January 30, 2026

संत रामपाल जी महाराज का समाज पर किया गया उपकार

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कहते हैं जब- जब धरती पर जुल्म बढ़ता है तब- तब परमात्मा कोई न कोई रूप धारण करके इस पृथ्वी लोक मे आते हैं। ऐसे ही वर्तमान में एक मसीहा के रूप में परमात्मा धरती पर आये हुए हैं। जी हाँ आज हम बात कर रहे हैं ऐसे मसीहा के बारे में जिसके बारे में पहले ही बहुत सारी भविष्यवाणियां हो चुकी हैं। सिर्फ भारत के ही नहीं बल्कि विदेशों के भविष्यवक्ताओं ने भी उसके बारे में कहा है। उस मसीहा ने न जाने कितने लोगों को नई जिंदगी दी हैं। सिर्फ यही नहीं उसने तो न जाने कितनी बुराइयों को जड़ से खत्म किया है। तो चलिए जानते हैं हम उस मसीहा के बारे में:-

Table of Contents

मसीहा का अवतरण और ज्ञान प्राप्ति

अब आप सोच रहे होंगे आखिर वर्तमान में ऐसा कौन सा अवतार इस धरती पर आ गया है जिसके बारे में हमे नहीं पता है। वह अवतार कोई और नहीं बल्कि संत रामपाल जी महाराज हैं जिन्होंने उजड़े परिवार बसा दिये। संत रामपाल जी का जन्म 8 सितम्बर 1951 को गांव धनाना जिला सोनीपत हरियाणा में एक किसान परिवार में हुआ। वे पढ़ाई पूरी करके हरियाणा प्रांत में सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर की पोस्ट पर 18 वर्ष तक कायर्रत रहे। उन्होंने सन् 1988 में परम संत रामदेवानंद जी से दीक्षा प्राप्त की थी। 

भविष्यवक्ताओं ने संत रामपाल जी के बारे में क्या कहा? 

श्री नास्त्रेदमस जी, अमेरिका के श्री एण्डरसन, इंग्लैण्ड के ज्योतिषी ‘कीरो’, अमेरिका की महिला भविष्यवक्ता ‘‘जीन डिक्सन’’ आदि ने अपनी भविष्यवाणियों में कहा है कि वह मसीहा पूरे विश्व में अपने ज्ञान से तहलका मचा देगा। उस संत के बारे में लिखा है उसके ज्ञान और बताई भक्ति से विश्व मे शांति स्थापित होगी और उसका बताया ज्ञान पूरे विश्व में फैलेगा।

संत रामपाल जी महाराज जी का समाज सुधार में योगदान

संत रामपाल जी महाराज ही एकमात्र ऐसे संत हैं जिनके अनुयाई अपने गुरु के बनाए नियमों को निभाते हैं। संत रामपाल जी ने अपने शिष्यों के लिए रिश्वतखोरी, चोरी, ठगी, दहेज लेना देना आदि की मनाही कर रखी है। उनके बताए भक्ति मार्ग पर चलकर अनगिनत लोगों को नई ज़िन्दगी मिली है और अनगिनत लोगों को आशा की किरण दिखाई दी है। 

दहेज प्रथा को खत्म करना:-

संत रामपाल जी महाराज ने दहेज प्रथा जैसी कुरीति को खत्म कर दिया है। उनके शिष्यों के लिए यह नियम सख्ती से लागू है कि न तो दहेज लेना है न देना है। संत रामपाल जी के शिष्यों की मात्र 17 मिनट में बिना दहेज के रमैनी हो जाती है। हमने देखा है सरकार भी बहुत सारे अभियान चलाती है ताकि दहेज प्रथा जैसी बुराई को खत्म किया जा सके लेकिन फिर भी यह प्रथा भयानक रूप लेती जा रही है। हर वर्ष कई लड़किया दहेज की बली चढ़ती हैं। इसके लिए कई कानून बने हैं लेकिन फिर भी बहुत सी महिलायें तो दहेज की शिकायत भी दर्ज नहीं करवाती। लेकिन संत रामपाल जी के अनुयाई बहु को बेटी जैसा सम्मान देते हैं और बिना दहेज़ के रमैनी करवाते हैं, यह अपने आप में मिसाल है कि जो काम सरकार नहीं कर सकी वो संत रामपाल जी ने कर दिखाया। 

