हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से आए ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि, गौशाला कमेटियों के सदस्य और प्रमुख सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी धनाना धाम में संत रामपाल जी महाराज से मिले। इस मुलाकात के दौरान आगंतुकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में करवाए गए जनहित और राहत कार्यों के लिए संत रामपाल जी महाराज का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही कई प्रतिनिधियों ने अपने गांवों की मूलभूत समस्याओं जैसे जलभराव, गंदे पानी की निकासी, पेयजल, बेसहारा परिवारों के पुनर्वास और गौशालाओं में चारे व शेड निर्माण को लेकर मांग पत्र सौंपे।
सामाजिक संगठनों और पंचायतों का आगमन
रोहतक जिले के जसिया स्थित चौधरी छोटू राम धाम से जाट सेवा संघ का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल संत रामपाल जी महाराज से मिलने पहुंचा। इस दल में संघ के चेयरमैन, प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन साहब, राष्ट्रीय अध्यक्ष अरमान मलिक और कैशियर कैप्टन दलाल सहित लगभग दो सौ पचास सदस्य उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा बाढ़ पीड़ितों, किसानों और निर्धनों के लिए की गई निष्काम सेवा की सराहना की। संघ ने छात्रों और बालिकाओं के लिए कौशल विकास केंद्र अथवा हॉस्टल निर्माण में सहयोग का अनुरोध किया, जिस पर सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया गया।
जींद जिले के अलेवा गांव से पहुंचे सरपंच ने ग्राम पंचायत की ओर से वाल्मीकि बस्ती में दूषित जलभराव की गंभीर समस्या रखी। उन्होंने निकासी के लिए पाइपलाइन की मांग की, जिसे संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्वीकार करते हुए शीघ्र सर्वेक्षण कराकर एक हफ्ते के अंदर समाधान का निर्देश दिया गया।
वहीं पानीपत के अधमी गांव से पंचायत और गौशाला कमेटी के प्रतिनिधि पहुंचे। उन्होंने बताया कि गौशाला में आग लगने से शेड जल गया था और तूड़ा नष्ट हो गया था। उन्होंने नया शेड बनाने और तूड़ा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई, जिस पर संत रामपाल जी महाराज द्वारा पूर्ण सहायता की स्वीकृति दी गई।
इसी प्रकार सिरसा जिले के बेरवाला खुर्द से सरपंच व प्रधान ने पहुंचकर गौशाला सहयोग का विषय रखा और यह बताया कि उनके गांव में भी जरूरतमंदों के यहां अन्नपूर्णा मुहिम के तहत मदद पहुंच रही है।
रोहतक के अजायब स्थित गौशाला से पहुंचे प्रतिनिधि कर्नल संदीप नयन ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा त्वरित गति से भारी मात्रा में तूड़ा उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उनके लिए यह मदद किसी चमत्कार से कम नहीं थी।
चूरू जिले के देवगढ़ गांव से आई श्रीनाथ गौशाला कमेटी के लगभग चालीस सदस्यों ने सूखा प्रभावित क्षेत्र में पांच सौ क्विंटल तूड़ा पहुंचाने के लिए आभार व्यक्त किया।
हांसी क्षेत्र की अठगामा गौशाला कमेटी और आठ गांवों की सरदारी ने भी गौशाला निर्माण में मिले सहयोग के लिए कृतज्ञता प्रकट की।
इसके अतिरिक्त हांसी के जमावड़ी गांव के सरपंच ने पानी निकासी हेतु भेजी गई पाइपलाइन के लिए आभार जताया, जबकि रोहतक के भैणी चंद्रपाल गांव के सरपंच ने ग्यारह सदस्यीय दल के साथ पेयजल समस्या निवारण हेतु बोरवेल की मांग रखी।
हांसी के घिराय गांव से आए ब्लॉक समिति सदस्य और पंचायत प्रतिनिधियों ने एक बेसहारा महिला की दयनीय स्थिति का विषय उठाया, जिसके पास कच्चा मकान था और परिवार में चार पोतियां थीं। संत रामपाल जी महाराज ने निर्देश दिया कि जब तक पक्का मकान तैयार नहीं होता, तब तक परिवार को किराए के मकान में रखा जाए और उसका पूरा खर्च वहन किया जाएगा। साथ ही बच्चियों की शिक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प भी दोहराया गया।
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की टिब्बी तहसील स्थित रामपुरा गांव से सरपंच और ग्रामीण संत रामपाल जी महाराज के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने कमरे निर्माण और दो किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने हेतु प्रार्थना पत्र सौंपा, जिसे महाराज जी ने पूर्ण रूप से स्वीकार किया।
संत रामपाल जी महाराज का सभी आगंतुकों के लिए संदेश
संत रामपाल जी महाराज ने सभी आगंतुकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे स्वयं को जनसेवा के लिए केवल एक सेवक मानते हैं और सभी कार्य कबीर परमेश्वर की कृपा से संपन्न होते हैं। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति प्रशंसा करे अथवा आलोचना, उनका ध्येय निरंतर दीन-दुखियों, किसानों, निर्धनों और असहाय जीवों की सेवा करना है। उन्होंने प्रतिनिधियों से कहा कि वे आडंबर और अनावश्यक खर्चों से दूर रहें। सभी आगंतुकों को सेवा कार्यों में निरंतर सहयोग देने, समाज के कमजोर वर्गों की मदद करने और आश्रम में बिना किसी औपचारिकता के केवल आवश्यकतानुसार अपनी समस्याएं लिखित रूप में प्रस्तुत करने का मार्गनिर्देश दिया गया।
जनसेवा की दिशा में एक साझा संकल्प
यह संपूर्ण बैठक समाज सेवा, गौ रक्षा और ग्रामीण विकास के प्रति एक साझा संकल्प बनकर उभरी। विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने यह माना कि संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में चलाए जा रहे लोक कल्याणकारी कार्यों से आमजन को प्रत्यक्ष राहत मिल रही है। मिलने के बाद उपस्थित सभी ग्रामवासियों, पंचायती प्रतिनिधियों और कमेटी सदस्यों ने संत रामपाल जी महाराज का धन्यवाद किया और सभी आगंतुकों ने आश्रम में तैयार भंडारा प्रसाद ग्रहण कर अपनी यात्रा संपन्न की।



