January 23, 2026

संत रामपाल जी महाराज ने भिवानी के बाढ़ग्रस्त बड़ेसरा गांव को दी स्थायी राहत

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हरियाणा के भिवानी ज़िले के बड़ेसरा गांव की ग्राम पंचायत को संत रामपाल जी महाराज की असीम दया से बाढ़ राहत के रूप में विशाल सहायता प्राप्त हुई। यह राहत ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के अंतर्गत दी गई। संत रामपाल जी महाराज के आदेश अनुसार, गांववासियों द्वारा किए गए अनुरोध के मात्र दो से तीन दिनों के भीतर सभी आवश्यक सामग्री गांव में पहुँचा दी गई। इस त्वरित सहायता से वे सभी किसान जिनकी कुल मिलाकर लगभग 2,000 एकड़ फ़सल बर्बाद हो चुकी थी और जो गेहूं की बुवाई से वंचित होने के कगार पर थे। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सरकारी विभागों की ओर से सहायता बेहद धीमी और सीमित थी, जबकि संत रामपाल जी महाराज ने किसानों के वास्तविक दुख को समझते हुए समय पर प्रभावी मदद प्रदान की।

बाढ़ की स्थिति और आजीविका का विनाश

भिवानी तहसील में स्थित बड़ेसरा गांव में चार से पाँच फीट गहरे स्थिर पानी ने लगभग 2,000 एकड़ कृषि भूमि को ढक लिया था। इससे खड़ी फ़सलें पूरी तरह नष्ट हो गईं और किसानों समेत पूरे गांव को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता इस बात से और बढ़ गई कि पानी उतर नहीं रहा था और गेहूं की बुवाई का उपयुक्त समय समाप्त होने ही वाला था।

इस संकट ने गांव की वार्षिक आय, खाद्यान्न आपूर्ति, पशुओं के चारे, तथा स्कूल और डिस्पेंसरी तक के आवागमन को बुरी तरह प्रभावित किया। गांव वालों के अनुसार सरकारी सहायता नाम मात्र की थी। लोगों के पास कोई व्यवहारिक सहारा नहीं बचा था, इसलिए उन्होंने अपनी अंतिम उम्मीद के साथ संत रामपाल जी महाराज से मार्मिक अपील की।

औपचारिक निवेदन और स्वीकृति

इस आपात स्थिति को देखते हुए बड़ेसरा गांव की ग्राम पंचायत, सरपंच गोप सिंह जी के नेतृत्व में, संत रामपाल जी महाराज के बरवाला स्थित ट्रस्ट कार्यालय पहुँची और हस्ताक्षरित आवेदन देकर सहायता मांगी। गांव ने निम्न सहायता की मांग की:

  • पाँच पंप सेट (15 हॉर्स पावर वाले)
  • 12,000 फीट लंबी 8-इंच ड्रेनेज पाइपलाइन

सभी पंचायत सदस्यों ने आवेदन पर हस्ताक्षर किए। यह आवेदन संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार तुरंत स्वीकृत कर लिया गया। इस तीव्र प्रतिक्रिया से गांववासियों को भरोसा हुआ कि उनकी प्रार्थना उन तक पहुँच चुकी है और अब देरी नहीं होगी।

उम्मीद से पहले पहुंचाई गई राहत सामग्री

स्वीकृति के तुरंत बाद संत रामपाल जी महाराज की असीम दया से राहत सामग्री से भरा पूरा काफ़िला बड़ेसरा गांव पहुँचा। वादे के अनुरूप गांव को निम्न सामग्री उपलब्ध कराई गई:

  • पाँच 15 HP पंप सेट
  • 12,000 फीट 8-इंच हैवी-ड्यूटी ड्रेनेज पाइप
  • पाँच स्टार्टर और आवश्यक विद्युत केबल
  • सभी ज़रूरी नट-बोल्ट, क्लैम्प आदि

यह संपूर्ण सामग्री पूरी तरह निःशुल्क दी गई और गांव को एक भी रुपये खर्च नहीं करना पड़ा। सारा सामान गांव की पंचायत को अनेक ग्रामीणों की उपस्थिति में विधिवत सौंपा गया।

यह सहायता ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के उस विशाल अभियान का हिस्सा है जिसके अंतर्गत हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों के 300 से अधिक बाढ़ग्रस्त गांवों में, संत रामपाल जी महाराज के आदेश अनुसार, ज़मीन-स्तर पर भारी राहत कार्य किए जा रहे हैं। यह अभियान प्रचार के बजाय वास्तविक सहायता पर केंद्रित है और अत्यंत तेज गति से निरंतर जारी है।

स्थायी सहयोग और स्पष्ट जिम्मेदारी

संत रामपाल जी महाराज ने यह पंप और पाइपलाइन गांव की स्थायी संपत्ति के रूप में प्रदान किए। उन्होंने निर्देश दिया कि गांव वाले पाइपलाइन को सही ढंग से स्थापित करें और भविष्य की आपदाओं के लिए सुरक्षित रखें। साथ ही, ग्राम पंचायत को संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्पष्ट रूप से निवेदन किया गया कि खेतों का पानी समय पर निकाला जाए और गेहूं की बुवाई उचित समय में पूरी हो।

