ठेकेदार के भाई हैं) ने बताया कि कैसे इस वैचारिक बदलाव ने उनके पूरे परिवार और गांव की जीवनशैली को बदल दिया है। इसके अलावा, सांघी गांव में जलभराव की समस्या का जिक्र करते हुए सरपंच ने बस्ती में पानी घुसने की गंभीर समस्या रखी, जिस पर तत्काल प्रभाव से समाधान का आश्वासन दिया गया। इन मुलाकातों के दौरान संतों और भक्तों के बीच इस बात पर जोर दिया गया कि समाज को जातियों और पाखंडों से ऊपर उठकर मानवता के मार्ग पर चलना चाहिए।

राजस्थान के चूरू और चित्तौड़गढ़ में गौ वंश की सेवा और चारा-शेड वितरण

राजस्थान के चूरू जिले के विभिन्न गांवों—जैसे पुंडरा, लाखाऊ और तारानगर—तथा चित्तौड़गढ़ से गौशाला कमेटियों और जनप्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज के दरबार में पहुंचकर गौ वंश की सेवा के लिए गुहार लगाई। चूरू जिले के पुंडरा गांव के सरपंच और गौशाला समिति के सदस्यों ने बताया कि उनके क्षेत्र में भीषण सूखे और चारे की कमी के कारण गौ माता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 

इसके साथ ही, लगभग दो किलोमीटर के दायरे में यातायात या कृषि कार्यों के लिए ट्रैक्टर की सख्त आवश्यकता थी। इसी तरह, चूरू के ही लाखाऊ गांव की गौशाला कमेटी के सदस्यों ने बताया कि जब उनके गांव के अन्य लोग पिछली बार आश्रम आए थे, तो बाकी ग्रामवासियों में इस बात को लेकर नाराजगी थी कि उन्हें क्यों नहीं साथ लाया गया। लाखाऊ गांव के लोगों ने एक सुर में गौशाला के लिए चारे और आधुनिक टीन-शेड की मांग रखी। 

चित्तौड़गढ़ से आए गौशाला प्रधान ने भी 300 क्विंटल चारे और 50/30 फीट के टीन-शेड निर्माण की मांग प्रस्तुत की। इन सभी मामलों में संत रामपाल जी महाराज ने संवेदनशीलता दिखाते हुए दो से तीन दिनों के भीतर गौशालाओं में उच्च गुणवत्ता का हरा चारा पहुंचाने और चरणबद्ध तरीके से आधुनिक टीन-शेड का निर्माण कराने का आदेश दिया। गौशाला प्रतिनिधियों ने इस त्वरित सहायता पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में अन्नदाता और गौ वंश की रक्षा के लिए यह कदम मील का पत्थर साबित हो रहा है।

रोहतक के मोखरा में पहलवानों के लिए शेड निर्माण और खेल सुविधाओं का विकास

युवाओं और खेल जगत को बढ़ावा देने के लिए रोहतक जिले के मोखरा और मदीना गांवों से लगभग 40 पहलवानों का एक प्रतिनिधिमंडल संजय पहलवान के नेतृत्व में संत रामपाल जी महाराज के दरबार में पहुंचा। अखाड़ा संचालकों और पहलवानों ने बताया कि मोखरा और मदीना क्षेत्र के लगभग 40 गांवों के युवा खिलाड़ी इस अखाड़े में कुश्ती और शारीरिक अभ्यास का प्रशिक्षण लेते हैं। 

लेकिन कड़ाके की सर्दी और चिलचिलाती गर्मी के मौसम में खुले आसमान के नीचे अभ्यास करने में पहलवानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सर्दियों की गलन और गर्मियों की तेज धूप के कारण युवा खिलाड़ियों की ट्रेनिंग बाधित होती है, जिससे उनके राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के सपनों को ठेस पहुंचती है। 

पहलवानों की इस गंभीर समस्या को सुनते ही संत रामपाल जी महाराज ने अखाड़े के लिए एक भव्य और मजबूत टीन-शेड (शेड) बनवाने के निर्देश दिए। पहलवान संजय पहलवान और अन्य युवा खिलाड़ियों ने इस त्वरित और उदार निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस शेड के बन जाने से क्षेत्र के सैकड़ों उभरते हुए पहलवानों को हर मौसम में अनुकूल अभ्यास का माहौल मिलेगा, जिससे वे देश का नाम रोशन करने में पूरी ऊर्जा लगा सकेंगे।

मीडिया, पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों के अनुभव और तीखे सवाल-जवाब

इस पूरे सेवा अभियान के दौरान मीडियाकर्मियों और पत्रकारों ने भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है। हिसार से आए बीकेएन (BBN) न्यूज के पत्रकार ने एक विशेष मुलाकात के दौरान संत रामपाल जी महाराज के सामने कई तीखे और व्यावहारिक सवाल रखे। पत्रकार महोदय ने पिछले एक डेढ़ साल पहले हुए एक ऐसे मामले का जिक्र किया जहां 40 लाख रुपये में एक मकान छुड़वाया गया था, जिसमें दो विधवा बेटियां और लाचार ससुर रह रहे थे। 

