Rishi Sunak News (Hindi): जाने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से जुड़ी हर जानकारी

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Rishi Sunak News (Hindi): ऋषि सुनक ने मंगलवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। सुनक ने मंगलवार को किंग चार्ल्स III से बकिंघम  पैलेस में मुलाकात की। किंग चार्ल्स ने उन्हें औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया है। 42 वर्ष के ऋषि सुनक भारतीय मूल के पहले और सबसे युवा प्रधानमन्त्री हैं। जिस मुल्क भारत पर अंग्रेजों ने दो सौ वर्षों तक राज किया उन्हें भारत की आजादी के 75 साल बाद अपनी  टूटती अर्थ व्यवस्था को बचाने के लिए हिन्दू मूल के एक व्यक्ति को अपना प्रधानमंत्री बनाना पड़ा। आगे इस लेख में जानिए ऋषि सुनक से जुड़ी हर जानकारी।  

Rishi Sunak News (Hindi): मुख्य बिंदु

  • ऋषि सुनक को 25 अक्टूबर को यू.के. का प्रधान मंत्री नियुक्त किया गया।
  • अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए एक हिन्दू को प्रधानमंत्री बनाया गया।
  • ऋषि सुनक का जन्म 1980 में ब्रिटेन के साउथहैंपटन में एक भारतीय परिवार में हुआ।
  • कई देशों के सर्वोच्च पदों पर भारतीय मूल के लोगों ने परचम लहराया है।
  • यह शुरुआत है “भारत होगा विश्व विजेता, भारत होगा विश्व का नेता”।
  • संत रामपाल जी महराज की विचारधारा पूरी दुनिया में फैल रही है।

ऋषि सुनक का संक्षिप्त परिचय

भारतीय मूल के ऋषि सुनक पहले भारतवंशी प्रधानमन्त्री हैं जिन्होंने 1980 में साउथहैंपटन में जन्म लिया। उनका परिवार भारत के पंजाब प्रांत से ताल्लुक रखता है। ऋषि सुनक ने पहली बार साल 2014 में ब्रिटेन के संसद में कदम रखा, दरअसल जिस समय वो संसद में पहुंचे  उस समय पूर्व सांसद विलियम हेग ने रिचमंड से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। उसके बाद ऋषि सुनक ने उनकी जगह ली और कंजरवेटिव एम. पी. उम्मीदवार के रुप में चुनाव लड़ा। किंग चार्ल्स ने उन्हें औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया है। 42 वर्ष के ऋषि सुनक भारतीय मूल के पहले और सबसे युवा प्रधानमन्त्री हैं।

Rishi Sunak (ऋषि सुनक) जन्म और परिवार

ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथहैंपटन में हुआ। उनका परिवार भारतीय मूल का है जिनका संबंध पंजाब राज्य से है। उनकी मां उषा तंजानिया में जन्मी थी। उनके दादा-दादी भारतीय थे। इसलिए वो अपने आपको भारतीय ही बताते हैं। ऋषि सुनक के भाई संजय एक मनोवैज्ञानिक हैं। उनकी बहन राखी विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय में संयुक्त राष्ट्र के लिए काम करती हैं। उनकी मां उषा सुनक फार्मसिस्ट थी और पिता यशवीर सुनक एक जनरल चिकित्सक थे। वो अपने परिवार में तीन भाई बहनों में से सबसे बड़े हैं। उनके पिता यशवीर सुनक का जन्म केन्या में हुआ था। ऋषि सुनक की पत्नी भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति है। उनके दो बेटियां हैं – कृष्णा और अनुष्का।

ऋषि सुनक की प्रारंभिक शिक्षा

Rishi Sunak News [Hindi]: ऋषि सुनक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा विनचेस्टर कॉलेज से की। बचपन से ही अग्रणी रहने वाले ऋषि स्कूल के हेड बॉय और संपादक रह चुके हैं। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ कंजर्वेटिव कैम्पेन मुख्यालय में इंटर्नशिप भी की। राजनीति और अर्थशास्त्र की शिक्षा लिंकन कॉलेज ऑक्सफोर्ड से प्राप्त की। 2006 में उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविधालय से एमबीए की डिग्री भी हासिल की।

ऋषि सुनक का व्यावसायिक जीवन (Business Career )

ऋषि सुनक ने 2001 में कैलिफोर्निया में एक अमेरिकी निवेश बैंक, “गोल्डमैन सेक्स” (Goldman Sachs) के लिए एक विश्लेषक (Analysis) के रूप में अपनी पहली नौकरी की शुरूआत की थी। वर्ष 2004 में उन्होंने हेज फंड मैनेजमेंट फर्म द चिल्ड्रन इन्वेस्टमेंट फंड मैनेजमेंट (TCI ) के लिए काम किया। साल 2009 में उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ कर एक साल के अंदर अक्टूबर 2010 को 536 मिलियन डॉलर के शुरुआती निवेश के साथ एक निवेश साझेदारी फर्म “थेलेम पार्टनर्स” की शुरुआत की। 2013 में उन्हें उनके ससुर और भारतीय व्यवसायी एनआर नारायण मूर्ति के निवेश फर्म “कैटामारन वेंचर्स यूके लिमिटेड” के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। बाद में उन्होंने 30 अप्रैल 2015 को फर्म से इस्तीफा दे दिया। लेकिन उनकी पत्नी अभी भी उस संगठन के निदेशक के रूप में काम करती हैं।