Also Read: जब प्रशासन ने खड़े किए हाथ; तब संत रामपाल जी महाराज की ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ बनी बाढ़ प्रभावित गोयला कलाँ के लिए जीवन रेखा 

संत रामपाल जी महाराज द्वारा राहत सामग्री के साथ एक लिखित निर्देश भी भेजा गया कि यदि पूरी सहायता मिलने के बावजूद गांव समय पर बुवाई नहीं कर पाया, तो भविष्य में किसी भी आपदा राहत सहायता पर ट्रस्ट द्वारा विचार नहीं किया जाएगा।

ड्रोन से पानी भरे खेतों की वीडियो रिकॉर्डिंग हो चुकी है और दो और वीडियो बनाए जाएंगे—एक पानी हटने के बाद की स्थिति और दूसरा स्वस्थ बढ़ती हुई फ़सल का। ये वीडियो सतलोक आश्रमों में प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि दानदाता देख सकें कि उनकी दी गई सहायता किस प्रकार मानवता की रक्षा में उपयोग हो रही है।

गांववासियों का आभार

गांव के लोगों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। काला नंबरदार, सोमवीर और पवन जी जैसे ग्रामीणों ने कहा कि पूर्ण निराशा की घड़ी में संत रामपाल जी महाराज ने उन्हें नई आशा दी। उन्होंने बताया कि कोई सरकारी अधिकारी देखने तक नहीं आया, जबकि संत रामपाल जी महाराज ने दो से तीन दिनों में पूरे समाधान की व्यवस्था कर दी।

कई ग्रामीणों ने उन्हें किसानों का मसीहा बताया। उन्होंने कहा कि जहां अन्य धार्मिक नेता सेवाओं के नाम पर शुल्क लेते हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज सब कुछ निःशुल्क प्रदान करते हैं। वे इस बात से भी प्रभावित हुए कि उनके मिशन में मिलने वाला हर दान केवल जनसेवा और मानवता के कल्याण पर ही खर्च होता है।

अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज का उद्देश्य हर समुदाय के लोगों को भोजन, वस्त्र, शिक्षा, स्वास्थ्य और आश्रय उपलब्ध कराना है। बड़ेसरा गांव में बाढ़ राहत पहुँचने के बाद ग्रामीणों ने कहा कि किसानों की मदद करना सर्वोच्च सेवा है, क्योंकि इससे पूरे समाज का अन्न सुरक्षित रहता है।

संत रामपाल जी महाराज हैं युग के सबसे बड़े सुधारक

संत रामपाल जी महाराज की सेवा केवल भौतिक राहत तक सीमित नहीं है; यह समाज में वास्तविक आध्यात्मिक चेतना जगाने का भी माध्यम है। उनका संदेश अत्यंत सरल किंतु गहन है — मानवता की सच्ची सेवा, परमेश्वर कबीर साहेब में विश्वास को पुनर्जीवित करती है और यह दिखाती है कि परमेश्वर अपनी सच्ची आत्माओं के लिए स्वयं सभी आवश्यक चीजों की व्यवस्था करते है। इस दुनिया में जहां धन को ही सबकुछ मान लिया गया है और धन के लिए कुछ भी करने को लोग तैयार हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज मानवता के कल्याण के लिए धन को जल की तरह बहा रहे हैं।

संत रामपाल जी महाराज की दया से हरियाणा की बाढ़ राहत के अभियान में अब बड़ेसरा गांव का नाम भी जुड़ गया है। जहां कभी निराशा का अंधेरा छाया हुआ था, आज वहां आशा की किरणें चमक रही हैं। जहां सहायता की सभी उम्मीदें टूट चुकी थीं, वहीं संत रामपाल जी महाराज की असीम कृपा से लोगों ने खुद कहा कि वास्तविक में संत जी भगवान का स्वरूप है।

बड़ेसरा की यह कहानी केवल एक गांव की राहत नहीं है — यह मानवता के पुनर्जागरण की कथा है, जो उनकी अद्भुत कृपा से संभव हुई है। यह संसार मानवता के लिए किए गए उनके अप्रतिम कार्यों के लिए सदैव उनका ऋणी रहेगा। संत रामपाल जी महाराज बेसहारा और उपेक्षितों का सहारा हैं—विश्व के सच्चे उद्धारकर्ता। उनका लक्ष्य इस दिव्य मानवता मिशन और सही भक्ति मार्ग को पूरे विश्व तक पहुँचाना है। उन्होंने जो स्वर्ण युग का समय आने के जो वचन पहले कहे थे, आज वे साकार होते दिख रहे है। उनकी दिव्य कृपा से प्रारंभ यह अन्नपूर्णा मुहिम, स्वर्णिम युग की शुरुआत का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

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