तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की दिव्य सहायता से रतेरा में फिर शुरू हुई खेती, बाढ़ के बाद किसानों को मिली बड़ी राहत

Published on

spot_img

हरियाणा के भिवानी जिले के रतेरा गांव में महीनों तक जलभराव की गंभीर समस्या झेलने के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होते दिखाई दे रहे हैं। खेतों, घरों, गांव के रास्तों और हजारों एकड़ कृषि भूमि में भरे पानी ने गांव की खेती को बुरी तरह प्रभावित कर दिया था। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2018 से गांव लगातार बाढ़ और जलभराव की समस्या से जूझ रहा था, जिसके कारण हर बार खरीफ की फसल खराब हो जाती थी। गांव के किसानों का कहना है कि तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से सहायता की प्रार्थना करने के बाद गांव में राहत पहुंची, जिसके बाद बड़े स्तर पर पानी निकासी का कार्य हुआ और अब कई क्षेत्रों में गेहूं व सरसों की बिजाई दोबारा शुरू हो चुकी है।

ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें स्थायी समाधान नहीं मिला। इसके बाद गांव के लोग जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज जी की टीम के पास प्रार्थना लेकर पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार खेतों में भरे पानी के कारण किसानों को आशंका थी कि इस बार अगली फसल की बिजाई भी संभव नहीं हो पाएगी।

रतेरा बाढ़ राहत अभियान की प्रमुख बातें

  • भिवानी जिले की बावानी खेड़ा तहसील का रतेरा गांव वर्ष 2018 से लगातार जलभराव की समस्या से प्रभावित रहा
  • किसानों के अनुसार हर बार खरीफ की फसल बाढ़ के पानी में खराब हो जाती थी
  • ग्रामीणों ने बताया कि खेतों, घरों और रास्तों में कई फीट तक पानी भर गया था
  • संत रामपाल जी महाराज जी की टीम ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत राहत पहुंचाई
  • सहायता सामग्री में शामिल थे:
    • 1800 फीट लंबी 8 इंच की पाइपलाइन
    • 15-15 एचपी की दो मोटरें
    • स्टार्टर, केबल, सक्शन पाइप, एल्बो, रबर गैस्केट, नट-बोल्ट और अन्य जरूरी सामान
  • ग्रामीणों के अनुसार पूरी सहायता निशुल्क दी गई
  • पानी निकासी के बाद गांव में गेहूं और सरसों की बिजाई दोबारा शुरू हुई
  • ग्रामीणों का दावा है कि कई क्षेत्रों में 50% से 70% तक खेती दोबारा शुरू हो चुकी है
राहत सामग्रीविवरण
पाइपलाइन1800 फीट लंबी 8 इंच पाइपलाइन
मोटरें15-15 एचपी की दो मोटरें
अतिरिक्त सामग्रीस्टार्टर, केबल, एल्बो, सक्शन पाइप, रबर गैस्केट, नट-बोल्ट, चिपकाने वाला सामान
उद्देश्यखेतों से बाढ़ का पानी निकालना
ग्रामीणों पर खर्चग्रामीणों के अनुसार पूरी सहायता निशुल्क

रतेरा में खेतों और घरों तक भर गया था पानी

ग्रामीणों ने बताया कि रतेरा गांव में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी। किसानों के अनुसार कई खेतों में पानी का स्तर सात से आठ फीट तक पहुंच गया था, जबकि गांव के कई घरों और रास्तों में चार से पांच फीट तक पानी भरा हुआ था।

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान ग्रामीणों ने खेतों के आसपास बने मिट्टी के बांध और दीवारों पर पड़े पानी के निशान दिखाते हुए बताया कि पूरा इलाका लंबे समय तक जलमग्न रहा। किसानों ने कहा कि खेतों तक जाने वाले रास्ते बंद हो चुके थे और गांव के पास स्थित मंदिर तक पानी पहुंच गया था।

वर्षों तक अधिकारियों के चक्कर काटते रहे किसान

ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से इस समस्या को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उन्हें कोई स्थायी समाधान नहीं मिला। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकारी सहायता गांव को हुए नुकसान की तुलना में बेहद सीमित थी।

यह भी पढ़ें:  संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम ने इंदौर की बुजुर्ग माता को दिया सहारा, अधूरे घर में जगी नई उम्मीद

कई किसानों ने कहा कि खेतों में लंबे समय तक पानी भरे रहने के कारण अगली फसल की बिजाई भी असंभव लग रही थी। ग्रामीणों के अनुसार स्थिति ऐसी हो गई थी कि किसानों को फसल, पशुधन और आजीविका को लेकर गंभीर चिंता सताने लगी थी।

संत रामपाल जी महाराज की सहायता से शुरू हुआ पानी निकासी अभियान

ग्रामीणों द्वारा सहायता की प्रार्थना किए जाने के बाद तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी की समिति द्वारा अन्नपूर्णा मुहिम के तहत गांव में राहत पहुंचाई गई। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों से पानी निकालने के लिए 15-15 एचपी की दो शक्तिशाली मोटरें और 1800 फीट लंबी 8 इंच पाइपलाइन उपलब्ध कराई गई।

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान ग्रामीणों ने कई बार कहा कि यह सहायता पूरी तरह निशुल्क थी।