ऋषि सुनक का राजनीतिक करियर (Political Career of Rishi Sunak)

  • ऋषि ने अक्टूबर 2014 में पहली बार यूके की संसद में कदम रखा, जब पूर्व सांसद विलियम हेग द्वारा अगला आम चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा के बाद ऋषि को रिचमंड के लिए कंजर्वेटिव एमपी उम्मीदवार के रूप में चुना गया। वर्ष 2015 में, सुनक ने रिचमंड से यूके का आम चुनाव लड़ा और 36.5% मतों के बहुमत से जीत हासिल की।
  • संसद के सदस्य के रूप में, सुनक ने साल 2015 से 2017 तक पर्यावरण, खाद्य और ग्रामीण मामलों की चयन समितियों के सदस्य के रूप में काम किया। 2019 के आम चुनावों में, उन्हें फिर से सांसद के रूप में चुना गया जब उन्होंने  27,210 मतों (47.2%) के एक बड़े अंतर के साथ लगातार अपनी तीसरी जीत हासिल की ।
  • ऋषि के फलते-फूलते राजनीतिक करियर में एक और पदोन्नति हुई। राजकोष के चांसलर साजिद जाविद ने नाटकीय रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया और 13 फरवरी 2020 को ऋषि को नियुक्त कर दिया गया। 

Rishi Sunak News (Hindi): ऋषि सुनक की कहानी उन्हीं की जुबानी 

अपनी वेबसाइट rishisunak.com पर अपने बारे में जो ऋषि सुनक ने बताया है उसके कुछ अंश हम अपने हिन्दी पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहे हैं –  

  • “मैं अपने माता-पिता को समर्पण के साथ हमारे स्थानीय समुदाय की सेवा करते हुए देखकर बड़ा हुआ हूं। मेरे पिताजी एक एनएचएस परिवार के जीपी थे और मेरी माँ अपनी स्थानीय केमिस्ट की दुकान चलाती थीं। मेरे माता-पिता ने बहुत त्याग किया ताकि मैं अच्छे स्कूलों में जा सकूं। मैं भाग्यशाली था कि मैंने विनचेस्टर कॉलेज, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन किया। मैं कैलिफोर्निया में अपनी पत्नी अक्षता से मिला। हमारी दो बेटियां हैं, कृष्णा और अनुष्का। अपने खाली समय में मुझे क्रिकेट, फुटबॉल खेलकर फिट रहने और फिल्में देखने में मजा आता है।”
  • “मैं एक सफल व्यावसायिक करियर का आनंद लेने के लिए भाग्यशाली रहा हूं। मैंने सिलिकॉन वैली से बैंगलोर तक की कंपनियों के साथ काम करते हुए एक बड़ी निवेश फर्म की सह-स्थापना की। फिर मैंने उस अनुभव का उपयोग छोटी और उद्यमी ब्रिटिश कंपनियों को सफलतापूर्वक विकसित होने में मदद करने के लिए किया।” 
  •  “मैं नॉर्थलेर्टन के ठीक बाहर किर्बी सिगस्टन में रहता हूं। मुझे पहली बार 2015 में प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था और 2017 और 2019 में फिर से चुना गया था। जनवरी 2018 में स्थानीय सरकार के मंत्री के रूप में सेवा के बाद, मुझे जुलाई 2019 में ट्रेजरी का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। फरवरी 2020 में, मुझे राजकोष का चांसलर नियुक्त करने का सम्मान मिला, इस पद पर मैं जुलाई 2022 तक रहा। 25 अक्टूबर को मुझे यूके का प्रधान मंत्री बनने का सम्मान और सौभाग्य प्राप्त हुआ।”

सबका सम्मान करने के लिए जाने जाते है भारतीय

भारत में ही वसुधैव कुटुंबकम् (पूरा विश्व एक परिवार है) की अवधारणा जन्मी है। भारतीय संस्कृति सभी धर्मों और उनके जुड़े लोगों का सम्मान करना सिखाती हैं। पृथ्वी के सभी मानव हमारे भाई बहन हैं। भारतीय लोग पूरे विश्वभर में अपनी नैतिकता और मर्यादाओं के लिए जाने जाते हैं । भारतीय संस्कृति पूरे विश्व में छाई हुई है। शायद यही कारण है कि अंग्रेजों के देश में एक हिन्दू को अपना प्रधानमंत्री बनाना स्वीकार किया है। 

विश्व के महानतम संत की ख्याति प्राप्त करने वाले जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी सर्व धर्मों और धर्मगुरुओं का सम्मान करना सिखाते हैं। संत रामपाल जी महाराज का नारा है,

जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा। 

हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा।।

संत रामपाल जी बताते है हम सभी एक परमेश्वर की संतान होने के कारण एक ही परिवार के सदस्य है।  संत रामपाल जी महाराज के विचारों को विस्तार से जानने के लिए डाउनलोड करें “संत रामपाल जी महाराज” एंड्रॉयड एप

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