हरियाणा और मध्य प्रदेश समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, डॉक्टरों, शिक्षाविदों और किसानों ने धनाना धाम पहुंचकर संत रामपाल जी महाराज के सामाजिक व जन-कल्याणकारी कार्यों की सराहना की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने, मुफ्त खाद और बीज वितरण, बेघर परिवारों को मकान उपलब्ध कराने, गौशालाओं की मदद करने और नेत्रदान व अंगदान जैसे महाअभियानों को लेकर जमीनी स्तर पर व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है।
विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने आश्रम पहुंचकर इन राहत कार्यों के लिए अपना आभार व्यक्त किया और जनसेवा के इस मॉडल को मिसाल बताया।
बाढ़ राहत और जल निकासी अभियान: किसानों और ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत
हरियाणा के कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हजारों एकड़ कृषि भूमि वर्षों से जलमग्न थी। जींद, हिसार और सोनीपत के कई गांवों में फसलें तबाह हो रही थीं और किसान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। इस संकट के समय में चलाए गए जल निकासी अभियान ने किसानों को नया जीवन दिया है।
भारतीय किसान यूनियन (BKU) डाया (हिसार) के जिला प्रधान ने आश्रम पहुंचकर बताया कि उनके क्षेत्र में बीते चार सालों से पानी भरा हुआ था, जिससे खेती पूरी तरह ठप हो चुकी थी। संत रामपाल जी महाराज द्वारा दिए गए हैवी-ड्यूटी पाइपों और वाटर पंपों की मदद से पानी को निकाला गया, जिससे किसान अब दोबारा अपनी जमीनों पर फसल बोने में सक्षम हो सके हैं।
इसी तरह, जुलाना बारह के प्रधान और राजगढ़ गांव के सरपंच ने ग्रामीणों के साथ पहुंचकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि राजगढ़ और आसपास के इलाकों में न केवल जमा हुआ पानी बाहर निकाला गया, बल्कि किसानों को गेहूं (कनक) की बुआई के लिए मुफ्त खाद और गुणवत्तापूर्ण बीज भी उपलब्ध कराए गए।
राजगढ़ सरपंच ने यह भी बताया कि गांव में पीने के स्वच्छ पानी की गंभीर किल्लत थी, जिसे पाताल तोड़ पाइपलाइनों के जरिए दूर करने का प्रयास किया गया। शादीपुर गांव के पूर्व सरपंच ने स्टेडियम निर्माण, पानी निकासी और पिछले मौसम में जलमग्न हुई फसलों को बचाने के प्रयासों का विशेष जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि समय पर पानी निकल जाने से किसानों की फसलें बर्बाद होने से बच गईं और उन्हें अगली बुआई का सही समय मिल सका। इसके अलावा, गोहाना (सोनीपत) के सरगथल गांव के सरपंच और ग्रामीणों ने भी पहुंचकर इस राहत कार्य के प्रति आभार प्रकट किया।
स्वास्थ्य और देहदान महाअभियान: रोहतक पीजीआई के डॉक्टरों द्वारा सराहना
समाज सेवा के क्षेत्र में देहदान (Body Donation) और नेत्रदान (Eye Donation) को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता अभियान की गूंज अब बड़े चिकित्सा संस्थानों तक पहुंच चुकी है। रोहतक सिविल अस्पताल और पीजीआई (PGI Rohtak) के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दिनेश शर्मा ने आश्रम का दौरा कर देहदान करने वाले साधकों के परिजनों को सम्मानित किया।
डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि चिकित्सा क्षेत्र और मेडिकल कॉलेजों में शोध तथा शिक्षण के लिए मानव शरीर और अंगों की भारी कमी रहती है। उन्होंने खुलासा किया कि संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से रोजाना औसतन 150 साधक नेत्रदान और अंगदान का संकल्प पत्र भर रहे हैं।
