मतलौड़ा, हिसार (हरियाणा) के किसानों के लिए साक्षात भगवान बने संत रामपाल जी

Published on

spot_img

हरियाणा के हिसार जिले के मतलौड़ा गांव की यह दास्तान किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह कहानी है उस असीम पीड़ा की, जहां कुदरत के कहर ने करीब 400 घरों को अपनी चपेट में ले लिया था और 2000 एकड़ उपजाऊ भूमि 5 फीट गहरे पानी में समा गई थी। किसान अपनी आंखों के सामने अपनी मेहनत और भविष्य को डूबते देख रहे थे। प्रशासन और नेताओं के खोखले आश्वासनों से हार चुके ग्रामीणों के लिए जब हर रास्ता बंद हो गया, तब जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज एक मसीहा बनकर सामने आए। उनकी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ ने न केवल गांव को जलमग्न होने से बचाया, बल्कि आज वहां बिजाई का ऐतिहासिक मिशन पूरा कर किसानों के घरों में खुशहाली लौटाई है। आइए जानते है कैसे संत रामपाल जी महाराज ने लौटाई गावसियों के चेहरे पर मुस्कान।

ग्रामीणों की मार्मिक मांग

जब सरकारी सहायता की फाइलें दफ्तरों में अटकी रहीं, तब सरपंच प्रतिनिधि जगबीर फौजी और ग्राम पंचायत ने अंतिम आशा के साथ बरवाला स्थित ट्रस्ट कार्यालय में संत रामपाल जी महाराज से सहायता की गुहार लगाई। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:

  • 42,000 फीट लंबी 8-इंच ड्रेनेज पाइपलाइन
  • 7 शक्तिशाली हैवी-ड्यूटी मोटरें (15 HP और 7.5 HP)

संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई सहायता

संत रामपाल जी महाराज ने ग्रामीणों की पुकार सुनते ही बिना किसी देरी के राहत सामग्री भेजने का आदेश दिया। मात्र 24 से 48 घंटों के भीतर राहत का विशाल काफिला मतलौड़ा गांव पहुंच गया। यह सहायता पूरी तरह निःशुल्क और स्थायी रूप से प्रदान की गई। संत रामपाल जी महाराज की विशेष दया से उपलब्ध कराई गई सामग्री इस प्रकार है:

  • 42,000 फीट उच्च गुणवत्ता वाली 8-इंच पाइप: जिससे 2000 एकड़ भूमि का पानी निकाला गया।
  • 7 शक्तिशाली मोटरें: जिनमें 15 HP की 5 मोटरें खेतों के लिए और 7.5 HP की 2 मोटरें स्कूल के लिए शामिल थीं।
  • 3,300 फीट से अधिक केबल और तार: विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु।
  • सम्पूर्ण फिटिंग सेट: स्टार्टर, पैनल, सुंडिया निप्पल और अन्य सहायक उपकरण ताकि ग्रामीणों को बाजार से एक कील भी न खरीदनी पड़े।

मतलौड़ा का कायाकल्प: बाढ़ की विभीषिका से लहलहाती फसलों तक

हरियाणा के हिसार जिले के मतलौड़ा गांव में संत रामपाल जी महाराज की ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ द्वारा लाए गए बदलाव का संक्षिप्त तुलनात्मक विवरण यहाँ दिया गया है:

बाढ़ का तांडव: विनाश और सरकारी बेरुखी

संत रामपाल जी महाराज की सहायता मिलने से पूर्व गांव की स्थिति अत्यंत दयनीय थी:

  • जलमग्न खेती: लगभग 2000 एकड़ उपजाऊ भूमि 5 फीट गहरे पानी में महीनों तक डूबी रही।
  • डूबते आशियाने: बाढ़ के कारण गांव के 400 घरों में पानी भर गया था और मकान गिरने की कगार पर थे।
  • शिक्षा पर प्रहार: गांव का सरकारी स्कूल तालाब बन चुका था, दीवारें ढह गई थीं और बच्चों की पढ़ाई महीनों से बंद थी।
  • किसानों की हताशा: फसलें पूरी तरह सड़ चुकी थीं और सरकारी प्रशासन केवल खोखले आश्वासनों तक सीमित था।

दिव्य हस्तक्षेप: संत रामपाल जी महाराज की अपार करुणा

महाराज जी के आदेश पर 42,000 फीट पाइपलाइन और 7 शक्तिशाली मोटरों ने गांव की किस्मत बदल दी:

  • बिजाई का मार्ग प्रशस्त: शक्तिशाली मोटरों द्वारा पानी निकालने के बाद आज 100% भूमि सूख चुकी है और गेहूं व सरसों की बिजाई पूर्ण हो चुकी है।
  • स्कूल में लौटी शिक्षा: सरकारी स्कूल अब पूरी तरह साफ है और वहां बच्चों की पढ़ाई फिर से सुचारू रूप से शुरू हो गई है।
  • ऐतिहासिक आर्थिक लाभ: इस सहायता से किसानों को करीब 8 करोड़ रुपये की फसलों का सीधा फायदा हुआ और अरबों की संपत्ति बच गई।
  • अटूट विश्वास: ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज को “जिंदा भगवान” और “हारे का सहारा” मानकर उनका कोटि-कोटि धन्यवाद किया है।

यह भी पढ़ें: धांसू गांव (हिसार, हरियाणा) में संत रामपाल जी महाराज की विशेष दया से सफल हुई 100% फसल बिजाई