पत्रकार ने बताया कि किस तरह उस समय समाज के तमाम प्रयासों के बावजूद मदद नहीं मिल पाई थी, लेकिन एक इशारे पर 40 लाख रुपये देकर उस परिवार को उनका घर वापस दिलाया गया। इसके साथ ही, पत्रकार ने ऋषिकेश के एक गरीब परिवार की दयनीय स्थिति का हवाला देते हुए अनाथ बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता की शिक्षा और राशन की व्यवस्था के लिए अरदास लगाई। मुलाकात के दौरान एक महिला पत्रकार (सोनिया जी) ने भी आम जनता की तरफ से यह सवाल उठाया कि इतनी आलोचनाओं, विरोध और पाखंड के आरोपों के बावजूद चेहरे पर जरा भी शिकन क्यों नहीं आती और दिन-रात इतनी भागदौड़ भरी सेवा कैसे संभव हो पाती है। 

इस पर संत रामपाल जी महाराज ने हाथी और कुत्तों के दृष्टांत का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि जब हाथी अपनी चाल चलता है, तो पीछे से कुत्तों के भौंकने से उसकी चाल या संकल्प पर कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य धर्म, कर्म और गरीबों की सेवा करना है, क्योंकि गरीबों की सच्ची सेवा ही ईश्वर की सच्ची पूजा है।

प्रमुख अतिथियों के बयान

हस्तीपद/परिचयबयानवीडियो स्रोत
संजय पहलवानअखाड़ा संचालक, मोखरा (रोहतक)मोखरा और मदीना के अखाड़े में खुले में अभ्यास कर रहे 40 गांवों के पहलवानों को मौसम की मार से बचाने के लिए शेड की सख्त जरूरत थी, जिसे संत जी ने तुरंत मंजूर किया।वीडियो देखे
सोनियापत्रकार साथी / मीडियाकर्मीलगातार विरोध और आलोचनाओं के बावजूद चेहरे पर बिना किसी शिकन के दिन-रात जनसेवा और लोगों से मिलने की यह सहनशीलता व ऊर्जा अद्भुत है।वीडियो देखे
राजेंद्रठेकेदार के भाई / ग्रामीण, सांघी (रोहतक)तीन साल से इस वैचारिक आंदोलन से जुड़ने के बाद हमारे जीवन से बुराइयां और नशा पूरी तरह समाप्त हो चुका है और आज हमें अपने भगवान के असली दर्शन हुए हैं।वीडियो देखे
हिसार के पूर्व बसपा जिला अध्यक्षपूर्व जिला अध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी (हिसार)समाज से गैर-बराबरी, पाखंड और कुरीतियों को खत्म करने के लिए जो कार्य संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी कर रहे हैं, वे संविधान के मूल्यों के अनुरूप हैं।वीडियो देखे
पुंडरा, चूरू के सरपंचसरपंच एवं गौशाला समिति सदस्य (पुंडरा, चूरू, राजस्थान)क्षेत्र में सूखे और चारे की भारी कमी के बीच गौशाला के लिए चारे और ट्रैक्टर की मांग पर तुरंत सहायता मिलने से ग्रामीण बेहद संतुष्ट हैं।वीडियो देखे
चित्तौड़गढ़ के गौशाला प्रधानगौशाला प्रधान (चित्तौड़गढ़, राजस्थान)गौ माता को ठंड और चاره की समस्या से बचाने के लिए 300 क्विंटल चारे और टीन-शेड निर्माण की मांग को स्वीकार कर अनुकरणीय मिसाल पेश की गई है।वीडियो देखे
लाखाऊ के गौशाला प्रतिनिधिगौशाला कमेटी सदस्य (लाखाऊ, चूरू, राजस्थान)ग्रामवासियों की भारी मांग पर गौशाला के लिए चारे और शेड की व्यवस्था तत्काल उपलब्ध कराने का आश्वासन मिलने से पूरे गांव में खुशी की लहर है।वीडियो देखे
राजीव पातड़समाजसेवी / अनुयायीसमाज के हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाना और दुखियों के आंसू पोछना ही मानव जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए।वीडियो देखे

जनसेवा और मानवीय संवेदनाओं का यह अनूठा सफर ला रहा है समाज में वास्तविक बदलाव

आज जब चारों तरफ स्वार्थ और निराशा का माहौल देखने को मिलता है, तब बिहार के नवादा से लेकर हरियाणा के हिसार-रोहतक और राजस्थान के चूरू-चित्तौड़गढ़ तक फैली यह श्रृंखला इस बात का प्रमाण है कि संगठित और निष्स्वार्थ प्रयास समाज की तस्वीर बदल सकते हैं। 

अनाथ बच्चों के सिर पर पक्की छत, गौशालाओं में चारे और शेड की पुख्ता व्यवस्था, अखाड़ों में खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण सुविधाएं और किसानों-मजदूरों की हरसंभव मदद ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची मानवता शब्दों से नहीं, बल्कि धरातल पर किए गए कार्यों से पहचानी जाती है। 

विभिन्न राजनीतिक दलों के पूर्व नेताओं, पत्रकारों, सरपंचों और आम ग्रामीणों द्वारा इन कार्यों की सराहना की जो इस बात का संकेत है कि जब बात जनहित और कल्याण की हो, तो संत रामापाल जी महाराज का नाम सबसे पहले लिया जाता है। निःसन्देह संत रामपाल जी महाराज जनकल्याण के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं और एक पवित्र समाज की नींव तैयार कर रहे हैं। 

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