बच्चों में कु-संस्कारों की वृद्धि पर आध्यात्मिक ज्ञान से लगेगा विराम!

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विज्ञान की तरक्की और पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव से पूरी दुनिया में बुराइयाँ घर कर चुकी हैं, जिससे भारत भी अछूता नहीं है। मानो भारत से भारतीय संस्कृति का लोप हो चुका है। बच्चों में संस्कार की गिरावट और कु-संस्कारों की वृद्धि देखने को मिल रही है। जिसके चलते बच्चे अपने माता-पिता का भी अनादर कर बैठते हैं और जिन माता-पिता ने उन्हें पाल पोषकर, पढ़ा लिखाकर बड़ा किया जब वे वृद्ध होते हैं तो वे उन्हें वृद्धाश्रम में छोड़ देते हैं। ऐसे में बच्चों में एक बार अपने माता-पिता को आदर के साथ वृद्धावस्था में उनकी सेवा करने का भाव कैसे आयेगा? बच्चों में पुनः नैतिक शिक्षा व संस्कारों की वृद्धि कैसे होगी? देखिये इस वीडियो में

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