January 7, 2026

कैसे संत रामपाल जी महाराज ने सैमान गांव को विनाशकारी बाढ़ से बचाया

Published on

spot_img

चार महीनों तक महम तहसील, रोहतक, हरियाणा के सैमान गांव के लोग अत्यंत कठिनाइयों में जी रहे थे। बाढ़ का पानी उनकी गांव भूमि के 80 प्रतिशत से भी अधिक हिस्से पर फैला हुआ था। खेत दलदल बन चुके थे और खेती पूरी तरह ठप हो चुकी थी। क्योंकि गांव की अर्थव्यवस्था पूरी तरह खेती पर निर्भर थी, इसलिए स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी।

धान की फसल गांववासियों की आंखों के सामने सड़ रही थी, मगर पानी कम होने का नाम नहीं ले रहा था। सरकारी अधिकारी आए, फ़ोटो लिए, पर असली मदद गांव तक कभी नहीं पहुंची। इसी विकट परिस्थिति में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जीवनरक्षक सिद्ध हुए, जिन्होंने बिना किसी शुल्क के त्वरित और समुचित बाढ़ राहत सामग्री भेजकर गांव को इस भयावह संकट से बाहर निकाला।

सरपंच की भावपूर्ण अपील

सरकारी उदासीनता और गांव की बिगड़ती हालत देखकर सरपंच उर्मिला देवी और ग्राम पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज से सहायता ग्रहण करने का निर्णय लिया। संत रामपाल जी महाराज वर्षों से मानवता की सेवा के लिए समर्पित हैं और इस वर्ष मानसून के बाद उत्तर भारत के 300 से अधिक गांवों को मुफ्त बाढ़ राहत सामग्री दे चुके हैं।

सरपंच उर्मिला देवी अन्य पंचों के साथ बरवाला स्थित ट्रस्ट कार्यालय पहुंचीं और विनम्रतापूर्वक एक लिखित आवेदन सौंपा। पंचायत की ओर से उन्होंने स्पष्ट रूप से स्थिति बताई और निम्नलिखित आवश्यक सामग्री की मांग की—

  • 15 हॉर्सपावर क्षमता की 6 मोटरें
  • 20,000 फीट ड्रेनेज पाइप

संत रामपाल जी महाराज द्वारा भेजी गई त्वरित सहायता

संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उनके निर्देश पर दो से तीन दिनों के भीतर एक बड़ी टीम सैमान गांव पहुंच गई। भेजी गई बाढ़ राहत सामग्री में शामिल था—

  • छह नई, शक्तिशाली 15 HP हेवी-ड्यूटी मोटरें
  • 20,000 फीट मजबूत 8 इंच ड्रेनेज पाइप
  • सभी आवश्यक इलेक्ट्रिकल व प्लंबिंग उपकरण—स्टार्टर, वायर, बोल्ट, वाल्व, क्लिप्स आदि

संत रामपाल जी महाराज ने सबसे छोटे नट से लेकर सबसे बड़े से बड़े उपकरण तक—हर आवश्यक वस्तु उपलब्ध कराई, ताकि पानी निकासी कार्य तुरन्त शुरू हो सके। ये दिव्य कृपा सैमान गांव की स्मृति में सदैव अंकित रहेगी।

गांववासियों ने व्यक्त किया आभार

सैमान गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। सरपंच उर्मिला देवी ने संत रामपाल जी महाराज का बार-बार धन्यवाद किया और कहा कि वे समाज से नशों को मिटाने, गरीबों को भोजन, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और आवास उपलब्ध करवाने के लिए भी निरंतर महान प्रयास कर रहे हैं—जो अपने आप में सराहनीय है।

कई ग्रामीणों ने कहा कि यह सहायता उन्हें महान ऐतिहासिक नेताओं की याद दिलाती है। उन्होंने कहा—जहां कई नेता और धार्मिक वक्ता केवल चंदे एकत्र करते हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज संसाधनों का उपयोग सीधे किसानों और आम लोगों के हित में करते हैं।

जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने के स्पष्ट निर्देश

बाढ़ राहत सामग्री के साथ, पंचायत को संत रामपाल जी महाराज की ओर से एक औपचारिक निवेदन पत्र भी मिला। इसमें साफ लिखा था कि उद्देश्य केवल सामग्री देना नहीं, बल्कि वास्तविक परिणाम देखना है।

