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17 मिनट में अनुपम रमैंनी विवाह

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कोरोनावायरस के चलते कम लोगों की मौजूदगी में तो कई विवाह हो रहे हैं लेकिन यहाँ हम बात कर रहे हैं एक अनोखे विवाह (रमैंनी) की। एक ऐसा विवाह जो बिना साज सज्जा, अपव्यय और दिखावे के सम्पन्न हुआ। गुरुवाणी रमैनी के साथ दूल्हा-दुल्हन का विवाह सभी की उपस्थिति में 17 मिनट में पूरा हुआ।

हरियाणा राज्य के फतेहाबाद में हुआ रमैनी विवाह

हरियाणा राज्य के फतेहाबाद गांव में गुरुवाणी रमैनी के माध्यम से अपने वरिष्ठजनों की उपस्थिति में मात्र 17 मिनट में ही विवाह पूरा हुआ। हरियाणा प्रान्त के फतेहाबाद जिले के टोहाना गांव के संत रामपाल जी महाराज के आश्रम में बिना बैंड बाजे और दिखावे के करवाई गई अद्भुत शादी चर्चा का विषय बनी रही। सिरसा जिले के गांव अलीकां के निवासी गुरमीत दास हैपी के पुत्र गगनदीप का विवाह फतेहाबाद जिले के गांव खुम्बर निवासी सोमदास की पुत्री राजदीप के साथ बिना दहेज और अपव्यय के मात्र 17 मिनट में सम्पन्न हुआ।

बिना बारात और दहेज की अद्भुत शादी

विवाह में साधारण वेशभूषा में वर वधु सम्मिलित हुए। कोई बारात नहीं आई और न ही किसी भी प्रकार के दहेज के लेन देन हुआ। बिना बैंड बाजे के शांतिपूर्वक और सादगीपूर्वक हुआ विवाह चर्चा का विषय बना रहा। वर वधु संत रामपाल जी महाराज के शिष्य हैं जो अपने गुरु वचन पर चलकर सादगी से बिना दान दहेज और दिखावे के सादगी के साथ विवाह करने के पक्ष में हैं।

संत रामपाल जी महाराज ने बनाया भारत दहेजमुक्त

दहेज प्रथा ने भारत के प्रत्येक वर्ग को प्रभावित किया है। दहेज प्रथा ने ही भारत में भ्रूण हत्या को बढ़ावा दिया। दहेज ने बेटियों को बोझ बना दिया है। ऐसा भी नहीं कि दहेज के उन्मूलन के लिये प्रयत्न न हुए हों। सरकार द्वारा और समाजसेवी संस्थाओं द्वारा इसके उन्मूलन के लिए कई प्रयास किये गए किंतु इस कुप्रथा पर विजय नहीं पाई जा सकी। संत रामपाल जी महाराज ने अपने तत्वज्ञान से इस प्रथा को चुटकियों में उखाड़ फेंका है।

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संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी किसी भी कीमत पर दहेज लेने के लिए तैयार नहीं होते। मात्र 17 मिनट में विवाह सम्पन्न कर आजीवन उसका निर्वहन करते हैं। यह सब मात्र उनके द्वारा बताए तत्वज्ञान से सम्भव हुआ है। इससे लोगों में बेटियों के जन्म को लेकर कोई भय नहीं रहा है और न बेटियां अब बोझ रही हैं। जब बेटियाँ बोझ नहीं हैं तो भ्रूण हत्या का सवाल ही नहीं उठता है।

17 मिनट में ही होती है पूर्ण परमेश्वर कविर्देव एवं सभी देवी देवताओं की स्तुति

बिना बैंड बाजे, फिजूलखर्ची, दिखावे के सादगी से साधारण वेशभूषा में विवाह करने वाले जोड़े केवल 17 मिनट में गुरुवाणी के साथ विवाह करते हैं। इन 17 मिनटों के रमैनी पाठ में पूर्ण परमेश्वर कविर्देव की स्तुति के साथ सभी देवी देवताओं की स्तुति प्रार्थना की जाती है जो विवाहित जोड़े की संकटों से रक्षा करते हैं। विवाह में किसी प्रकार का दहेज या धन नहीं लिया जाता है और न ही अन्य किसी प्रकार की फिजूलखर्ची की जाती है। इस तरह के विवाह निश्चित ही समाज में आदर्श हैं एवं सभी को ऐसे विवाह के तरीके का अनुसरण करना चाहिए।

दहेज से अधिक आवश्यक है शिक्षा: संत रामपाल जी के अनुयायी

विवाह में उपस्थित एक अन्य भक्त प्रिंकलदास ने बताया कि दहेज से अधिक आवश्यक है शिक्षा। बेटी को दहेज देने से अच्छा है शिक्षा दी जाए जिससे उसका जीवन सँवर सके। दहेज और दिखावे मात्र एक सामाजिक बुराई हैं जिनसे समाज ही नहीं उबर पा रहा है। दहेजप्रथा की सबसे अधिक सजा बेटियों को मिली है। संत रामपाल जी महाराज द्वारा समाज से दहेज कुप्रथा सफलतापूर्वक हटाई गई है। संत रामपाल की के अनुयायी दहेज लेना और देना दोनों ही भक्तिमार्ग में गलत बताते हैं। उनके अनुसार बेटा बेटी बराबर हैं और दोनों को शिक्षा के समान अवसर हैं। और इस तरह इस तत्वज्ञान ने लाखों करोड़ों की संख्या में बेटियों का जीवन सुधार दिया है।

सुखी होगा संसार धरती बनेगी स्वर्ग समान: संत रामपाल जी महाराज

भारत को विश्वगुरु और धरती को स्वर्ग केवल तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का तत्वज्ञान ही बना सकता है। इस तत्वज्ञान से दहेजमुक्ति, नशामुक्ति, भ्रष्टाचारमुक्ति की अनूठी पहल सामने लायी है। आज लाखों बेटियां बोझ के बजाए गरिमा का प्रतीक बनी हैं और लाखों परिवार जो नशे की चपेट में नरक का जीवन जी रहे थे वे भी सुखी हुए हैं। ऐसा तत्वज्ञान ही मानव जाति का बेड़ा पार कर सकता है। संत रामपाल जी महाराज तत्वदर्शी संत हैं जिन्होंने अपने तत्वज्ञान से मोक्ष का रास्ता बताया और लोक और परलोक दोनों का सुख उपलब्ध करवाया है। अधिक जानकारी के लिए देखें सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल और तत्वज्ञान समझकर अविलंब जुड़ें संत रामपाल जी महाराज से।


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