डॉ. शर्मा ने कहा कि ऑल इंडिया स्तर पर नेत्रदान के मामले में रोहतक जिला वर्तमान में चौथे स्थान पर पहुंच चुका है, और इस उपलब्धि में आश्रम से जुड़े सेवादारों और अनुयायियों का बड़ा योगदान है।
हाल ही में मध्य प्रदेश के जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भी एक महिला साधक के निधन के बाद उनके परिजनों ने देहदान किया था, जिसकी डॉक्टरों ने सराहना की। डॉ. शर्मा ने आगामी 6,7 और 8 सितंबर को आयोजित होने वाले समागम के दौरान एक बड़ा रक्तदान और नेत्रदान शिविर आयोजित करने की योजना पर भी चर्चा की, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों को नया जीवन मिल सके।
शिक्षा और सामाजिक पुनर्वास: नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपलों की उपस्थिति
शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से प्रभावित होकर प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुख भी आशीर्वाद लेने पहुंचे। रोहतक स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल सुरेन्द्र सिंह शेखावत (मूल निवासी राजस्थान) ने आश्रम पहुंचकर सामाजिक सरोकारों की तारीफ की। उन्होंने बताया कि उनका विद्यालय पूरे रोहतक जिले के प्रतिभावान बच्चों को मुफ्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है।
प्रिंसिपल शेखावत ने टटोली गांव में लगाए गए ट्यूबल और किसानों को वितरित किए जा रहे डीएपी (DAP) खाद अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं। इसी क्रम में यमुनानगर से आए स्कूल प्रिंसिपल जसविन्द्र जी अपने परिवार (पत्नी, बहन और बच्चों) के साथ पहुंचे। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
सामाजिक पुनर्वास के तहत राजगढ़ गांव में दो अत्यंत गरीब व बेसहारा परिवारों के लिए पक्के मकान बनाकर दिए गए हैं। इनमें से एक ऐसा परिवार था जिसमें पति और बेटे की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि दूसरा परिवार एक बुजुर्ग दृष्टिबाधित महिला का था, जिनका कोई सहारा नहीं था। इसी तरह शादीपुर गांव में भी अत्यंत निर्धन व्यक्ति के लिए पक्के मकान का निर्माण कराया गया।
गौसेवा और पशुरक्षण: जींद और बरोदा की गौशाला समिति की पहल
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन और गौवंश का महत्वपूर्ण स्थान है। बारिश के मौसम में गौशालाओं में कीचड़ और जलभराव की समस्या से गौवंश को बचाने के लिए विशेष पहल की जा रही है।
जींद जिले के खटकड़ गांव से गौशाला समिति के प्रधान नरेश जी अपनी पूरी कार्यकारिणी के साथ पहुंचे और गौसेवा कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया।
वहीं, खरक राम जी और बरोदा गांव से सरपंच के नेतृत्व में 19 ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल जिसमें डॉ. मीना जी भी शामिल थीं, आश्रम पहुंचा। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में गौशाला परिसर में अत्यधिक कीचड़ हो जाने से गायों को बैठने में कठिनाई होती है।
इसके समाधान के लिए उन्होंने टीन शेड बनवाने और एक ट्रैक्टर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। महाराज जी ने इस मांग को तुरंत स्वीकार करते हुए हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया, ताकि गौशाला में शेड निर्माण और सफाई कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सके।
अंतरराज्यीय प्रभाव: मध्य प्रदेश और सिविल सेवा अभ्यर्थियों का विश्वास
जन-सेवा और आध्यात्मिक संदेशों का प्रभाव केवल हरियाणा तक सीमित न रहकर अन्य राज्यों में भी फैल रहा है। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से किसान रामलाल गड़वाल अपनी बेटी और परिजनों के साथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे रोजाना टीवी पर सत्संग और सामाजिक कार्यों के समाचार देखते थे, जिससे प्रभावित होकर वे दर्शन करने आए हैं।
