हरियाणा राज्य के जिला पलवल में स्थित गांव मण्ढनाका में पिछले कई वर्षों से बरसाती पानी के गंभीर जलभराव की स्थिति बनी हुई थी। क्षेत्र में पानी की स्थाई निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण सैकड़ों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि लगातार जलमग्न रहती थी। ग्रामीणों और किसानों के अनुसार लगभग 800 से 1000 एकड़ (तथा कुछ ग्रामीणों के कथनानुसार 500 एकड़ से अधिक) कृषि क्षेत्र पिछले 8 से 9 वर्षों से जलभराव से प्रभावित था, जिसके कारण वहां फसलों की नियमित बिजाई पूरी तरह ठप हो चुकी थी।
जलभराव के कारण गांव मण्ढनाका के किसानों और पशुपालकों को भारी आर्थिक और सामाजिक क्षति का सामना करना पड़ रहा था:
- खेतों में बिजाई न हो पाने से खाद्यान्न (अनाज) का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था।
- हरा चारा (न्यार) न मिलने के कारण पशुपालकों को अपने पशु बेचने पड़ रहे थे।
- लंबे समय तक पानी भरा रहने से ग्रामीणों के मकानों को क्षति पहुंच रही थी।
- आर्थिक तंगी के कारण किसान अपने बच्चों के स्कूल की फीस भरने में असमर्थ हो रहे थे।
किसान मजदूर बचाओ अभियान चरण 2 के तहत सर्वेक्षण एवं प्रथम चरण की प्रक्रिया
इस गंभीर जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान हेतु ग्राम पंचायत मण्ढनाका ने ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान चरण 2’ के तहत संत रामपाल जी महाराज से सहायता की प्रार्थना की थी। इस प्रार्थना के पश्चात प्रक्रिया को निम्नलिखित चरणों में पूरा किया गया:
- धरातलीय सर्वेक्षण: संत रामपाल जी महाराज ने अपनी सर्वेक्षण टीम को गांव मण्ढनाका के प्रभावित क्षेत्र का धरातलीय निरीक्षण करने के लिए भेजा।
- आवश्यकता का निर्धारण: सर्वे टीम ने निरीक्षण के आधार पर गांव के लिए 20,000 फीट लंबी पाइपलाइन और 20 एचपी क्षमता की दो हैवी ड्यूटी मोटरों की आवश्यकता की रिपोर्ट तैयार की।
- प्रथम चरण में पाइपलाइन की स्वीकृति: संत रामपाल जी महाराज ने सर्वे रिपोर्ट स्वीकृत होने के उपरांत गांव मण्ढनाका के लिए 20,000 फीट पाइपलाइन और आवश्यक प्रारंभिक सामग्री उपलब्ध करवाई।
- भूमिगत पाइपलाइन बिछाना: ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने मिलकर स्वीकृत 20,000 फीट पाइपलाइन को निर्धारित मार्ग के अनुसार भूमिगत किया और इसे गुड़गांव कैनाल (नहर) तक जल निकासी हेतु जोड़ दिया।
- पुनः सर्वेक्षण और सत्यापन: पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूर्ण होने के पश्चात सर्वे टीम ने धरातल पर जाकर बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में पाइपलाइन निर्धारित मानकों के अनुरूप सही और सुचारू रूप से भूमिगत पाई गई। इसके बाद पुनः सर्वेक्षण रिपोर्ट संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रस्तुत की गई।
हस्तांतरित उपकरण, तकनीकी विनिर्देशों और ब्रांडेड सामग्री की सूची
पुनः सर्वेक्षण रिपोर्ट स्वीकृत होने के उपरांत संत रामपाल जी महाराज ने गांव मण्ढनाका के लिए दो 20 एचपी की हैवी ड्यूटी मोटरें और संपूर्ण आवश्यक सामग्री प्रदान करने का आदेश जारी किया। संत रामपाल जी महाराज ने यह समस्त सामग्री ग्राम पंचायत को 100 प्रतिशत निःशुल्क सौंपी, जिसमें ग्रामीणों को अपनी ओर से एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ा।
ग्राम पंचायत मण्ढनाका को हस्तांतरित की गई सामग्री की सूची इस प्रकार है:
- हैवी ड्यूटी मोटरें: 20 एचपी क्षमता की 2 मोटरें।
- स्टार्टर: एलएंडटी (L&T) कंपनी के 2 स्टार्टर।
- सक्शन पाइप (सुंड): 20-20 फीट लंबाई के 2 सक्शन पाइप।
- विद्युत तार: उच्च क्षमता की केबल वायर।
- फिटिंग उपकरण: लोहे के बैंड, रिड्यूसर, पीवीसी पाइप, प्लेट, एयर वॉल, क्लैंप और रबर जैन।
- फास्टनर्स: जंग-रोधी आधुनिक स्टील के नट और बोल्ट।
- अन्य सामग्री: फिटिंग में उपयोग होने वाला सभी आवश्यक ब्रांडेड सामान।
इस सामग्री को सौंपने से पूर्व मंगलाचरण का पाठ किया गया और तत्पश्चात सर्वे टीम ने संपूर्ण सामान आधिकारिक रूप से ग्राम पंचायत मण्ढनाका और गांव के गणमान्य व्यक्तियों को सुपुर्द कर दिया।
जल निकासी लाइनों का संपादन और भविष्य की कार्ययोजना