बेटियों/ महिलाओं के लिए सुरक्षित समाज तैयार करना:-

संत रामपाल जी महाराज  जी के बनाए नियमों के अनुसार हर भक्त दूसरों की बेटियों को अपनी बेटी, बहन की दृष्टि से देखते है क्योंकि अगर कोई दूसरों की बेटियों को गलत नज़र से देखता है तो उसे परमात्मा के दरबार में दंड मिलता है। इस प्रकार संत रामपाल जी के शिष्य सभी बहन, बेटियों का सम्मान करते हैं। संत रामपाल जी का ज्ञान ही ऐसा है कि जिससे इंसान का आचरण शुद्ध हो जाता है। जैसे कि ऊपर बताया गया है कि संत रामपाल जी के शिष्य मात्र 17 मिनट में बिना दान- दहेज़ के शादी करवाते हैं। इस प्रकार बेटियाँ माँ- बाप पर बोझ नहीं बनती। 

पर नारी को देखिए बहन बेटी के भाव। कहे कबीर काम नाश का, यही सहज उपाय।।

संत रामपाल जी महाराज जी कर रहे है भयंकर बीमारियों का भी नाश

संत रामपाल जी महाराज जो भक्ति बताते हैं उससे कैंसर, टीबी, लकवा जैसी खतरनाक बीमारियों का भी बहुत सहज में इलाज हो जाता है। लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि संत रामपाल जी से नाम दीक्षा लेकर पूरी मर्यादा में रहकर भक्ति करनी होती है। जहां पर डॉक्टर भी जवाब दे देते है वहाँ पर संत रामपाल जी की बताई भक्ति से लोगों को लाभ होते हैं। आप संत रामपाल जी के शिष्यों के मुख से उनके बताए लाभ Satlok Ashram YouTube Channel पर देख सकते हैं। 

डिप्रेशन जैसी बीमारी को खत्म करना

डिप्रेशन आज- कल आम बात है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WTO) की रिपोर्ट के अनुसार हर वर्ष लगभग 800000 लोग डिप्रेशन के कारण आत्म हत्या कर लेते हैं। संत रामपाल जी महाराज जी की बताई भक्ति से आत्मिक शांति मिलती है और डिप्रेशन जैसी बीमारी भी भक्ति करने से ठीक हो जाती है। डिप्रेशन के बहुत से कारण हैं जैसे परिवार में झगड़ा, नौकरी न मिलना, दोस्ती का टूटना आदि। संत रामपाल जी का ज्ञान ऐसा है कि इंसान को समझा आ जाती है कि परमात्मा की मर्ज़ी के बिना कुछ भी नहीं हो सकता। 

कबीर, सुमिरण से सुख होत है, सुमिरण से दुःख जाए।

कहैं कबीर सुमिरण किए, सांई माहिं समाय।।

हर धर्म का ज्ञान प्रदान करके समाज में एकता प्रदान करना

संत रामपाल जी का ज्ञान केवल एक धर्म पर आधारित नहीं है, संत रामपाल जी ने सभी धर्मों के पवित्र शास्त्रों के अनुसार ज्ञान दिया है। उनके शिष्य हर धर्म के लोग है। संत रामपाल जी ने हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई को एक छत के नीचे इकट्ठा कर दिया है, यह अपने आप में एक मिसाल है। संत रामपाल जी का कहना है कि:-

जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा ।

हिन्दु मुस्लिम सिक्ख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा ।।

नशे जैसी बुराई को छुड़ाना 

संत रामपाल जी को ऐसे ही मसीहा नहीं कहते है। यह बात उनसे पूछिए जिनके अपनो ने नशे जैसी बुराई को मात्र संत रामपाल जी से दीक्षा लेने बाद छोड़ दिया हो। देश के युवाओं को देश का भविष्य कहा जाता है, लेकिन उस देश का क्या भविष्य होगा जिसके युवा नशे में डूबे रहते हैं। कहने को तो सरकार ने और संस्थाओं ने नशा छुड़ाने के लिए अभियान चला रखे हैं लेकिन फिर भी यह बुराई भयंकर रूप लेती जा रही है। नशे के कारण हर रोज पता नहीं कितने घरों में चूल्हा नहीं जलता, पता नहीं कितने घरों के चिराग नशे की ओवरडोज से बुझ जाते हैं। नेशनल ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार साल 2017 – 2019 में लगभग 2300 लोगों की मौत ड्रग ओवरडोज के कारण हुई। 

वही दूसरी ओर संत रामपाल जी महाराज के शिष्य न तो नशा करते हैं न किसी को नशे का साधन लाकर देते हैं। कहने का मतलब है वो नशे को हाथ तक नहीं लगाते। संत रामपाल जी के बनाए नियम के अनुसार उनका शिष्य नशा नहीं करता। संत गरीब दास जी महाराज अपनी वाणी में कहते हैं:-

मदिरा पीवैं कड़वा पानी, सत्तर जन्म श्वान के जानी।

चोरी, ठगी, रिश्वतखोरी जैसी बुराइयों को समाज से खत्म करने में योगदान

इस बात में कोई शक नहीं है कि यह समाज बुराइयों से भरा पड़ा है। यहाँ हमे रोज समाचार पत्रों में चोरी, ठगी, रिश्वतखोरी जैसी खबरे पढ़ने को मिल ही जाती हैं। ऐसे में संत रामपाल जी ऐसा समाज तैयार कर रहे हैं जहां ऐसी बुराइयों के लिए कोई जगह नहीं होगी। संत रामपाल जी महाराज के अनुयाई ऐसी बुराइयों के निकट भी नहीं जाते। क्योंकि उनका मानना है कि बुराई करना और बुराई में सहयोग देना दोनों महापाप हैं। संत रामपाल जी के दिये ज्ञान के अनुसार परमात्मा जब मेहर करता है तब ही कोई लाभ हो सकता है ऐसे चोरी ठगी से तो नुकसान ही होता है। कबीर साहेब जी कहते हैं:-

कबीर साहेब से सब होत है बंदे से कछु नांहि।

 राई से पर्वत करे पर्वत से फिर राई।।

कबीर साहेब जी अपनी वाणी में कहते हैं:-

कबीर, मांस भखै और मद पिये, धन वेश्या सों खाय। 

जुआ खेलि चोरी करै, अंत समूला जाय।।

घरेलू हिंसा जैसी बुराई खत्म करना

घरेलू हिंसा एक बड़ी समस्या उभर के आई है, यह समस्या दिन प्रति दिन रौद्र रूप धारण करती जा रही है। हमें समाचार पत्रों में आम तौर पर कोई न कोई ख़बर घरेलू हिंसा की पढ़ने को मिल ही जाती है, इसके कारण कई बार देखा गया है कि पीड़ित महिला आत्महत्या भी कर लेती है, बहुत से मामलों में यह भी होता है कि महिला अपने बच्चों को भी साथ में मार देती है। परमात्मा के विधान अनुसार हिंसा और आत्महत्या दोनों ही पाप है। संत रामपाल जी के शिष्य ऐसी बुराई नहीं करते, वह पूरे शिष्टाचार से रहते हैं। 

प्रेत बाधा और पाखण्डवाद जैसी बुराई को खत्म करना

वैसे तो आज का युग आधुनिक युग है जिसमे लोग भूत प्रेत आदि में विश्वास नहीं रखते लेकिन देखने में आया है कि ऐसे समस्याएं हमारे आस- पास मिल ही जाती है। बहुत से लोग तो कई जगह भटक लेते हैं लेकिन उनको राहत नहीं मिलती। लेकिन संत रामपाल जी महाराज जी की बताई भक्ति से प्रेत बाधा जैसी समस्या भी खत्म हो जाती है। संत रामपाल जी ने लाखों उजड़े परिवार बसाए हैं। इस तरह लोगों को पाखण्डवाद से राहत मिलती है। 

