हरियाणा के जिला हिसार के शाहपुर गांव की कहानी आज पूरे देश के लिए एक मिसाल बन चुकी है। यह कहानी केवल एक प्राकृतिक आपदा की नहीं, बल्कि उस अटूट विश्वास और ईश्वरीय सहायता की है जिसने असंभव को संभव कर दिखाया। शाहपुर गांव एक समय भीषण जलभराव की चपेट में था, जहां 75% से अधिक उपजाऊ भूमि कई महीनों से जलमग्न थी।
किसानों की आंखों के सामने उनकी मेहनत डूब रही थी और प्रशासन केवल आश्वासनों तक सीमित था। ऐसे विकट समय में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज एक मसीहा बनकर सामने आए और अपनी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के जरिए गांव को विनाश से बचा लिया।
गांव की वर्तमान स्थिति
बाढ़ के दौरान शाहपुर गांव की स्थिति अत्यंत भयावह थी। गांव की लगभग 75% कृषि भूमि 6 से 7 फुट गहरे पानी में डूबी हुई थी। स्थिति इतनी खराब थी कि किसानों को अपनी “ढाणियाँ” (खेतों में बने घर) छोड़कर पलायन करना पड़ा था। पशुओं के लिए चारा खत्म हो चुका था और आगामी गेहूं की बिजाई की कोई उम्मीद नहीं बची थी।
ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासन के पास महीनों चक्कर काटने के बाद भी उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली। किसान भुखमरी और कर्ज के बोझ तले दबने की कगार पर थे, जिससे पूरे गांव में निराशा का माहौल व्याप्त था।
ग्रामीणों की तुलना: पहले और बाद की स्थिति
शाहपुर गांव में आए बदलाव को निम्नलिखित तालिका और विवरण से समझा जा सकता है:
| विवरण | सहायता से पहले की स्थिति | संत रामपाल जी महाराज की दया के बाद |
| जल स्तर | 7 फुट गहरा स्थिर पानी | 100% जल निकासी सफल |
| कृषि भूमि | 500-700 एकड़ भूमि जलमग्न | 100% भूमि बिजाई के लिए तैयार |
| किसान आवास | ढाणियाँ खाली और जलमग्न | किसान परिवारों की घर वापसी |
| फसल की स्थिति | शून्य उम्मीद (बिजाई असंभव) | गेहूं की फसल लहलहा रही है |
ग्रामीणों की मार्मिक मांग
जब प्रशासनिक स्तर पर हर दरवाजा खटखटाने के बाद निराशा हाथ लगी, तब शाहपुर की पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना भेजी। गांव की मांग दो चरणों में इस प्रकार थी:
- प्रथम चरण: 3 शक्तिशाली पंप सेट और पाइपलाइन।
- द्वितीय चरण: 3 और भारी क्षमता की 20 HP मोटरें और 1800 फुट अतिरिक्त पाइपलाइन।
संत रामपाल जी महाराज ने ग्रामीणों की इस पुकार को न केवल सुना, बल्कि एक पिता की तरह तुरंत सहायता भेजने का आदेश दिया।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई सहायता
संत रामपाल जी महाराज की विशेष कृपा से शाहपुर गांव को “डबल रिलीफ मिशन” के तहत व्यापक सहायता प्रदान की गई। यह सहायता पूरी तरह निःशुल्क और स्थायी है।

उपलब्ध कराई गई कुल सामग्री:
- 6 शक्तिशाली 20 HP की हेवी-ड्यूटी मोटरें
- 2000 फुट से अधिक उच्च गुणवत्ता वाली 8 इंच की ड्रेनेज पाइपलाइन
- विद्युत स्टार्टर, हैवी केबल्स और सभी आवश्यक फिटिंग्स
- पाइप जोड़ने के लिए नट-बोल्ट, रबड़ और सहायक उपकरण
यह सामग्री इतनी संपूर्ण थी कि ग्रामीणों को बाजार से एक कील तक खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ी। संत जी के आदेशानुसार, यह पूरी मशीनरी अब गांव की स्थायी धरोहर बन चुकी है।