इसके अलावा, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की तैयारी कर रहे इंदौर के प्रतियोगी छात्रों ने भी आश्रम पहुंचकर अपना अनुभव साझा किया। छात्रों ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में आई भीषण बाढ़ के दौरान जिस त्वरित गति से राहत सामग्री, भोजन (अन्नपूर्णा मुहिम) और पानी निकालने के उपकरण पहुंचाए गए, उसने सरकारी तंत्र के समक्ष भी एक आदर्श प्रस्तुत किया है।
प्रमुख हस्तियों के बयान
| हस्ती | पद/परिचय | बयान | वीडियो स्रोत |
| डॉ. दिनेश शर्मा | सिविल अस्पताल / पीजीआई रोहतक | देहदान और नेत्रदान के क्षेत्र में आश्रम का योगदान सराहनीय है। रोहतक देश में चौथे स्थान पर है। | वीडियो देखें |
| सुरेन्द्र सिंह शेखावत | प्रिंसिपल, नवोदय विद्यालय (रोहतक) | टटोली गांव में ट्यूबल और मुफ्त डीएपी खाद वितरण जैसे कार्य किसानों के लिए बहुत मददगार हैं। | वीडियो देखें |
| प्रिंसिपल जसविन्द्र जी | प्रिंसिपल (यमुनानगर) | किसानों और गरीबों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाएं पूरे समाज के लिए अनुकरणीय हैं। | वीडियो देखें |
| नरेश जी | प्रधान, गौशाला समिति (खटकड़, जींद) | गौसेवा और समाज सेवा के कार्यों से पूरे क्षेत्र में सकारात्मक संदेश गया है। | वीडियो देखें |
| रामलाल गड़वाल | किसान (जिला खरगोन, मध्य प्रदेश) | सत्संग और सामाजिक राहत कार्यों से प्रभावित होकर अपने परिवार के साथ आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। | वीडियो देखें |
| राजगढ़ के सरपंच | सरपंच, गांव राजगढ़ (जुलाना) | पानी निकासी, खाद-बीज सहायता और दो गरीब परिवारों को मकान बनाकर देने से गांव को बड़ी राहत मिली। | वीडियो देखें |
| जुलाना बारह के प्रधान | प्रधान, जुलाना बारह खाप | जलभराव दूर करने और किसानों को संकट से उबारने के प्रयासों से पूरे इलाके का मनोबल बढ़ा है। | वीडियो देखें |
| BKU जिला अध्यक्ष | जिला प्रधान, BKU (डाया, हिसार) | 4 साल से खड़े पानी को निकालने के लिए पाइप और पंप मिलने से किसानों की खेती फिर से शुरू हो पाई है। | वीडियो देखें |
| सरगथल के सरपंच | सरपंच, गांव सरगथल (सोनीपत) | अन्नपूर्णा मुहिम और बाढ़ राहत कार्यों से ग्रामीण व किसान वर्ग को अभूतपूर्व सहायता मिली है। | वीडियो देखें |
| डॉ. मीना जी | प्रतिनिधि / साधक (खरक राम जी) | गौशाला में शेड और ट्रैक्टर की आवश्यकता पर ध्यान देने से गांव की गौसेवा व्यवस्था में सुधार होगा। | वीडियो देखें |
जमीनी बदलाव की अनूठी मिसाल: समाज सेवा और जन-कल्याण का व्यापक संदेश
बाढ़ राहत, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा प्रोत्साहन, बेघर पुनर्वास और गौसंरक्षण के संत रामपाल जी महाराज के इन संयुक्त प्रयासों ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब निस्वार्थ भाव से समाज सेवा की जाती है, तो उसके परिणाम दूरगामी होते हैं।
हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से आए जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का यह जमावड़ा इस बात का प्रमाण है कि आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण के संत रामपाल जी महाराज के इस मॉडल ने हजारों परिवारों के जीवन में सीधा और सकारात्मक बदलाव लाया है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जनसेवा के ये प्रकल्प भविष्य में भी इसी निष्ठा के साथ जारी रहेंगे।