गांववालों को निर्देश दिए गए कि वे निरंतर प्रयास करके पानी निकालें और अगली फसल की बुवाई समय पर करें। पत्र में बताया गया कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का ड्रोन वीडियो पहले ही रिकॉर्ड किया जा चुका है और पानी निकलने व गेहूं की खड़ी फसल तैयार होने पर दूसरा वीडियो बनाया जाएगा। ये वीडियो सतलोक आश्रम में दानदाताओं को दिखाए जाएंगे, ताकि उन्हें भरोसा रहे कि उनका दान सही जगह उपयोग हो रहा है।

Also Read: संत रामपाल जी महाराज ने भिवानी के बाढ़ग्रस्त बड़ेसरा गांव को दी स्थायी राहत

पत्र में यह भी निर्देश थे कि यदि सामग्री का दुरुपयोग हुआ या लापरवाही के कारण पानी नहीं निकाला गया, तो भविष्य में कोई सहायता नहीं दी जाएगी। इससे उनकी जवाबदेही और दीर्घकालिक सफलता पर केंद्रित दृष्टि स्पष्ट होती है।

गांव के लिए स्थायी संपत्ति

सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि संत रामपाल जी महाराज ने मोटरें और पाइप स्थायी रूप से ग्राम पंचायत को भेंट किए। उन्हें सलाह दी गई कि पानी निकल जाने के बाद पाइपों को ज़मीन के नीचे दबाकर संरक्षित कर दें, ताकि भविष्य में भी उनका उपयोग किया जा सके।

इससे न केवल तत्काल राहत मिली बल्कि गांव की कृषि के लिए स्थायी समाधान भी तैयार हो गया। इससे आने वाली बुवाई संभव हुई और हजारों लोगों की खाद्य सुरक्षा मजबूत हुई। जब उनके निर्देशानुसार मोटरें चलनी शुरू हुईं और पाइपलाइनें खेतों में फैल गईं, तो गांववालों ने केवल पानी ही नहीं निकलते देखा—बल्कि गेहूं की सफल फसल की आशा भी लौट आई।

संत रामपाल जी महाराज—विश्व के उद्धारकर्ता

अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज ने संसार को दिखाया है कि सच्ची आध्यात्मिकता दिखावे या कर्मकांडों में नहीं, बल्कि मानवता की निःस्वार्थ सेवा में निहित है। उनका हर उपदेश और हर कदम वही असीम करुणा दर्शाता है, जिसे कबीर साहेब ने सदियों पहले दिखाया था—एक ऐसा आचरण जिसने समाजों को बदल दिया, लाखों लोगों के जीवन में सुख और उच्च स्तर प्रदान किया।

आज संसार संत रामपाल जी महाराज का ऋणी है। वे इस युग के दिव्य मार्गदर्शक हैं—परमात्मा कबीर के एकमात्र प्रतिनिधि, जो हर सच्चे साधक को सत्य ज्ञान, सच्चा भक्ति मार्ग और मोक्ष का आख़िरी लक्ष्य प्रदान करने में निरंतर लगे हुए हैं।

दुख और अनिश्चितता से घिरे इस विश्व में, संत रामपाल जी महाराज आज भी असाधारण सेवाएँ कर रहे हैं—निर्बलों का सहारा बनकर, समाज के टूटते विश्वास को जोड़कर, और हर उस आत्मा को शरण देकर जो सत्य और भगवान की तलाश में भटक रही है। हमारा कर्तव्य है कि उनकी दिव्य मुहिम को पहचानें और उनकी शरण लेकर मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य, मोक्ष, पूरा करें।

Latest articles

World Hindi Day 2026: Hindi and India’s Rise as a Global Spiritual Power

Vishwa Hindi Diwas 2026 (World Hindi Day): This day is a very special day...

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम: दिल्ली के कैर गांव में बाढ़ राहत के लिए करोड़ों की सामग्री भेंट

  नई दिल्ली/नजफगढ़: देश की राजधानी दिल्ली के नजफगढ़ स्थित कैर गांव में पिछले छह...

Kazakhstan’s Oil Production Boost: Tengiz Expansion, New Exploration, and Export Adaptability

Kazakhstan, Central Asia’s premier oil producer with vast Caspian reserves, is enhancing its global...
spot_img

More like this

World Hindi Day 2026: Hindi and India’s Rise as a Global Spiritual Power

Vishwa Hindi Diwas 2026 (World Hindi Day): This day is a very special day...

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम: दिल्ली के कैर गांव में बाढ़ राहत के लिए करोड़ों की सामग्री भेंट

  नई दिल्ली/नजफगढ़: देश की राजधानी दिल्ली के नजफगढ़ स्थित कैर गांव में पिछले छह...