संत रामपाल जी महाराज की ने भगाणा, ढाणी पुरिया, सीपर और बहज को किया बाढ़ मुक्त

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प्राकृतिक आपदाओं के समय जब प्रशासनिक तंत्र और सरकारी सहायता मूकदर्शक बन जाते हैं, तब पीड़ित मानवता की पुकार केवल एक पूर्ण संत ही सुनता है। हरियाणा के हिसार जिले के भगाणा व ढाणी पुरिया, भिवानी के सीपर और राजस्थान के डीग जिले के बहज गांव में आई भीषण बाढ़ ने हजारों किसानों की आजीविका को पूरी तरह तबाह कर दिया था। चारों तरफ केवल बर्बादी का सन्नाटा पसरा हुआ था और फसलें कई फीट गहरे पानी में सड़ चुकी थीं। ऐसी घोर निराशा के समय में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की दिव्य अन्नपूर्णा मुहिम इन गांवों के लिए संजीवनी बूटी बनकर आई। संत रामपाल जी महाराज की असीम कृपा से इन सभी गांवों को न केवल इस भीषण जलप्रलय से मुक्ति मिली, बल्कि किसानों के जीवन में खुशहाली की एक नई शुरुआत भी संभव हो सकी।

बाढ़ से पहले और बाद की स्थिति

बाढ़ के समय इन चारों गांवों की स्थिति अत्यंत भयावह और दयनीय थी। 

  • भगाणा गांव की लगभग 3000 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि तीन महीनों से 4 फीट गहरे पानी में डूबी हुई थी। 
  • ढाणी पुरिया गांव में 300 एकड़ भूमि जलमग्न थी, जिससे खरीफ की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई थी। 
  • भिवानी के सीपर गांव का करीब 250 से 350 एकड़ इलाका 5 से 7 फीट गहरे पानी की चपेट में था और घरों में दरारें आने लगी थीं। 
  • वहीं राजस्थान के बहज गांव में पिछले 15 से 20 वर्षों से भयंकर जलभराव की समस्या थी, जिससे लगभग 2000 से 3000 बीघा जमीन दलदल बन चुकी थी। 

जल निकासी का कोई साधन न होने से किसान भुखमरी और पलायन की कगार पर पहुंच गए थे। शादियां और मंगल कार्य तक रुक चुके थे। परंतु संत रामपाल जी महाराज की असीम दया के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई। शक्तिशाली मोटरों और लंबी पाइपलाइनों के माध्यम से दिन-रात पानी निकाला गया, जिससे आज इन खेतों में 100% गेहूं की बिजाई संपन्न हो चुकी है और चारों तरफ हरियाली लहलहा रही है।

ग्रामीणों की मार्मिक मांग

प्रशासनिक उदासीनता से पूरी तरह निराश होने के बाद इन गांवों की पंचायतों ने संत रामपाल जी महाराज के बरवाला स्थित ट्रस्ट कार्यालय में लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर निम्नलिखित राहत सामग्री की मार्मिक मांग की थी:

  • भगाणा गांव द्वारा 4 15 एचपी की शक्तिशाली मोटरें और 23,000 फीट लंबी ड्रेनेज पाइपलाइन।
  • ढाणी पुरिया गांव द्वारा 2 मोटरें 10 एचपी और 4,400 फीट लंबी पाइपलाइन।
  • सीपर गांव द्वारा 2 विशाल 15 एचपी की मोटरें और 12,000 फीट लंबी 8 इंची पाइप।
  • बहज गांव द्वारा 8 इंची की 5,700 फीट पाइप, 5 इंची की 1,200 फीट पाइप, तीन 10 एचपी की मोटरें, एक 7.5 एचपी की मोटर तथा निर्बाध बिजली हेतु जनरेटर और डीजल की मांग।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई सहायता

ग्रामीणों की यह प्रार्थना जैसे ही संत रामपाल जी महाराज तक पहुंची, उन्होंने बिना किसी कागजी प्रक्रिया या विलंब के तत्क्षण सहायता भेजने का आदेश दिया। मात्र 24 से 48 घंटों के भीतर राहत सामग्री से भरे ट्रकों का काफिला इन गांवों में पहुंच गया। संत रामपाल जी महाराज की कृपा से सभी गांवों को संपूर्ण सामग्री पूरी तरह निःशुल्क और स्थायी संपत्ति के रूप में प्रदान की गई, जिसमें निम्नलिखित उपकरण शामिल थे:

  • मुंह मांगी शक्तिशाली मोटर और हैवी-ड्यूटी पंप।
  • मुंह मांगे हजारों फीट उच्च गुणवत्ता वाले ड्रेनेज पाइप।
  • विद्युत स्टार्टर, केबल, तार, सुंडिया, निप्पल, बेंड, वाल्व, नट-बोल्ट और फेविकोल सहित सभी आवश्यक फिटिंग्स।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा करवाई गई यह व्यवस्था इतनी संपूर्ण थी कि ग्रामीणों को बाजार से एक छोटी कील भी खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ी। बहज गांव में बिजली संकट को देखते हुए जनरेटर और डीजल का पूरा खर्च भी संत जी द्वारा ही वहन किया गया।

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ग्रामीणों की आवाज़

राहत मिलने के बाद ग्रामीणों ने भावुक होकर संत रामपाल जी महाराज के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की:

  • भगाणा गांव के किसान जितेंद्र ने कहा कि हमारी धान की फसल खत्म हो चुकी थी और गेहूं की कोई आस नहीं थी, संत रामपाल जी महाराज ने मोटर और पाइप देकर हमारा जीवन बचा लिया। प्रदीप ने बताया कि यदि महाराज जी मदद न करते, तो सीधा-सीधा ढाई करोड़ का नुकसान होता। जोगिंदर सिंह ने भावुक होकर कहा कि महाराज जी हमारे लिए फरिश्ता बनकर आए हैं।
  • ढाणी पुरिया गांव के अंकित ने बताया कि सरकार ने हमारी कोई सुनवाई नहीं की, यह सब संत रामपाल जी महाराज की कृपा से ही संभव हुआ है। पूर्व सरपंच राजकुमार ने कहा कि महाराज जी द्वारा दी गई मोटरें हमारे पास सुरक्षित हैं और भविष्य में भी काम आएंगी।
  • सीपर गांव के किसान महावीर ने कहा कि बाबा की इस मेहरबानी से हमारा पानी टूट गया और खेती बच गई। सरपंच प्रतिनिधि अमरजीत ने हाथ जोड़कर महाराज जी को कोटि-कोटि नमन किया।
  • बहज गांव के सरपंच सुभाष बाबू ने कहा कि सरकार से गुहार लगाकर हम थक चुके थे, लेकिन संत जी ने अर्जी लगाने के 24 घंटे में हमारा समाधान कर दिया। रिटायर्ड एएसआई कन्हैया लाल ने कहा कि हमने सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसी ईश्वरीय मदद मिलेगी।

जवाबदेही और पारदर्शिता

संत रामपाल जी महाराज के दिव्य नेतृत्व में संचालित इस राहत अभियान की मुख्य विशेषता इसकी कड़ी जवाबदेही और पूर्ण पारदर्शिता है। राहत सामग्री वितरण के साथ ही पंचायतों को संसाधनों के सही उपयोग के सख्त निर्देश दिए गए थे। पूरी प्रक्रिया की सत्यता को प्रमाणित करने के लिए ड्रोन के माध्यम से तीन चरणों में वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई: सहायता पहुंचने से पहले, पानी निकासी के बाद, और फसल के पूर्ण रूप से लहराने पर। यह पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि दानदाताओं का एक-एक पैसा सीधे पीड़ित मानवता के कल्याण में लगे।

क्यों संत रामपाल जी महाराज कहलाते हैं सच्चे किसान मसीहा और विश्व उद्धारक

आज पूरे विश्व में संत रामपाल जी महाराज को एकमात्र पूर्ण संत, तत्वदर्शी संत और सच्चे किसान मसीहा के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। वे कबीर परमेश्वर के एकमात्र सच्चे प्रतिनिधि हैं जिन्होंने समाज को खोखले कर्मकांडों से हटाकर सत्य भक्ति मार्ग प्रदान किया है। जब सभी बड़ी संस्थाएं आपदा के समय पीछे हट गईं, तब संत जी ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत सैकड़ों गांवों को नया जीवनदान दिया। उनका यह परोपकारी कार्य सिद्ध करता है कि वे साक्षात ईश्वर के रूप में इस धरा पर अवतरित हुए हैं, जिनका उद्देश्य केवल मोक्ष मार्ग प्रदान करना ही नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि की रक्षा करना भी है।

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