ऐतिहासिक “डबल रिलीफ मिशन”: शाहपुर में संत जी का विशेष दया भाव
शाहपुर की सहायता अन्य गांवों से अलग और ऐतिहासिक रही। जब पहली बार में भेजी गई 3 मोटरों से पानी 2 फुट कम हुआ, तब भी बिजाई के लिए समय कम था। ग्रामीणों ने दोबारा गुहार लगाई, तो संत रामपाल जी महाराज ने दिव्य आदेश दिया—”सामान चाहे कितना भी लगे, पर हर किसान के खेत में गेहूं की बिजाई होनी चाहिए।” इसके बाद मात्र कुछ ही दिनों में 1800 फुट पाइप और 3 और मोटरों का दूसरा विशाल काफिला गांव पहुंचा, जिसने जल निकासी की गति को कई गुना बढ़ा दिया।
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ग्रामीणों की आवाज़
गांव के लोगों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति अपनी भावनाओं को इन शब्दों में व्यक्त किया:
- “सारी गेहूं जाम रही है… बड़ी मदद करी है भगवान संत रामपाल जी ने, भगवान ही बड़े हैं।”
- महेंद्र सिंह सैनी: “150 एकड़ में 5 फुट आदमी डूबने जितना पानी था… आज हालात यह हैं कि सारी जमीन में गेहूं बिजी खड़ी है। संत रामपाल जी महाराज हमारे लिए भगवान हैं।”
- संदीप जठान: “हम गांव छोड़ने को मजबूर थे। सरकार से सहायता नहीं मिली, पर भगवान रामपाल जी की एक पुकार ने हमें संभाल लिया। हमारी गेहूं लहरा रही है।”
- सुरेंद्र सारण: “ढाणियाँ खाली कर दी थीं, पशु रिश्तेदारों के पास भेजने पड़े थे। आज तस्वीर बदल गई है।”
- कुलबीर: “अगर यह मोटर-पाइप न मिलते, तो किसान 20 साल पीछे चला जाता। संत जी ने हमें नई जिंदगी दी है।”
जवाबदेही और पारदर्शिता
संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम अपनी पारदर्शिता के लिए जानी जाती है। शाहपुर में भी राहत सामग्री के साथ स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी ग्रामीण आपसी सहयोग से पानी निकालें। इसकी पुष्टि के लिए ड्रोन के माध्यम से तीन चरणों में वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की गई:
- सहायता से पहले,
- पानी निकलने के बाद, और
- फसल तैयार होने पर
यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि सेवादारों और दानदाताओं का सहयोग सीधे पीड़ित मानवता तक पहुंचे।
विश्व उद्धारक और किसान मसीहा संत रामपाल जी महाराज
आज शाहपुर का बच्चा-बच्चा जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का गुणगान कर रहा है। जहां बड़ी-बड़ी सरकारें और संगठन आपदा के समय पीछे हट जाते हैं, वहां संत जी ने प्रमाणित किया है कि वे ही इस कलयुग में एकमात्र पूर्ण संत और कबीर परमेश्वर के वास्तविक प्रतिनिधि हैं। उन्हें “किसान मसीहा” और “विश्व उद्धारक” कहना उनके दिव्य कार्यों के प्रति समाज की सच्ची स्वीकृति है। उनके ज्ञान और इस निस्वार्थ सेवा ने न केवल खेतों को हरा-भरा किया है, बल्कि मानवता के टूटते विश्वास को भी पुनर्जीवित किया है।
जैसा कि ग्रामीणों ने स्वीकार किया, संत रामपाल जी महाराज की आध्यात्मिक शक्ति के बिना यह असंभव कार्य सिद्ध नहीं हो सकता था। आज शाहपुर गांव सतयुग की झलक पेश कर रहा है।