संत रामपाल जी महाराज द्वारा उपलब्ध करवाई गई 20,000 फीट पाइपलाइन के माध्यम से ग्रामीणों ने जल निकासी के लिए कुल तीन लाइनें तैयार की हैं:
- स्वीकृत लाइनें: तीन में से दो लाइनों के लिए संत रामपाल जी महाराज ने 20-20 एचपी की मोटरें और उपकरण उपलब्ध करवा दिए हैं, जिन्हें चालू करके पानी को गुड़गांव कैनाल में फेंका जा रहा है।
- तृतीय लाइन की योजना: ग्रामीणों ने उसी 20,000 फीट पाइपलाइन के ढांचे में तीसरी लाइन भी समायोजित कर ली है। इस तीसरी लाइन को सुचारू करने के लिए ग्राम पंचायत मण्ढनाका संत रामपाल जी महाराज के समक्ष एक अलग से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करेगी।
किसान मजदूर बचाओ अभियान चरण 2 और सम्बद्ध अभियानों की स्थिति
संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में ग्रामीण व कृषि क्षेत्रों की समस्याओं के निवारण हेतु तीन मुख्य अभियान संचालित किए जा रहे हैं:
- किसान मजदूर बचाओ अभियान चरण 2
- शुद्ध पेयजल सेवा अभियान
- पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान
संत रामपाल जी महाराज ने निर्देश दिया है कि सेवा कार्य केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि धरातल पर वास्तविक रूप से करके दिखाना है। इन तीनों अभियानों के अंतर्गत अब तक 100 से अधिक गांवों में जलभराव निकासी, पेयजल आपूर्ति और पशुधन हेतु जल प्रबंधन का कार्य पूरा किया जा चुका है और यह सेवा कार्य निरंतर जारी है।
ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के प्रत्यक्ष वक्तव्य
गांव मण्ढनाका के ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई सहायता पर अपने विचार व्यक्त किए:
- ग्रामीणों का वक्तव्य: ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 8-9 वर्षों से 800 से 1000 एकड़ जमीन पानी में डूबी हुई थी। संत रामपाल जी महाराज ने पहले 20,000 फीट पाइपलाइन दी जिसे गुड़गांव कैनाल तक दबाया गया और अब 20 एचपी की दो मोटरें व सारा सामान घर तक पहुंचा दिया है।
- ग्राम पंचायत प्रतिनिधि का वक्तव्य: पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकारी स्तर पर चक्कर लगाने के बजाय संत रामपाल जी महाराज ने बिना किसी खर्च के सीधे गांव में सामान भिजवाया। स्टील के नट-बोल्ट तक आधुनिक गुणवत्ता के दिए गए हैं ताकि किसानों को खोलने या कसने में असुविधा न हो।
गांव मण्ढनाका जल निकासी परियोजना का विवरण
| विवरण श्रेणी | तथ्य एवं विशिष्ट आंकड़े |
| राज्य और जिला | हरियाणा, जिला पलवल |
| प्रभावित गांव | गांव मण्ढनाका (मंडनाका) |
| जलभराव से प्रभावित भूमि | 800 से 1000 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि |
| जलभराव की अवधि | पिछले 8 से 9 वर्षों से निरंतर |
| संबंधित मुख्य अभियान | किसान मजदूर बचाओ अभियान चरण 2 |
| सम्बद्ध अन्य अभियान | शुद्ध पेयजल सेवा अभियान, पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान |
| स्वीकृत पाइपलाइन | 20,000 फीट भूमिगत पाइपलाइन |
| जल निकासी का गंतव्य | गुड़गांव कैनाल (नहर) |
| स्वीकृत मोटर क्षमता | 20 एचपी की 2 हैवी ड्यूटी मोटरें |
| संबंधित विद्युत उपकरण | L&T कंपनी के 2 स्टार्टर, केबल वायर |
| सहायक उपकरण | 20-20 फीट के 2 सक्शन पाइप, लोहे के बैंड, रिड्यूसर, पीवीसी पाइप, प्लेट, एयर वॉल, क्लैंप, जैन, स्टील नट-बोल्ट |
| ग्रामीणों का वित्तीय योगदान | शून्य (100% निःशुल्क) |
मण्ढनाका में 1000 एकड़ कृषि भूमि के जलमुक्त होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था का पुनरुद्धार
संत रामपाल जी महाराज ने 20,000 फीट पाइपलाइन और 20 एचपी की दो हैवी ड्यूटी मोटरें प्रदान करके गांव मण्ढनाका के 800 से 1000 एकड़ जलमग्न कृषि क्षेत्र को सुखाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
गुड़गांव कैनाल तक जल निकासी की व्यवस्था बन जाने से पिछले 8-9 वर्षों से बंजर पड़ी भूमि पर दोबारा बिजाई संभव हो सकेगी। इससे किसानों को अन्न उत्पादन और पशुओं को हरा चारा प्राप्त होगा, जिससे गांव मण्ढनाका की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन पुनः स्थापित हो सकेगा।