अच्छे संस्कार का समाज तैयार करने में योगदान

जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे समाज में बुराइयाँ घर कर रही हैं। बच्चे अपने संस्कार भूलते जा रहे हैं। जैसे कि बड़ों का सम्मान रहा नहीं, अश्लीलता अपनी चर्म सीमा पर फैल चुकी है आदि। लेकिन संत रामपाल जी के शिष्य बड़ों का सम्मान करते हैं और दुखियो की सहायता करते हैं। यहाँ तक कि संत रामपाल जी के अनुयाई न तो अश्लील गाने सुनते हैं न ही फिल्में देखते हैं। अगर देखा जाए तो सबसे जायदा समाज तो फिल्मों और गानों ने बिगाड़ रखा है, बच्चे काल्पनिक चीजों को सच मान लेते हैं और वैसा ही करने की कोशिश करते है। आज कल के युवाओं पर इसका काफी असर देखने को मिलता है। 

बेटा और बेटी के भेदभाव को खत्म करना

वर्तमान में समाज में चाहे स्थिति अब बदल गई है और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीति जिस पर सरकार ने बैन लगा दिया और कानून बना दिया पर यह अभी भी समाज में पनप रही है। हम घरों से लेकर ऑफिस तक आम तौर पर देखते हैं कि बेटियों के साथ भेदभाव किया जाता है। सरकार ने बहुत से अभियान चला रखे हैं जैसे कि “बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ” आदि, लेकिन फिर भी कुछ सफलता नही मिली। लेकिन संत रामपाल जी के शिष्य बेटा और बेटी में अंतर नहीं करते, क्योंकि संत रामपाल जी महाराज कहते हैं कि बेटा और बेटी दोनों परमात्मा के बच्चे हैं, हमें इनमें अंतर नहीं करना चाहिए। कबीर साहेब जी की वाणी भी है:-

कबीर, बेटा जाया खुशी हुई, बहुत बजाये थाल।

आवण जाणा लग रहा, ज्यों कीड़ी का नाल।।

जल्दी से जल्दी जुड़े संत रामपाल जी महाराज से

संत रामपाल जी महाराज एकमात्र एक ऐसे संत हैं जिनके ज्ञान ने पूरे विश्व में तहलका मचा दिया है। संत रामपाल जी ने जो नियम बनाए हैं वो लागू भी करवाये हैं क्योंकि उनका ज्ञान ही इतना जबरदस्त है। अगर उनके द्वारा किए गए समाज सुधार की बात करें तो लंबी लिस्ट बन जाएगी। संत रामपाल जी महाराज के रूप में खुद परमात्मा आये हुए हैं क्योंकि जो काम संत रामपाल जी ने किया है वो तो परमात्मा ही कर सकते है। गरीब दास जी महाराज कहते हैं:-

उत्तर, दक्षिण, पूर्व पश्चिम, फिरता दाने दाने नू ।

सर्व कलां सतगुरु साहेब की, हरि आए हरियाणे नू ।। 

इस भव्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण 08 सितंबर 2024 को सुबह 09:15 बजे से साधना TV पर होगा। साथ ही, इस विशेष कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आप हमारे सोशल मीडिया Platform पर भी देख सकते हैं जो निम्न हैं:-

Facebook page:- spiritual Leader Saint Rampal Ji Maharaj
Youtube:- Sant Rampal Ji Maharaj
Twitter :- @SaintRampalJiM

FAQ

विश्व में सच्चा संत कौन है? 

संत रामपाल जी महाराज ही वह सच्चे संत हैं, क्योंकि संत रामपाल जी सभी धार्मिक ग्रंथों के हिसाब से ज्ञान बताते है। 

क्या यह सच है कि संत रामपाल जी महाराज के शिष्य किसी प्रकार का दहेज न लेते हैं और न देते हैं?

जी हाँ, यह बिल्कुल सच है कि संत रामपाल जी के शिष्य शादी में न दहेज लेते हैं और न दहेज देते हैं। 

क्या संत रामपाल जी महाराज के शिष्य शराब पीते हैं?

नहीं, संत रामपाल जी महाराज के शिष्य शराब पीना तो दूर शराब को हाथ भी नहीं लगाते।

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