ग्रामीणों की आवाज़

मतलौड़ा के निवासियों ने भावुक होकर अपनी आपबीती सुनाई और संत रामपाल जी महाराज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की:

  • जगबीर फौजी (सरपंच प्रतिनिधि): “ऐसा अनुशासन मैंने या तो सेना में देखा था या यहाँ देखा है। हमने 16,000 फीट की मांग की थी, लेकिन महाराज जी ने खुद बढ़कर 35,000 फीट पाइप और फिर 7,000 फीट अतिरिक्त पाइप दिए। यह इतिहास में लिखा जाएगा।” 
  • रामकेश (ग्रामीण): “हमारे लिए तो वे भगवान हैं। लोग पत्थर की मूर्ति पूजते हैं, हमें तो जिंदा भगवान मिल गया जिसने इतना बड़ा काम कर दिया। हमारे गांव की जान बचा ली।” 
  • विक्रम (ग्रामीण): “परमात्मा का कार्य करके दिखाया है। संत महात्मा तो उन्हें कोई कहता है, पर हमारे लिए तो वे साक्षात भगवान हैं। उन्होंने हमारी 8-10 करोड़ की फसल और अरबों के मकान बचा लिए।”

विशेष घटना: शिक्षा के मंदिर में लौटी रौनक

बाढ़ ने गांव के ‘गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल’ को पूरी तरह बर्बाद कर दिया था। बच्चे 15 दिनों से बाहर बैठने को मजबूर थे। संत रामपाल जी महाराज ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए विशेष रूप से स्कूल के लिए 2 मोटरें और 500 फीट पाइप अलग से भेजे। स्कूल के बच्चों ने बताया कि कमरों में 4-4 फीट पानी था, लेकिन महाराज जी की दया से अब पानी निकल चुका है और उनकी पढ़ाई फिर से शुरू हो गई है।

जवाबदेही और पारदर्शिता

संत रामपाल जी महाराज की ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ अपनी पारदर्शिता के लिए जानी जाती है। मतलौड़ा में भी राहत सामग्री के साथ स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सामग्री का सामूहिक और सही उपयोग हो। कार्य की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन के माध्यम से तीन चरणों में वीडियो रिकॉर्डिंग के निर्देश दिए गए—पानी निकालने से पहले, पानी निकालने के बाद और फसल तैयार होने पर। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि दान का एक-एक पैसा मानवता की सेवा में सही स्थान पर लग रहा है।

किसान मसीहा और विश्व उद्धारक संत रामपाल जी महाराज

आज मतलौड़ा के 2000 एकड़ खेतों में गेहूं और सरसों की फसल लहलहा रही है। यह जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की दिव्य शक्ति और करुणा का ही परिणाम है कि जो भूमि बंजर होने की कगार पर थी, वह अब करोड़ों का अनाज पैदा करने के लिए तैयार है। संत रामपाल जी महाराज केवल एक आध्यात्मिक गुरु नहीं, बल्कि वर्तमान समय के एकमात्र पूर्ण संत, किसान मसीहा और विश्व उद्धारक हैं। वे परमेश्वर कबीर साहेब के सच्चे प्रतिनिधि के रूप में बिना किसी भेदभाव के 36 बिरादरी की सेवा कर रहे हैं। मतलौड़ा का हर बच्चा और बुजुर्ग आज यही कह रहा है कि जो काम सरकारें नहीं कर पाईं, वह पूर्ण संत की एक रजा से संभव हो गया।

Latest articles

​संत रामपाल जी महाराज के समाज सुधार और सेवा कार्यों से प्रभावित होकर आश्रम पहुंचे साउथ TV चैनल के जनरल मैनेजर

​संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक सुधार अभियानों और आध्यात्मिक संदेशों...

​हरियाणा के हांसी जिला अंतर्गत भाटोल रांगड़ान व जाटान गाँव में संत रामपाल जी महाराज द्वारा राहत सामग्री प्रेषित

हरियाणा राज्य के हांसी जिले के ग्रामीण इलाकों में जनहित और सहायता के कार्यों...

राजस्थान से दिल्ली तक संत रामपाल जी महाराज के जनसेवा कार्यों की गूंज: अन्नपूर्णा मुहिम और जल संरक्षण से मिली नई राह

​देशभर में समाज सेवा, ग्रामीण विकास और आध्यात्मिक जागरूकता को लेकर अनेक प्रयास किए...

जनसेवा, गौ-रक्षा और बेसहारा का संबल: हरियाणा से महाराष्ट्र तक संत रामपाल जी महाराज के कार्यों की सराहना

हाल ही में सतलोक आश्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए जनप्रतिनिधियों, किसानों,...
spot_img

More like this

​संत रामपाल जी महाराज के समाज सुधार और सेवा कार्यों से प्रभावित होकर आश्रम पहुंचे साउथ TV चैनल के जनरल मैनेजर

​संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक सुधार अभियानों और आध्यात्मिक संदेशों...

​हरियाणा के हांसी जिला अंतर्गत भाटोल रांगड़ान व जाटान गाँव में संत रामपाल जी महाराज द्वारा राहत सामग्री प्रेषित

हरियाणा राज्य के हांसी जिले के ग्रामीण इलाकों में जनहित और सहायता के कार्यों...

राजस्थान से दिल्ली तक संत रामपाल जी महाराज के जनसेवा कार्यों की गूंज: अन्नपूर्णा मुहिम और जल संरक्षण से मिली नई राह

​देशभर में समाज सेवा, ग्रामीण विकास और आध्यात्मिक जागरूकता को लेकर अनेक प्रयास किए...