ग्रामीणों के अनुसार सहायता केवल बड़ी मशीनों तक सीमित नहीं रही। संत रामपाल जी महाराज के एक निर्देश पर उनके शिष्यों ने सिस्टम को चालू करने के लिए जरूरी हर सामान उपलब्ध कराया। इसमें स्टार्टर, केबल, एल्बो, सक्शन पाइप, रबर गैस्केट, फेवीकोल जैसे चिपकाने वाले पदार्थ और छोटे से छोटे स्टील के नट-बोल्ट तक शामिल थे।

ग्रामीणों ने कहा, “हमें बाजार से एक नट तक खरीदने की जरूरत नहीं पड़ी।” ग्रामीणों के अनुसार यह उपकरण गांव की स्थायी धरोहर के रूप में सौंपे गए ताकि भविष्य में जलभराव की स्थिति आने पर दोबारा उनका उपयोग किया जा सके।

पानी निकलने के बाद गांव में दिखने लगा बदलाव

ग्रामीणों ने बताया कि पानी निकासी कार्य शुरू होने के करीब दो महीने बाद खेतों से अधिकांश पानी निकल चुका है। किसानों ने सरसों की नई फसल और गेहूं की बिजाई को गांव में लौटती सामान्य स्थिति का संकेत बताया। कई किसानों का कहना है कि लगभग 50% क्षेत्रों में बिजाई दोबारा शुरू हो चुकी है, जबकि कुछ ग्रामीणों ने यह आंकड़ा करीब 70% बताया।

14 एकड़ भूमि वाले एक किसान ने बताया कि पहले उनके खेतों में चार से पांच फीट तक पानी भरा हुआ था, जिससे खेती करना असंभव हो गया था। बाद में पानी निकलने के बाद खेत दोबारा बिजाई योग्य हो गए।

यह भी पढ़ें:  जलभराव से हरियाली तक: फरमाना बादशाहपुर के परिवर्तन की प्रेरणादायक कहानी

एक अन्य किसान ने बताया कि आसपास के लगभग 150 एकड़ क्षेत्र में पानी भर गया था। खेत, रास्ते और आसपास का इलाका पूरी तरह जलमग्न हो गया था। ग्रामीणों के अनुसार मोटरों और पाइपलाइन की मदद से पानी को ड्रेन में डाला गया, जिसके बाद खेतों तक पहुंच फिर से संभव हो सकी।

बाढ़ के दौरान नावों से बच्चों को बाहर निकालना पड़ा

कई ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ की स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि गांव में नाव चलानी पड़ी। एक बुजुर्ग किसान ने कहा कि पानी बढ़ने के दौरान बच्चों को नावों के जरिए बाहर निकाला गया था।

ग्रामीणों ने बताया कि उस समय घरों, पशुधन और खड़ी फसलों पर लगातार खतरा बना हुआ था। कई किसानों ने कहा कि समय पर मिली सहायता ने गांव को बड़े नुकसान से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान कई ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज को किसानों के लिए “मसीहा” बताया। ग्रामीणों का कहना था कि जब गांव के लोग खेती और भविष्य को लेकर उम्मीद खोने लगे थे, उस समय सहायता गांव तक पहुंची।

रतेरा में फिर लौटने लगी खेती की रौनक

रतेरा गांव में अब कई ऐसे खेत दिखाई दे रहे हैं जहां कुछ समय पहले तक महीनों से पानी भरा हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार अब कई क्षेत्रों में सरसों की फसल उगने लगी है और गेहूं की बिजाई जारी है।

किसानों का कहना है कि समय पर हुए पानी निकासी कार्य ने बड़ी मात्रा में कृषि भूमि को बंजर होने से बचा लिया। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि लंबे समय तक जलभराव से परेशान किसानों में अब दोबारा खेती को लेकर भरोसा लौटने लगा है।

Website: www.jagatgururampalji.org
YouTube: Sant Rampal Ji Maharaj
Facebook: Spiritual Leader Saint Rampal Ji
‘X’ handle: @SaintRampalJiM

Latest articles

संत रामपाल जी महाराज के दरबार में उमड़ी प्रमुख हस्तियाँ: समाज सेवा, गौसंरक्षण और नशा मुक्ति महाअभियान का विशेष विश्लेषण

हरियाणा, राजस्थान और पंजाब से आए सरपंचों, पार्षदों, शिक्षकों, चिकित्सकों और समाजसेवकों ने संत...

Rahat Indori [Hindi]: मनुष्य जीवन का मूल उद्देश्य पूरा नहीं कर सके राहत इंदौरी

Rahat Indori Death Hindi: कल मशहूर उर्दू शायर , गीतकार और कवि राहत इंदौरी...

Sawan Shivratri 2026: सावन शिवरात्रि पर जानिए शिवजी से लाभ प्राप्त करने की उत्तम विधि

Last Updated on 7 August 2026 IST: हिन्दु पञ्चाङ्ग में अनुसार कृष्ण पक्ष की...
spot_img

More like this

संत रामपाल जी महाराज के दरबार में उमड़ी प्रमुख हस्तियाँ: समाज सेवा, गौसंरक्षण और नशा मुक्ति महाअभियान का विशेष विश्लेषण

हरियाणा, राजस्थान और पंजाब से आए सरपंचों, पार्षदों, शिक्षकों, चिकित्सकों और समाजसेवकों ने संत...

Rahat Indori [Hindi]: मनुष्य जीवन का मूल उद्देश्य पूरा नहीं कर सके राहत इंदौरी

Rahat Indori Death Hindi: कल मशहूर उर्दू शायर , गीतकार और कवि राहत इंदौरी...